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कॉमेडियन कपिल शर्मा को खालिस्तानी आतंकी पन्नू की धमकी
कनाडा में कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे पर हुई फायरिंग के मामले में नया मोड़ आया है। खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कपिल शर्मा को धमकी दी है। पन्नू ने कपिल पर हिन्दुत्व विचारधारा फैलाने का आरोप लगाया है। उसने कहा कि कनाडा इस तरह की सोच को अपने देश में बढ़ने नहीं देगा। यह घटनाक्रम तब हुआ जब कनाडा पुलिस सरे शहर में कपिल शर्मा के कैफे पर हुई फायरिंग की जांच कर रही है।
कनाडा में कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे पर हुई फायरिंग के मामले में नया मोड़ आया है। खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कपिल शर्मा को धमकी दी है। पन्नू ने कपिल पर हिन्दुत्व विचारधारा फैलाने का आरोप लगाया है। उसने कहा कि कनाडा इस तरह की सोच को अपने देश में बढ़ने नहीं देगा। यह घटनाक्रम तब हुआ जब कनाडा पुलिस सरे शहर में कपिल शर्मा के कैफे पर हुई फायरिंग की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में खालिस्तानी समर्थकों की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। पन्नू की धमकी और कैफे पर फायरिंग की घटना ने भारत और कनाडा के रिश्तों में तनाव बढ़ा दिया है।
कनाडा में कपिल शर्मा के कैफे पर फायरिंग की घटना के बाद खालिस्तानी समर्थक गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक वीडियो जारी कर धमकी दी है। पन्नू सिख फॉर जस्टिस (SFJ) का संस्थापक है। उसने कपिल शर्मा पर हिन्दुत्व विचारधारा फैलाने का आरोप लगाया है। पन्नू ने कहा कि कनाडा इस तरह की सोच को अपने देश में पनपने नहीं देगा।
पन्नू ने वीडियो में कहा, ‘कनाडा तुम्हारा खेल का मैदान नहीं है, अपनी खून की कमाई वापस हिन्दुस्तान ले जाओ।’ इसका मतलब है कि पन्नू कपिल शर्मा को कनाडा से चले जाने और भारत में अपना कारोबार करने के लिए कह रहा है। उसने यह भी पूछा कि क्या Kap’s Cafe कॉमेडी का अड्डा है या हिन्दुत्व फैलाने की साजिश का हिस्सा?
कपिल शर्मा ने 4 जुलाई को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे शहर में अपना कैफे खोला था। 10 जुलाई की रात अज्ञात लोगों ने इस कैफे पर फायरिंग की। इस हमले की जिम्मेदारी हरजीत सिंह लाडी और तूफान सिंह ने ली है। ये दोनों प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) से जुड़े हैं।
पन्नू को भारत ने घोषित किया है आतंकी
गुरपतवंत सिंह पन्नू को भारत सरकार ने 2019 में व्यक्तिगत आतंकवादी घोषित कर दिया था। उसका संगठन SFJ भारत में प्रतिबंधित है। SFJ को Unlawful Activities (Prevention) Act के तहत बैन किया गया है। सरकार का कहना है कि SFJ भारत की अखंडता और आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा है। SFJ कई उग्रवादी संगठनों से जुड़ा हुआ है और भारत में अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देता है। भारत में पन्नू के खिलाफ 104 केस दर्ज हैं। इनमें से कई मामलों की जांच NIA और संबंधित राज्य सरकारें कर रही हैं। एनआईए के अनुसार, पन्नू और SFJ का मकसद भारत सरकार को अस्थिर करना और पंजाब समेत कई राज्यों में अशांति फैलाना है।
पन्नू ने भारत के खिलाफ कब-कब उगला जहर
- सिख फार जस्टिस के अध्यक्ष गुरपतवंत सिंह पन्नू ने दिल्ली में जी-20 के दौरान खालिस्तान के झंडे फहराने की घोषणा की थी। उसने ‘तिरंगा हटाएं-खालिस्तान झंडा उठाएं’ मुहिम चलाई। इतना ही नहीं उसने कहा कि जो इस मुहिम के लिए 1 लाख डॉलर बजट भी तैयार किया गया है।
- साल 2023 के स्वतंत्रता दिवस पर पन्नू ने ऐलान किया था कि अंबाला- गुरुग्राम से लेकर हरियाणा के अंबाला तक सभी एसपी और डीसी कार्यालयों में खालिस्तानी झंडा फहराया जाएगा। इसके बाद गुरुग्राम में उसके खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज हुआ था।
- 2021 में सिख फॉर जस्टिस ने धमकी दी थी कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर 15 अगस्त पर तिरंगा नहीं फहरा सकते हैं।
- किसान आंदोलन के वक्त पन्नू ने दावा किया था कि दिल्ली की रैली के बाद सिख ऑफ जस्टिस पंजाब और हरियाणा के किसानों में 10 लाख अमेरिकी डॉलर यानी करीब 7.5 करोड़ रुपये बांटना शुरू करेगा। उसने कहा था कि लाल झंडा की जगह खालिस्तानी झंडा उठाओ।
- गुरपतवंत सिंह पन्नू ने महाकुंभ 2025 में व्यवधान उत्पन्न करने के लिए नया कैंपेन शुरू किया था, जो देश को विभाजित करने के उसके प्रयासों को उजागर करता था। हिंदुत्व के विरोध की आड़ में, पन्नू भारत की एकता, अखंडता, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की कोशिश कर रहा था, जिसकी पूरे देश में व्यापक निंदा हुई।
2. भारतीय न्याय व्यवस्था में सुधार की सख्त जरूरत, बोले सीजेआई
देश के चीफ जस्टिस बीआर गवई ने शनिवार को कहा कि भारतीय न्याय व्यवस्था अनोखी चुनौतियों का सामना कर रही है और इसमें सुधार की सख्त जरूरत है। जस्टिस गवई ने यहां ‘नालसार यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ’ के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए छात्रों को सलाह दी कि वे छात्रवृत्ति पर विदेश जाकर पढ़ाई करें, न कि परिवार पर इसका बोझ डालें।

सीजेआई ने इस संबंध में अमेरिका के वरिष्ठ संघीय जिला न्यायाधीश जेड एस राकॉफ का हवाला दिया। अमेरिकी जज ने अपनी पुस्तक ‘क्यों निर्दोष दोषी ठहराए जाते हैं एवं दोषी मुक्त हो जाते हैं: और हमारी टूटी हुई कानूनी व्यवस्था के अन्य विरोधाभास’’ में लिखा था, ‘‘हालांकि मैं इस निष्कर्ष पर पहुंचा हूं कि हमारी न्याय व्यवस्था में सुधार की सख्त ज़रूरत है, फिर भी मैं पूरी तरह से आशावादी हूं कि मेरे साथी (नागरिक) इस चुनौती का सामना करेंगे।’’
अमेरिकी न्यायाधीश की इस टिप्पणी को प्रधान न्यायाधीश गवई ने उद्धृत किया। इसके अलावा, सीजेआई ने पोस्ट ग्रेजुएट पास छात्रों को सलाह दी कि वे ईमानदारी के लिए मार्गदर्शकों की तलाश करें, न कि उनके प्रभाव के इस्तेमाल के लिए।
सीजेआई ने कहा कि न्याय व्यवस्था में सुधार की सख़्त जरूरत है। हमारा देश और न्याय व्यवस्था अनोखी चुनौतियों का सामना कर रही है। मुकदमों में कभी-कभी दशकों तक देरी होती है। हमने ऐसे कई मामले देखे हैं जहां किसी व्यक्ति को विचाराधीन कैदी के रूप में वर्षों जेल में बिताने के बाद निर्दोष पाया गया है। हम जिन समस्याओं का सामना कर रहे हैं उनके समाधान में हमारी सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाएं मदद कर सकती हैं।
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा भी दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। तेलंगाना हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल ने दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता की।
स्वियातेक पहली बार बनीं विंबलडन चैंपियन, एक भी गेम नहीं जीत सकीं अमांडा; 114 साल में ये पहली बार
पोलैंड की इगा स्वियातेक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए वर्ष के तीसरे ग्रैंडस्लैम विंबलडन के महिला एकल वर्ग का खिताब जीत लिया है। स्वियातेक ने फाइनल में अमांडा एनिसिमोवा को एकतरफा अंदाज में लगातार सेटों में 6-0, 6-0 से हराया। अमांडा का प्रदर्शन इतना निराशाजनक रहा कि वह एक भी गेम अपने नाम कर सकीं। स्वियातेक पोलैंड की पहली महिला खिलाड़ी हैं जिन्होंने विंबलडन का खिताब जीता है।स्वियातेक ने फाइनल में अमांडा एनिसिमोवा को एकतरफा अंदाज में लगातार सेटों में 6-0, 6-0 से हराया। अमांडा का प्रदर्शन इतना निराशाजनक रहा कि वह एक भी गेम अपने नाम कर सकीं।
छठा ग्रैंडस्लैम जीता
महिलाओं में पूर्व नंबर एक स्वियातेक ने अब तक कभी विंबलडन का खिताब नहीं जीता था। महिला एकल वर्ग में यह उनका छठा ग्रैंडस्लैम खिताब है। इससे पहले उन्होंने चार बार फ्रेंच ओपन और एक बार यूएस ओपन का खिताब जीता था। स्वियातेक ने 2020, 2022, 2023, 2024 में फ्रेंच ओपन और 2022 में यूएस ओपन का खिताब अपने नाम किया था।
शुरुआत से सहज नहीं दिखीं अमांडा
स्वियातेक ने महज 57 मिनट में खिताबी मुकाबला अपने नाम किया। यह 114 साल में पहली बार हुआ है जब टूर्नामेंट के महिला एकल वर्ग के फाइनल में कोई खिलाड़ी एक भी गेम अपने नाम नहीं कर सकी है। स्वियातेक का इसके साथ ही बड़े खिताबी मैचों में रिकॉर्ड 6-0 हो गया है। अमांडा शुरुआत से ही मुकाबले में सहज नजर नहीं आईं और उन्होंने 28 बेजां भूलें की।
ग्रैंडस्लैम में दर्ज की 100वीं जीत
स्वियातेक की यह करियर ग्रैंडस्लैम में 100वीं जीत है। उन्होंने 2019 में ग्रैंडस्लैम के मुख्य ड्रॉ में डेब्यू किया था और तब से उनका ग्रैंडस्लैम के मुख्य ड्रॉ में रिकॉर्ड 100-20 का हो गया है। स्वियातेक 2022, 2023 और 2024 में ज्यादातर समय डब्ल्यूटीए रैंकिंग में शीर्ष पर रहीं, लेकिन ऑल इंग्लैंड क्लब में वह आठवीं वरीयता खिलाड़ी के तौर पर उतरी थीं।
23 साल की एनिसिमोवा का किसी ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट का यह पहला फाइनल था। वह 2019 में 17 साल की उम्र में फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल में पहुंची थीं, लेकिन उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य का हवाला देते हुए ब्रेक लिया था। एनिसिमोवा के लिए यह बड़ी हार है। एनिसिमोवा अपने प्रदर्शन से काफी निराश दिखीं और मैच के बाद अपने आंसू नहीं रोक सकीं।
‘बिग बॉस 16’ फेम अब्दु रोजिक गिरफ्तार, दुबई एयरपोर्ट पर लगे चोरी के आरोप
‘ताजिकिस्तानी गायक और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अब्दु रोजिक को शनिवार को दुबई इंटरनेशनल हवाईअड्डे पर चोरी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया।
रोजिक की प्रबंधन कंपनी ने खलीज टाइम्स को इसकी जानकारी दी।बिग बॉस 16′ फेम और ताजिकिस्तानी गायक अब्दु रोजिक को शनिवार को दुबई इंटरनेशनल हवाईअड्डे पर गिरफ्तार किया गया। उन पर चोरी का आरोप लगाया गया है। हालांकि, अधिकारियों ने शिकायत को पूरी तरह सार्वजनिक नहीं किया और न ही कोई आधिकारिक बयान दिया।
सुबह पांच बजे मोंटेनेग्रो से पहुंचे थे दुबई
रिपोर्ट के अनुसार, रोजिक को सुबह करीब 5 बजे मोंटेनेग्रो से दुबई पहुंचने के तुरंत बाद अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया। हालांकि, शिकायत को अभी पूरी तरह सार्वजनिक नहीं किया गया है और अधिकारियों ने कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
बिग बॉस 16 और संगीत के जरिये हासिल की लोकप्रियता
कंपनी के एक प्रतिनिधि ने कहा, ‘हम बस इतना कह सकते हैं कि हमें पता है कि उसे चोरी के आरोप में हिरासत में लिया गया है।’ हालांकि, उन्होंने अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया। रोजिक ने बिग बॉस 16 और अपने संगीत के जरिये लोकप्रियता हासिल की थी। उनके गाने ओही दिली जोर, चकी चकी बोरोन और मोदार काफी मशहूर हैं।
ईडी भी कर चुकी मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच में पूछताछ
2022 में अब्दु रोजिक को संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में 22वें आईफा पुरस्कार समारोह में आमंत्रित किया गया था। यहां उन्होंने 1994 में आई फिल्म ‘1942: ए लव स्टोरी’ का हिंदी गाना ‘एक लड़की को देखा तो ऐसा लगा’ गाया था। खलीज टाइम्स के अनुसार, 2024 में भारत के प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी रोजिक से एक हॉस्पिटैलिटी फर्म से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच में पूछताछ की थी। हालांकि, ईडी ने उन्हें आरोपी नहीं बनाया था।
आईपीएस अधिकारी सोनाली मिश्रा होंगी आरपीएफ की महानिदेशक; यह जिम्मेदारी संभालने वाली पहली महिला
भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की वरिष्ठ अधिकारी सोनाली मिश्रा को रेलवे सुरक्षा बल(आरपीएफ) की पहली महिला महानिदेशक नियुक्त किया गया है। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि वह मनोज यादव की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगी। मनोज यादव 31 जुलाई को सेवानिवृत्त होने वाले हैं।
मध्य प्रदेश कैडर की आईपीएस अधिकारी
सोनाली 1993 बैच की मध्य प्रदेश कैडर की भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी हैं। कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी एक आदेश के मुताबिक, कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने सोनाली मिश्रा की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। वे 31 अक्तूबर, 2026 को सेवानिवृत्ति तक इस पद पर बनी रहेंगी।
पहली बार महिला अधिकारी के कंधों पर रेलवे संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी
अधिकारियों ने बताया कि सोनाली मिश्रा आरपीएफ की पहली महिला अधिकारी होंगी, जिन पर अन्य कर्तव्यों के अलावा रेलवे संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी है। वह वर्तमान में मध्य प्रदेश पुलिस में अतिरिक्त महानिदेशक (चयन) के पद पर तैनात हैं।
इन अहम पदों पर सेवाएं दे चुकी हैं IPS सोनाली मिश्रा
मध्य प्रदेश के रायसेन में पुलिस अधीक्षक (एसपी), जबलपुर में पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) और मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय में आईजी इंटेलिजेंस जैसी अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं। वे सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में डेप्युटेशन पर रहते हुए देश की पहली महिला महानिरीक्षक (आईजी) भी बनीं। पंजाब फ्रंटियर की कमान संभालने के दौरान उन्होंने 553 किमी लंबी भारत-पाक अटारी सीमा की निगरानी की। इसके बाद उन्होंने कश्मीर घाटी और बीएसएफ मुख्यालय में खुफिया शाखा का भी नेतृत्व किया।
युवा महिला सैनिकों की प्रेरणा हैं IPS अधिकारी सोनाली मिश्रा, मेघालय में बीएसएफ के एक कार्यक्रम के दौरान बातचीत का एक क्षण (फाइल फोटो-एएनआई)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा का जिम्मा भी संभाला
गौरतलब है कि इसी साल मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में राज्य स्तरीय महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन हुआ था। 31 मई को देवी अहिल्याबाई होल्कर की 300 जयंती पर हुए इस आयोजन के दौरान सुरक्षा बंदोबस्त की जिम्मेदारी महिलाओं के हाथ में सौंपी गई। इसमें आईपीएस सोनाली मिश्रा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा का जिम्मा मिला। अमर उजाला के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने इस अवसर को सौभाग्य बताया था। उनके नेतृत्व में 6 से अधिक महिला आईपीएस अधिकारियों ने भोपाल की प्रमुख जगहों पर मुस्तैदी के साथ सेवाएं दीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक पहली बार प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में 50% से अधिक महिला अधिकारियों को सुरक्षा प्रबंधन की कमान सौंपी गई।
इस्लामिक स्टेट से जुड़े विद्रोहियों का पूर्वी कांगो में हमला, 66 लोगों को उतारा मौत के घाट
मध्य अफ्रीकी देश कांगो के पूर्वी हिस्से में इरुमु इलाके में इस्लामिक स्टेट (आईएस) समूह से जुड़े विद्रोहियों ने हमला कर 66 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। यह इलाका युगांडा की सीमा से लगा हुआ है। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि यह हमला आईएस से जुड़े एलाइड डेमोक्रेटिक फोर्सेस (एडीएफ) के लड़ाकों ने किया। एडीएफ एक युगांडाई इस्लामी चरपंथी समहू है, जो सीमा के दोनों ओर सक्रिय है।मध्य अफ्रीकी देश कांगो में चारों तरफ अशांति फैली है। अभी तक विद्रोही समूह एम23 से जूझ रहा देश अब इस्लामिक स्टेट से जुड़े विद्रोहियों के निशाने पर आ गया है। आईएस से जुड़े एडीएफ के लड़ाकों ने देश के पूर्वी हिस्से में इरुमु इलाके में हमला बोला और धारदार हथियारों से 66 लोगों को मौत के घाट उतार दिया।
ये हमला ऐसे समय में हुआ है, जब पूर्वी कांगो में एम23 के साथ चल रहे संघर्ष के थमने की उम्मीद की जा रही है। एम23 एक अलग विद्रोही समूह है, जिसे कांगो के एक अन्य पड़ोसी देश रवांडा का समर्थन प्राप्त है।
शुरू में 30 लोगों के मारे जाने की थी खबर, बाद में बढ़ी संख्या
पूर्वी कांगो के इतुरी में संयुक्त राष्ट्र मिशन के प्रवक्ता जीन टोबी ओकाला ने इस हमले को ‘खूनखराबा’ बताया। उन्होंने बताया कि यह हमला बृहस्पतिवार और शुक्रवार की रात इतुरी के इरुमु क्षेत्र के वाल्से वोनकुतु प्रमुख क्षेत्र में हुआ। उन्होंने बताया कि शुरू में 30 लोगों के मारे जाने की खबर थी, लेकिन बाद में संख्या बढ़कर 66 हो गई।
धारदार हथियारों से की गई लोगों की हत्या
एक स्थानीय नागरिक समाज के अध्यक्ष मार्सेल पलुकु ने बताया कि लोगों की हत्या चाकुओं और धारदार हथियारों से की गई। मारे गए लोगों में महिलाएं भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि कितने लोगों को बंधक बनाया गया है, इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है। ऐसा माना जा रहा है कि यह हमला कांगो और युगांडा बलों द्वारा शुरू किए गए हवाई हमलों का बदला हो सकता है, जो रविवार को शुरू हुए थे।
1990 के दशक के अंत में युगांडा में हुआ था एडीएफ का गठन
कांगो में एडीएफ लड़ाकों की संख्या स्पष्ट नहीं है, लेकिन वे इस क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपस्थिति रखते हैं और लोगों पर नियमित रूप से हमला करते हैं। ADF का गठन 1990 के दशक के आखिर में युगांडा में हुआ था। 2019 में यह इस्लामिक स्टेट से जुड़ गया और तब से यह कांगो के पूर्वी हिस्से में लगातार हिंसक हमले कर रहा है। इस इलाके में बड़ी संख्या में मुसलमान रहते हैं, हालांकि पूरे कांगो में मुस्लिमों की आबादी लगभग 10% है।
युगांडा से सटी सीमा के पास एडीएफ के हमले तेज हुए
हाल के वर्षों में, युगांडा से सटी कांगो की सीमा के पास एडीएफ के हमले तेज हुए हैं। यह हमले अब पूर्वी कांगो के मुख्य शहर गोमा और पड़ोसी इतुरी प्रांत तक फैल गए हैं। मानवाधिकार संगठनों और संयुक्त राष्ट्र ने ADF पर सैकड़ों लोगों की हत्या और बच्चों समेत बड़ी संख्या में लोगों का अपहरण करने का आरोप लगाया है। इससे पहले दिसंबर में एडीएफ ने उत्तरी किवु के एक अन्य गांव में हमला किया था, जहां 10 लोगों की हत्या कर दी गई थी और कई लोगों का अपहरण कर लिया गया था।
मॉस्को में 122 साल बाद सबसे गर्म दिन, 1903 के बाद तापमान पहली बार इतना बढ़ना चिंताजनक
रूस की राजधानी मॉस्को, जो आमतौर पर ठंडी और बादलों वाली रहती है, वहां शनिवार को रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ी। स्थानीय मीडिया ने बालचुक स्थित मौसम ब्यूरो के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि शनिवार को मॉस्को में पिछले 122 वर्षों का गर्मी का रिकॉर्ड टूट गया। उन्होंने कहा, ‘1903 में तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस था, लेकिन शनिवार को दोपहर 1 बजे यह बढ़कर 34.6 डिग्री हो गया।’ हालांकि, उसी समय मॉस्को नदी के दूसरी ओर क्रेमलिन के पास एक स्वचालित मौसम केंद्र ने 36 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान दर्ज किया।
2010 में मॉस्को में अब तक का सबसे ज्यादा तापमान 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जिससे पीट बोग के जंगलों में आग लग गई थी और पूरा शहर व उपनगर धुएं से भर गए थे। रूसी मौसम सेवा के अनुसार, शुक्रवार को मॉस्को में भीषण गर्मी पड़ी, जिसके चलते तापमान 35 डिग्री सेल्सियस (95 डिग्री फारेनहाइट) से ऊपर पहुंच गया। इसके चलते लगभग 30 साल पहले दर्ज किया गया नगरपालिका का रिकॉर्ड टूट गया।
1996 में दर्ज किया गया था 33.4 डिग्री सेल्सियस तापमान
रूसी मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 1996 में मॉस्को में 33.4 डिग्री सेल्सियस (92 फारेनहाइट) तापमान दर्ज हुआ था। लेकिन यह रिकॉर्ड बृहस्पतिवार को तब टूट गया, जब शहर का तापमान 33.9 डिग्री सेल्सियस (93 फारेनहाइट) दर्ज किया गया। मौसम विभाग का कहना है कि दिन के दौरान एक नया रिकॉर्ड दर्ज होने की संभावना है, और तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।
अगले हफ्ते की शुरुआत तक पड़ सकती भीषण गर्मी
रूसी मौसम विज्ञान केंद्र ने चेतावनी दी है कि मध्य रूस और दक्षिणी यूरोप में भी अगले हफ्ते की शुरुआत तक भीषण गर्मी बनी रह सकती है और तापमान सामान्य से 3 से 8 डिग्री अधिक रहेगा। इस भीषण गर्मी की वजह से मॉस्को के लोग पार्कों, फव्वारों और अपने घरों के बाहर राहत पाने के लिए निकल पड़े। 86 वर्षीय वैलेंटिना अलेक्सांद्रोव्ना ने बताया, ‘यह बहुत मुश्किल है, मैं दवाइयां ले रही हूं।’ उन्होंने आगे कहा कि तापमान बहुत ज्यादा है, और मुझे याद नहीं कि मैंने कबी इतनी गर्मी का अनुभव किया हो।
तालाबों और नहरों में नहाने पहुंचे लोग
कुछ लोग गर्मी से राहत पाने के लिए तालाबों और नहरों में नहाने पहुंच गए, हालांकि वहां तैराकी पर प्रदूषण की चेतावनी के कारण रोक लगी हुई है। मॉस्को के उत्तर-पश्चिम में तुशिनो में डुबकी लगाने के बाद 55 वर्षीय इगोर ने कहा, ‘पानी गंदा है, लेकिन यहां सांस लेना आसान लगता है।’ वे क्रीमिया से मॉस्को घूमने आए थे।
राधिका हत्याकांड में विदेश कनेक्शन: इस बात से तंग आ गई थी, 15 दिन पहले शुरू हुआ झगड़ा; अब पिता मांग रहा मौत
हत्यारोपी पिता दीपक यादव ने पुलिस स्टेशन में कहा कि अगर फांसी का नियम है तो उसे फांसी दे दी जाए। राधिका के ताऊ विजय यादव ने कहा कि हत्या के बाद पिता दीपक यादव ने पछतावे में स्वीकार किया कि उससे कन्या वध हो गया। मुझे फांसी दिलवाओ।राधिका के विदेश जाने की बात भी सामने आई है। सोशल मीडिया पर राधिका की कोच अजय यादव के साथ व्हाट्सएप चैट वायरल हो रही है। राधिका ने कोच से कहा था कि वह घर में लगीं बंदिशों से तंग आ चुकी हैं और स्वतंत्र जीवन जीने के लिए दुबई या ऑस्ट्रेलिया जाना चाहती हैं।
जिंदगी एंजॉय करना चाहती थी राधिका
राधिका ने अक्तूब-नवंबर तक विदेश जाने की योजना बनाई थी लेकिन उनके पिता दीपक ने इस बारे में अनुमति नहीं दी थी। राधिका ने व्हाट्सएप चैट में कोच अजय से कहा कि इधर काफी पाबंदियां हैं और वह जिंदगी को एंजॉय करना चाहती हैं। कोच ने राधिका को चीन जाने के लिए प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने खाने-पीने की समस्या की बात कहकर मना कर दिया था। हालांकि राधिका यादव की बढ़ती आर्थिक स्वतंत्रता और उसके टेनिस प्रशिक्षण को लेकर उसके पिता दीपक यादव नाराज थे।
हत्यारोपी पिता ने की फांसी देने का बात
हत्यारोपी पिता दीपक यादव ने पुलिस स्टेशन में कहा कि अगर फांसी का नियम है तो उसे फांसी दे दी जाए। राधिका के ताऊ विजय यादव ने कहा कि हत्या के बाद पिता दीपक यादव ने पछतावे में स्वीकार किया कि उससे कन्या वध हो गया। मुझे फांसी दिलवाओ। विजय यादव ने बताया कि हमने और पुलिस ने कई बार पूछा कि ऐसा क्यों किया, लेकिन इस बात पर दीपक चुप रहा। भाई विजय यादव ने कहा कि जब वह थाने में थे तो बड़े भाई ने मुझसे कहा था बयान और एफआईआर इस तरह से लिखवाना कि मुझे फांसी की सजा हो।
राधिका के पिता को भेजा जेल, उकसाने वाले ग्रामीणों से होगी पूछताछ
राधिका यादव हत्याकांड की जांच में पुलिस अब कुछ ग्रामीणों को भी शामिल करेगी। पूछताछ में सामने आया है कि कई ग्रामीण आरोपी दीपक यादव को राधिका यादव के खिलाफ उकसाते थे। उधर रिमांड पूरा होने के बाद शनिवार को आरोपी पिता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
राधिका के चरित्र पर अंगुली उठाते थे
रिमांड के दौरान पूछताछ में सामने आया कि दीपक यादव को गांव के कुछ लोग उसकी बेटी के एकेडमी चलाने के लिए टोकते थे। उसके चरित्र पर भी अंगुली उठाते थे। ऐसे में दीपक ने बेटी को एकेडमी बंद करने के कहा था, लेकिन वह नहीं मानी और उसने खिलाड़ियों को टेनिस कोर्ट में प्रशिक्षण देना जारी रखा।
15 दिन से चल रहा था पिता-बेटी में विवाद
पिछले 15 दिनों से बाप और बेटी के बीच एकेडमी बंद करने को लेकर विवाद चल रहा था और यही विवाद इस घटना का कारण बना। सोसाइटी अध्यक्ष पवन यादव ने बताया कि दीपक ने अपने परिजन से कहा कि कन्या को मारकर पाप हो गया है। परिजनों के सामने दीपक ने बेटी राधिका को गोली मारने पर अफसोस जताया है। रिमांड के दौरान भी पूछताछ में दीपक यादव ने बताया कि बेटी के बारे में ग्रामीणों के टोकने पर वह काफी परेशान रहता था और इसी परेशानी के कारण उसने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से रसोई में खाना बना रही बेटी राधिका की गोली मारकर हत्या कर दी।
पुलिस का बयान
मामले में विभिन्न बिंदुओं पर जांच की जा रही है। जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनको जांच में शामिल करके पूछताछ की जा रही है। अभी ज्यादा कुछ नहीं कहा जा सकता। जांच पूरी होने पर जो तथ्य सामने आएंगे, उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी। -यशवंत, सहायक पुलिस आयुक्त (सदर), गुरुग्राम
मां मंजू यादव की भूमिका की जांच करेगी पुलिस
पुलिस का कहना है कि राधिका की मां मंजू यादव मामले में बयान नहीं दर्ज करा रही हैं। घटना के बाद पुलिस ने जब मंजू से बयान दर्ज कराने के लिए कहा तो उन्होंने इन्कार कर दिया। हालांकि उन्होंने पुलिस को मौखिक तौर पर कहा कि उन्हें बुखार था और वह (राधिका) कमरे में लेटी थी। उन्हें नहीं पता यह सब कैसे क्या हुआ। मंजू ने यह भी बताया कि उनके पति ने बेटी की हत्या क्यों की है जबकि उसका चरित्र ठीक था। बयान दर्ज न कराने पर पुलिस इस हत्याकांड में उनकी भूमिका की भी जांच कर रही है।
हत्या के वक्त कौन कहां था
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि गुरुवार की सुबह करीब 10:30 बजे जब दीपक ने राधिका को रसोई में गोली मारी थी, उस समय मंजू वहां मौजूद थीं। भाई धीरज यादव प्रॉपर्टी डीलर के पास गया था। गोली की आवाज सुनकर मकान के भूतल पर रहने वाले दीपक के भाई कुलदीप यादव व भतीजा पीयूष यादव पहली मंजिल पर पहुंचे थे। कुलदीप ने देखा कि राधिका रसोई में और रिवॉल्वर ड्रॉइंग रूम में पड़ी है।
15 दिनों से राधिका के साथ अकादमी जा रही थीं मां
टेनिस एकेडमी बंद करने को लेकर राधिका यादव और उसके पिता दीपक यादव के बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा था। खिलाड़ियों के अनुसार, राधिका एकेडमी में प्रशिक्षण के लिए समय पर आती थीं और समय पर ही निकल जाती थीं। खिलाड़ियों का कहना है कि करीब दो सप्ताह से राधिका की मां उनके साथ आ रही थीं और वापस जाती थीं।
विंबलडन खेलने का था सपना
एक निजी टेनिस एकेडमी के ग्राउंडसमैन संदीप का कहना है कि राधिका यादव ने बुधवार को उनसे नॉर्मल तरीके से बातचीत की थी। टेनिस कोर्ट को लेकर बुधवार की सुबह व शाम को राधिका ने ग्राउंडमैन को मैसेज किए थे। राधिक ने बुधवार की रात का ग्राउंडमैन से मैसेज करके गुरुवार की सुबह टेनिस कोर्ट के खेलने के बारे में पूछा था। ग्राउंडमैन ने कोर्ट उपलब्ध नहीं होने के बारे में मना कर दिया था। राधिका के फिजियोथेरेपिस्ट रहे डॉ. मनोज ने कहा वह खेल में बड़ा नाम कमाना चाहती थी और विंबलडन खेलना उसका सपना था
लॉर्ड्स में बवाल: बुमराह से घबराए अंग्रेज, समय बर्बाद करने पर भारतीय टीम ने घेरा
भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरे टेस्ट मैच के तीसरे दिन माहौल गर्म हो गया और जैक क्राउली तथा बेन डकेट के साथ भारतीय खिलाड़ियों की नोकझोंक हो गई। यह घटना इंग्लैंड की दूसरी पारी के पहले ओवर में घटी। इंग्लैंड की दूसरी पारी के दौरान माहौल उस वक्त तनावपूर्ण हो गया जब बुमराह के ओवर में जैक क्राउली समय पास करने के लिए ब्रेक ले रहे थे। बुमराह सहित भारतीय टीम के सभी खिलाड़ी इस बात से नाराज दिखे।भारत और इंग्लैंड के बीच अच्छा मुकाबला देखने मिला, लेकिन दिन का खेल समाप्त होने से पहले ही लॉर्ड्स में माहौल गर्म हो गया। दरअसल, इंग्लैंड की पारी उस वक्त शुरू हुई जब दिन का खेल समाप्त होने के करीब था। ऐसे में इंग्लैंड के बल्लेबाज बिना किसी जायज कारण के समय बर्बाद कर रहे थे।
पहली पारी में बढ़त लेने से चूकी भारतीय टीम
भारत की पहली पारी 387 रन पर ऑलआउट हुई, जबकि इंग्लैंड ने दिन के खेल की समाप्ति तक दूसरी पारी में बिना किसी नुकसान के दो रन बनाए हैं। स्टंप्स के समय जैक क्राउली दो और बेन डकेट खाता खोले बिना क्रीज पर मौजूद थे। भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ पहली पारी में बढ़त लेने से चूक गई। इंग्लैंड ने पहली पारी में 387 रन बनाए थे और भारत भी इतने ही रन बना सका जिससे पहली पारी में दोनों टीमों का स्कोर बराबर रहा।
क्यों हुआ विवाद?
भारत और इंग्लैंड के बीच अच्छा मुकाबला देखने मिला, लेकिन दिन का खेल समाप्त होने से पहले ही लॉर्ड्स में माहौल गर्म हो गया। दरअसल, इंग्लैंड की पारी उस वक्त शुरू हुई जब दिन का खेल समाप्त होने के करीब था। ऐसे में इंग्लैंड के बल्लेबाज बिना किसी जायज कारण के समय बर्बाद कर रहे थे। बुमराह की गेंद फेंकने के बाद क्राउली ने अंगुली में चोट लगने का हवाला देकर फिजियो को मैदान पर बुलाया। इससे गिल सहित पूरी भारतीय टीम ने उनको आड़े हाथों लिया और सभी खिलाड़ी ताली बजाते हुए नजर आए। इस दौरान क्राउली और गिल के बीच तीखी नोकझोंक हुई। डकेट भी गिल के गर्म तेवर का शिकाए हुए। इससे क्राउली और डकेट चिढ़ गए। वहीं, सिराज सहित अन्य भारतीय खिलाड़ी भी नाराज नजर आए।
बुमराह का सामना करने से डरे क्राउली?
बुमराह का ओवर जैसे ही खत्म हुआ क्राउली ड्रेसिंग रूम की ओर चल दिए। ऐसा लग रहा था कि वह बुमराह का सामना करने से डर रहे हैं। स्टंप्स के बाद जब दोनों टीमों के खिलाड़ी ड्रेसिंग रूम में लौट रहे थे तो वहां भी माहौल गर्म ही नजर आया। इंग्लैंड की नजरें अब चौथे दिन मजबूत स्कोर बनाने पर होंगी, जबकि भारतीय टीम जल्द से जल्द इंग्लैंड की दूसरी पारी समेटना चाहेगी।
भाई मैंने कन्या वध कर दिया है… राधिका मर्डर केस में बड़ा खुलासा
हरियाणा के गुरुग्राम में टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव हत्याकांड में गिरफ्तार पिता दीपक यादव के साथ पूछताछ चल रही है। शनिवार को एक दिन की रिमांड पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी पिता को अदालत में पेश किया, जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
हरियाणा के गुरुग्राम में टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव हत्याकांड में गिरफ्तार पिता दीपक यादव के साथ पूछताछ चल रही है। शनिवार को एक दिन की रिमांड पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी पिता को अदालत में पेश किया, जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसी बीच आरोपी दीपक के बड़े भाई और राधिका के ताऊ विजय ने हत्याकांड पर बड़ा खुलासा किया।
दीपक ने भाई से क्या कहा?
आरोपी दीपक के बड़े भाई विजय ने शनिवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि जब यह घटना हुई तब मैं अपने घर पर था। शोर सुनकर घटनास्थल पर पहुंचा। मैंने दीपक से पूछा कि ये क्या हो गया तो उसने बताया कि ये हरकत हो गई। दीपक ने कहा, भाई, कन्यावध हो गया, मुझे मार दो।
राधिका यादव के ताऊ विजय ने कहा कि बेटी राधिका की हत्या दुखद बात है। इसको अच्छा नहीं मानते हैं। पिता भी दुखी है। दीपक भी बार-बार कन्यावध के लिए फांसी की सजा की मांग कर रहा है। दीपक अपनी बेटी को स्पोर्ट्स में सपोर्ट करता था। बेटी की कमाई खाने की बात गलत है। दीपक ने कभी यह जिक्र नहीं किया था कि उसका बेटी से कोई विवाद चल रहा है। सिर्फ दीपक के अलावा यह कोई नहीं बता सकता कि बेटी को क्यों मारा?
क्यों नाराज थे पिता?
गुरुग्राम के सेक्टर-57 स्थित सुशांत लोक फेज-2 में 25 वर्षीय राधिका यादव की हत्या हुई थी। इसमें पिता को आरोपी पाया गया। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला कि बेटी राधिका यादव के टेनिस अकादमी चलाने से उनके पिता दीपक यादव नाराज थे। कथित तौर पर दीपक ने कई बार टेनिस अकादमी बंद करने के लिए कहा, लेकिन बेटी राधिका यादव नहीं मानी। इस पर पिता ने गोली मारकर बेटी की हत्या कर दी।
राधिका के कोच क्या बोले?
वहीं, राधिका के कोच रहे अंकित पटेल ने कहा कि इस तरह कोई भी किसी को नहीं मार सकता है। ऐसी घटनाएं बिल्कुल भी स्वीकार नहीं हैं। मैं उसे (राधिका यादव) काफी समय से जानता था। जब वह लगभग 10-11 साल की थी, उसके पिता उसे टूर्नामेंट और ट्रेनिंग सेशन में लेकर आते थे। यह स्पष्ट था कि राधिका के पिता चाहते थे कि वह एक टेनिस खिलाड़ी बने। उसने जूनियर स्तर पर अच्छा प्रदर्शन किया। वे हमेशा उसे ट्रेनिंग सेंटर में पहुंचाने और वापस ले जाने के लिए आते थे।(इनपुट आईएएनएस)
निमिषा प्रिया को बचा लीजिए; कांग्रेस नेता का पीएम मोदी की पत्र
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के.सी. वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि वे यमन की जेल में बंद भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की रिहाई के लिए आगे आएं। निमिषा प्रिया को 2017 में एक यमनी नागरिक की हत्या के आरोप में दोषी ठहराया गया था और उन्हें मौत की सज़ा दी गई है।
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यमन की जेल में बंद भारतीय नर्स निमिषा प्रिया की रिहाई के लिए हस्तक्षेप करने का आग्रह किया। इस सिलसिले में उन्होंने पीएम मोदी को पत्र लिखा है।
केरल के पलक्कड़ जिले की रहने वाली 38 साल की नर्स निमिषा प्रिया को यमन की एक अदालत ने 2017 में उनके यमनी कारोबारी साझेदार की हत्या के मामले में दोषी करार दिया था। उन्हें 2020 में मौत की सजा सुनाई गई और 2023 में उनकी अंतिम अपील खारिज कर दी गई।
णुगोपाल ने पत्र में लिखा, ‘यमन में, केरल की रहने वाली नर्स निमिषा प्रिया को 16 जुलाई 2025 को फांसी दी जानी है। मामले में तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह करते हुए यह पत्र लिख रहा हूं।’ प्रिया अभी यमन की राजधानी सना की जेल में बंद है।
वेणुगोपाल ने पत्र में लिखा है कि ‘ब्लड मनी’ स्वीकार करने के लिए ‘एक्शन काउंसिल’ और निमिषा के परिवार द्वारा पीड़ित परिवार के साथ बातचीत करने के प्रयास किए गए हैं, जिससे संभावित रूप से उनकी (प्रिया की) जान बच सकती है, लेकिन वहां गृहयुद्ध और अन्य आंतरिक गड़बड़ी के कारण बातचीत के प्रयासों को चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।
‘ब्लड मनी’ का मतलब दंड से बचने के लिए दिए जाने वाले उस आर्थिक मुआवजे से है, जो दोषी की तरफ से पीड़ित परिवार को दिया जाता है। वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री से कहा, ‘स्थिति की जटिलता को देखते हुए मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि आप इस मामले में सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ हस्तक्षेप करें और हर संभव राजनयिक उपाय के लिए कोशिश करें तथा सुनिश्चित करें कि मौत की सजा रद्द कर दी जाए।’
सेक्सुअल फेवर नहीं तो जिंदगी कर दूंगा बर्बाद, HOD की गंदी डिमांड पर छात्रा ने खुद को लगाई आग
ओडिशा के बालासोर जिले में एक कॉलेज छात्रा ने शनिवार को खुद को आग लगा ली। आरोप है कि विभागाध्यक्ष (HOD) समीर कुमार साहू ने छात्रा से यौन संबंध बनाने की मांग की थी। उसने धमकी दी थी कि अगर वह ऐसा नहीं करती है तो उसका भविष्य बर्बाद कर देगा। छात्रा 95 प्रतिशत तक जल गई है।
ओडिशा के बालासोर जिले में एक कॉलेज छात्रा ने शनिवार को खुद को आग लगा ली। आरोप है कि विभागाध्यक्ष (HOD) समीर कुमार साहू ने छात्रा से यौन संबंध बनाने की मांग की थी। उसने धमकी दी थी कि अगर वह ऐसा नहीं करती है तो उसका भविष्य बर्बाद कर देगा। छात्रा 95 प्रतिशत तक जल गई है। वहीं उसे बचाने की कोशिश में एक और छात्र 70 फीसदी तक जल गया। पुलिस ने आरोपी एचओडी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं उच्च शिक्षा विभाग ने विभागाध्यक्ष और कॉलेज के प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना फकीर मोहन कॉलेज में हुई। छात्रा बीएड प्रोग्राम की स्टूडेंट है। उसने 1 जुलाई को कॉलेज की आंतरिक शिकायत समिति में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि समीर कुमार साहू उससे सेक्सुअल फेवर मांग रहा था और उसे धमकी भी दे रहा था। सूत्रों के अनुसार, छात्रा को आश्वासन दिया गया था कि सात दिनों में कार्रवाई की जाएगी, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
छात्रा को लगाई आग
शनिवार को छात्रा और कई अन्य छात्रों ने कॉलेज के गेट के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू किया। उसके साथियों ने बताया कि छात्रा अचानक उठी। प्रिंसिपल के ऑफिस के पास गई। खुद पर पेट्रोल डाला और आग लगा ली। एक वीडियो में दिख रहा है कि छात्रा आग में जलती हुई कॉलेज के कॉरिडोर में दौड़ रही है। एक आदमी उसकी मदद करने की कोशिश करता है, लेकिन उसकी टी-शर्ट में आग लगने के बाद पीछे हट जाता है। फिर दूसरे लोग आग बुझाने की कोशिश करते हैं।
कॉलेज के प्रिंसिपल ने क्या कहा?
कॉलेज के प्रिंसिपल दिलीप घोष ने कहा कि छात्रा की शिकायत दर्ज कर ली गई थी और आंतरिक समिति रिपोर्ट जमा करने की प्रक्रिया में थी। उन्होंने कहा कि छात्रा आज मेरे ऑफिस में आई और कहा कि वह बहुत मानसिक दबाव में है। उसने मुझसे साहू को ऑफिस बुलाने के लिए कहा, जो मैंने किया। उन्होंने आगे कहा कि मैंने छात्रा और टीचर दोनों को चेतावनी दी कि अगर उनके बयान झूठे पाए गए तो गंभीर परिणाम होंगे। साहू ने आरोपों से इनकार किया और छात्रा भी अपनी बात पर अड़ी रही।
क्या बोलीं पुलिस?
घटना के बाद कॉलेज में विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। बालासोर के एसपी राज प्रसाद ने कहा कि टीचर को गिरफ्तार कर लिया गया है। कई टीमें सबूत इकट्ठा कर रही हैं। जो भी दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। छात्रा और उसे बचाने वाला छात्र एम्स भुवनेश्वर में इलाज करा रहे हैं। उधर, राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री सूर्यबंशी सूरज ने कहा है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। (इनपुट एजेंसी)
खुलने से पहले ही ग्रे मार्केट में इस आईपीओ ने मचाई धूम, रोजाना बढ़ रहा जीएमपी, कहां पहुंचा भाव?
अगले हफ्ते कई आईपीओ खुलने जा रहे हैं। इन्हीं में स्पनवेब नॉनवोवन लिमिटेड (Spunweb Nonwoven Ltd) का आईपीओ भी शामिल है। एसएमई सेगमेंट के इस आईपीओ ने ग्रे मार्केट में धूम मचाई हुई है। इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) रोजाना ऊपर जा रहा है। यह आईपीओ सोमवार को खुलेगा। निवेशक इसमें बुधवार तक बोली लगा सकेंगे।
इस आईपीओ का इश्यू साइज 60.98 करोड़ रुपये है। कंपनी 63.52 लाख फ्रेश शेयर जारी करेगी। कोई भी शेयर ओएफएस के तहत जारी नहीं किया जाएगा। यह इश्यू 14 जुलाई से 16 जुलाई तक खुला रहेगा। इसकी फेस वैल्यू 10 रुपये प्रति शेयर है। प्राइस बैंड 90 से 96 रुपये प्रति शेयर है। एक लॉट में 1200 शेयर हैं। रिटेल इन्वेस्टर को न्यूनतम और अधिकतम 2 लॉट बुक कराने होंगे। इसके लिए उन्हें 2,30,400 रुपये निवेश करने होंगे। इसकी लिस्टिंग 21 जुलाई को हो सकती है।
क्या है ग्रे मार्केट में भाव?
इस आईपीओ के आईपीओ को ग्रे मार्केट में जबरदस्त भाव मिल रहा है। पिछले कई दिनों से इसमें लगातार तेजी आ रही है। शनिवार को यह 35 रुपये जीएमपी के साथ 36.46% के अनुमानित प्रीमियम लिस्टिंग पर ट्रेंड कर रहा था। इस जीएमपी के मुताबिक यह आईपीओ 131 रुपये पर लिस्ट हो सकता है। ऐसे में यह लिस्टिंग पर निवेशकों को 36.46% का मुनाफा दे सकता है।
क्या करती है कंपनी?
यह कंपनी साल 2015 में शुरू हुई थी। यह नॉन-वोवन फैब्रिक बनाती और बेचती है। इस फैब्रिक का इस्तेमाल डोरमैट, बैग, कालीन और तिरपाल बनाने में होता है। कंपनी तीन तरह के फैब्रिक बनाती है: नॉनवोवन फैब्रिक, लैमिनेटेड फैब्रिक और UV-ट्रीटेड नॉनवोवन फैब्रिक। UV-ट्रीटेड फैब्रिक को धूप से कोई नुकसान नहीं होता।
कंपनी के पास टेस्टिंग के लिए आधुनिक मशीनें हैं। इनमें यूनिवर्सल टेन्सिल टेस्टिंग और रीवेट प्रॉपर्टीज टेस्टिंग मशीनें शामिल हैं। कंपनी अपने प्रोडक्ट उत्तरी अमेरिका, यूरोप और मध्य पूर्व में भी भेजती है। कंपनी की ज्यादातर कमाई हाइजीन सेक्टर से होती है। लगभग दो-तिहाई रेवेन्यू इसी सेक्टर से आता है। बाकी कमाई मेडिकल, पैकेजिंग, एग्रीकल्चर और कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्रीज से होती है।