अग्नि आलोक

26 जून की ताजा खबर:शशि थरूर ने फ्रेंच में पाकिस्तान को लताड़ा, पीएम मोदी ने मानी ट्रंप की बात? आज स्पेस स्टेशन पहुंचेंगे शुभांशु…भारत की दो-टूक के बावजूद नहीं मान रहे ट्रंप,जोहरान ममदानी न्यूयॉर्क के मेयर बनने की दौड़ में,जमीन भारत की, बिल्डिंग जापान की, कंपनी अमेरिका की… किराया 1000 करोड़ रुपये

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आज के बड़े इवेंट

कैप्टन शुभांशु शुक्ला को लेकर जाने वाला एक्सिओम-4 मिशन आज स्पेस स्टेशन पहुंचेगा।

जमीन भारत की, बिल्डिंग जापान की, कंपनी अमेरिका की… किराया 1000 करोड़ रुपये

मुंबई में इस समय काफी कंपनियां भारी-भरकम किराए पर ऑफिस ले रही हैं। अब फाइनेंस कंपनी जेपी मॉर्गन (JP Morgan) ने भी मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) में एक बहुत बड़ी जगह किराए पर ली है। यह जगह जापानी कंपनी सुमितोमोके एक बन रहे ऑफिस टावर में है। जेपी मॉर्गन अमेरिका की कंपनी है।

जेपी मॉर्गन ने 1,16,210 वर्ग फुट से ज्यादा की जगह 10 साल के लिए किराए पर ली है। जेपी मॉर्गन इस जगह का इस्तेमाल ऑफिस के तौर पर करेगा और इसके बदले सुमितोमो को किराया देगा। यह लीज 10 साल के लिए है। जेपी मॉर्गन चाहे तो इसे 5-5 साल के लिए तीन बार और बढ़ा सकता है। इस तरह, यह लीज कुल 25 साल तक चल सकती है।

तो बन जाएगा रेकॉर्ड

अनुमान है कि जेपी मॉर्गन पहले 10 सालों में लगभग 1,000 करोड़ रुपये किराया देगा। अगर यह लीज 25 साल तक चलती है तो कुल किराया 2,500 करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो सकता है। इससे यह सौदा देश के सबसे महंगे प्रॉपर्टी मार्केट में से एक बन गया है।

जापान की है बिल्डिंग

यह ऑफिस BKC के G ब्लॉक में बन रही बिल्डिंग की 11वीं और 12वीं मंजिल पर है। यह जमीन सुमितोमो रियलिटी एंड डेवलपमेंट कंपनी की भारतीय शाखा गोइसु रियलिटी से ली गई है। यह जानकारी प्रॉपर्टी के बारे में जानकारी देने वाली कंपनी प्रॉपस्टैक के दस्तावेजों से मिली है। कुछ लोगों का कहना है कि यह नया ऑफिस जेपी मॉर्गन का इंडिया का हेड ऑफिस होगा। उनके अनुसार जेपी मॉर्गन के इंडिया के सारे बड़े काम यहीं से होंगे।

60 करोड़ से ज्यादा सिक्योरिटी डिपॉजिट

लीज एग्रीमेंट के अनुसार जेपी मॉर्गन इंडिया हर महीने 6.91 करोड़ रुपये किराया देगा। यह किराया 595 रुपये प्रति वर्ग फुट के हिसाब से है। हर तीन साल में किराए में 15% की बढ़ोतरी होगी। कंपनी ने 62.23 करोड़ रुपये सिक्योरिटी डिपॉजिट के तौर पर दिए हैं। यह पैसा इसलिए दिया जाता है ताकि अगर कंपनी को कोई नुकसान हो तो उसकी भरपाई की जा सके। यह सौदा 12 जून को हुआ था।

जापानी कंपनी की भूमिका?

सुमितोमो BKC में 3 एकड़ जमीन पर एक ऑफिस टावर बना रहा है। इसमें 6 बेसमेंट, एक ग्राउंड फ्लोर और 12 मंजिलें होंगी। सुमितोमो ने यह जमीन मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) से 2,067 करोड़ रुपये में 80 साल के लिए लीज पर ली है। गोइसु रियलिटी ने यह जमीन 80 साल के लीज एग्रीमेंट के तहत ली है। कंपनी ने 2019 में सबसे ज्यादा बोली लगाई थी, लेकिन डील को पूरा होने में चार साल से ज्यादा लग गए।

इंडिया अब अमेरिकी कंपनियों के लिए एक खास जगह बनता जा रहा है। अमेरिका की कंपनियां लगातार इंडिया में अपने ऑफिस बढ़ा रही हैं। मुंबई से लेकर बेंगलुरु तक, अमेरिकी कंपनियां इंडिया के कमर्शियल रियल एस्टेट सेक्टर को बदल रही हैं। दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क की कंपनी टेस्ला भी मुंबई में अपना ऑफिस शुरू करने जा रही है। टेस्ला ने ऑफिस बनाने का काम शुरू भी कर दिया है।

ट्रंप ने फिर लिया भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम का क्रेडिट

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो शिखर सम्मेलन के बाद भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम का श्रेय फिर से खुद को दिया। उन्होंने दावा किया कि उनके एक फोन कॉल से यह संभव हुआ, जबकि भारत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अमेरिका की कोई भूमिका नहीं थी। 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम का क्रेडिट लिया है। उन्होंने नीदरलैंड की राजधानी हेग में नाटो शिखर सम्मेलन के बाद दावा किया कि उनके एक फोन कॉल से भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम हुआ था। इतना ही नहीं, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ भी की और उन्हें अपना बहुत अच्छा दोस्त और सज्जन व्यक्ति बताया। ट्रंप ने पाकिस्तानी सेना फील्ड मार्शल जनरल असीम मुनीर को भी प्रभावशाली शख्स करार दिया।

ट्रंप ने फोन कॉल से संघर्ष विराम कराने का दावा किया

ट्रंप ने कहा, “मैंने भारत-पाकिस्तान युद्ध को व्यापार पर फोन कॉल की एक सीरीज के साथ खत्म करवा दिया। मैंने कहा- देखिए अगर आप एक दूसरे से लड़ने जा रहे हैं, तो यह बहुत बुरा होने जा रहा है। आपको पता कि है पिछला हमला कितना बुरा था। यह वाकई बुरा था। अगर आप एक दूसरे से लड़ने जा रहे हैं, तो हम कोई व्यापार सौदा नहीं करने जा रहे हैं। मैंने कहा, “हम कोई व्यापार सौदा नहीं कर रहे हैं। नहीं, नहीं, नहीं, तुम्हें व्यापार सौदा करना ही होगा। मैंने कहा, “हम कोई व्यापार सौदा नहीं कर रहे हैं।”

ट्रंप ने आगे कहा, “वास्तव में, मेरे पास एक जनरल था जो वास्तव में बहुत प्रभावशाली था। पाकिस्तान से जनरल पिछले हफ्ते मेरे कार्यालय में था। आप जानते हैं, प्रधानमंत्री मोदी मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं। वह एक महान सज्जन हैं। वह एक महान व्यक्ति हैं। और मैंने उन्हें तर्क करने के लिए कहा। मैंने कहा, “हम कोई व्यापार सौदा नहीं कर रहे हैं।” ट्रंप ने आगे कहा,”अगर आप एक दूसरे से लड़ने जा रहे हो तो मैं व्यापार सौदा नहीं कर रहा हूं। और आप जानते हो क्या? उन्होंने कहा, “नहीं, मैं व्यापार सौदा करना चाहता हूं। हम परमाणु काम बंद कर देंगे।”

भारत की दो-टूक के बावजूद नहीं मान रहे ट्रंप

भारत ने दो-टूक शब्दों में कई बार कहा है कि पाकिस्तान के साथ संघर्ष विराम में अमेरिका की कोई भूमिका नहीं थी। यह संघर्ष विराम पूरी तरह से भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय बातचीत के बाद किया गया था। जी7 शिखर सम्मलेन के बाद ट्रंप के साथ फोन पर बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्रंप को यही बात कही थी कि इस संघर्ष विराम में अमेरिका का कोई योगदान नहीं है और व्यापार का कोई जिक्र नहीं हुआ था। हालांकि, इसके बावजूद ट्रंप लगातार युद्ध विराम का क्रेडिट ले रहे हैं।

योगी सरकार का क्रिकेटर रिंकू सिंह को बड़ा तोहफा

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक दिलचस्प मोड़ सामने आया है। योगी आदित्यनाथ सरकार अब समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के करीबी माने जाने वाले विधायक के होने जा रहे दामाद को सरकारी सेवा में बड़ा तोहफा देने जा रही है। बात हो रही है टीम इंडिया के क्रिकेटर रिंकू सिंह की, जिनकी सगाई हाल ही में सपा सांसद प्रिया सरोज से हुई है। प्रिया सरोज सपा विधायक तूफानी सरोज की बेटी हैं। अब उनके पति यानी क्रिकेटर रिंकू सिंह को शिक्षा विभाग में बड़ी जिम्मेदारी मिलने जा रही है।

प्रदेश सरकार ने रिंकू सिंह को अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता सीधी भर्ती नियमावली-2022 के तहत बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) पद पर नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में बेसिक शिक्षा निदेशक की ओर से आदेश भी जारी कर दिया गया है।


क्रिकेटर रिंकू सिंह, जिन्होंने हाल ही में सपा सांसद प्रिया सरोज से सगाई की है, को उत्तर प्रदेश सरकार बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) के पद पर नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर रही है। अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता सीधी भर्ती नियमावली-2022 के तहत यह नियुक्ति होगी। 

राजनीति और क्रिकेट का मेल

रिंकू सिंह की यह नियुक्ति केवल खेल उपलब्धियों तक सीमित नहीं है, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी इसकी जोरदार चर्चा है। रिंकू सिंह ने हाल ही में मछलीशहर (जौनपुर) से सपा सांसद प्रिया सरोज से सगाई की है, जो सपा के वरिष्ठ नेता तूफानी सरोज की बेटी हैं, यानी अब रिंकू सिंह सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी से जुड़े विधायक के दामाद बन चुके हैं, इसलिए विपक्षी हलकों में यह सवाल उठने लगा है कि क्या योगी सरकार का यह फैसला केवल खिलाड़ी को सम्मान देना है या इसके पीछे कोई सियासी समीकरण साधने की रणनीति भी छिपी है?

संघर्ष से स्टार तक का सफर

अलीगढ़ के एक साधारण परिवार में जन्मे रिंकू सिंह ने बचपन में गैस सिलेंडर पहुंचाने का काम किया है। डीपीएस स्कूल से क्रिकेट में पहचान मिली और आईपीएल के 2023 सीजन में धमाकेदार प्रदर्शन से वह देशभर में छा गए। 2025 के मेगा ऑक्शन में केकेआर ने उन्हें 13 करोड़ रुपये में रिटेन किया था। अब योगी सरकार ने उनकी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे पहले भी सरकार ने विभिन्न खेलों के अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को सरकारी सेवा में जगह दी है, लेकिन रिंकू का मामला राजनीतिक जोड़ से और भी खास बन गया है। फिलहाल रिंकू सिंह और प्रिया सरोज का विवाह इस साल नवंबर में वाराणसी में होना तय था, लेकिन क्रिकेट शेड्यूल के चलते फिलहाल इसे टाल दिया गया है। नई तारीख जल्द घोषित होने की संभावना है।

पृथ्वी से आईएसएस की दूरी 403 किमी तो फिर पहुंचने में इतना समय क्यों, राह में कौन सी चुनौतियां

आईएसएस के साथ यान की डॉकिंग बहुत ही सटीक और जटिल प्रक्रिया है। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र (आईएसएस) की पृथ्वी से करीब 403 किमी की ऊंचाई पर है। आईएसएस 27,800 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धरती का चक्कर लगाता है। यानी आईएसएस 90 मिनट में धरती का एक चक्कर लगाता है।

पृथ्वी  से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) की दूरी करीब 403 किलोमीटर है लेकिन ड्रैगन यान को इस दूरी को तय करने के लिए करीब 28.5 घंटे लग जाएंगे। इतनी कम दूरी को तय करने में इतना समय इस वजह से लगेगा क्योंकि यान को पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से बचने और सही कक्षा में प्रवेश करने के लिए बहुत अधिक गति और ऊर्जा की आवश्यकता होगी और साथ ही आईएसएस के साथ यान की डॉकिंग बहुत ही सटीक और जटिल प्रक्रिया है। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र (आईएसएस) की पृथ्वी से करीब 403 किमी की ऊंचाई पर है। आईएसएस 27,800 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धरती का चक्कर लगाता है। यानी आईएसएस 90 मिनट में धरती का एक चक्कर लगाता है।

अंतरिक्ष यान को पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से बाहर निकलने और कक्षा में प्रवेश करने के लिए बहुत तेज गति से यात्रा करनी होती है।

 अंतरिक्ष यान को सही कक्षा में प्रवेश करने के लिए सटीक रूप से तैयारी करनी होती है और इसमें समय और ऊर्जा लगती है। प्रक्षेपण के बाद यान को मार्गदर्शन प्रणालियों का उपयोग कर अपने तय मार्ग पर बने रहना होता है। ये जटिल प्रक्रियाएं हैं।

 अंतरिक्ष यात्रियों और उपकरण की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यात्रा को सावधानीपूर्वक योजनाबद्ध तरीके से अंजाम देना होता है।

एक्सिओम मिशन पर गए अंतरिक्ष यात्री 

 ये आती हैं चुनौतियां

अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) 

किले जैसा है आईएसएस
आईएसएस धरती की बाहरी कक्षा में बना एक किला जैसा है। 1984 में इसे बनाने की मंजूरी दी गई थी। 2 नवंबर 2000 को पहला दल आईएसएस के लिए रवाना हुआ था। 41 अंतरिक्ष चहलकमदी के जरिये आईएसएस की पूरी असेंबलिंग हुई। आईएसएस के हर हिस्से को अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया गया और जोड़ा गया। पिछले 25 साल में 270 अंतरिक्ष यात्री यहां आ चुके हैं। आईएसएस का वजन 4,00,000 किलोग्राम से अधिक है। आईएसएस का कुल क्षेत्रफल 2,247 वर्ग मीटर है। इसके पैनल और अन्य ढांचे की लंबाई 109 मीटर है। यह एक जगह पर स्थिर नहीं है और पृथ्वी की परिक्रमा करता रहता है।

548 करोड़ भारत ने खर्च किए
भारत ने एक्सिओम-4 मिशन पर अब तक करीब 548 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इसमें शुभांशु और उनके बैकअप ग्रुप कैप्टन प्रशांत नायर के प्रशिक्षण का खर्च भी शामिल है। ये पैसे प्रशिक्षण, उपकरण, और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी में लगे हैं। यह मिशन  गगनयान के लिए भारत के अभ्यास की तरह है।

अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) 

पहला कोई भारतीय आईएसएस पहुंचेगा
भारत कभी भी आईएसएस का हिस्सा नहीं रहा है। यह पहली बार है जब कोई भारतीय वहां पहुंचेगा। एक्सिओम मिशन भविष्य में भारत के चार बड़े लक्ष्यों को पूरा करने में मददगार होगा। ये हैं, वर्ष 2027 में पहला मानव मिशन गगनयान भेजना, 2035 तक अंतरिक्ष में अपना अंतरिक्ष केंद्र स्थापित करना और 2040 तक मानव चंद्रमा मिशन भेजना।

आज देख सकेंगे सीधा प्रसारण
नासा ने एक बयान में कहा कि अंतरिक्ष यान के आगमन का लाइव कवरेज बृहस्पतिवार, 26 जून को भारतीय समयानुसार दोपहर 2:30 बजे नासा प्लस पर देखा जा सकेगा। शुभांशु का यान अंतरिक्ष स्टेशन के हार्मोनी मॉड्यूल के अंतरिक्ष-मुखी पोर्ट पर भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे स्वचालित रूप से डॉक करेगा।

ईरान ने आंशिक रूप से खोला अपना हवाई क्षेत्र, इस्राइल के साथ युद्धविराम के बाद लिया फैसला

ईरान-इस्राइल युद्धविराम होने के बाद बुधवार को ईरान ने अपना हवाई क्षेत्र खोल दिया है। इसके अलावा, इस्राइल ने युद्ध के दौरान जिस मशहद हवाई अड्डे को निशाना बनाया था, उसे भी खोल दिया गया है। इसके साथ चाबहार, जाहेदान और जस्क हवाई अड्डों को भी खोला गया है। 

ईरान ने बुधवार को देश के पूर्वी हिस्से में अपना हवाई क्षेत्र फिर से खोल दिया। यह फैसला तब लिया गया जब इस्राइल के साथ 12 दिनों की लड़ाई के बाद युद्ध विराम हो गया। 13 जून को, इस्राइल द्वारा एक बड़ा हवाई हमला शुरू करने के बाद ईरान ने अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया था। इसके जवाब में ईरान ने भी मिसाइल हमले किए थे। दोनों के बीच युद्ध विराम मंगलवार को लागू हुआ।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, परिवहन मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अखावन ने बताया कि देश के पूर्वी हिस्से में हवाई क्षेत्र को अब फिर से अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों के लिए खोला गया है, लेकिन सिर्फ उन्हीं उड़ानों के लिए जो पूर्वी ईरान के हवाई अड्डों से उड़ान भरती हैं या वहीं आती हैं।

मशहद के साथ तीन अन्य हवाई अड्डे भी खोले गए
अखावन ने कहा कि मशहद हवाई अड्डा, जिसे इस्राइल ने युद्ध के दौरान निशाना बनाया था, अब फिर से शुरू कर दिया गया है। इसके अलावा चाबहार, जाहेदान और जस्क हवाई अड्डों को भी फिर से खोला गया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान और ईरान के बाकी हिस्सों में अभी भी उड़ानों की अनुमति अगली सूचना तक नहीं दी गई है।

ईरान से 296 भारतीय, चार नेपाली नागरिक निकाले गए; भारत आने वाले लोगों की कुल संख्या हुई 3,154

पश्चिम एशिया में भले ही तनाव कुछ कम हुआ हो लेकिन भारत सरकार की ओर से चलाया गया ऑपरेशन सिंधु जारी है। इसके तहत 296 भारतीयों और चार नेपाली लोगों का एक और जत्था नई दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा। इस जत्थे के साथ अब तक 3154 भारतीयों की सुरक्षित वापसी हो गई है।

संकटग्रस्त ईरान से भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए भारत सरकार ने ऑपरेशन सिंधु चलाया है। इस ऑपरेशन के तहत बुधवार को  ईरान से 296 भारतीयों नागरिकों और चार नेपाली नागरिकों को लेकर एक विशेष उड़ान नई दिल्ली पहुंची। सुरक्षित वतन वापसी पर संकटग्रस्त ईरान से निकलने वाले लोगों के चेहरे खिल उठे। किसी ने भगवान का शुक्रिया अदा किया तो किसी ने भारतीय दूतावास की जमकर सराहना की। ऑपरेशन सिंधू के तहत अब तक ईरान से 3,154  भारतीय नागिरकों को निकाला जा चुका है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस बारे में जानकारी दी।  विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट में कहा, इन नागरिकों को ईरान से एक विशेष विमान से लाया गया। विमान 25 जून शाम 16:30 बजे मशहद से नई दिल्ली पहुंचा। इससे पहले, भारत ने मंगलवार को ईरान और इस्राइल से 1,100 से अधिक नागरिकों को निकाला था। इस्राइल से 594 भारतीयों को वापस लाया गया।

‘ऑपरेशन सिंदूर रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का प्रमाण’; पीएम का मेक इन इंडिया पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का एक सशक्त प्रमाण है। वह बुधवार को यहां प्रगति की 48वीं बैठक में कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। आधिकारिक बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री ने विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की ओर से रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के अनुकरणीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने इन पहलों की रणनीतिक महत्ता तथा रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र में नवाचार को बढ़ावा देने की क्षमता के लिए सराहना की।

उन्होंने खान, रेलवे और जल संसाधन क्षेत्रों में परियोजनाओं की समीक्षा की। आर्थिक विकास और जन कल्याण के लिए महत्वपूर्ण इन परियोजनाओं की समीक्षा समयसीमा, अंतर-एजेंसी समन्वय और समस्या समाधान पर ध्यान केंद्रित करते हुए की गई। उन्होंने अधिकारियों से अवसर को जीवन में सुधार में बदलने के लिए परिणाम-उन्मुख दृष्टिकोण अपनाने का आग्रह किया।

आयुष्मान में सीमाई क्षेत्रों पर जोर
प्रधानमंत्री-आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (पीएम-एबीएचआईएम) की समीक्षा के दौरान, उन्होंने सभी राज्यों से आकांक्षी जिलों के साथ-साथ दूरदराज, आदिवासी और सीमावर्ती क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देते हुए स्वास्थ्य अवसंरचना के विकास में तेजी लाने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गरीब, हाशिए पर पड़े और वंचित लोगों के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने इन क्षेत्रों में महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं में मौजूदा अंतराल को पाटने के लिए तत्काल और निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।

चीन में एससीओ सम्मेलन की आज होगी शुरुआत; आतंकवाद से जंग में व्यापक सहयोग का आह्वान करेंगे राजनाथ

चीन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों का सम्मेलन आज से शुरू हो रहा है। इस बाबत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहले ही चीन के बंदरगाह शहर किंगदाओ पहुंच चुके हैं। चीन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों का सम्मेलन आज से शुरू हो रहा है। इस बाबत रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहले ही चीन के बंदरगाह शहर किंगदाओ पहुंच चुके हैं। मई 2020 में पूर्वी लद्दाख के गलवां घाटी में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सैन्य गतिरोध के बाद संबंधों में गंभीर तनाव आने के बाद किसी वरिष्ठ भारतीय मंत्री की यह पहली चीन यात्रा है। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह चीन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के दो दिवसीय सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ जंग में व्यापक सहयोग की वकालत करेंगे। 

पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में भारत की ओर से ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान में नौ आतंकवादी ठिकानों पर सटीक हमले के लगभग डेढ़ महीने बाद हो रहे इस सम्मेलन में रक्षा मंत्री आतंकवाद से निपटने के लिए अधिक क्षेत्रीय सहयोग का आह्वान करेंगे। मई 2020 में पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सैन्य गतिरोध के बाद संबंधों में गंभीर तनाव पैदा होने के बाद से यह किसी वरिष्ठ भारतीय मंत्री की चीन की पहली यात्रा है। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी एससीओ के शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन जा रहे हैं। चीन एससीओ के वर्तमान अध्यक्ष के नाते सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है।

माना जा रहा है कि रक्षा मंत्री शंघाई सहयोग संगठन के सिद्धांतों और अधिदेश के प्रति भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को जताने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के प्रति भारत के दृष्टिकोण को रेखांकित करेंगे। साथ ही क्षेत्र में आतंकवाद और उग्रवाद को समाप्त करने के लिए संयुक्त और सतत प्रयासों का आह्वान करेंगे।

रक्षामंत्री ने पोस्ट कर कही ये बात
रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, मैं वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए भारत के दृष्टिकोण को प्रस्तुत करने तथा आतंकवाद को समाप्त करने के लिए संयुक्त और सतत प्रयासों का आह्वान करने के लिए उत्सुक हूं। उनकी एससीओ सम्मेलन से इतर अपने चीनी और रूसी समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठक भी हो सकती है।

इन मुद्दों पर भी बात करेंगे राजनाथ
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह एससीओ बैठक में संगठन के सिद्धांतों के प्रति भारत की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करेंगे। इसके अलावा वे अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा प्राप्त करने की दिशा में भारत के दृष्टिकोण पर भी जोर देंगे। राजनाथ के क्षेत्र में आतंकवाद और उग्रवाद को खत्म करने के लिए संयुक्त और सतत प्रयासों का आह्वान करने की उम्मीद है।

व्यापार, आर्थिक सहयोग पर भी होगा जोर
रक्षा मंत्री एससीओ के भीतर अधिक व्यापार, आर्थिक सहयोग और संपर्क की आवश्यकता पर भी जोर दे सकते हैं। वह चीन और रूस समेत कुछ साझेदार देशों के रक्षा मंत्रियों के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक भारत क्षेत्र में बहुपक्षवाद, राजनीतिक, आर्थिक और लोगों के बीच आपसी संपर्क को बढ़ावा देने में एससीओ को विशेष महत्व देता है।

विजय वर्मा को डेट कर रहीं फातिमा सना शेख? एक्ट्रेस ने अब बताया सच

बॉलीवुड अभिनेत्री फातिमा सना शेख इन दिनों फिल्मों से ज्यादा अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर सुर्खियों में हैं। बीते कुछ समय से सोशल मीडिया पर अफवाहें उड़ रही थीं कि अभिनेत्री विजय वर्मा को डेट कर रही हैं। हालांकि अब खुद फातिमा ने इस पूरे मामले पर खुलकर अपनी बात रखी है और इन अफवाहों पर विराम लगा दिया है।

ट्रेलर लॉन्च के मौके पर दिया बयान
25 जुलाई को मुंबई में उनकी अपकमिंग फिल्म ‘आप जैसा कोई’ का ट्रेलर लॉन्च किया गया। इसी इवेंट में जब मीडिया ने उनसे उनके रिलेशनशिप स्टेटस को लेकर सवाल किया तो फातिमा ने बेबाक अंदाज में जवाब देते हुए कहा कि वो सिंगल हैं और फिलहाल किसी के साथ रिलेशनशिप में नहीं हैं। फातिमा ने मुस्कराते हुए कहा, “अच्छे लड़के हैं ही नहीं यार… कोई भी नहीं है मेरी जिंदगी में। बस फिल्मों में ही अच्छे लड़के मिलते हैं।’ इस बयान से साफ हो गया कि अभिनेत्री विजय वर्मा को तो डेट नहीं कर रही हैं।

फाविजय वर्मा की ओर से अब तक चुप्पी
वहीं दूसरी ओर अभिनेता विजय वर्मा की ओर से इस पूरे मामले पर अब तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। न ही उन्होंने रिलेशनशिप की खबरों की पुष्टि की है और न ही खंडन किया है। ऐसे में फैंस को अभी भी उनके बयान का इंतजार है।

‘गुस्ताख इश्क’ में नजर आएंगे साथ
हालांकि फातिमा और विजय एक साथ जल्द ही फिल्म ‘गुस्ताख इश्क’ में नजर आने वाले हैं। ये एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म है, जिसका निर्देशन विभु पुरी कर रहे हैं और इसके निर्माता हैं मनीष मल्होत्रा। इस फिल्म में फातिमा और विजय की केमिस्ट्री देखने को मिलेगी, जिससे भी इन दोनों के रिश्ते को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं।
फिल्म में इनके साथ नसीरुद्दीन शाह और शारिब हाशमी जैसे दिग्गज कलाकार भी शामिल हैं। खास बात ये है कि इस फिल्म के जरिए गुलजार और विशाल भारद्वाज की जोड़ी एक बार फिर साथ काम करती नजर आएगी, जो संगीत प्रेमियों के लिए किसी ट्रीट से कम नहीं है।

लगातार फिल्मों में बिजी हैं फातिमा
फातिमा सना शेख के वर्क फ्रंट की बात करें तो वो लगातार कई प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हैं। ‘गुस्ताख इश्क’ और ‘आप जैसा कोई’ के अलावा वो ‘मेट्रो… इन दिनों’ जैसी फिल्मों में भी नजर आने वाली हैं। अपने दमदार अभिनय और बिंदास अंदाज से उन्होंने इंडस्ट्री में अपनी खास पहचान बना ली है।

कई बार एक साथ दिखे फातिमा और विजय
फातिमा और विजय को कई बार साथ में इवेंट्स और डिनर आउटिंग्स पर देखा गया था, जिससे सोशल मीडिया पर उनके रिलेशनशिप को लेकर कयास लगाए जाने लगे थे। हालांकि अब फातिमा के इस बयान के बाद ये साफ हो गया है कि दोनों के बीच सिर्फ प्रोफेशनल बॉन्ड है।तिमा और विजय वर्मा 

‘अंतरिक्ष यात्रा से सोचने का नजरिया बदलता है’; राकेश शर्मा ने साझा किए अपने पुराने अनुभव

राकेश शर्मा ने रक्षा मंत्रालय द्वारा रिकॉर्ड किए गए एक पॉडकास्ट में अपने विचार साझा किए। यह पॉडकास्ट उस दिन जारी किया गया जब 41 साल बाद भारत का एक और अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ अंतरिक्ष की यात्रा पर निकले। 

शर्मा ने अंतरिक्ष में बिताए थे आठ दिन 
राकेश शर्मा ने 1984 में तत्कालीन सोवियत संघ के मिलकर की गई एक अंतरिक्ष यात्रा में हिस्सा लिया था और सैल्यूट-7 के तहत अंतरिक्ष में आठ दिन बिताए थे। इस बार शुभांशु शुक्ला एक्सिओम स्पेस मिशन के तहत अमेरिका, पोलैंड और हंगरी के तीन अन्य अंतरिक्ष यात्रियों के साथ अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) गए हैं।

अंतरिक्ष यात्रा से पहले दो महीने लगाकर सीखी रूसी भाषा
राकेश शर्मा ने अपने पॉकास्ट में बताया कि जब उन्हें चुना गया, तब वे वायुसेना में परीक्षण पायलट थे। बाद में वे भारतीय वायुसेना से विंग कमांडर के पद से सेवानिवृत्त हुए। वे कहते हैं, ‘मैं युवा था, फिट था और योग्य था, इसलिए मुझे चुना गया।’ इसके बाद उन्हें मास्को के पास स्टार सिटी में 18 महीने का प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि पूरा प्रशिक्षण और अंतरिक्ष में संवाद रूसी भाषा में था, इसलिए उन्हें पहले वह भाषा सीखनी पड़ी, जो आसान नहीं था। इसे सीखने में उन्हें करीब दो महीने लगे। 

शुक्ला की यात्रा को लाखों लोगों ने लाइव देखा
शर्मा ने कहा कि उनकी यात्रा उस समय हुई थी, जब बहुत कम लोगों के पास टीवी था। जबकि इस बार शुभांशु शुक्ला की यात्रा को लाखों लोगों ने मोबाइल और टीवी पर लाइव देखा। शुक्ला ने जैसे ही पृथ्वी की कक्षा में पहुंचकर संपर्क किया, उन्होंने कहा, ‘कमाल की सवारी थी।’

अंतरिक्ष में हर 45 मिनट में सूर्योदय और सूर्यास्त होता है
जब शर्मा से पूछा गया कि अंतरिक्ष से भारत को देखकर कैसा लगा, तो उन्होंने कहा, ‘बहुत सुंदर’ उन्होंने भारत की विविधता- समुद्र तट, घाटियां, जंगल, मैदान, पहाड़ और हिमालय की तारीफ की। उन्होंने यह भी बताया कि अंतरिक्ष में हर 45 मिनट में सूर्योदय और सूर्यास्त होता है, जो पृथ्वी से बहुत अलग अनुभव है।

सीबीएसई :जिनकी सप्लीमेंट्री आएगी उनका क्या होगा…?

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 10वीं की बोर्ड परीक्षा साल में दो बार आयोजित करने के मानदंडों को मंजूरी दे दी है। छात्र हित में लिए गए इस फैसले के बाद प्रदर्शन में सुधार के लिए छात्रों को एक और अवसर मिल सकेगा। हालांकि, दूसरी ओर इस फैसले के बाद लोगों के मन में कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं, जैसे कि:-

परीक्षा कब-कब होगी? क्या दोनों परीक्षाओं में शामिल होना जरूरी है? परिणाम कब जारी होगा? जिन छात्रों की सप्लीमेंट्री आएगी, उनका क्या होगा? इस फैसले से छात्रों को किस तरह फायदा होगा? आइए जानते हैं इन सभी सवालों के जवाब…

कब-कब होंगी परीक्षाएं?
नए नियमों के अनुसार, सीबीएसई बोर्ड कक्षा 10वीं की मुख्य या पहली परीक्षा फरवरी में शुरू होगी। दूसरी परीक्षा मई महीने में आयोजित की जाएगी।

क्या दोनों परीक्षाएं देना अनिवार्य होगा?
परीक्षा दो चरणों में होगी। सभी छात्रों के लिए पहली बोर्ड परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य होगा, जबकि दूसरा चरण वैकल्पिक होगा। इसमें नंबर सुधारने के इच्छुक छात्र हिस्सा ले सकेंगे। इसके अलावा, एक बार ही इंटर्नल असेसमेंट होगा।

जिनकी सप्लीमेंट्री आएगी, उनका क्या होगा?
पहली परीक्षा में शामिल होने के बाद जिन छात्रों की सप्लीमेंट्री आएगी, ऐसे छात्रों को कम्पार्टमेंट श्रेणी के तहत दूसरी परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी। दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अतिरिक्त विषयों की अनुमति नहीं दी जाएगी।

कितने विषयों की परीक्षा दोबारा दे सकते हैं?
सभी पास और पात्र छात्रों को विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और भाषाओं में से किसी भी तीन विषयों में अच्छा प्रदर्शन करने का अवसर दिया जाएगा।

दूसरी परीक्षा में किन छात्रों को मिलेगा मौका?
जो छात्र ज्यादा से ज्यादा तीन विषयों की दोबारा परीक्षा देना चाहते हैं या जिनके रिजल्ट में कंपार्टमेंट आई है, वही छात्र दूसरी परीक्षा में शामिल हो सकेंगे।

किन्हें नहीं मिलेगा मौका?
अगर कोई छात्र पहले चरण की परीक्षा में 3 या उससे अधिक विषयों में शामिल नहीं हुआ है, तो उसे दूसरी परीक्षा में शामिल होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे छात्रों को “आवश्यक पुनरावृत्ति” श्रेणी में रखा जाएगा। ऐसे छात्र अगले वर्ष फरवरी में आयोजित होने वाली मुख्य परीक्षा में ही शामिल हो सकेंगे।

स्पोर्ट्स के छात्रों को कैसे मिलेगा इसका लाभ?
स्पोर्ट्स के छात्रों को उन विषयों की दूसरी परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी, जिनकी परीक्षाएं खेल आयोजन के साथ मेल खाएंगी। विंटर बाउंड स्कूलों के छात्र प्रस्तावित विषयों में पहली परीक्षा या दूसरी परीक्षा में बैठने का विकल्प चुन सकते हैं। 

कब जारी होंगे रिजल्ट?
पहली परीक्षा का परिणाम अप्रैल माह में घोषित किया जाएगा, जबकि दूसरी परीक्षा का परिणाम जून माह में घोषित किया जाएगा। योग्यता प्रमाण पत्र दूसरी परीक्षा के बाद ही जारी किया जाएगा।

सिलेबस को लेकर क्या है नियम?
दोनों परीक्षाएं निर्धारित सेलेबस के आधार पर आयोजित करवाई जाएगी। परीक्षा का पैटर्न भी दोनों परीक्षाओं में एक जैसा ही रहेगा। बता दें कि परीक्षा के केंद्र भी एक ही रहेंगे।

11वीं में प्रवेश के लिए नियम
मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण न होने वाले विद्यार्थियों को ग्यारहवीं कक्षा में अनंतिम प्रवेश दिया जाएगा तथा द्वितीय परीक्षा के परिणाम के आधार पर उनका प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा।

ये शर्तें भी जानना जरूरी
पहली परीक्षा में उपस्थित होना और एलओसी भरना अनिवार्य है। दूसरी परीक्षा के लिए अलग से एलओसी भरी जाएगी। दूसरी परीक्षा के एलओसी में कोई नया नाम नहीं जोड़ा जाएगा। पहली परीक्षा से द्वितीय परीक्षा में विषय परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी।

 फ्रेंच में शशि थरूर ने पाकिस्तान को जमकर लताड़ा

कांग्रेस के सांसद शशि थरूर, जो अपनी अंग्रेजी के लिए जाने जाते हैं, इस बार फ्रेंच भाषा में अपनी बात रखने के लिए चर्चा में हैं। उन्होंने रूस द्वारा आयोजित एक आतंकवाद विरोधी सम्मेलन में पाकिस्तान को शामिल करने की कड़ी आलोचना की।

कांग्रेस के सांसद शशि थरूर, जो अपनी अंग्रेजी के लिए जाने जाते हैं, इस बार फ्रेंच भाषा में अपनी बात रखने के लिए चर्चा में हैं। उन्होंने रूस द्वारा आयोजित एक आतंकवाद विरोधी सम्मेलन में पाकिस्तान को शामिल करने की कड़ी आलोचना की। थरूर ने यह बात रूसी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष लियोनिद स्लटस्की के साथ मॉस्को में हुई एक मीटिंग में कही।

स्लटस्की ने बताया था कि रूस अगले साल एक सम्मेलन आयोजित करने वाला है, जिसमें तुर्की, ईरान, रूस, भारत, पाकिस्तान और चीन के संसदीय प्रमुख शामिल होंगे। स्लटस्की ने कहा कि आतंकवाद पर सिर्फ बात नहीं, बल्कि ठोस कदम उठाने की जरूरत है। थरूर ने फ्रेंच में जवाब देते हुए पाकिस्तान के शामिल होने पर सवाल उठाया। थरूर के इस भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। लोगों ने उनकी भाषा और कूटनीति की समझ की तारीफ की।

मीटिंग के बाद थरूर ने X पर लिखा कि उन्होंने अपने रूसी समकक्ष स्लटस्की से मुलाकात की, जो कुछ महीने पहले एक रूसी प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली आए थे। उन्होंने क्षेत्रीय शांति, ऑपरेशन सिंदूर और संसदीय सहयोग पर बात की। थरूर हमेशा से पाकिस्तान के आतंकवाद से जुड़े होने की बात उठाते रहे हैं। उन्होंने सरकार के ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत की चिंताओं को विदेशों में भी उठाया है।

रूस अगले साल आतंकवाद पर एक सम्मेलन करने वाला है। इसमें भारत, पाकिस्तान समेत कई देशों को बुलाया गया है। शशि थरूर को पाकिस्तान का इस सम्मेलन में शामिल होना ठीक नहीं लगा। उन्होंने रूस के नेता लियोनिद स्लटस्की से इस बारे में बात की। थरूर ने स्लटस्की से फ्रेंच भाषा में बात की।थरूर ने कहा कि एक देश है जो आतंकवादियों को सुरक्षित जगह देता है। उनके मुख्यालय हैं, वे अपने देश में आतंकवादियों को ट्रेनिंग देते हैं, उन्हें पैसा देते हैं, हथियार देते हैं और दूसरे देशों में भेजते हैं। हम इस बात को अनदेखा नहीं कर सकते कि उन्हें पाकिस्तान में समर्थन मिलता है।

फास्टैग से पार्किंग और पेट्रोल पंप पर कर सकेंगे पेमेंट

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय फास्टैग (FASTag) के इस्तेमाल को और बढ़ाने के तरीके खोज रहा है। अभी फास्टैग का इस्तेमाल नेशनल हाईवे पर टोल देने के लिए होता है। मंत्रालय चाहता है कि इसका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने, पार्किंग और बीमा के लिए भी हो। इससे फास्टैग का इस्तेमाल और बढ़ेगा और लोगों को सुविधा होगी।

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय फास्टैग (FASTag) के इस्तेमाल को और बढ़ाने के तरीके खोज रहा है। अभी फास्टैग का इस्तेमाल नेशनल हाईवे पर टोल देने के लिए होता है। मंत्रालय चाहता है कि इसका इस्तेमाल इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने, पार्किंग और बीमा के लिए भी हो। इससे फास्टैग का इस्तेमाल और बढ़ेगा और लोगों को सुविधा होगी। साथ ही टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से कामकाज में पारदर्शिता आएगी।

नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के तहत काम करने वाली इंडियन हाईवेज एंड मैनेजमेंट कंपनी (IHMCL) ने बुधवार को फिनटेक कंपनियों के साथ एक मीटिंग की। इस मीटिंग में फास्टैग सिस्टम के नए इस्तेमाल के बारे में विचार किया गया। मंत्रालय ने मीटिंग के बाद एक बयान में कहा कि इस मीटिंग का मकसद फिनटेक कंपनियों से फास्टैग के अलग-अलग पहलुओं पर जानकारी लेना था। जैसे कि नियम-कानून, शिकायतें, सुरक्षा और टोल के अलावा फास्टैग का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है। इससे फास्टैग का इस्तेमाल बढ़ेगा और इसे आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

इस मीटिंग का एक और मकसद फिनटेक कंपनियों को मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टोलिंग के बारे में बताना था। इससे ये कंपनियां टोलिंग के सिस्टम को टेक्नोलॉजी से बदलने में मदद कर सकें। MLFF टोलिंग एक ऐसा सिस्टम है जिसमें बिना रुके टोल दिया जा सकता है। इसमें फास्टैग और गाड़ी के नंबर को RFID रीडर और ANPR कैमरों से पढ़ा जाता है और अपने आप टोल कट जाता है।

फास्टैग के जरिए कितना कलेक्शन

नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (NETC) फास्टैग प्रोग्राम 1728 टोल प्लाजा पर चल रहा है। इनमें 1113 नेशनल हाईवे और 615 स्टेट हाईवे शामिल हैं। टोल का 98.5% पेमेंट फास्टैग से होता है। भारत में लगभग 11.04 करोड़ फास्टैग जारी किए गए हैं। ये फास्टैग 38 से ज्यादा बैंकों ने जारी किए हैं।

क्या कहा गडकरी ने?

सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि फास्टैग सिस्टम में बहुत संभावनाएं हैं। यह सिर्फ टोल देने के लिए नहीं है, बल्कि यह पूरे देश में बिना रुकावट यात्रा करने का एक जरिया बन सकता है।

गडकरी ने आगे कहा, ‘फिनटेक कंपनियों और दूसरे लोगों के साथ मिलकर हम फास्टैग को एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाना चाहते हैं जिससे लोगों को सुविधा हो, ट्रांसपोर्ट और मोबिलिटी सर्विस आसान हो जाए और इस सेक्टर में ज्यादा काम हो।’

कौन हैं जोहरान ममदानी? न्यूयॉर्क के मेयर बनने की दौड़ में,अमिताभ बच्चन का डायलॉग बोलकर मांग रहे हैं वोट

न्यूयॉर्क के ज़्यादातर लोग ज़ोहरान मामदानी को नहीं जानते थे। ज़ोहरान मामदानी एक स्टेट लॉमेकर थे। उन्होंने अक्टूबर में मेयर का चुनाव लड़ने का ऐलान किया। मंगलवार की शाम को 33 साल के ज़ोहरान मामदानी ने प्राइमरी चुनाव में बढ़त हासिल करके अपनी दावेदारी तय कर ली। उन्होंने अपनी जीत का ऐलान किया। भारतीय मूल के डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट जोहरान ममदानी 2025 के न्यूयॉर्क मेयर पद की दौड़ में एक आश्चर्यजनक दावेदार के रूप में उभरे हैं और प्रतिनिधि एलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज के समर्थन के कारण सुर्खियों में छा गए हैं. उन्होंने चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है और हिंदी फिल्म स्टार अमिताभ बच्चन की फिल्म ‘दीवार’ का डायलॉग बोलकर मतदाताओं से वोट मांग रहे हैं. उन्होंने अपने फेसबुक पर एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने लिखा कि करोड़पति के पास सबकुछ है.. अब आपका टाइम आएगा.

युगांडा में जन्मे जोहरान ममदानी 2025 में न्यूयॉर्क के मेयर पद के उम्मीदवार हैं. प्रतिनिधि एलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज के समर्थन से चर्चा में आए ममदानी मुफ्त बस सेवा और किफायती आवास जैसे मुद्दे चुनाव प्रचार में उठा रहे हैं. अपने अभियान में वे अमिताभ बच्चन की “दीवार” फिल्म के डायलॉग का उपयोग कर रहे हैं. यदि चुने जाते हैं, तो वे न्यूयॉर्क के पहले मुस्लिम और भारतीय-अमेरिकी मेयर होंगे.

युगांडा के कंपाला में जन्मे, जोहरान ममदानी सात साल की उम्र में न्यूयॉर्क शहर चले गए और बाद में वहां के नागरिक बन गए. उनकी मां मीरा नायर एक प्रसिद्ध भारतीय-अमेरिकी फिल्म निर्माता हैं और उनके पिता महमूद ममदानी कोलंबिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हैं.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ममदानी ने अपने कॉलेज के स्टूडेंट्स फॉर जस्टिस इन फिलिस्तीन के अध्याय की सह-स्थापना की और एक स्पष्ट संदेश के साथ सार्वजनिक जीवन में प्रवेश किया.

जोहरान ममदानी 2020 में राज्य विधानसभा के लिए चुने गए थे, जो क्वींस के एक जिले का प्रतिनिधित्व करते थे. उनकी सबसे उल्लेखनीय विधायी उपलब्धि एक पायलट कार्यक्रम को आगे बढ़ाना था, जिसने एक साल के लिए शहर की बसों को मुफ्त कर दिया था.

युगांडा के कंपाला में जन्मे, जोहरान ममदानी सात साल की उम्र में न्यूयॉर्क शहर चले गए और बाद में वहां के नागरिक बन गए. उनकी मां मीरा नायर एक प्रसिद्ध भारतीय-अमेरिकी फिल्म निर्माता हैं और उनके पिता महमूद ममदानी कोलंबिया विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हैं.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ममदानी ने अपने कॉलेज के स्टूडेंट्स फॉर जस्टिस इन फिलिस्तीन के अध्याय की सह-स्थापना की और एक स्पष्ट संदेश के साथ सार्वजनिक जीवन में प्रवेश किया.

ममदानी ने चुनाव में क्या-क्या किए हैं वादे

जोहरान ममदानी का मेयर अभियान बड़े वादों से भरा रहा है – मुफ्त चाइल्ड केयर, मुफ्त बसें, किराए पर रहने वाले लोगों के लिए किराए पर रोक, नए किफायती आवास और अमीरों पर कर बढ़ाना – ये सभी अच्छी तरह से निर्मित सोशल मीडिया वीडियो में पैक किए गए हैं.

आलोचकों का कहना है कि जब विस्तार की बात आती है तो उनके आशावादी दृष्टिकोण धुंधले पड़ जाते हैं, और उन्होंने उनके प्रस्तावों की लागत और व्यवहार्यता पर भी सवाल उठाए हैं, जिनमें से कई को राज्य विधानमंडल और गर्वनर से समर्थन की आवश्यकता होगी.

हालांकि, जीतने के लिए, ममदानी को शहर के युवा, प्रगतिशील भीड़ से परे अधिक उदार मतदाताओं तक अपना समर्थन बढ़ाने की आवश्यकता होगी, जो पिछले चुनावों में एक महत्वपूर्ण कारक रहे हैं.

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