जबलपुर। Exclusive मध्य प्रदेश के जबलपुर के सेंट्रल जीएसटी ऑफिस में सीबीआई की छापेमार कार्रवाई मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। असिस्टेंट कमिश्नर विवेक वर्मा के कहने पर ही पूरा खेला रचा गया था। असिस्टेंट कमिश्नर और अधीक्षक मुकेश बर्मन के कहने पर व्यापारी से रिश्वत मांगी थी। 10 किलोमीटर दूर फिल्मी स्टाइल में इंस्पेक्टर सचिन खरे को एक मॉल के सामने से गिरफ्तार किया गया था। इंस्पेक्ट की गाड़ी से 4 लाख रुपये रिश्वत की रकम बरामद की थी।
होटल कारोबारी से मांगी थी 10 लाख की घूस
दरअसल, जबलपुर के गौरी घाट रोड स्थित जीएसटी ऑफिस में बुधवार को सीबीईआई टीम ने दबिश दी थी। जानकारी के अनुसार, इंस्पेक्टर सचिन खरे ने होटल कारोबारी विवेक त्रिपाठी के ओयो ट्रांजैक्शन पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने होटल व्यवसायी पर एक करोड़ रुपए की रिकवरी निकाली थी। इसी मामले को निपटाने के लिए 10 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी।
ये भी पढ़ें: सेंट्रल GST ऑफिस में CBI का छापा, इंस्पेक्टर गिरफ्तार, मचा हड़कंप
एक आरोपी फरार, रातभर चली पूछताछ
होटल कारोबारी ने इसकी शिकायत सीबीआई से की थी। जिसके बाद CBI ने बुधवार को दबिश दी। इंस्पेक्टर सचिन खरे और असिस्टेंट कमिश्नर को 4 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोच लिया। जबकि एक आरोपी फरार बताया जा रहा है। सीबीआई की टीम रातभर आरोपी अधिकारियों से पूछताछ करती रही। गिरफ्तार किए गए अफसरों के घर पहुंचकर भी तलाशी ली थी। बताया जा रहा है कि GST ऑफिस के अन्य अधिकारी भी जांच के दायरे में है।
दोनों अधिकारियों को गुरुवार को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। जहां जीएसटी इंस्पेक्टर सचिन खरे ने बताया कि असिस्टेंट कमिश्नर के कहने पर ही रिश्वत मांगी थी। CBI ने कोर्ट से 22 दिसंबर तक रिमांड मांगी है।

