अग्नि आलोक

*मध्य प्रदेश समाचार:बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे चार विधानसभा के अध्यक्ष,मोहन यादव के ससुर का निधन,पत्रकार कल्‍पेश याग्निक आत्महत्या केस में जमानतदार फर्जी,इंदौर-खंडवा रेल लाइन को मिली वन विभाग की एनओसी*

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इंदौर-खंडवा रेल लाइन को मिली वन विभाग की एनओसी, काम को मिलेगी रफ्तार

इंदौर-खंडवा रेल परियोजना से जुड़ी सबसे बड़ी बाधा अब दूर हो गई है। वन विभाग ने इस महत्वपूर्ण रेल लाइन के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी कर दिया है, जिससे अब इस परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।

यह रेल लाइन उत्तर भारत को दक्षिण भारत से जोड़ने वाला सबसे छोटा और सीधा रेल मार्ग साबित होगी, जो न केवल इंदौर के व्यापारिक और औद्योगिक भविष्य को नई रफ्तार देगा, बल्कि यात्रियों को भी समय और दूरी दोनों में राहत देगी।

सांसद शंकर लालवानी ने इस प्रोजेक्ट में आने वाली अड़चनों को दूर करने के लिए लगातार प्रयास किए। रेलवे अधिकारियों और वन विभाग के बीच संयुक्त बैठक करवाई थी।

इससे आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल हुईं। हाल ही में प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर इस परियोजना की प्राथमिकता को रेखांकित किया और वन विभाग से अनुमति दिलवाने का अनुरोध किया था।

पत्रकार कल्‍पेश याग्निक आत्महत्या केस में जमानतदार फर्जी

पत्रकार कल्पेश याग्निक आत्महत्या केस में फर्जी ऋण पुस्तिका से जमानत लेने का मामला सामने आया है। अपराध शाखा ने सलोनी अरोरा सहित तीन के विरुद्ध गंभीर आधाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। जमानतदार कैदार डाबी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

पत्रकार कल्पेश याग्निक आत्महत्या केस में फर्जी ऋण पुस्तिका से जमानत लेने का मामला सामने आया है। अपराध शाखा ने सलोनी अरोरा सहित तीन के विरुद्ध गंभीर आधाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। जमानतदार कैदार डाबी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

2018 में की थी आत्‍महत्‍या

डीसीपी(अपराध) राजेश कुमार त्रिपाठी के मुताबिक कल्पेश याग्निक के छोटे भाई नीरज याग्निक(साकेतनगर) द्वारा शिकायत दर्ज करवाई गई थी। वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक ने साल 2018 में ऑफिस से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। उन्हें संस्थान में काम करने वाली सलोनी अरोरा ब्लैकमेल कर रही थी।

सलोनी को एक साल बाद कोर्ट ने सशर्त जमानत दे दी। उस वक्त सलोनी की भाभी डिंपल संजय अरोरा द्वारा जमानत दी गई थी। साल 2021 में डिंपल ने कोर्ट में अर्जी दायर कर जमानत वापस ले ली। सलोनी ने वकील की बहन मधू श्रीवास्तव(आनंदनगर) से जमानत लगवा दी।

कुछ समय बाद मधू ने अपनी जमानत वापस ली और सिमरोल के केदार डाबी द्वारा जमानत प्रस्तुत कर दी। नीरज ने लिखित शिकायत कर आरोप लगाया कि केदार फर्जी जमानतदार है और फर्जी पावती,ऋण पुस्तिका से कईं अपराधियों को जमानत पर रिहा करवा चुका है। हाई कोर्ट द्वारा उसके जमानत देने पर प्रतिबंध भी लगाया है।

सारे दस्‍तावेज फर्जी थे

एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक इस मामले में निरीक्षक जितेंद्र चौहान द्वारा जांच की गई। जांच में साबित हुआ कि केदार द्वारा प्रस्तुत किए दस्तावेज फर्जी थे। उसके विरुद्ध अपराध शाखा में ही फर्जी जमानत देने का मामला पंजीबद्ध है। उच्च न्यायालय ने बाकायदा केदार डाबी द्वारा प्रस्तुत जमानत पर रोक लगाते हुए लिखा कि वह भविष्य में किसी भी आपराधिक मामले में जमानतदार नहीं बन सकता है। सलोनी ने जानबूझकर केदार से जमानत पेश करवाई। मधू ने कोर्ट के समक्ष उसकी तस्दीक की।

भारत की चार विधानसभा के अध्यक्षों ने आज श्री महाकालेश्वर भगवान के दर्शन किए और उसके बाद जय श्री महाकाल का उद्घोष भी किया।
महाकालेश्वर मंदिर के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने बताया कि आज सिक्किम के मिंगम नोरबू, ओडिसा की सुरमा पध्ये, हिमाचल प्रदेश के कुलदीप सिंह पठानिया व राजस्थान के विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी व उनके प्रतिनिधि बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे थे। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से सहायक प्रशासक शिवकांत पांडेय व आशीष दुबे द्वारा सभी अध्यक्ष का स्वागत व सत्कार किया गया।


इस दौरान हिमाचल प्रदेश विधानसभा के वक्ता कुलदीप सिंह पठानिया, ओडिशा असेंबली स्पीकर सुरमा पध्ये, सिक्किम असेंबली स्पीकर मिंगमा नोरबो और राजस्थान विधानसभा के वक्ता वासुदेव देवनानी ने उज्जैन के महाकाल मंदिर के लिए प्रार्थना की और कहा कि हमें खुशी है कि श्री महाकाल के दर्शन पाने का अवसर मिला। हमने अपने देश के लिए सद्भावना, प्रेम और शांति के लिए प्रार्थना की है। मैं यह भी चाहता हूं कि समानता हमारे देश में निवास करना चाहिए। बताया जाता है कि वक्ताओं ने पहले मध्य प्रदेश विधानसभा में आयोजित समिति प्रणाली की समीक्षा करने के लिए पीठासीन अधिकारियों की समिति की बैठक में भाग लिया था।

‘एक तसला और… फोटो नहीं आई!’, तस्वीर खिंचवाने के चक्कर में छह फीट गहरे गड्ढे में गिरे डॉक्टर साहब

सिवनी जिले के प्रतिष्ठित समाजसेवी और चिकित्सक डॉ. प्रफुल्ल श्रीवास्तव मंगलवार को शहर के गणेश चौक स्थित एक मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान फोटो खिंचवाने की कोशिश में तसले सहित सीधे छह फीट गहरे गड्ढे में गिर गए। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

मंदिर परिसर में नियमित सेवा के लिए पहुंचे थे डॉक्टर
जानकारी के अनुसार, डॉ. श्रीवास्तव लंबे समय से गणेश चौक मंदिर में सामाजिक और धार्मिक सेवा कार्यों से जुड़े हुए हैं। मंगलवार को वे रोजाना की तरह पूजा-पाठ और निर्माण कार्य की निगरानी के लिए पहुंचे थे। मंदिर


फोटो खिंचवाने के चक्कर में हुआ हादसा
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि डॉ. श्रीवास्तव एक तसले में मलबा भरकर गड्ढे में फेंक रहे थे और साथ ही वीडियो बनवाते हुए कहते हैं कि एक तसला और… फोटो नहीं आई! इतना कहते ही उनका संतुलन बिगड़ गया और वे तसले सहित सीधे गड्ढे में गिर पड़े। गिरते ही वहां मौजूद लोग तुरंत उन्हें बचाने के लिए दौड़े।

बेटे ने मां को मगरमच्छ के जबड़े से खींच निकाला, धान का रोपा धोते समय महिला को खींच ले गया था पानी में

दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक के झलोन गांव में मंगलवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक बुजुर्ग महिला पर खेत में काम करते वक्त अचानक मगरमच्छ ने हमला कर दिया। उसने महिला को नाले में खींच ले जाने की कोशिश की, लेकिन मौके पर मौजूद बेटे ने अपनी जान की परवाह किए बिना पानी में छलांग लगाकर मां की जान बचा ली। इस घटना ने पूरे गांव में दहशत फैला दी है।
 
खेत के नाले में घात लगाए बैठा था मगरमच्छ
जानकारी के मुताबिक, घटना दोपहर की है, जब झलोन निवासी संतोषरानी अहिरवार अपने निजी खेत में धान का रोपा लगाने से पहले नाले में धान धो रही थीं। इसी दौरान बाजू से बहते गुबरा नाले में छिपा मगरमच्छ अचानक उन पर झपट पड़ा और उनके हाथ को जबड़े में दबाकर पानी में खींचने लगा। महिला की चीख सुनकर खेत में ही मौजूद उनके पुत्र कालीचरण अहिरवार और अन्य ग्रामीण दौड़े और जान की परवाह किए बिना पानी में कूद पड़े।

पत्थर बरसाकर मगरमच्छ को भगाया
कालीचरण और अन्य लोगों ने पानी में जाकर मगरमच्छ पर पत्थरों से हमला किया, जिसके बाद मगरमच्छ ने महिला को छोड़ दिया और नाले की गहराई में चला गया। गनीमत यह रही कि नाले की गहराई अधिक नहीं थी, महज दो से तीन फीट। इसलिए महिला को समय रहते बाहर निकाल लिया गया। संतोषरानी के हाथ में गंभीर चोटें आई हैं और मगरमच्छ के दांतों के गहरे निशान भी देखे गए हैं।

घटना के तुरंत बाद महिला को उपचार के लिए तेंदूखेड़ा के स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां प्राथमिक इलाज किया गया। घायल महिला ने खुद बताया कि मुझे नहीं पता था कि नाले में मगरमच्छ है, जब वह मुझ पर झपटा तो मैं कुछ समझ नहीं पाई। मेरा बेटा और गांव वाले समय पर नहीं आते तो मेरी जान नहीं बचती।

वन विभाग को दी गई जानकारी, मुआवजा भी मिला
झलोन के रेंजर सतीश मसीह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित महिला को तत्काल एक हजार रुपये की सहायता राशि दी गई है और मामले की जांच की जा रही है। साथ ही मगरमच्छ को पकड़ने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

दमोह के डीएफओ ईश्वर जरांडे ने भी कहा कि वन विभाग को घटना की जानकारी मिल गई है और मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के लिए टीम भेजी जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इलाके में पहले कभी इस तरह की कोई घटना सामने नहीं आई थी, जिससे अंदेशा है कि यह मगरमच्छ हाल ही में किसी ओर जल स्रोत से यहां आया होगा।


किसानों में फैली दहशत, प्रशासन से सुरक्षा की मांग
घटना के बाद पूरे झलोन गांव में भय और चिंता का माहौल है। किसान और खेतों में काम करने वाले ग्रामीण अब खेत के पास के नालों में जाने से डर रहे हैं। महिला के पति कोमल अहिरवार ने कहा कि अगर हम पास में नहीं होते तो यह हादसा जानलेवा हो सकता था। सरकार को चाहिए कि वह ऐसे खतरनाक जीवों से सुरक्षा की व्यवस्था करे।

 मोहन यादव के ससुर का निधन, 98 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस; रीवा में होगा अंतिम संस्कार

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ससुर और विद्या भारती के पूर्व संगठन मंत्री ब्रह्मदीन यादव का मंगलवार को निधन हो गया। 98 वर्षीय ब्रह्मदीन यादव पिछले कुछ समय से सांस और पेट की तकलीफ से जूझ रहे थे। उनका इलाज सुल्तानपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज में चल रहा था, जहां से उन्हें चार जुलाई को छुट्टी दे दी गई थी। मंगलवार को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली।

परिवार के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार रीवा में किया जाएगा, जहां मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद भी उपस्थित रहेंगे। गौरतलब है कि ब्रह्मदीन यादव सामाजिक और शैक्षिक क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं। वे लंबे समय तक विद्या भारती से जुड़े रहे और संगठन मंत्री के रूप में उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। उनके निधन से परिवार समेत पूरे संगठन में शोक की लहर है।

संघ से रहे जुड़े, आंदोलन में बदला नाम
ब्रह्मदीन यादव का जीवन संघ से जुड़ाव और सामाजिक आंदोलनों से प्रेरित रहा। उनका मूल नाम ब्रह्मानंद था, लेकिन विद्यार्थी जीवन में आंदोलनों के दौरान गिरफ्तारी से बचने के लिए उन्होंने नाम बदलकर ब्रह्मदीन रख लिया था। उस दौर में आंदोलन से जुड़े होने के कारण पुलिस-प्रशासन ने उनकी पारिवारिक संपत्तियों पर भी कार्रवाई की थी। मुंबई में पढ़ाई पूरी करने के बाद वे नौकरी के लिए मध्य प्रदेश के रीवा आ गए थे।

1987 में प्रिंसिपल के पद से हुए थे सेवानिवृत्त
रीवा में उन्होंने एक राजकीय विद्यालय में शिक्षकीय जीवन की शुरुआत की और 1987 में प्रधानाचार्य के पद से सेवानिवृत्त हुए। उनका परिवार मूल रूप से यूपी के अंबेडकरनगर जिले की भीटी तहसील के कोडड़ा डड़वा गांव का रहने वाला है।

परिवार में तीन बेटे, एक बेटी
ब्रह्मदीन यादव के तीन बेटे और एक बेटी हैं। उनकी इकलौती बेटी सीमा यादव की शादी वर्ष 1994 में उज्जैन में डॉ. मोहन यादव से हुई थी। बड़े पुत्र रामानंद यादव भारतीय वायुसेना से सेवानिवृत्त होकर जबलपुर में रह रहे हैं, जबकि दूसरे पुत्र सदानंद यादव विद्या भारती, रीवा में कार्यरत हैं। तीसरे पुत्र विवेकानंद यादव, जिनके साथ ब्रह्मादीन यादव सुल्तानपुर में रह रहे थे, एक स्कूल में शारीरिक शिक्षक हैं।

विद्यार्थी परिषद के कार्यक्रम में हुई थी रिश्ते की शुरुआत
सीमा यादव ने 1989 में रीवा से भूगोल विषय में एमए किया है। वह स्वयं भी विद्यार्थी परिषद और संघ से जुड़ी रही हैं। 1984 में एक विद्यार्थी परिषद के कार्यक्रम में उनकी मुलाकात डॉ. मोहन यादव से हुई थी, जो उस समय संगठन के राष्ट्रीय मंत्री थे। परिवार की सहमति से वर्ष 1994 में उज्जैन में यह रिश्ता विवाह में परिणत हुआ।

सीएम फिलहाल स्पेन में
बता दें, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अभी स्पेन दौरे पर हैं। ससुर की अंत्येष्टि में उनके शामिल होने को लेकर अभी कोई सूचना नहीं मिली है।अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करें

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