कोरोना के खिलाफ जंग और टीकोत्सव पर किये जाने वाले बड़े बड़े दावे उस वक्त मात्र एक ढकोसले साबित होते है जब विश्व की सबसे बड़ी पार्टी के संस्थापक सदस्य के परिवार को उन्ही की सरकार के होते हुए इलाज और उसके बाद मृत्यु हो जाने पर अंतिम संस्कार तक के लिए दर दर की ठोकर खाना पड़ती है। के संस्थापक सदस्य और भीष्म पितामह कुशाभाऊ ठाकरे के 2 भातिंजो की मौत #Covid मे इलाज़ ना मिलने से हुई। शैलेश ठाकरे की मौत अप्रैल 13, जबकि शिरीष की 18 को इंदौर मे हुई। दाह संस्कार के लिए भी भटके परिजन।
2 दिन के बाद शिरीष को इंदौर के HMT मे बेड मिला पर 3 दिनों तक सिर्फ ऑक्सिजन पर रखा गया और आज उनकी मौत हो गई। शिरीष के पुत्र शांतनु भी वही एडमिट है। परिवार का इल्ज़ाम है के उन्हें 3 दिन बाद भी उन्हें रेमदेसीवीर नही दिया।

