अग्नि आलोक

*सुबह की ताजा खबरे:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिला G-7 का न्योता, दुनिया के सबसे ऊंचे रेल पुल का उद्घाटन,बांग्लादेश में चुनाव का ऐलान,जापानी वेंगाबाबा की चेतावनी से भारत क्यों डरा? RBI के कदम से सस्ता होगा कर्ज, बकरीद की धूम*

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देशभर में आज ईद-उल-अजहा (बकरीद) का त्योहार हर्षो-उल्लास से मनाया जाएगा
> जम्मू कश्मीर में कटरा से श्रीनगर के बीच वंदे भारत ट्रेन सेवा आम लोगों के शुरू होगी
> फ्रेंच ओपन फाइल : वर्ल्ड नंबर 1 एरिना सबालेंका US प्लेयर कोको गॉफ से भिड़ेंगी
> भारत-ए और इंग्लैंड-ए के बीच दूसरा अनऑफिशियल टेस्ट में दूसरे दिन का खेल होगा

चिनाब ब्रिज पर दुनिया के सबसे ऊंचे रेलपुल का उद्घाटन, पीएम ने पाकिस्तान और चीन को दिया बड़ा संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल चिनाब ब्रिज का भव्य उद्घाटन किया। यह पुल जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में चिनाब नदी पर स्थित है और अपनी भौगोलिक और तकनीकी विशेषताओं के कारण दुनिया भर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल का उद्घाटन कर न केवल देश को एक बड़ी सौगात दी, बल्कि पाकिस्तान और चीन को भी एक कड़ा संदेश दिया। उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी हाथ में तिरंगा लेकर चिनाब ब्रिज पर चहलकदमी करते नजर आए।

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल चिनाब ब्रिज का भव्य उद्घाटन किया। यह पुल जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में चिनाब नदी पर स्थित है और अपनी भौगोलिक और तकनीकी विशेषताओं के कारण दुनिया भर में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल का उद्घाटन कर न केवल देश को एक बड़ी सौगात दी, बल्कि पाकिस्तान और चीन को भी एक कड़ा संदेश दिया। उद्घाटन के दौरान पीएम मोदी हाथ में तिरंगा लेकर चिनाब ब्रिज पर चहलकदमी करते नजर आए।

हाथ तिरंगा लेकर दे दिया ये संदेश
हाथ में तिरंगा लेकर पुल पर चलना कोई सामान्य राजनीतिक इशारा नहीं था। यह संदेश था कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और कोई भी ताकत इसे भारत से अलग नहीं कर सकती। पीएम मोदी के साथ केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी मौजूद थे। इसका उद्घाटन करने से पहले पीएम मोदी ने पुल का निरीक्षण किया और इंजीनियरों और मजदूरों से बात की, जिन्होंने इस सपने को हकीकत में बदला।

पेरिस के एफिल टॉवर से भी ऊंचा पुल
चिनाब ब्रिज 359 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और पेरिस के एफिल टॉवर से भी ऊंचा है। यह पुल जम्मू-कश्मीर को भारत के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण सामरिक और रणनीतिक प्रोजेक्ट है। उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (USBRL) परियोजना का हिस्सा यह ब्रिज न केवल आम लोगों के लिए बल्कि भारतीय सेना के लिए भी बेहद अहम है। यह पुल जम्मू-कश्मीर में सेना की तैनाती और आपूर्ति श्रृंखला को पहले से कहीं अधिक मजबूत और त्वरित बनाएगा। किसी आपातकालीन स्थिति में यह ब्रिज एक जीवनरेखा साबित होगा। यह 1,315 मीटर लंबा स्टील आर्च ब्रिज है, जिसे भूकंप और हवा की स्थिति का सामना करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। पुल का एक प्रमुख प्रभाव जम्मू और कश्मीर के बीच संपर्क को बढ़ाना होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिला G-7 का न्योता, कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने फोन कर किया इनवाइट

कनाडा ने आखिर भारत को जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रण भेज दिया है। कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने पीएम मोदी को फोन कर जी-7 शिखर सम्मेलन में आने का निमंत्रण दिया। इसके साथ ही दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने को लेकर चर्चा की। इस मौके पर पीएम मोदी ने कनाडा के नवनिर्वाचित पीएम को चुनाव में जीत पर बधाई दी। पीएम मोदी ने खुद इस बात की जानकारी दी।

कनाडा ने आखिर भारत को जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रण भेज दिया है। कनाडा के पीएम मार्क कार्नी ने पीएम मोदी को फोन कर जी-7 शिखर सम्मेलन में आने का निमंत्रण दिया। इसके साथ ही दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने को लेकर चर्चा की। इस मौके पर पीएम मोदी ने कनाडा के नवनिर्वाचित पीएम को चुनाव में जीत पर बधाई दी। पीएम मोदी ने खुद इस बात की जानकारी दी।

क्या बोले पीएम मोदी?

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट कर कनाडा के पीएम से फोन पर हुई बातचीत को लेकर जानकारी दी। पीएम मोदी ने लिखा कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से फोन पर बात करके खुशी हुई। उन्हें हाल ही में हुए चुनाव में उनकी जीत पर बधाई दी। पीएम मोदी ने आगे लिखा कि इस महीने के अंत में कनानसकीस में होने वाले G7 शिखर सम्मेलन में आमंत्रित करने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया।


प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि गहरे जन-जन संबंधों से बंधे जीवंत लोकतंत्रों के रूप में, भारत और कनाडा आपसी सम्मान और साझा हितों के मार्गदर्शन में नए जोश के साथ मिलकर काम करेंगे। शिखर सम्मेलन में हमारी मुलाकात का बेसब्री से इंतजार है।

बांग्लादेश में चुनाव का ऐलान, मोहम्मद यूनुस ने बताया- कब डाले जाएंगे वोट

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने आम चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है। यूनुस ने बताया है कि बांग्लादेश का राष्ट्रीय चुनाव अप्रैल 2026 के पहले पखवाड़े में आयोजित किया जाएगा। शुक्रवार को टेलीविजन पर देश के नाम संबोधन में उन्होंने कहा, “इस घोषणा के आधार पर, चुनाव आयोग नियत समय में एक विस्तृत रोडमैप प्रदान करेगा। 

 बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने आम चुनाव की तारीख का ऐलान कर दिया है। यूनुस ने बताया है कि बांग्लादेश का राष्ट्रीय चुनाव अप्रैल 2026 के पहले पखवाड़े में आयोजित किया जाएगा। शुक्रवार को टेलीविजन पर देश के नाम संबोधन में उन्होंने कहा, “इस घोषणा के आधार पर, चुनाव आयोग नियत समय में एक विस्तृत रोडमैप प्रदान करेगा।” उन्होंने यह भी कहा, “चुनाव के समय को लेकर जनता और राजनीतिक लोगों में बहुत रुचि है।” बता दें कि बांग्लादेश में विपक्षी पार्टियां लंबे समय से आम चुनावों को घोषित करने की मांग कर रही थीं।

मोहम्मद यूनुस ने क्या कहा

मोहम्मद यूनुस ने कहा, “जैसा कि मैंने पहले कहा है, यह दिसंबर और जून के बीच आयोजित किया जाएगा। सरकार इस समय सीमा के भीतर एक विश्वसनीय चुनाव के लिए अनुकूल माहौल सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है।” यूनुस ने कहा कि सरकार की मुख्य जिम्मेदारी एक स्वच्छ, शांतिपूर्ण, उत्सवपूर्ण और समावेशी चुनाव आयोजित करना है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य भविष्य के संकटों को रोकना है। इसके लिए संस्थागत सुधार की आवश्यकता है। चुनावी प्रक्रिया से सीधे जुड़े संस्थानों में सुशासन सुनिश्चित किए बिना, छात्रों और नागरिकों द्वारा किए गए सभी बलिदान व्यर्थ हो जाएंगे।”

उन्होंने दोहराया कि वर्तमान प्रशासन तीन जनादेशों के साथ बना है: सुधार, न्याय और चुनाव। उन्होंने कहा, “हमारा मानना है कि आगामी ईद-उल-फितर तक हम सुधारों और न्याय पर व्यापक रूप से स्वीकार्य स्थिति पर पहुंच जाएंगे – विशेष रूप से मानवता के खिलाफ अपराधों को संबोधित करने में, जो जुलाई विद्रोह के शहीदों के प्रति हमारे सामूहिक कर्तव्य का हिस्सा है।” मुख्य सलाहकार ने उम्मीद जताई कि इस अवधि के दौरान इन आदेशों को कम से कम न्यूनतम रूप से लागू किया जाएगा।

यूनुस ने कहा, “हमने यह सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित दलों को शामिल किया है कि यह हमारे इतिहास का सबसे स्वतंत्र, निष्पक्ष, प्रतिस्पर्धी और विश्वसनीय चुनाव बने। हम ऐसा चुनाव चाहते हैं जो शहीदों के बलिदान का सम्मान करे। जिसमें सबसे अधिक संख्या में मतदाता, उम्मीदवार और भाग लेने वाली पार्टियां हों। इसे देश के सबसे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के रूप में याद किया जाना चाहिए।”

एलन मस्क ने डोनाल्ड ट्रंप पर फोड़ा ‘बड़ा बम’, महाभियोग चलाने की मांग

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और टेस्ला कंपनी के अरबपति मालिक एलन मस्क के बीच सार्वजनिक विवाद गहराता जा रहा है। दोनों ने एक दूसरे पर सार्वजनिक रूप से हमले तेज कर दिए हैं। इस बीच एलन मस्क ने अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ चौंकाने वाला खुलासा किया है। एलन मस्क ने आरोप लगाया है कि डोनाल्ड ट्रंप का नाम एपस्टीन फाइल में है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में मस्क ने लिखा, ‘वास्तव में बड़ा बम गिराने का समय आ गया है। डोनाल्ड ट्रंप एप्सटीन फाइल्स में हैं। यही असली कारण है कि उन्हें सार्वजनिक नहीं किया गया है। DJP! आपका दिन शुभ हो।’

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और टेस्ला कंपनी के अरबपति मालिक एलन मस्क के बीच सार्वजनिक विवाद गहराता जा रहा है। दोनों ने एक दूसरे पर सार्वजनिक रूप से हमले तेज कर दिए हैं। इस बीच एलन मस्क ने अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ चौंकाने वाला खुलासा किया है। एलन मस्क ने आरोप लगाया है कि डोनाल्ड ट्रंप का नाम एपस्टीन फाइल में है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में मस्क ने लिखा, ‘वास्तव में बड़ा बम गिराने का समय आ गया है। डोनाल्ड ट्रंप एप्सटीन फाइल्स में हैं। यही असली कारण है कि उन्हें सार्वजनिक नहीं किया गया है। DJP! आपका दिन शुभ हो।’

ट्रंप पर महाभियोग चलाने का समर्थन

एलन मस्क ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, ‘इस पोस्ट को भविष्य के लिए मार्क कर लें। सच्चाई सामने आएगी।’ इतना ही नहीं, उन्होंने ट्रंप पर महाभियोग चलाने और उनकी जगह जेडी वेंस को राष्ट्रपति बनाए जाने की मांग करने वाली एक पोस्ट को भी शेयर किया। जेफरी एपस्टीन एक अमेरिकी फाइनेंसर था, जिसने कथित तौर पर अरबतियों के लिए फंड मैनेज करके अकूत संपत्ति जमा की। इस दौरान उसने प्रभावशाली हस्तियों के साथ संबंध बनाए, जिनमें पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति, ब्रिटिश राजघराने के लोग और प्रमुख हॉलीवुड हस्तियां शामिल हैं।

जेफरी एपस्टीन का मामला

एपस्टीन के पतन की शुरुआत 2008 में हुई जब उसने बाल वेश्यावृत्ति के आरोपों को स्वीकार किया। बाद में उसे एक डील के तहत 13 महीने की सजा सुनाई गई, जिसकी काफी आलोचना हुई। 2019 में उसे फिर से संघीय यौन तस्करी के आरोपों में गिरफ्तार किया गया। उस पर नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण करने वाला एक नेटवर्क चलाने का आरोप था। अगस्त 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में उसकी मौत हो गई। एपस्टीन की मौत को आत्महत्या बताया गया, लेकिन कई कॉन्स्पिरेसी थ्योरी कहती हैं कि हाई प्रोफाइल लोगों को बचाने के लिए उसे चुप करा दिया गया।

इंग्लैंड में केएल राहुल की शानदार सेंचुरी, टेस्ट सीरीज में इस नंबर पर पक्की की जगह

इंडिया ए और इंग्लैंड लायंस के बीच दूसरा अनऑफिशियल टेस्ट मैच इस वक्त नॉर्थम्प्टन में खेला जा रहा है। इस मैच में इंग्लैंड के कप्तान जेम्स रो ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। इस मुकाबले में टीम इंडिया के लिए ओपनिंग की जिम्मेदारी केएल राहुल ने संभाली और हर किसी की नजरें उन्हीं के ऊपर थीं। केएल राहुल ने अपने फैंस को निराश नहीं किया है और उन्होंने इस मैच में शानदार शतक ठोक दिया। 

इंडिया ए और इंग्लैंड लायंस के बीच दूसरा अनऑफिशियल टेस्ट मैच इस वक्त नॉर्थम्प्टन में खेला जा रहा है। इस मैच में इंग्लैंड के कप्तान जेम्स रो ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। इस मुकाबले में टीम इंडिया के लिए ओपनिंग की जिम्मेदारी केएल राहुल ने संभाली और हर किसी की नजरें उन्हीं के ऊपर थीं। केएल राहुल ने अपने फैंस को निराश नहीं किया है और उन्होंने इस मैच में शानदार शतक ठोक दिया है।

ओपनिंग करते हुए ठोका शतक

केएल राहुल हाल ही में इंग्लैंड पहुंचे हैं। उन्होंने वहां पहुंचते ही अपनी शानदार फॉर्म दिखाई है। उन्होंने इंग्लैंड लॉयंस के खिलाफ खेलते हुए शतक जड़ा। यह उनके फर्स्ट क्लास करियर का 19वां शतक है। इसी के साथ केएल राहुल ने अब इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में ओपनिंग के लिए अपनी पक्की दावेदारी ठोक दी है। केएल राहुल इसलिए भी टीम इंडिया के परमानेंट ओपनर बन सकते हैं क्योंकि इस फॉर्मेट से रोहित शर्मा संन्यास ले चुके हैं।

ध्रुव जुरेल ने भी ठोकी हाफ सेंचुरी

केएल राहुल ने 151 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया। उन्होंने अपनी पारी में 13 चौके और एक छक्का लगाया। ध्रुव जुरेल ने भी अर्धशतक बनाया। उन्होंने 69 गेंदों पर 50 रन पूरे किए। कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने भेजा गया, लेकिन वह 11 रन बनाकर आउट हो गए।

हालांकि इस मैच में केएल राहुल के साथ ओपनिंग करने आए यशस्वी नहीं चल पाए। जायसवाल को क्रिस वोक्स की गेंद पर एलबीडब्ल्यू आउट दिया गया। यह एक विविदित फैसला था और जायसवाल अंपायर के फैसले से सहमत नहीं थे। उन्होंने अंपायर से बहस भी की। हालांकि इस मैच में डीआरएस नहीं था इसलिए उन्हें वापस लौटना पड़ा। जायसवाल ने 17 रन बनाए।

हजारों लोगों को जिंदगी हो जाएगी खत्म…जापानी वेंगाबाबा की चेतावनी से भारत क्यों डरा?

जापान के एक प्रसिद्ध मनोवैज्ञानिक, जिन्हें अक्सर प्रसिद्ध बुल्गेरियाई भविष्यवक्ता बाबा वेंगा से तुलना की जाती है, उन्होंने एक डराने वाली भविष्यवाणी की है। अपनी कुछ सटीक भविष्यवाणियों के लिए जानी जाने वाली कॉमिक कलाकार और भविष्यवक्ता रियो तात्सुकी ने 2030 में एक घातक वायरस के उभरने की चेतावनी दी है। उनका दावा है कि यह वायरस COVID-19 महामारी की याद दिलाएगा और दुनिया के लिए एक बड़ा खतरा बन सकता है। यह भविष्यवाणी उनके 2021 के कॉमिक “द फ्यूचर आई सॉ” में प्रकाशित हुई थी, जिसमें उन्होंने 2020 की COVID-19 महामारी की वापसी और उससे भी ज्यादा असर की चेतावनी दी थी। तात्सुकी, जिन्हें उनकी भविष्यवाणियों के कारण ‘नई बाबा वेंगा’ के रूप में जाना जाता है, उन्होंने पहले फ्रेडी मर्करी और राजकुमारी डायना की मृत्यु, 2011 कोबे भूकंप और COVID-19 महामारी जैसी हाई-प्रोफाइल घटनाओं की भविष्यवाणी की है।

रियो तात्सुकी की कुछ भविष्यवाणियां पहले भी सच साबित हो चुकी हैं, जैसे कि 2011 में जापान में आए भूकंप और सुनामी की भविष्यवाणी। उनकी 2021 की कॉमिक में उन्होंने 2025 में जापान में एक बड़ी आपदा की चेतावनी दी थी, जिससे जापान में पर्यटन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। लेकिन अब उनकी 2030 की महामारी की भविष्यवाणी ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। अपनी किताब ‘द फ्यूचर ऐज आई सी इट’ (1999) में उन्होंने अप्रैल 2020 में एक अज्ञात वायरस के चरम पर पहुंचने की भविष्यवाणी की थी, जो फिर खत्म हो जाएगा और एक दशक बाद वापस आएगा।

2030 को लेकर भविष्यवाणी में क्या है?
जापानी वेंगा बाबा ने 2030 में एक और, पहले से भी ज्यादा विनाशकारी वायरस की आशंका जताई है, जो संभावित रूप से कई लोगों की मौत का कारण बन सकता है। बुल्गारिया के बाबा वेंगा, जिन्होंने 12 साल की उम्र में एक तूफान की चपेट में आने और जख्मी होने के बाद देखने की क्षमता खो दी थी, उन्होंने दावा किया था कि हादसे के बाद उन्हें भविष्य को देखने की क्षमता आ आ गई है। उन्होंने अपनी लगभग 85% भविष्यवाणियों की सटीक भविष्यवाणी की, जिससे उन्हें वैश्विक मान्यता मिली। वहीं तात्सुकी के मुताबिक, 2030 में एक अज्ञात वायरस का प्रकोप होगा जो 2020 की महामारी से भी ज्यादा विनाशकारी होगा। तात्सुकी की भविष्यवाणी सोशल मीडिया पर यह तेजी से वायरल हो रही है, जिससे लोगों में चिंता बढ़ गई है। खासकर भारत में, जहां इन दिनों एक बार फिर से COVID-19 के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है, इस भविष्यवाणी ने लोगों को और अधिक सतर्क कर दिया है।

हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्यवाणियों पर अंधविश्वास करने के बजाय वैज्ञानिक तथ्यों और डॉक्टरों की सलाह पर ध्यान देना चाहिए। तात्सुकी खुद भी कहती हैं कि उनकी भविष्यवाणियां सिर्फ चेतावनी हैं और लोगों को एक्सपर्ट्स की सलाह पर ध्यान देना चाहिए। रयो तात्सुकी की 2030 की महामारी की भविष्यवाणी ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। लेकिन हमारे लिए एक्सपर्ट्स की सलाह ज्यादा मायने रखती है। लोगों को चाहिए कि वो किसी बीमारी की चपेट में आने पर डॉक्टरी सलाह लें और किसी भी अंधविश्वास या भविष्यवाणी के चक्कर में ना फंसे।

एलन मस्क की स्टारलिंक को मंजूरी से ट्रंप को कैसे लगेगी मिर्च?

उद्योगपति एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक को भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाएं शुरू करने के लिए लाइसेंस मिल गया है। स्टारलिंक दूरसंचार विभाग (DoT) से इस तरह का लाइसेंस पाने वाली तीसरी कंपनी बन गई है। इससे भारत में सैटेलाइट के जरिए संचार सेवाओं का विस्तार होगा। भारत में स्टारलिंक को मंजूरी ऐसे समय में मिली है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और एलन मस्क आमने-सामने हैं। मस्क ट्रंप की टैरिफ नीतियों का खुलकर विरोध करने लगे हैं। यह अमेरिका से लेकर चीन तक फैले उनके कारोबारी साम्राज्य पर असर डाल रहा है। भारत के कदम से मस्क की चिंगारी से जले बैठे ट्रंप को जरूर मिर्च लगेगी। हाल में ट्रंप ने भारत को ठेस पहुंचाने वाली कई चीजें की हैं। इनमें बार-बार यह दावा करना कि पाकिस्तान के साथ संघर्ष में भारत ने उनके हस्तक्षेप के बाद सैन्य कार्रवाई रोकी भी शामिल है। यही नहीं, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान को आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक जैसे ग्लोबल संस्थानों के जरिये कर्ज देकर भी आर्थिक रूप से मदद की गई है। भारत इस मदद का विरोध करता रहा है। उसे डर है कि इस पैसे का इस्तेमाल पाकिस्तान सीमा पार आतंक के लिए करेगा।

एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक अब भारत में भी अपनी सुपर-फास्ट इंटरनेट सेवा शुरू कर पाएगी। भारत सरकार ने स्टारलिंक को जरूरी मंजूरी दे दी है। इसका मतलब है कि स्टारलिंक अब भारत में अपनी सेवा शुरू करने के लिए तैयार है। स्टारलिंक 100 से ज्यादा देशों में पहले से ही मौजूद है। यह उन जगहों पर तेज इंटरनेट देने का वादा करता है जहां आम इंटरनेट ठीक से नहीं चलता। अब उन इलाकों को भी इंटरनेट मिलेगा जहां पहले इंटरनेट नहीं था। यह वनवेब और रिलांयस जियो के साथ उन तीन कंपनियों में से एक है जिनके पास भारत में यह जरूरी टेलीकॉम लाइसेंस है। कंपनी को सरकार के टेलीकॉम विभाग से लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) भी मिला है। इसे शुरुआती हरी झंडी समझ सकते हैं।

मस्क और ट्रंक के बीच खि‍ंंची हुई हैं तलवारें

यह घटनाक्रम काफी महत्वपूर्ण है। खासकर यह देखते हुए कि अभी एलन मस्क और डोनाल्ड ट्रंक के बीच तलवारें खिंची हुई हैं। स्टारलिंक की भारत में उपस्थिति मस्क के ग्लोबल प्रभाव और पहुंच को और बढ़ाएगी। यह ट्रंप के लिए चिंता का विषय हो सकता है जो अमेरिकी कंपनियों के प्रभाव को अपने राजनीतिक एजेंडे के अनुरूप देखना चाहते हैं। मस्क का स्वतंत्र रूप से काम करना ट्रंप को पसंद नहीं आएगा।

ट्रंप प्रशासन की ‘अमेरिका फर्स्ट’ पॉलिसी के तहत भारत-अमेरिका संबंध महत्वपूर्ण रहे हैं। लेकिन, ट्रंप की व्यक्तिगत पसंद और नापसंद इसमें बड़ी भूमिका निभाती है। यदि भारत महत्वपूर्ण तकनीकी साझेदारियों को आगे बढ़ाता है जिसमें मस्क की कंपनियां शामिल हैं तो यह ट्रंप के लिए एक संकेत हो सकता है कि भारत अपनी भू-राजनीतिक और आर्थिक रणनीति में स्वतंत्र रूप से निर्णय ले रहा है, भले ही यह उनके व्यक्तिगत समीकरणों के खिलाफ हो।

दुनिया के सबसे अमीर अरबपति और 78 वर्षीय राष्ट्रपति की लड़ाई से सहमे रिपब्लिकन, सुलह की गुहार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और टेस्ला प्रमुख एलन मस्क के बीच बढ़ती तकरार से रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं में बेचैनी बढॉती हुई जा रही है। पार्टी के नेता और रूढ़िवादी विचारधारा से जुड़े लोग इस टकराव को जल्द खत्म करने की अपील कर रहे हैं, क्योंकि यह विवाद पार्टी के बड़े एजेंडे  टैक्स और बॉर्डर खर्च बिल पर असर डाल सकता है। ट्रंप जहां इस बिल को समर्थन दे रहे हैं, वहीं मस्क इसकी आलोचना कर रहे हैं। इस टकराव को देखते हुए कुछ सांसदों को डर है कि कहीं पार्टी के भीतर ही मतभेद गहराते न जाएं।

झगड़ा खत्म होने की उम्मीद में बैठे सांसद
इसके अलावा वॉशिंगटन के रिपब्लिकन सांसद डैन न्यूहाउस ने कहा कि उम्मीद है यह हमें जरूरी काम से नहीं भटकाएगा। मुझे लगता है यह विवाद जल्दी खत्म हो जाएगा और वे सुलह कर लेंगे। टेक्सास से सीनेटर टेड क्रूज ने भी एफओएक्स न्यूज पर कहा कि जब दोनों साथ काम करते हैं, तो देश को ज्यादा फायदा होता है।



क्या कहना है सिनेटर माइक की

मामले में सीनेटर माइक ली ने सोशल मीडिया पर एक फोटो शेयर करते हुए लिखा, “मुझे दोनों पसंद हैं। कौन चाहता है कि ट्रंप और मस्क फिर से दोस्त बन जाएं?” उन्होंने लोगों से इसे रीपोस्ट करने की भी अपील की।

ट्रंप का रुख अब तक सख्त
हालांकि ट्रंप ने अब तक सुलह की कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। शुक्रवार सुबह टीवी इंटरव्यू में उन्होंने मस्क को लेकर कहा कि आप उस आदमी की बात कर रहे हैं जो अपना दिमाग खो चुका है?” जब उनसे पूछा गया कि क्या वो मस्क से बात करेंगे, तो ट्रंप ने साफ कहा, “इस समय नहीं।

मामला निजी होता जा रहा है — हनिटी

टीवी होस्ट सीन हनिटी ने कहा कि यह विवाद जल्दी ही “व्यक्तिगत” हो गया, लेकिन यह सिर्फ “नीतियों में मतभेद” है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जैसे खेल में लड़ाई के बाद दोस्ती हो जाती है, वैसे ही यहां भी हो सकता है। वहीं हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने भरोसा जताया कि यह विवाद टैक्स और बॉर्डर बिल को प्रभावित नहीं करेगा। उन्होंने कहा, “सदस्य इससे डरे नहीं हैं। हम तय समय पर बिल पास करेंगे। हालांकि उन्होंने मस्क को चेतावनी भरे लहजे में कहा, “डोनाल्ड ट्रंप को कभी कम मत आंकिए। वह हमारे समय के सबसे प्रभावशाली नेता हैं। पार्टी और देश के लिए अच्छा होगा अगर ये मतभेद सुलझ जाएं।

मार्केट में खरीदारी का जोश, 15 से 50 हजार तक में बिक रहे बकरे,बकरीद के मौके पर दिल्ली के बाजार गुलजार

शनिवार को मनाई जाने वाली ईद-उल-अजहा की तैयारियां जोरों पर हैं। वल्लीपुर, रसूलपुर और इब्राहिमपुर पारा मंगल बाजार में त्योहार को लेकर खास माहौल है। महिलाएं खरीदारी में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं।

स्थानीय निवासी नदीम अहमद ने बताया कि बकरीद का त्योहार उनके लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन वे अल्लाह के प्रति समर्पण और कुर्बानी की भावना को याद करते हैं। मार्केट में कपड़े, सेवइयां और कुर्बानी के लिए बकरों की खरीदारी चल रही है।

दुकानों में रंग-बिरंगे कपड़े, ट्रेंडी कुर्ता-पजामा और स्वादिष्ट खाद्य पदार्थ सजे हैं। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार इस बार खरीदारी में अच्छी तेजी है। बकरों की कीमतें उनकी नस्ल और वजन के आधार पर 15,000 से 50,000 रुपए तक हैं।

सेवइयों और पारंपरिक मिठाइयों की दुकानों पर भी भीड़ है। लोग नए कपड़े पहनकर नमाज अदा करने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, पशु बाजार न लगने से बकरा व्यवसायी और कुर्बानी करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह त्योहार धार्मिक महत्व के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक संगम का प्रतीक भी है।

जामा मस्जिद पर ईद-उल-अजहा की तैयारियां पूरी हो गई हैं। गली, नुक्कड़, दुकान पर चहल-पहल देखने को मिल रही है। वहीं, शुक्रवार को शांतिपूर्वक जुमे की नमाज अदा की गई। इस दौरान रोजाना से ज्यादा भीड़ देखी गई, वहीं पूरे वक्त पुलिस बल तैनात रहा।

जुमे की नमाज के बाद मौजूद लोगों से अपील करते हुए जामा मस्जिद के नायब शाही इमाम मौलाना सैयद शाबान बुखारी ने कहा, यह कुर्बानी का दिन नहीं बल्कि तस्लीम और फरमाबरदारी का दिन है। कुर्बानी सिर्फ बंद और तयशुदा जगहों पर करें। खुली सड़कों या गलियों में कुर्बानी करने से परहेज करें। अपने हमसायों के जज्बात का लिहाज करें। जिबा की मनाजिर की तस्वीरें सोशल मीडिया पर न डालें — यह दीन और इंसानियत दोनों के खिलाफ है। यह इबादत है, इसे नफरत का सबब न बनाएं।

जामा मस्जिद के आस-पास की गलियों में सेवईं, शीरखुर्मा, मेवे और अन्य मिठाइयों की दुकानें खरीदारों से गुलजार हैं। स्थानीय दुकानदार नदीम, जो पिछले 35 साल से शीरखुर्मा और मेवों की दुकान चला रहे हैं, बताते हैं कि ईद-उल-अजहा का त्योहार हमारे लिए सिर्फ एक धार्मिक अवसर नहीं, बल्कि मोहब्बत और मेलजोल का भी पैगाम है। इस बार भीड़ पहले से ज्यादा है।

लोग दूर-दूर से आते हैं, खासकर हमारी खास इलायची सेवईं और देसी घी वाला शीरखुर्मा लेने। इस बीच, श्रद्धालुओं की भीड़ हर दिन बढ़ती जा रही है। लोग नमाज के साथ-साथ खरीदारी में भी मशगूल हैं। बच्चे रंग-बिरंगे कपड़े और खिलौनों में मगन हैं, जबकि महिलाएं चूड़ियों, मेंहदी और परंपरागत कपड़ों की खरीदारी में जुटी हैं।

ईद-उल-अजहा की आमद न सिर्फ़ एक धार्मिक त्योहार की तैयारी है, बल्कि दिल्ली की सांस्कृतिक विरासत और भाईचारे की भी ख़ूबसूरत मिसाल बनकर उभर रही है।

कुर्बानी सिर्फ बंद और तयशुदा जगहों पर करें। खुली सड़कों या गलियों में कुर्बानी करने से परहेज करें। अपने हमसायों के जज्बात का लिहाज करें। –
-इमाम मौलाना सैयद शाबान बुखारी, नायब शाही, जामा मस्जिद, दिल्ली

त्योहार को ध्यान में रखते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। टीम चौबीसों घंटे गश्त कर रही है। जामा मस्जिद और आसपास के इलाके में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और महिला पुलिस की तैनाती सुनिश्चित की गई है, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से मनाया जा सके। – -निधिन वालसन, सेंट्रल जोन डीसीपी, नई दिल्ली

भारतीय बाजार में कीमत ₹5, गाजा में इसी बिस्कुट के दाम 2400

भारतीय बाजार में जिस बिस्कुट की कीमत महज 5 रुपये है। पश्चिमी एशिया के गाजा में इसी बिस्कुट के दाम 2400 रुपये हैं। लगभग 2400 रुपये अदा कर बिस्कुट खरीदने का दावा सोशल मीडिया पर वायरल हुई बेटी के पिता की पोस्ट में किया गया है। एक्स हैंडल @Mo7ammed_jawad6 ने जो तस्वीर और वीडियो पोस्ट की है, इसमें उन्होंने लिखा है कि लंबे इंतजार के बाद आखिरकार उन्हें बेटी का पसंदीदा बिस्कुट मिल ही गया। उन्होंने इस बिस्कुट की कीमत में अप्रत्याशित उछाल का भी जिक्र किया है। तस्वीर में दिख रहा बिस्कुट पारले जी है, जो यहां के बच्चों में भी बेहद लोकप्रिय है।

बेटी के पसंदीदा बिस्कुट के लिए पिता ने अदा किए लगभग 2400 रुपये
मोहम्मद जावेद नाम के इस एक्स यूजर ने अपने हैंडल पर लिखा, ‘लंबे इंतजार के बाद आखिरकार आज मुझे रविफ के लिए उसके पसंदीदा बिस्किट मिल गए। हालांकि कीमत 1.5 यूरो से बढ़कर 24 यूरो से भी ज्यादा हो गई। इसके बावजूद मैं रविफ को उसका पसंदीदा बिस्किट दिलाने से मना नहीं कर सका।’ उन्होंने ये पोस्ट बीते एक जून को किया। हालांकि, जैसे ही पोस्ट वायरल हुई, कई न्यूज वेबसाइट्स ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिससे विगत 20 महीने से जारी हमास और इस्राइल के हिंसक संघर्ष के कारण गाजा में उपजा अभूतपूर्व संकट एक बार फिर सुर्खियों में आया।

भारतीय बाजार में इस बिस्कुट की कीमत
जावेद की यह सोशल मीडिया पोस्ट अब तक 10 लाख से अधिक लोग देख चुके हैं। वे जिस बिस्कुट की कीमत का जिक्र कर रहे हैं, वह पारले जी है और भारतीय बाजार में आम तौर पर यह अलग-अलग साइज में उपलब्ध होता है। तस्वीर में दिख रहा बिस्कुट का वैरिएंट भारत के खुदरा बाजार में सबसे कम कीमत पांच रुपये में मिलता है। इसके अलावा 10 रुपये 30 रुपये और 800 ग्राम का फैमिली पैक साइज वाला यह बिस्कुट 80 रुपये में मिल जाता है।

25 किलोग्राम आटे की कीमत 360 अमेरिकी डॉलर
बीते दिनों आई संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के मुताबिक बीते करीब 20 महीने से युद्ध की विभीषिका झेल रही गाजा की लगभग पूरी आबादी मानवीय सहायता पर निर्भर है। गोदाम खाली हैं, सामुदायिक रसोई बंद हो रही हैं, और परिवार भोजन छोड़ रहे हैं। गाजा में ऑक्सफैम के मीडिया समन्वयक गदा अल हद्दाद ने बताया कि 25 किलोग्राम आटे का एक बैग अब 1,300 शेकेल (360 अमेरिकी डॉलर) में मिलता है। उन्होंने बताया कि मां अपने बच्चों को दिन में एक बार यानी रात का खाना खिलाती हैं, जिससे कि वह सुबह उठकर भूखे रहने की शिकायत न कर सकें। 

70 वर्षीय अमेरिकी ने 36 साल के पाकिस्तानी सांसद को दिखाया आइना

अमेरिका के 70 वर्षीय सांसद ब्रैड शेरमन ने पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। उन्होंने आतंकी संगठन- जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ कार्रवाई पर जोर देते हुए कहा, अमेरिकी पत्रकार पर्ल का परिवार अब भी उनके जिले- कैलिफोर्निया में रहता है। भारत के साथ कश्मीर मुद्दे को सुलझाने का दिखावा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय विवाद बनाने की नाकाम कोशिश कर रहे बिलावल और अन्य पाकिस्तानी नेताओं से मुलाकात के दौरान अमेरिकी सांसद शेरमन ने कहा, पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण चिंता है। पाकिस्तान में रहने वाले ईसाइयों, हिंदुओं और अहमदिया मुसलमानों को हिंसा, उत्पीड़न, भेदभाव के बिना अपने धर्म का पालन करने और लोकतांत्रिक व्यवस्था में भाग लेने की अनुमति दी जानी चाहिए।

अमेरिकी सांसद शेरमन बिलावल नीत शिष्टमंडल से बोले- पाकिस्तान में आतंकी संगठन- जैश-ए-मोहम्मद खत्म करें
दरअसल, पाकिस्तानी सांसद बिलावल भुट्टो के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल अमेरिका दौरे पर है। यहां उन्होंने डेमोक्रेट नेता और सांसद ब्रैड शेरमन से मुलाकात की। शेरमन ने बिलावल से आतंकवाद के मुद्दे पर बेबाकी से बात की। शेरमन ने बिलावल कहा कि पाकिस्तान में को ‘घृणित’ आतंकवादी समूह जैश-ए-मोहम्मद  के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई करनी चाहिए, जिससे दहशतगर्दों का यह संगठन खत्म किया जा सके। शेरमन ने ये भही कहा कि पाकिस्तान में रहने वाले धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी हरसंभव प्रयास किए जाने चाहिए।

पाकिस्तान में 23 साल पहले हुई अमेरिकी पत्रकार की हत्या का मुद्दा भी उठाया
शेरमन ने खुद इस मुलाकात का ब्यौरा एक्स हैंडल पर साझा किया। उन्होंने 2002 में अमेरिकी नागरिक डेनियल पर्ल की हत्या का भी जिक्र किया। बता दें कि बिलावल का दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब भारत से कांग्रेस सांसद शशि थरूर की अगुवाई वाला सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भी अमेरिका दौरे पर था।

दो क्लाइमैक्स वाली ‘हाउसफुल 5’ पर एक्सपर्ट्स की मिली-जुली राय 

करीब 350 करोड़ के बजट में बनी ‘हाउसफुल 5’ शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। 20 से भी ज्यादा सेलेब्स और दो क्लाइमैक्स.. क्या ये सबकुछ दर्शकों को सिनेमाघर तक खींचने में कामयाब हो पाया? और आगे इस फिल्म का क्या हाल रहेगा? फिल्म को लेकर अमर उजाला डिजिटल ने ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श, राजीव चौधरी और एग्जिबिटर बिषेक चौहान से खुलकर बात की। जानिए फिल्म पर एक्सपर्ट्स की राय…

‘टोटल एंटरटेनर है, लॉजिक ढूंढने मत बैठिए’ – तरण आदर्श, ट्रेड एनालिस्ट
‘मुझे पिक्चर अच्छी लगी। यह सिर्फ एंटरटेनमेंट के लिए बनी है, लॉजिक के लिए नहीं। इसमें वही मसाला है जिसे लोग सालों से पसंद करते आ रहे हैं .. ओवर द टॉप कॉमेडी, बड़ी स्टारकास्ट, म्यूज़िक और ढेर सारा धमाल। अगर आप हॉल में हंसने और एन्जॉय करने के मूड में हैं और दिमाग घर छोड़कर जाते हैं; तो ये फिल्म आपके लिए है।’

बड़े सितारे, बड़ा बजट, बड़ा धमाल
‘आजकल ज़्यादातर फिल्में इंटेंस और डार्क होती जा रही हैं। ऐसे में ‘हाउसफुल 5′ जैसी फिल्में फ्रेश लगती हैं। इतने सारे स्टार्स को एक फ्रेम में लाना आसान नहीं होता। अक्षय कुमार, रितेश देशमुख, बॉबी देओल, पूजा हेगड़े, कृति सेनन, कृति खरबंदा –  सभी को स्क्रीन टाइम मिला है और सबने अच्छा काम किया है।’

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‘एक ही क्लाइमैक्स काफी था’
तरण ने कहा, ‘मेरे हिसाब से एक ही क्लाइमैक्स काफी था। दो क्लाइमैक्स डालने से कहानी की पकड़ ढीली हो गई। ऑडियंस उलझ सकती है। जब पार्ट A का क्लाइमैक्स देखा और असली कातिल का चेहरा सामने आया तो मैं चौंक गया। मुझे उस पर शक भी नहीं था। लेकिन दो-दो एंडिंग्स से मामला थोड़ा ओवर हो गया। लोगों के लिए ये कन्फ्यूजन क्रिएट कर दिए।

 कलेक्शन अनुमान
 ‘मेरा अंदाजा है कि पहले दिन फिल्म का कलेक्शन करीब 20 करोड़ रह सकता है।’

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