अग्नि आलोक

*सुबह की ताजा खबरे:कप्तानी या कांटों का ताज…, बांग्लादेशी सेना का एक्शन…स्कॉटलैंड में दलाई लामा पर चीनी हस्तक्षेप का विरोध; आज खुलेंगे हेमकुंड साहिब के कपाट,कान फिल्म फेस्टिवल के समापन पर छाईं आलिया भट्ट*

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जो बोले सो निहाल के जयकारों के साथ पंज प्यारों के नेतृत्व में श्रद्धालुओं का पहला जत्था घांघरिया पहुंच गया है। रविवार को सुबह पांच बजे श्रद्धालु हेमकुंड साहिब के लिए रवाना होंगे। सुबह ठीक दस बजे हेमकुंड साहिब के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस दिव्य पल के करीब 5000 श्रद्धालु साक्षी बनेंगे।

हेमकुंड साहिब के दर्शनों को लेकर सिख श्रद्धालुओं में उत्साह बना हुआ है। शनिवार को गोविंदघाट गुरुद्वारे में अखंड साहिब को भोग अर्पित करने के बाद शबद कीर्तन आयोजित किया गया। सुबह आठ बजे सेना और पंजाब से आए बैंड के मधुर धुन के बीच पंज प्यारों की अगुवाई में श्रद्धालुओं का पहला जत्था घांघरिया के लिए रवाना हुआ।

गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब ट्रस्ट के अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने बताया कि शनिवार शाम चार बजे पहला जत्था घांघरिया पहुंच गया है। रविवार को सुबह पांच बजे जत्थे में श्रद्धालु हेमकुंड साहिब के लिए रवाना होंगे। सुबह ठीक दस बजे हेमकुंड साहिब के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।

दो महीने में पुल तैयार होना बड़ी उपलब्धि
उन्होंने बताया कि हेमकुंड साहिब के दर्शन के लिए श्रद्धालु कई महीने तक इंतजार करते हैं। बताया कि दो माह पूर्व गोविंदघाट का वाहन पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। हमें चिंता थी कि यदि पुल समय पर नहीं बना तो यात्रा प्रभावित होगी, लेकिन सरकार और प्रशासन के सहयोग से नया पुल बनकर तैयार हो गया है। जिससे अब यात्रा में कोई रुकावट नहीं आई। यह बड़ी उपलब्धि है।

सभी व्यवस्था हैं दुरुस्त
गोविंदघाट गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने कहा कि यात्रा को लेकर सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी गई हैं। बताया कि सुबह 6 बजे सभी संगत का हेमकुंड साहिब में पहुंचना शुरू हो जाएगा। सुबह 10 बजे कपाट खुलने के बाद पहली अरदास के साथ तीर्थयात्रा विधिवत रूप से शुरु हो जाएगी। इस मौके पर बीकेटीसी के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, पूर्व पालिकाध्यक्ष रोहिणी रावत आदि मौजूद रहे।

आस्था पथ पर खुलने लगीं दुकानें
हेमकुंड साहिब के 13 किलोमीटर लंबे पैदल आस्था पथ पर जगह-जगह दुकानें खुलनी शुरू हो गई हैं। जिससे यात्रा मार्ग पर चहल-पहल दिख रही है। गोविंदघाट में भी दुकानें खुलने से रौनक बढ़ गई है। हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर गोविंदघाट से पुलना तक श्रद्धालु वाहन से जाते हैं, जबकि यहां से हेमकुंड साहिब तक पैदल यात्रा होती है। यात्रा मार्ग पर पुलना से हेमकुंड साहिब के बीच होटल व ढाबे संचालित होते हैं। 

सतलुज का जल प्रवाह 75 प्रतिशत घटा, बड़ा खुलासा

भारत और पाकिस्तान के बीच नदियों का बंटवारा करने वाला सिंधु जल समझौता हालिया दिनों में चर्चा में है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु संधि को निलंबित करते हुए पाकिस्तान जाने वाले पानी को रोकने की बात कही है। पाकिस्तान ने पानी रोकने पर भारत को युद्ध की धमकी दे डाली है।

भारत और पाकिस्तान के बीच नदियों का बंटवारा करने वाला सिंधु जल समझौता हालिया दिनों में चर्चा में है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने सिंधु संधि को निलंबित करते हुए पाकिस्तान जाने वाले पानी को रोकने की बात कही है। पाकिस्तान ने पानी रोकने पर भारत को युद्ध की धमकी दे डाली है। इस तनातनी के बीच भारत को चीन से मिलने वाले पानी पर सवाल खड़ा हो गया है। डॉक्टर वाय नित्यानंद ने संकेत दिया है कि चीन चुपचाप भारत आने वाले सतलुज नदी के पानी को रोक रहा है।

बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, भूस्थानिक शोधकर्ता और NASA के पूर्व स्टेशन मैनेजर डॉक्टर वाय नित्यानंद ने सैटेलाइट से मिले सतलुज जल प्रवाह के डाटा पर रिसर्च की है। डाटा बताता है कि भारत में सतलुज नदी के पानी में भारी कमी आ गई है। पानी के बहाव में यह कमी नदी के तिब्बत से भारत की सीमा में प्रवेश करने से पहले हो रही है।

नित्यानंद ने एक्स पर बताया है कि सतलुज नदी से भारत में आने वाले पानी की मात्रा पिछले पांच सालों में 75 फीसदी से ज्यादा कम हो गई है। सतलुज में भारत आने वाले पानी की मात्रा बीते वर्षों में 8,000 गीगालीटर से घटकर 2,000 गीगालीटर रह गई है। उन्होंने डाटा शेयर करते हुए सवाल किया है कि क्या चीन की ओर से भारत आने वाले पानी को नियंत्रित कर रहा है।

सतलुज में भारत आने वाले पानी में आई इस भारी कमी के दो अहम कारण हो सकते हैं। पहला- चीन ने पानी के बहाव को बदल दिया है और दूसरा- पानी में यह कमी प्राकृतिक कारणों से हुई है। दूसरे कारण की संभावना कम है क्योंकि जलवायु डाटा बताता है कि हिमालय में ग्लेशियर तेजी से पिघल रहे हैं। ऐसे में नदी का बहाव कम होने की बजाय बढ़ना चाहिए।

दिल्ली-एनसीआर में धूलभरी आंधी का रेड अलर्ट

राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में भारी बारिश आने वाली है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश की चेतावनी जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में भी मौसम का तूफानी खेल देखने को मिल सकता है।

 राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में भारी बारिश आने वाली है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में अगले दो घंटे के भीतर भारी बारिश की चेतावनी जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में भी मौसम का तूफानी खेल देखने को मिल सकता है।

ढाका की सड़कों पर टैंक… बांग्लादेश में सियासी हलचल के बीच सेना का ‘एक्शन’, अंधाधुंध गिरफ्तारियां

बांग्लादेश में सेना ने अंधाधुंध गिरफ्तारियों और सख्ती का नया दौर शुरू किया है। सेना ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ये कार्रवाई करने की बात कही है। सेना ने पुलिस की मदद से पूरे देश में 10,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। पिछले एक महीने में ही 2,188 लोगों को पकड़ा गया है। सेना पूरे देश में सड़कों पर गश्त कर रही है और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है। इससे हिरासत में लिए जा रहे लोगों की संख्या अचानक बढ़ी है। सेना के जवान APC यानी बख्तरबंद गाड़ियों और जीपों में सड़कों पर घूम-घूम कर निगरानी रख रहे हैं।

बांग्लादेश में सेना ने अंधाधुंध गिरफ्तारियों और सख्ती का नया दौर शुरू किया है। सेना ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ये कार्रवाई करने की बात कही है। सेना ने पुलिस की मदद से पूरे देश में 10,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। पिछले एक महीने में ही 2,188 लोगों को पकड़ा गया है। सेना पूरे देश में सड़कों पर गश्त कर रही है और दूसरी सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर काम कर रही है। इससे हिरासत में लिए जा रहे लोगों की संख्या अचानक बढ़ी है। सेना के जवान APC यानी बख्तरबंद गाड़ियों और जीपों में सड़कों पर घूम-घूम कर निगरानी रख रहे हैं।

ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, सैनिक देश की राजधानी ढाका समेत कई इलाकों में टैंक और जीप से गश्त करते दिख रहे हैं। सेना मुख्यालय के कर्नल शफीकुल इस्लाम ने 17 अप्रैल को बताया था कि अप्रैल के मध्य तक पिछले दो महीनों में 2,457 लोगों को पकड़ा गया था। मध्य अप्रैल से मध्य मई तक सेना ने 2,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। बांग्लादेश में ये ऐसे समय हो रहा है, जब देश में राजनीतिक उथलपुथल मची है। अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस के इस्तीफे की भी अटकलें लग रही हैं

बांग्लादेश आर्मी सड़कों पर एक्टिव

बांग्लादेश आर्मी की मीडिया विंग ISPR यानी इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस ने अपने बयान में बताया है कि सेना ने 15 मई से बुधवार तक चले एक हफ्ते के अभियान में 258 लोगों को गिरफ्तार किया है। सेना और पुलिस मिलकर देश भर में यह अभियान चला रहे हैं। पिछले साल जुलाई में देश में भारी विरोध प्रदर्शनों के बाद फैली अशांति के बाद उस वक्त की अवामी लीग की सरकार ने सेना को तैनात कर दिया था। इसके बाद से लगातार सेना सड़कों पर उतरी हुई है।

बीते साल 5 अगस्त को शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद 8 अगस्त को प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में देश में अंतरिम सरकार बनी है। अंतरिम सरकार बनने के बाद भी देश में सेना तैनात है। देश में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सेना की तैनानी जरूरी होने का तर्क दिया जा रहा है। हालिया समय में देश के कई हिस्सों में एक बार फिर गुस्सा देखा जा रहा है। ऐसे में सेना की सक्रियता बढ़ गई है। सेना सड़कों पर घूमकर किसी अव्यवस्था की संभावना को खत्म करना चाहती है।

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख बने रहेंगे मोहम्मद यूनुस

मोहम्मद यूनुस बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख बने रहेंगे। उनके मंत्रिमंडल के एक सलाहकार ने शनिवार को यह जानकारी दी। दो दिन पहले यूनुस के एक प्रमुख सहयोगी ने कहा था कि वह इस्तीफा देने पर विचार कर रहे हैं। अब उन्होंने इसे पूरी तरह से नकार दिया है। शनिवार को सलाहकार परिषद की एक गैर-निर्धारित बैठक के बाद योजना सलाहकार वहीदुद्दीन महमूद ने कहा कि यूनुस ने यह नहीं कहा था कि वह पद छोड़ देंगे। उन्होंने कहा था कि हमें सौंपे गए काम और जिम्मेदारियों को पूरा करने में कई बाधाएं आ रही हैं, लेकिन हम उन पर काबू पाने की कोशिश रहे हैं। 

मोहम्मद यूनुस बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख बने रहेंगे। उनके मंत्रिमंडल के एक सलाहकार ने शनिवार को यह जानकारी दी। दो दिन पहले यूनुस के एक प्रमुख सहयोगी ने कहा था कि वह इस्तीफा देने पर विचार कर रहे हैं। अब उन्होंने इसे पूरी तरह से नकार दिया है। शनिवार को सलाहकार परिषद की एक गैर-निर्धारित बैठक के बाद योजना सलाहकार वहीदुद्दीन महमूद ने कहा कि यूनुस ने यह नहीं कहा था कि वह पद छोड़ देंगे। उन्होंने कहा था कि हमें सौंपे गए काम और जिम्मेदारियों को पूरा करने में कई बाधाएं आ रही हैं, लेकिन हम उन पर काबू पाने की कोशिश रहे हैं।

महमूद ने कहा, ‘मोहम्मद यूनुस निश्चित रूप से अपने पद पर बने रहेंगे। उनके सभी सलाहकार भी अपने पद पर बने रहेंगे क्योंकि हमें सौंपी गई जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है। हम इस कर्तव्य से पीछे नहीं हट सकते।’ दो दिन पहले ही यूनुस ने छात्रों के नेतृत्व वाली नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) के नेताओं से कहा था कि वह इस्तीफा देने पर विचार कर रहे हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि ‘मौजूदा स्थिति में वह काम कर सकते हैं।

कप्तानी या कांटों का ताज… गिल का इंतजार कर रहीं 5 चुनौतियां

शुभमन गिल को भारतीय टेस्ट टीम का नया कप्तान बना दिया गया है। बीसीसीआई ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया था। यहा मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने इसका ऐलान किया। गिल की पहली चुनौती इंग्लैंड दौरा है। भारतीय टीम को अगले महीने इंग्लैंड जाना है। 20 जून से 5 मैचों की टेस्ट सीरीज होगी। हम आपको 5 चुनौतियों के बारे में बताते हैं, जो शुभमन गिल के सामने रहने वाली है।

शुभमन गिल को भारतीय टेस्ट टीम का नया कप्तान बना दिया गया है। बीसीसीआई ने मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया था। यहा मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने इसका ऐलान किया। गिल की पहली चुनौती इंग्लैंड दौरा है। भारतीय टीम को अगले महीने इंग्लैंड जाना है। 20 जून से 5 मैचों की टेस्ट सीरीज होगी। हम आपको 5 चुनौतियों के बारे में बताते हैं, जो शुभमन गिल के सामने रहने वाली है।

खुद का बल्ला नहीं चल रहा


टेस्ट में शुभमन गिल के सामने सबसे बड़ी चुनौती खुल का प्रदर्शन है। 32 मैचों के बाद गिल का औसत 35.05 का है। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उनकी सबसे बड़ी पारी 31 रनों की थी। पिछली 11 टेस्ट पारियों में उनके नाम सिर्फ एक ही फिफ्टी प्लस स्कोर है। इंग्लैंड में खेले तीन टेस्ट में गिल का औसत सिर्फ 14.66 का है।

तीन बड़े खिलाड़ी का संन्यास


भारतीय टेस्ट टीम के तीन बड़े खिलाड़ी विराट कोहली, आर अश्विन और रोहित शर्मा ने एक साथ संन्यास ले लिया है। एक खिलाड़ी के संन्यास के बाद चीजे मुश्किल हो जाती हैं। गिल के सामने तीन-तीन खिलाड़ियों का रिप्लेसमेंट खोजने की चुनौती रहने वाली है।

कोई धाकड़ बल्लेबाज नहीं


जब धोनी कप्तान बने थे तो उनके पास सचिन, सहवाग, द्रविड़ और लक्ष्मण जैसे नाम थे। जब कोहली को कप्तानी मिली तो पुजारा और रहाणे थे। रोहित के पास विराट जैसा सुपरस्टार था। गिल की टीम में ऋषभ पंत के अलावा कोई ऐसा बल्लेबाज नहीं है जो लगातार रन बनाए। केएल राहुल की जगह ऑस्ट्रेलिया सीरीज से पहले तक टीम में पक्की नहीं थी।

पहला दौरा ही सबसे मुश्किल


शुभमन गिल का पहला दौरा ही काफी मुश्किलों भरा है। इंग्लैंड में भारत ने आखिरी बार 2007 में टेस्ट सीरीज जीती थी। टीम के बल्लेबाज वहां काफी स्ट्रगल करते हैं। यही वजह है कि गिल को हनीमून पीरियड भी नहीं मिलेगा। कप्तान के पहले दिन से चुनौतियों से जूझना पड़ेगा।
पेस बॉलिंग चोट से जूझ रही


इंग्लैंड में जीत के लिए पेस बॉलर्स का चलना सबसे जरूरी है। टीम के प्रमुख पेसर मोहम्मद शमी पूरी तरह फिट नहीं है। जसप्रीत बुमराह भी दौरे पर तीन ही टेस्ट खेल पाएंगे। प्रसिद्ध कृष्णा और आकाश दीप ने अभी तक खुद को साबित नहीं किया है। मोहम्मद सिराज का भी हालिया फॉर्म अच्छा नहीं है। शार्दुल की वापसी हो रही तो अर्शदीप का टेस्ट डेब्यू होना बाकी है।

याचना नहीं, अब रण होगा… सेना ने खास कविता और म्यूजिक से दिया पाकिस्तान को कड़ा संदेश

भारतीय सेना ने एक बार फिर अपनी ताकत और हिम्मत का लोहा मनवाया है। 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में छिपे आतंक के नौ ठिकानों को धूल में मिला दिया गया। यह कार्रवाई 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले का करारा जवाब थी, जिसमें 26 मासूम नागरिकों की जान चली गई थी। भारतीय सेना ने न सिर्फ दुश्मनों को सबक सिखाया, बल्कि अपनी ताकत का दमदार प्रदर्शन करते हुए वीडियो और म्यूजिक के जरिए पाकिस्तान को खुली चेतावनी दी कि भारत अब चुप नहीं रहेगा।

वीडियो में सेना की शक्ति, दिनकर की कविता की गूंज
ऑपरेशन के बाद भारतीय सेना ने वीडियो जारी किए, जिनमें उसकी ताकत और संकल्प साफ झलकता है। इन वीडियो में रामधारी सिंह दिनकर की कविता ‘रश्मिरथी’ का ओजपूर्ण पाठ शामिल था, जिसके बोल थे, ‘जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है। हित वचन नहीं तूने माना, मैत्री का मूल्य न पहचाना, तो ले मैं भी अब जाता हूं, अंतिम संकल्प सुनाता हूं/ याचना नहीं अब रण होगा, जीवन जय या कि मरण होगा।’ ये लाइनें पाकिस्तान को साफ संदेश देती हैं: भारत की मित्रता को कमजोरी न समझें, वरना अंजाम भयंकर होगा।

म्यूजिक और जोश का तड़का
सेना के एडिशनल डीजी रणनीतिक संचार के सोशल मीडिया सेक्शन ने इन वीडियो को तैयार किया। खास तौर पर चुने गए रॉक म्यूजिक ने वीडियो को नाटकीय और प्रभावशाली बनाया। इन-हाउस टीम ने नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल कर गाने और वीडियो बनाए, जो दुश्मनों को भारत की ताकत और पहुंच का अहसास कराते हैं। एक सूत्र ने कहा, ‘यह संदेश है कि भारतीय सेना हर खतरे को कुचलने के लिए तैयार है।’

रामचरित मानस की पंक्तियों से दिया जवाब
मीडिया ब्रीफिंग में एयर मार्शल ए.के. भारती ने तुलसीदास की रामचरितमानस की पंक्तियों से जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘बिनय न माने जलधि जड़, भय तीन दिन बीत.. बोले राम सकोप तब, भय बिन होय न प्रीति।’ इसका मतलब साफ है: जब दुश्मन विनम्रता नहीं समझता, तो उसे डर का सबक सिखाना पड़ता है।

‘सिंदूर’ का नामकरण और पोस्टर की गूंज
‘ऑपरेशन सिंदूर’ का नाम खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुझाया। ऑपरेशन का पोस्टर भी बेहद प्रभावशाली था, जिसमें ‘सिंदूर’ शब्द के ‘O’ को सिंदूर की कटोरी और टीके से दर्शाया गया। यह भारत की सांस्कृतिक ताकत और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘भारतीय वायु सेना ने सिर्फ 23 मिनट में पाकिस्तान में पल रहे आतंक को खत्म कर दिया। यह वही समय है, जो लोग नाश्ता करने में लगाते हैं। हर भारतीय को आप पर गर्व है।’

ऑपरेशन की रणनीति और ताकतइस ऑपरेशन में भारत ने नौ सटीक स्ट्राइक कीं, पाकिस्तानी ड्रोन के झुंड को निष्क्रिय किया, और छह सैन्य हवाई अड्डों और यूएवी कमांड हब को तबाह किया। स्वदेशी हथियार, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध, और साइबर क्षमताओं का प्रदर्शन कर भारत ने दिखाया कि वह हर मोर्चे पर तैयार है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने साबित किया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ चुप नहीं बैठेगा। यह ऑपरेशन न सिर्फ एक सैन्य सफलता है, बल्कि भारत की दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक है। पाकिस्तान को अब समझ लेना चाहिए: भारत की ताकत को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है।

वर्षों तक वन में घूम-घूम,

बाधा-विघ्नों को चूम-चूम,

सह धूप-घाम, पानी-पत्थर,

पांडव आये कुछ और निखर।

सौभाग्य न सब दिन सोता है,

देखें, आगे क्या होता है।

मैत्री की राह बताने को,

सबको सुमार्ग पर लाने को,

दुर्योधन को समझाने को,

भीषण विध्वंस बचाने को,

भगवान् हस्तिनापुर आये,

पांडव का संदेशा लाये।

‘दो न्याय अगर तो आधा दो,

पर, इसमें भी यदि बाधा हो,

तो दे दो केवल पाँच ग्राम,

रक्खो अपनी धरती तमाम।

हम वहीं खुशी से खायेंगे,

परिजन पर असि न उठायेंगे!

दुर्योधन वह भी दे ना सका,

आशीष समाज की ले न सका,

उलटे, हरि को बाँधने चला,

जो था असाध्य, साधने चला।

जब नाश मनुज पर छाता है,

पहले विवेक मर जाता है।

हरि ने भीषण हुंकार किया,

अपना स्वरूप-विस्तार किया,

डगमग-डगमग दिग्गज डोले,

भगवान् कुपित होकर बोले-

‘जंजीर बढ़ा कर साध मुझे,

हाँ, हाँ दुर्योधन! बाँध मुझे।

यह देख, गगन मुझमें लय है,

यह देख, पवन मुझमें लय है,

मुझमें विलीन झंकार सकल,

मुझमें लय है संसार सकल।

अमरत्व फूलता है मुझमें,

संहार झूलता है मुझमें।

‘उदयाचल मेरा दीप्त भाल,

भूमंडल वक्षस्थल विशाल,

भुज परिधि-बन्ध को घेरे हैं,

मैनाक-मेरु पग मेरे हैं।दिपते जो ग्रह नक्षत्र निकर,

सब हैं मेरे मुख के अन्दर।

‘दृग हों तो दृश्य अकाण्ड देख,

मुझमें सारा ब्रह्माण्ड देख,

चर-अचर जीव, जग, क्षर-अक्षर,

नश्वर मनुष्य सुरजाति अमर।

शत कोटि सूर्य, शत कोटि चन्द्र,

शत कोटि सरित, सर, सिन्धु मन्द्र।

‘शत कोटि विष्णु, ब्रह्मा, महेश,

शत कोटि विष्णु जलपति, धनेश,

शत कोटि रुद्र, शत कोटि काल,

शत कोटि दण्डधर लोकपाल।

जञ्जीर बढ़ाकर साध इन्हें,

हाँ-हाँ दुर्योधन! बाँध इन्हें।

‘भूलोक, अतल, पाताल देख,

गत और अनागत काल देख,

यह देख जगत का आदि-सृजन,

यह देख, महाभारत का रण,

मृतकों से पटी हुई भू है,

पहचान, इसमें कहाँ तू है।

‘अम्बर में कुन्तल-जाल देख,

पद के नीचे पाताल देख,

मुट्ठी में तीनों काल देख,

मेरा स्वरूप विकराल देख।

सब जन्म मुझी से पाते हैं,

फिर लौट मुझी में आते हैं।

‘जिह्वा से कढ़ती ज्वाल सघन,

साँसों में पाता जन्म पवन,

पड़ जाती मेरी दृष्टि जिधर,

हँसने लगती है सृष्टि उधर!

मैं जभी मूँदता हूँ लोचन,

छा जाता चारों ओर मरण।

‘बाँधने मुझे तो आया है,

जंजीर बड़ी क्या लाया है?

यदि मुझे बाँधना चाहे मन,

पहले तो बाँध अनन्त गगन।

सूने को साध न सकता है,

वह मुझे बाँध कब सकता है?

‘हित-वचन नहीं तूने माना,

मैत्री का मूल्य न पहचाना,

तो ले, मैं भी अब जाता हूँ,

अन्तिम संकल्प सुनाता हूँ।

याचना नहीं, अब रण होगा,

जीवन-जय या कि मरण होगा।

‘टकरायेंगे नक्षत्र-निकर,

बरसेगी भू पर वह्नि प्रखर,

फण शेषनाग का डोलेगा,

विकराल काल मुँह खोलेगा।

दुर्योधन! रण ऐसा होगा।

फिर कभी नहीं जैसा होगा।

‘भाई पर भाई टूटेंगे,

विष-बाण बूँद-से छूटेंगे,

वायस-श्रृगाल सुख लूटेंगे,

सौभाग्य मनुज के फूटेंगे।

आखिर तू भूशायी होगा,

हिंसा का पर, दायी होगा।’

थी सभा सन्न, सब लोग डरे,

चुप थे या थे बेहोश पड़े।

केवल दो नर ना अघाते थे,

धृतराष्ट्र-विदुर सुख पाते थे।

कर जोड़ खड़े प्रमुदित,

निर्भय, दोनों पुकारते थे ‘जय-जय’!

स्कॉटलैंड में दलाई लामा पर चीनी हस्तक्षेप का विरोध; नेपाल के पूर्व गृह मंत्री की न्यायिक हिरासत बरकरार

स्कॉटिश सरकार ने तिब्बती लोगों के लिए धार्मिक स्वतंत्रता व मानवाधिकारों का समर्थन करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए 14वें दलाई लामा के पुनर्जन्म को लेकर केंद्रीय तिब्बती प्रशासन की रिपोर्ट का समर्थन किया है। 

नेपाल में पूर्व गृह मंत्री की न्यायिक हिरासत बरकरार
नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व गृह मंत्री रबी लामिछाने को कथित सहकारी धोखाधड़ी और संगठित अपराध मामले में न्यायिक हिरासत में भेजने के फैसले को बरकरार रखा। दोनों पक्षों की ओर से घंटों विचार-विमर्श और बहस के बाद, शीर्ष अदालत ने लामिछाने को जेल भेजने के तुलसीपुर हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। इसके साथ ही, नेपाल के सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व डीआईजी को भी न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला बरकरार रखा।  साथ ही लामिछाने की पत्नी निकिता पौडेल द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को खारिज कर दिया। 

Ecuador: नोबोआ को मिली इस दक्षिण अमेरिकी देश की कमान

दक्षिण अमेरिकी देश इक्वाडोर के राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ ने शनिवार को अपने दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ ली। उन्हें इस साल की शुरुआत में चार साल के कार्यकाल के लिए फिर से चुना गया था। नोबोआ ने उप राष्ट्रपति मारिया जोस पिंटो के साथ शपथ ली। उनका कार्यकाल मई 2029 तक रहेगा।

शपथ लेने के बाद अपने संबोधन में क्या बोले राष्ट्रपति नोबोआ
शपथ ग्रहण के बाद अपने संबोधन में राष्ट्रपति नोबोआ (37 वर्षीय) ने वादा किया कि वह भ्रष्टाचार, मादक पदार्थों की तस्करी और हिंसक अपराधों से निपटना जारी रखेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह सुधारों को लागू करेंगे और निजी क्षेत्र के सहयोग से रोजगार और निवेश के लिए ठोस आधार बनाएंगे। नोबोआ इक्वाडोर में बढ़ती हिंसा और सशस्त्र गिरोहों से लड़ने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कहा, हम चार साल की प्रगति के दरवाजे पर खड़े हैं।  राजधानी क्विटो में हुए समारोह में अमेरिका के स्वास्थ्य सचिव रॉबर्ट कैनेडी, कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो, पेरू की राष्ट्रपति दीना बोलुआर्ते और कई गणमान्य लोग शामिल हुए। 

35 साल की उम्र में पली बार बने थे राष्ट्रपति
नोबोआ पहली बार नवंबर 2023 में 35 साल की उम्र में राष्ट्रपति बने थे, जब उनके पास ज्यादा राजनीतिक अनुभव नहीं था। उन्होंने अचानक चुनाव में हिस्सा लिया और पूर्व राष्ट्रपति गिलेरमो लासो का अधूरा कार्यकाल पूरा करने के लिए चुने गए, जिन्होंने महाभियोग से बचने के लिए संसद भंग कर इस्तीफा दे दिया था।

इक्वाडोर के राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ 

दूसरे दौर के मतदान में वामपंथी उम्मीदवार लुइसा गोंजालेज को हराया
नोबोआ को 13 अप्रैल 2024 को हुए दूसरे दौर के मतदान में वामपंथी उम्मीदवार लुइसा गोंजालेज के खिलाफ फिर से चुना गया था। गोंजालेज और उनकी पार्टी सिटिजन रिवॉल्यूशन (जिसका नेतृत्व पूर्व राष्ट्रपति राफेल कोरेया करते हैं) ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाया। हालांकि, ये आरोप इक्वाडोर के चुनाव आयोग और अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों ने खारिज कर दिए थे। इसी कारण उनकी पार्टी ने शपथ ग्रहण समारोह का बहिष्कार किया।

राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद डैनियल नोबोआ

नोबोआ के सामने हिंसा और बेरोजगारी सबसे बड़ी चुनौती
नोबोआ के सामने सबसे बड़ी चुनौतियां हिंसा और बेरोजगारी हैं। उनकी पार्टी नेशनल डेमोक्रेटिक एक्शन ने राजनीतिक गठबंधनों के जरिए संसद में बहुमत तो पाया है, लेकिन ये बहुमत नाजुक है। एक स्थानीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर जुआन फ्रांसिस्को कामिनो ने कहा, अगर उनके किसी एक सहयोगी ने भी साथ छोड़ दिया, तो उनकी योजनाएं रुक सकती हैं।’ कामिनो ने यह भी कहा कि नोबोआ का अपराध के खिलाफ सख्त रुख उन्हें जनता के बीच वैधता दिलाता है और वे इसी रास्ते पर आगे बढ़ेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति को सिर्फ सुरक्षा ही नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे सामाजिक मुद्दों पर भी ध्यान देना होगा।

शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद लोग। 

इक्वाडोर में हिंसक घटनाओं में मारे गए 8,000 लोग
इक्वाडोर अब दक्षिण अमेरिका के सबसे खतरनाक देशों में गिना जाने लगा है। 2024 के अंत तक वहां करीब 8,000 लोग हिंसक घटनाओं में मारे गए और 2025 में अपराध बढ़ता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि अपराध को रोकने के लिए उसकी जड़ तक जाना जरूरी है। जैसे कि नौकरी की कमी, जो युवाओं को अपराध की ओर धकेलती है। 2023 के अंत तक, इक्वाडोर में केवल 33 फीसदी लोगों के पास ही स्थायी नौकरी थी, बाकी लोग छोटे-मोटे या अस्थायी कामों से गुजर-बसर कर रहे थे।

कान फिल्म फेस्टिवल के समापन पर छाईं आलिया भट्ट

अभिनेत्री आलिया भट्ट ने इस बार कान फिल्म फेस्टिवल में डेब्यू किया है। कल शुक्रवार को रेड कार्पेट पर वे फ्लोरल गाउन में नजर आईं। उनका लुक फैंस को खूब पसंद आया। आज प्रतिष्ठित फिल्म फेस्टिवल की क्लोजिंग सेरेमनी है। आलिया भट्ट का आज का लुक भी सामने आ चुका है। उन्होंने आज साड़ी पहनी है और बहुत प्यारी लग रही हैं।

दूसरे दिन भी छाईं आलिया
कान फिल्म फेस्टिवल में शुक्रवार 23 मई को आलिया ने रेड कार्पेट पर डेब्यू किया। फ्लोरल गाउन में वे बला की खूबसूरत लगीं। इसका अंदाजा खुद आलिया को भी हो गया, जिसकी वजह से उन्होंने पहले ही नजर का टीका लगा लिया। आज शनिवार को दूसरे दिन वे और भी खूबसूरत लग रही हैं।

रिया कपूर ने स्टाइल किया आलिया का लुक
आलिया भट्ट ने आज साड़ी पहनी है। उनका यह लुक अनिल कपूर की छोटी बेटी और प्रोड्यूसर रिया कपूर ने स्टाइल किया है। नेट की साड़ी में आलिया बहुत प्यारी लग रही हैं। उन्होंने ओपन हेयरस्टाइल के साथ लुक कंपलीट किया है।

ऐश्वर्या से भी बढ़कर लगा आलिया का अंदाज
आलिया के लुक की यूजर्स तारीफ कर रहे हैं। कुछ उनके लुक की तुलना ऐश्वर्या राय से कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, ‘मंत्र मुग्ध कर दिया’। एक यूजर ने लिखा, ‘ऐश्वर्या राय के लुक से कहीं ज्यादा बेहतर है’।

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