,भोपाल
द कश्मीर फाइल्स फिल्म को लेकर मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी नियाज खान के ट्वीट पर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा भड़क उठे हैं। उन्होंने नियाज खान की सोच पर सवाल उठाया है। कहाकि वे आईएएस अधिकारी हैं और मुसलमानों के प्रति उनके द्वारा चिंता जताना, संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) आचरण के विपरीत है। इस पर सरकार से कार्रवाई करने की मांग भी की।
भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने फेसबुक पर बयान जारी करते हुए आईएएस अधिकारी नियाज खान की टिप्पणी को घोर आपत्तिजनक बताया है। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा में रहते हुए सिर्फ मुसलमानों के प्रति आपकी चिंता व्यक्त करना कहीं न कहीं यूपीएससी के आचरण के विपरीत है। शर्मा ने कहा कि अगर आपको मुसलमानों का रहनुमा बनने का शौक है तो आप नौैकरी छोड़ दें। शर्मा ने उन्हें चुनौती दी कि नौकरी छोड़कर राजनीति के मैदान में उतर आएं।
सरकार स्पष्टीकरण मांगे
भाजपा विधायक शर्मा ने प्रदेश सरकार से भी मांग की है कि आईएएस नियाज खान के ट्वीट पर स्पष्टीकरण ले और पूछा जाए कि देश में ऐसा कौन सा प्रांत है जहां मुसलमानों को मारा जा रहा है। शर्मा ने कहा कि वैसे तो अभी देश में कहीं दंगे नहीं हो रहे हैं लेकिन पूर्व में भिवंडी, भागलपुर, मुजफ्फरनगर, पश्चिम बंगाल, केरल में हिंदू-मुस्लिम दंगों में भी हिंदुओं की मौत का आंकड़ा मुस्लिमों की मौत से ज्यादा निकलेगा। भाजपा विधायक ने कहा कि मुस्लिमों के लिए कीड़े मकोड़े जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाए क्योंकि भारत में एपीजे अब्दुल कलाम, अशफाक उल्लाह जैसे भी देशभक्त हुए हैं।
नियाज खान ने यह ट्वीट किया था
इससे पहले नियाज खान ने द कश्मीर फाइल्स पर ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था कि द कश्मीर फाइल्स ब्राह्मणों का दर्द दिखाती है। उन्हें पूरे सम्मान के साथ कश्मीर में सुरक्षित रहने की अनुमति दी जानी चाहिए। निर्माता को कई राज्यों में बड़ी संख्या में मुसलमानों की हत्याओं को दिखाने के लिए एक फिल्म भी बनानी चाहिए। मुसलमान कीड़े नहीं बल्कि इंसान और देश के नागरिक हैं

