अग्नि आलोक

*सुबह की ताजा खबरे:आज नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल की बैठक,ट्रंप को लगा बड़ा झटका, कैंसर पर सटीक वार,मरियम नवाज ने खोल दी मुनीर की पोल…* 

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हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में विदेशी छात्रों के दाखिले पर ट्रंप प्रशासन को झटका

एक अमरीकी अदालत ने ट्रम्प प्रशासन के हार्वर्ड विश्वविद्यालय में विदेशी छात्रों के दाखिले पर रोक लगाने के फैसले को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। हार्वर्ड ने सरकार के इस कदम को विश्वविद्यालय के खिलाफ प्रतिशोध बताया है। विश्वविद्यालय का कहना है कि सरकार राजनीतिक कारणों से दबाव बना रही थी। 

अमेरिका की एक फेडरल कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के उस बैन पर अस्थायी तौर पर रोक लगा दी है, जिसमें हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को अंतरराष्ट्रीय छात्रों को एडमिशन देने से रोका गया था। जज एलिसन बरोज ने शुक्रवार को हार्वर्ड की ओर से ट्रंप सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया है। शुक्रवार को ही यूनिवर्सिटी की ओर से ये इस मामले में याचिका दायर की गई थी। अर्जी दाखिल होने के कुछ घंटे के अंदर ही जज ने अपना फैसला देते हुए ट्रंप प्रशासन के फैसले पर रोक लगा दी।

जज बरोज हार्वर्ड को मिलने वाली 2.65 अरब डॉलर की संघीय फंडिंग पर रोक के फैसले के खिलाफ मुकदमे की भी सुनवाई कर रही हैं। अब उनकी कोर्ट के सामने अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर बैन के मामला आया है। उन्होंने फिलहाल ट्रंप प्रशासन के बैन पर रोक लगाई है। यानी हार्वर्ड फिलहाल अंतरराष्ट्रीय छात्रों को एडमिशन दे सकता है लेकिन यह मामला अभी खत्म नहीं हुआ है। कोर्ट में इस पर आगे सुनवाई होगी।


कोर्ट ने मानी यूनिवर्सिटी की अपील

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी का कहना है कि ट्रंप सरकार का विदेशी छात्रों के दाखिले रोकने का कदम फर्स्ट अमेंडमेंट का उल्लंघन है। इससे हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और करीब 7,000 वीजा धारकों पर बुरा असर पड़ेगा। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) के इस कदम को लागू होने से रोकने के लिए कोर्ट से स्टे की (अस्थायी रोक) मांग की थी। इसे अपील को कोर्ट ने मान लिया है।

ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की विदेशी छात्रों को दाखिला देने की पात्रता रद्द की है। मौजूदा विदेशी छात्रों को ट्रांसफर कराने के लिए कहा गया है। ऐसे ना करने पर छात्रों पर अपनी कानूनी स्थिति खो देने का खतरा है। अमेरिका के गृह सुरक्षा मंत्री क्रिस्टी नोएम ने कहा है कि हार्वर्ड के कानून का पालन नहीं कर पाने के कारण अंतरराष्ट्रीय छात्र दाखिला कार्यक्रम को रद्द किया जाएगा।

DHS ने अपने बयान में कहा कि हार्वर्ड विदेशी छात्रों को दाखिला नहीं दे सकता है। मौजूदा विदेशी छात्रों को या तो ट्रांसफर कराना होगा या अपनी कानूनी स्थिति खोनी होगी। हार्वर्ड विश्वविद्यालय के आंकड़ों के मुताबिक पिछले शैक्षणिक वर्ष में करीब सात हजार अंतरराष्ट्रीय स्टूडेंट्स ने दाखिला लिया था। यह कुल स्टूडेंट्स की संख्या का 27 फीसदी है।

आज नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल की बैठक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को नीति आयोग की दसवीं गवर्निंग काउंसिल की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इसमें 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के रोडमैप पर विचार-विमर्श होने की उम्मीद है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को बातया कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह प्रधानमंत्री की सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के साथ पहली बड़ी बैठक होगी।

बैठक में अर्थव्यवस्थता पर होगा फोकस
अधिकारी के अनुसार, बैठक में बजट 2025-26 में की गई पहलों और भारतीय अर्थव्यवस्था के सामने आने वाली चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श होने की उम्मीद है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिकी प्रशासन की ओर से जवाबी शुल्क लगाए जाने के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था मुश्किलों का सामना कर रही है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था के मंदी की ओर जाने, चीन की वृद्धि दर में भारी गिरावट आने तथा वैश्विक स्तर पर देशों में आर्थिक गतिविधियों में मंदी आने की संभावना के बावजूद, भारत की चालू वित्त वर्ष में वृद्धि दर 6.2-6.7 फीसदी के दायरे में रहने की उम्मीद है।

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक ने अनिश्चित वैश्विक माहौल और उच्च व्यापार तनाव का हवाला देते हुए 2025-26 के लिए भारत के विकास अनुमानों को घटाकर क्रमश: 6.2 और 6.3 फीसदी कर दिया है। जनवरी में, आईएमएफ और विश्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष में भारत की वृद्धि दर क्रमशः 6.5 और 6.7 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था।

पिछले साल 10 राज्यों ने नहीं लिया था बैठक में हिस्सा
बता दें कि नीति आयोग की शीर्ष संस्था गवर्निंग काउंसिल में सभी मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपाल और कई केंद्रीय मंत्री शामिल हैं। पीएम मोदी नीति आयोग के अध्यक्ष हैं। पिछले साल नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की बैठक में 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने हिस्सा नहीं लिया था।

स्टालिन बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे दिल्ली
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन नीति आयोग गवर्निंग काउंसिल की बैठक में हिस्सा लेने के लिए शुक्रवार को दिल्ली पहुंचे। स्टालिन का राष्ट्रीय राजधानी में टीआर बालू के नेतृत्व में डीएमके नेताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया गया। स्टालिन ने बाद में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी व राहुल गांधी से भी मुलाकात की। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि सोनिया व राहुल से मिलना किसी यात्रा की तरह नहीं लगता। ऐसा लगता है कि वह परिवार के साथ हैं।

कैंसर पर सटीक वार, एनआईटी राउरकेला ने विकसित की नई बायोसेंसर तकनीक

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी), राउरकेला के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा सेमीकंडक्टर आधारित बायोसेंसर तकनीक विकसित की है, जिससे कैंसर का आसानी से पता चल जाएगा। यह तकनीक ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में कैंसर निदान को सुलभ बनाने में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है

शोध से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, यह बायोसेंसर बिना किसी अतिरिक्त रसायन के काम करता है और कैंसर कोशिकाओं को स्वस्थ कोशिकाओं से अलग करने में अत्यधिक प्रभावी है। मौजूदा बायोसेंसिंग उपकरणों की तुलना में अधिक सटीक परिणाम देता है। शोध माइक्रोसिस्टम टेक्नोलॉजीज जर्नल में प्रकाशित किया गया है।

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर प्रसन्न कुमार साहू के अनुसार, कैंसर एक प्रमुख वैश्विक स्वास्थ्य समस्या है और भारत में पिछले कुछ दशकों में स्तन कैंसर के मामलों में काफी वृद्धि हुई है। कैंसर कोशिकाएं प्रारंभिक अवस्था में कोई लक्षण नहीं दिखातीं, इसलिए प्रारंभिक निदान रोकथाम और उपचार के लिए महत्वपूर्ण है।

आसानी से होगा उपलब्ध
वर्तमान में एक्स-रे, मैमोग्राफी, एलिसा टेस्ट, अल्ट्रासोनोग्राफी और एमआरआई जैसी नैदानिक प्रक्रियाएं उपयोग की जाती हैं, लेकिन इन्हें विशेष उपकरणों और प्रशिक्षित कर्मियों की आवश्यकता होती है। ग्रामीण क्षेत्रों में ये सुविधाएं अक्सर उपलब्ध नहीं होतीं। कोविड-19 महामारी ने इन चुनौतियों को और उजागर किया, क्योंकि चिकित्सा संसाधनों के पुनर्वितरण से कैंसर स्क्रीनिंग और उपचार में देरी होती है।प्रोफेसर साहू ने कहा, इस बायोसेंसर से जटिल बुनियादी ढांचे पर निर्भरता कम होगी और यह सस्ता, तेज और आसानी से उपलब्ध होगा।

कब शुरू होगी ‘व्हाइट’ की शूटिंग? विक्रांत ने श्री श्री रविशंकर के साथ फोटो साझा कर दिया अपडेट

अभिनेता विक्रांत मैसी की फिल्म ‘व्हाइट’ का दर्शकों को बेसब्री से इंतजार है। इसमें वे आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर के किरदार में नजर आएंगे। विक्रांत ने अपने इस किरदार की तैयारी शुरू कर दी है। इसे लेकर वे कुछ घबराए हुए हैं। हाल ही में विक्रांत ने फिल्म की शूटिंग को लेकर अपडेट शेयर किया है। उन्होंने श्री श्री रविशंकर के साथ तस्वीर शेयर कर बताया है कि शूटिंग कब शुरू होने वाली है?

विक्रांत बोले- ‘मैं आभारी हूं’
विक्रांत मैसी ने शुक्रवार 23 मई को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से एक फोटो शेयर किया। इसमें वे आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर के साथ नजर आ रहे हैं। इसके साथ एक्टर ने कैप्शन लिखा है, ‘अपने गुरु श्री श्री रवि शंकर जी की कहानी को जीवंत करने के लिए मैं बहुत आभारी महसूस कर रहा हूं। मैं केवल आपके जूतों में कदम रखने का प्रयास कर सकता हूं गुरुदेव। हालांकि यह व्यर्थ है, लेकिन मुझे कोशिश करनी चाहिए’।

इस महीने से शुरू होगी शूटिंग
विक्रांत ने आगे लिखा है, ‘धरती मां पर बहुत ही कम ऐसा होता है, जब आप जैसी निस्वार्थ आत्माओं की झलक मिलती है। मेरे प्यारे शुभचिंतकों, मैं बहुत घबराया हुआ हूं। मुझे हर कदम पर आपकी जरूरत होगी। फिल्म ‘व्हाइट’ सिनेमाघरों में रिलीज होगी’। हालांकि, एक्टर ने रिलीज डेट पर कोई अपडेट शेयर नहीं किया है। यह जरूर बताया है कि फिल्म की शूटिंग, अगस्त 2025 में शुरू होगी।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा- दवा माफिया के चंगुल में सरकारी अस्पताल, प्राइवेट प्रैक्टिस से मुनाफा कमा रहे डॉक्टर

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल की दुर्दशा के लिए जिम्मेदार अफसरों पर जमकर फटकारा। कहा कि दवा माफिया के चंगुल में फंसा सरकारी अस्पताल, प्राइवेट प्रैक्टिस से जनता की लाशों पर डॉक्टर मुनाफा कमा रहे हैं। मंत्री, सांसद और विधायक मौन हैं।  अधिकारी मौज कर रहे हैं, लेकिन अदालत अपनी आंखें नहीं मूंद सकती।

इस तल्ख टिप्पणी के साथ न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की अदालत ने शुक्रवार को तत्काल सुधार के लिए अफसरों को कड़े निर्देश दिए। न्यायमित्र की ओर से पेश अंतरिम रिपोर्ट सीएम को भेजने का आदेश दिया है। साथ ही प्रमुख सचिव स्वास्थ्य से 29 मई तक जवाबी हलफनामा तलब किया है।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अफसरों फटकार लगाई। कहा कि 48 घंटे में एसआरएन की सूरत न बदली तो अफसर जेल जाने को तैयार रहें। कोई माफी नहीं मिलेगी, अब केवल कार्रवाई होगी। सुनवाई के दौरान डीएम, नगर आयुक्त, स्वरूप रानी अस्पताल के अधीक्षक इंचार्ज, डिप्टी एसआईसी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी मौजूद रहे। संवाद

कोर्ट ने तत्काल प्रभाव से कई निर्देश दिए

बढ़ते साइबर अपराध की विवेचना के लिए पुलिस को किया जाए प्रशिक्षित

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बढ़ते साइबर अपराध व डिजिटल साक्ष्य इकट्ठा करने की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रदेश की अपराध विवेचना पुलिस को तकनीकी प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया है। कहा कि सभी विवेचना अधिकारी चार्जशीट या पुलिस रिपोर्ट पेश करने से पहले, डीजीपी की ओर से जारी सर्कुलर व कोर्ट के दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन करें।

यह आदेश न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की एकल पीठ ने अलीगढ़ के सुभाष चंद्र व छह अन्य के खिलाफ चल रहे आपराधिक केस कार्यवाही को रद्द करते हुए दिया है। इस मामले में 18 दिन में विवेचना कर पुलिस रिपोर्ट दाखिल कर दी गई थी। कोर्ट ने विवेचना अधिकारी व जिले के शीर्ष पुलिस अधिकारियों की चार्जशीट या पुलिस रिपोर्ट पेश करने में लापरवाही बरतने पर जवाबदेही तय की है।  

भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी जांच दो माह में की जाए पूरी : हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षक की ओर से प्रबंधक व प्रधानाचार्य पर भ्रष्टाचार के लगाए गए आरोपों की जांच दो माह में पूरी करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति विक्रम डी. चौहान की पीठ ने रवि सेन नाग की याचिका पर दिया।

भदोही स्थित महावीर इंटर काॅलेज बिछियां में प्रवक्ता के पद पर कार्यरत शिक्षक ने प्रबंधक और प्रधानाचार्य के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए डीआईओएस और जेडी माध्यमिक को प्रार्थना पत्र दिया। इसकी जांच काफी दिनों से लंबित है। शीघ्र जांच पूरी करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। 

43 साल जेल में बिताने के बाद 104 साल के लखन निर्दोष

इस महीने की शुरुआत में इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा लखन को बरी किए जाने के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) की मदद से लखन की रिहाई हुई। निचली अदालत के उस फैसले के खिलाफ अपील करने वाले चार दोषियों में से तीन की मामले के लंबित रहने के दौरान मौत हो गई, जिसमें उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।

कौशाम्बी जिले के गौरे गांव के निवासी, लखन का जन्म 4 जनवरी, 1921 को हुआ था, जैसा कि उनके जेल रिकॉर्ड से पता चलता है, उन्हें 1977 में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 1982 में प्रयागराज जिला एवं सत्र न्यायालय ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके बाद उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अपील की, जिसने 43 साल बाद 2 मई, 2025 को उन्हें बरी कर दिया। 

कौशांबी डीएलएसए की सचिव अतिरिक्त जिला न्यायाधीश पूर्णिमा प्रांजल ने कहा कि अदालत के आदेश के बाद और जिला जेल अधीक्षक के सहयोग से लखन को मंगलवार को कौशांबी जिला जेल से रिहा कर दिया गया।

इसके बाद उन्हें जिले के शरीरा थाना क्षेत्र में उनकी बेटी के ससुराल ले जाया गया, जहां वे वर्तमान में रहते हैं। आशा ने कहा कि उनके पिता को लगातार पैर में दर्द रहता है और वे बिना सहायता के हिल नहीं सकते। वे लंबे समय तक खड़े नहीं हो पाते हैं और उन्हें दैनिक गतिविधियों के लिए मदद की आवश्यकता होती है। 

उन्होंने कहा कि उनके पिता अब संतुष्ट हैं कि उन्हें बरी कर दिया गया है, और कहा कि “43 साल का दाग” आखिरकार धुल गया है। उन्होंने कहा, “वह राहत महसूस कर रहे हैं और संतुष्ट हैं तथा अब शांति और संतुष्टि के साथ इस दुनिया से विदा ले सकते हैं।

उत्तर भारत में झुलसा रही गर्मी, पूर्वोत्तर में हो रही बारिश

भारत के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग दिख रहा है। एक तरफ जहां उत्तर भारत प्रचंड गर्मी और लू की चपेट में है, वहीं दक्षिण और पूर्वोत्तर के राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियों के कारण झमाझम बारिश हो रही है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 24 घंटों में उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस गिर सकता है।

मौसम विभाग के मुताबिक, अगले सात दिनों के दौरान पश्चिमी तट (गुजरात, कोंकण, गोवा, कर्नाटक और केरल) में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 25 मई को मध्य महाराष्ट्र, 25-26 मई को तमिलनाडु के तटीय क्षेत्र में अत्यधिक बारिश हो सकती है। वहीं, 27 मई तक राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में धूल भरी आंधी चलने की चेतावनी दी गई है।

राजस्थान में भीषण गर्मी का असर
राजस्थान पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी की चपेट में हैं, जहां शुक्रवार को सबसे ज्यादा 48 डिग्री सेल्सियस तापमान जैसलमेर में दर्ज किया गया। बाड़मेर में अधिकतम तापमान 47.5 डिग्री, बीकानेर में 46.2 डिग्री, पिलानी में 45.7 डिग्री और चूरू में 45.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

अरब सागर में बना निम्न दबाव का क्षेत्र
दक्षिण कोंकण और गोवा तट के पास अरब सागर में बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब एक डिप्रेशन में बदल चुका है, जो अगले 24 घंटों में उत्तर दिशा की ओर बढ़ेगा और अधिक तीव्र हो सकता है। इस कारण गोवा, कोंकण और तटीय कर्नाटक में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और 204.5 मिमी से अधिक वर्षा होने की संभावना है।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अपनी पोस्ट छोड़ मस्जिद में छुप गया था पाकिस्तानी आर्मी कमांडर

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना के सटीक हमलों ने न केवल नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार आतंकी बुनियादी ढांचे को ध्वस्त कर दिया, बल्कि पाकिस्तानी सेना के भीतर व्यापक दहशत भी पैदा कर दी। इंटरसेप्ट किए गए कम्यूनिकेशन से पता चला है कि वरिष्ठ अधिकारियों ने संघर्ष के बीच में अपनी चौकियां छोड़ दीं।

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना के सटीक हमलों ने न केवल नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार आतंकी बुनियादी ढांचे को ध्वस्त कर दिया, बल्कि पाकिस्तानी सेना के भीतर व्यापक दहशत भी पैदा कर दी। इंटरसेप्ट किए गए कम्यूनिकेशन से पता चला है कि वरिष्ठ अधिकारियों ने संघर्ष के बीच में अपनी चौकियां छोड़ दीं। समाचार एजेंसी आईएएनएस ने बताया कि भारतीय सेना के सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में मुजफ्फराबाद के पास तैनात पाकिस्तान की 75वीं इन्फैंट्री ब्रिगेड के एक कमांडर ने आक्रामक हमले के दौरान लौटने से इनकार कर दिया।

‘पहले अपनी जान बचाओ…’

जब जूनियर अधिकारियों ने उनसे ऑपरेशन फिर से खोलने के बारे में संपर्क किया, तो उन्होंने डरावने ढंग से जवाब दिया: “ऑफिस बाद में खुलेगा, पहले अपनी जान बचाओ। रेडियो पर बातचीत में यह भी पता चला कि कमांडर ने एक मस्जिद में शरण ली थी। एक जूनियर अधिकारी को यह कहते हुए सुना गया कि हमारे कमांडर साहब बड़ी मुश्किल से बच निकले। वह एक मस्जिद में नमाज अदा कर रहे हैं। उन्होंने अपने लोगों को यहां भेजा है और कहा है कि वह तभी लौटेंगे जब चीजें शांत हो जाएंगी।

चक्‍कर में फंसा अमेरिका… एक्‍सपर्ट ने दी ये किस दोहरे खतरे की चेतावनी

जेपी मॉर्गन के सीईओ जेमी डिमोन ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर गहरी चिंता जाह‍िर की है। उन्होंने भू-राजनीतिक तनाव, बढ़ते घाटे और महंगाई के कारण स्टैगफ्लेशन का खतरा बताया है। डिमोन ने कहा कि अमेरिका को अपने घाटे पर ध्यान देना होगा। स्‍टैगफ्लेशन वह स्‍थ‍ि‍त‍ि है ज‍िसमें मंदी के साथ महंगाई बढ़ती है।

जेपी मॉर्गन एंड कंपनी के सीईओ जेमी डिमोन ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लेकर चेतावनी दी है। उन्होंने भू-राजनीति, बढ़ते घाटे और महंगाई जैसे कई कारणों से स्टैगफ्लेशन (मंदी के साथ महंगाई) का खतरा बताया है। शंघाई में जेपी मार्गन के ग्लोबल चाइना समिट में डिमोन ने कहा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था अभी ‘स्वीट स्पॉट’ में नहीं है। उन्होंने फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले की तारीफ की। डिमोन ने अमेरिका के बढ़ते घाटे पर भी चिंता जताई। कहा कि निवेशकों का डॉलर एसेट्स कम करना समझ में आता है।

स्टैगफ्लेशन एक ऐसी आर्थिक स्थिति है जिसमें किसी देश को ऊंची महंगाई, बढ़ी बेरोजगारी और अर्थव्यवस्था में स्थिर मांग का सामना करना पड़ता है। इससे नीति निर्माताओं के लिए भी मुश्किलें खड़ी हो जाती हैं। डिमोन ने कहा कि टैरिफ के पूरे प्रभाव अभी तक स्पष्ट नहीं हैं और मंदी का खतरा अभी भी बना हुआ है।

डिमोन ने कहा कि अमेरिका को अपने घाटे की समस्या पर ध्यान देना होगा। मूडीज की ओर से अमेरिका की क्रेडिट रेटिंग घटाए जाने के बाद उन्होंने यह बात कही। उन्होंने कहा कि वह डॉलर में होने वाले अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बारे में चिंतित नहीं हैं। लेकिन, वह समझते हैं कि लोग डॉलर एसेट्स क्यों कम कर रहे हैं। डिमोन ने कहा, ‘मुझे डॉलर में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव की चिंता नहीं है। लेकिन, मैं समझता हूं कि लोग डॉलर एसेट्स को कम कर सकते हैं।’

अमेरिका और चीन के बीच व्यापार समझौते पर डिमोन ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि अमेरिकी सरकार चीन को छोड़ना चाहती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत होगी। अंत में एक अच्छा समझौता होगा। डिमोन ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि अमेरिकी सरकार चीन को छोड़ना चाहती है। उम्मीद है कि दूसरा दौर, तीसरा दौर या चौथा दौर होगा। यह एक अच्छी जगह पर समाप्त होगा।’

हमास को खान यूनिस के कोने में घेरने की तैयारी, बनाया गया नया प्लान

इजरायल और हमास में युद्धविराम की हालिया बातचीत के किसी नतीजे पर ना पहुंचने के बाद गाजा में लड़ाई तेज हो सकती है। इजरायली आर्मी (IDF) ने गाजा पट्टी पर हमले करते हुए अपना आक्रमण तेज करने का संकेत दिया है। इजरायल ने बार-बार गाजा को नियंत्रित करने वाले फिलिस्तीनी गुट हमास के पूरी तरह से खात्मे की बात कही है। इस नीति के तहत इजरायल की सेना हमास को खान यूनिस शहर के छोटे हिस्से तक सीमित करने पर काम कर रही है। इजरायल की कोशिश हमास को खान यूनिस में रोककर बाकी गाजा को अपने नियंत्रण में लेने की है।

  इजरायल और हमास में युद्धविराम की हालिया बातचीत के किसी नतीजे पर ना पहुंचने के बाद गाजा में लड़ाई तेज हो सकती है। इजरायली आर्मी (IDF) ने गाजा पट्टी पर हमले करते हुए अपना आक्रमण तेज करने का संकेत दिया है। इजरायल ने बार-बार गाजा को नियंत्रित करने वाले फिलिस्तीनी गुट हमास के पूरी तरह से खात्मे की बात कही है। इस नीति के तहत इजरायल की सेना हमास को खान यूनिस शहर के छोटे हिस्से तक सीमित करने पर काम कर रही है। इजरायल की कोशिश हमास को खान यूनिस में रोककर बाकी गाजा को अपने नियंत्रण में लेने की है।

वायनेट की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली सेना के अधिकारी गाजा के नागरिकों को मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए एक नई योजना पर काम कर रहे हैं। इजरायली आर्मी के अफसरों का मानना है कि इससे हमास की स्थिति गाजा में कमजोर होगी और उसे समझौते के लिए मजबूर होना पड़ेगा। हालांकि अपने बंधकों की सुरक्षा और रिहाई अभी भी इजरायल के लिए चुनौती बनी हुई है।

खान यूनिस में IDF ने नागरिकों को उन इलाकों से हटा दिया है, जहां उसने हमले करते हुए कब्जा किया है। सेना हमास के नियंत्रण को 30 प्रतिशत क्षेत्र तक सीमित करना चाहती है। इजरायली अधिकारियों का मानना है कि आक्रामक रुख अपनाते हुए हमास के सैन्य विंग के शीर्ष नेताओं को मारने से समझौते तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

इजरायली अधिकारियों ने बताया है कि खान यूनिस पर पिछले साल का आक्रमण प्रभावी था लेकिन इसका उद्देश्य आतंकवादियों को खोजना और पकड़ना था। इस दफा बुनियादी ढांचे को नष्ट करने और नागरिक आबादी को अन्य क्षेत्रों में ले जाने पर काम किया जा रहा है। इसका मतलब है कि खान यूनिस में हमले के बाद इजरायली आर्मी लौटने की बजाय वहीं रुक सकता है।

मरियम नवाज ने खोल दी मुनीर की पोल, बताया ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान में तबाही का सच

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने माना है कि भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर से उनके देश में भारी नुकसान हुआ। मरियम ने शुक्रवार को सरगोधा में एक कार्यक्रम में बोलते हुए भारत-पाकिस्तान के हालिया सैन्य संघर्ष पर बात की। इस दौरान मरियम ने ऑपरेशन सिंदूर की तुलना इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के 9 मई, 2023 के प्रदर्शन से की। PTI ने इस प्रदर्शन में कथित तौर पर सेना के ठिकानों को निशाना बनाया था। मरियम नवाज ने कहा कि भारत के हमले से पाकिस्तान को PTI के प्रदर्शन की तरह ही नुकसान हुआ। मरियम नवाज का ये बयान काफी अहम है क्योंकि वह पंजाब की सीएम होने के साथ ही पाकिस्तान के बड़े सियासी घराने से आती हैं। मरियम पाक पीएम शहबाज शरीफ की भतीजी और पूर्व पीएम नवाज शरीफ के बेटी हैं।

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरियम नवाज ने माना है कि भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर से उनके देश में भारी नुकसान हुआ। मरियम ने शुक्रवार को सरगोधा में एक कार्यक्रम में बोलते हुए भारत-पाकिस्तान के हालिया सैन्य संघर्ष पर बात की। इस दौरान मरियम ने ऑपरेशन सिंदूर की तुलना इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के 9 मई, 2023 के प्रदर्शन से की। PTI ने इस प्रदर्शन में कथित तौर पर सेना के ठिकानों को निशाना बनाया था। मरियम नवाज ने कहा कि भारत के हमले से पाकिस्तान को PTI के प्रदर्शन की तरह ही नुकसान हुआ। मरियम नवाज का ये बयान काफी अहम है क्योंकि वह पंजाब की सीएम होने के साथ ही पाकिस्तान के बड़े सियासी घराने से आती हैं। मरियम पाक पीएम शहबाज शरीफ की भतीजी और पूर्व पीएम नवाज शरीफ के बेटी हैं।

मरियम नवाज ने अपने बयान में कहा, ‘9 मई 2023 को जो हुआ और इस 6-7 मई की रात को जो किया, उसमें बहुत फर्क नहीं है। भारत ने बाहर से हमला करते हुए नुकसान किया और PTI ने घर में रहकर ही पाकिस्तानी फौज को नुकसान पहुंचाया। मरियम ने एक तरफ भारत के हमलों से नुकसान की बात मानी तो वहीं इसे PTI के चर्चित 9 मई प्रोटेस्ट में हुई हिंसा से जोड़कर इमरान खान को भी कटघरे में खड़ा करने की कोशिश की है।

भारत ने पाकिस्तान के पंजाब और पीओके में 6-7 मई की रात को नौ आतंकी ठिकानों पर अटैक किया था। यह पुलवामा आतंकी हमले के जवाब में किया गया । मरियम ने भारत के हमले के साथ PTI के समर्थकों के रावलपिंडी में सेना के हेडक्वार्टर पर किए गए हमले को याद किया। पाकिस्तान में 9 मई को कई पार्टी और संगठन ब्लैक डे के रूप में मनाते हैं। भारत के हमले को इससे जोड़ने से साफ है कि ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को तगड़ा झटका दिया है।

भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों में सैन्य संघर्ष शुरू हो गया था। भारत और पाकिस्तान ने इस दौरान मिसाइल और ड्रोन से एक-दूसरे पर हमले किए थे। भारत ने पाकिस्तान के रहीम खान एयरबेस समेत कई वायुसेना ठिकाने और अहम जगहों पर हमले किए थे। ये संघर्ष करीब चार दिन तक चला। इसके 10 मई को दोनों देश संघर्षविराम के लिए राजी हो गए थे।

सहयोगी ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा पर क्यों भड़के इजरायली पीएम नेतन्याहू

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा की ओर से गाजा युद्ध को लेकर दिए गए बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। नेतन्याहू ने कहा कि इन देशों के रुख से लगता है कि ये हमास को गाजा की सत्ता में बनाए रखना चाहते हैं। हाल ही में ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा ने गाजा में इजरायल के बढ़ते हमलों पर सवाल उठाते हुए वहां की मानवीय स्थिति को असहनीय बताया था। ये इजरायल की बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व वाली सरकार को पसंद नहीं आया है।

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ब्रिटेन के पीएम कीर स्टारर्मर, फ्रांस के प्रेसीडेंट इमैनुएल मैक्रों और कनाडाई पीएम मार्क कार्नी की गाजा पर टिप्पणी को क्षेत्र की शांति के लिए हानिकारक बताया है। नेतन्याहू ने कहा कि इन नेताओं के बयानों से हमास को हमेशा लड़ने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा और यहां कभी शांति नहीं आ सकेगी।

नेतन्याहू ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘हमास की कोशिश इजरायल और यहूदी लोगों को पूरी तरह खत्म करने की है। मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि फ्रांस, ब्रिटेन और कनाडा के नेताओं को यह सीधी सी सच्चाई क्यों नहीं दिख पा रही है। सामूहिक हत्यारे और अपहरणकर्ता हमास अगर आपको धन्यवाद दे रहा है तो समझ लीजिए कि आप गलत पक्ष में हैं।’

ब्रिटेन, फ्रांस और कनाडा वर्षों से इजरायल के करीबी सहयोगी रहे हैं। इन तीनों देशों ने हमास के दक्षिण इजरायल में हमले के बाद इजरायली सेना की गाजा में जवाबी कार्रवाई का समर्थन किया था लेकिन हालिया समय में इन देशों ने इजरायल के रुख से असहमति जताई है। खासतौर से गाजा में मानवीय मदद रोकने पर कनाडा, ब्रिटेन और फ्रांस की असहमति है। तीनों देशों ने अपने बयान में कहा है कि गाजा के हालात चिंता पैदा करते हैं।

सिंधु जल संधि तोड़ने से ऑप सिंदूर तक, कैसे महीनेभर में घुटनों पर आए जिम्मेदार

 पहलगाम में आतंकी हमले को एक महीने का समय पूरा हो चुका है। 22 अप्रैल को हुई उस घटना के बाद से दक्षिण एशिया में दो पड़ोसी देशों के बीच के रिश्ते ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई समीकरण बदल चुके हैं। इस हमले के बाद भारत ने आतंकवाद को खत्म करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें पड़ोसी पाकिस्तान से पनपने वाले आतंकवाद पर सीधा वार करने से लेकर संदिग्ध जासूसों की धरपकड़ तक शामिल है। 

लेकिन पहलगाम आतंकी हमले के बाद दो चिंताएं महीने भर बाद भी बनी हुई हैं। पहली- एक महीने बाद भी इसे अंजाम देने वाले चार आतंकियों को अभी नहीं पकड़ा जा सका है। हालांकि, गुरुवार को खबरें आईं कि सेना का खोज अभियान अब दक्षिण और मध्य कश्मीर के घने जंगलों तक फैल चुका है। माना जा रहा है कि या तो ये आतंकी सप्लाई खत्म होने के बाद बाहर आ जाएंगे, या फिर ये सीमा पार कर पाकिस्तान भाग निकलने में कामयाब हो चुके हैं। दूसरी- आतंकी हमले के बाद से ही जम्मू-कश्मीर जाने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इससे स्थानीय दुकानदारों, पर्यटन से जुड़े व्यापारों और उद्योगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। 

न सबके बीच यह जानना अहम है कि आखिर पहलगाम आतंकी हमले के बाद से बीते एक महीने में क्या-क्या हुआ है? भारत ने किस तरह आतंकियों के गढ़ और पनाहगाह पाकिस्तान को अलग-अलग जरियों से निशाना बनाया है? इसके अलावा ऑपरेशन सिंदूर को कैसे अंजाम दिया गया? भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मामले को किस तरह से उठाया है? भारत की राजनीति में इस दौरान क्या-क्या हुआ और अब आगे क्या होने जा रहा है?

23 अप्रैल-25 अप्रैल

UP में दिखा अजीबोगरीब मामला: बीच सड़क चारपाई डालकर आराम करने लगा युवक, जरा सी चूक से सज सकती थी चिता

मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति ने सड़क के बीचों-बीच चारपाई डालकर आराम करने का अजीबोगरीब कारनामा किया। बीच सड़क पर चारपाई पड़ी होने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ा। किसी ने युवक की करतूत का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। शुक्रवार को वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस मामले की जांच में जुट गई। 

वायरल वीडियो अमरोहा से जोया मार्ग का बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल 31 सेकंड के वीडियो में पेंट और बनियान पहने व्यक्ति सड़क पर चारपाई डालकर आराम करने लगा। सड़क पर चारपाई पड़े होने से वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वायरल वीडियो में व्यक्ति बिना किसी डर के सड़क पर चारपाई डालकर आरात करता हुआ दिखाई दे रहा है। युवक की हरकत देखकर हर कोई अचंभित रह गया। कोई उसे मानसिक रूप से कमजोर बताने लगा तो कोई उसकी मनमानी बता रहा था। 

सड़क पर चारपाई डालकर लेटने का कृत्य सुरक्षा की दृष्टि से बेहतर खतरनाक था। गनीमत रही किसी वाहन की टक्कर चारपाई में नहीं लगी। वरना बड़ा हादसा हो सकता था। वाहन चालक युवक की हरकत को देखते हुए खुद ही साइड से होकर निकलने लगे। किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। 

शुक्रवार को वीडियो व्हाट्सएप ग्रुप में तेजी से वायरल हुआ तो हर कोई युवक के कारनामे को देखकर हैरान रह गया। वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस जांच में जुट गई है। वहीं, स्थानीय लोगों का कहना है कि युवक मानसिक रूप से कमजोर है और उसके विचित्र व्यवहार की वजह से आसपास के लोग परेशान रहते हैं।

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