आज के बड़े इवेंट
> एलन मस्क की कंपनी TESLA आज मुंबई में अपने पहले एक्सपीरियंस सेंटर का करेगी उद्घाटन।
> शुभांशु शुक्ला धरती के लिए रवाना हो गए हैं, आज उनकी पृथ्वी पर वापसी होगी।
डोनाल्ड ट्रंप का बहुत बड़ा दावा, फिर लिया जंग रुकवाने का क्रेडिट
डोनाल्ड ट्रंप पहले भी दावा कर चुके हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच उन्होंने युद्धविराम कराया, हालांकि भारत ने उनके दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जबकि पाकिस्तान ने क्रेटिड देते हुए उन्हें नोबल प्राइज के लिए नॉमिनेट किया है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध को रोकने का दावा किया है। वाइट हाउस में नाटो के प्रमुख से मुलाकात के दौरान ट्रंप ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव इतना बढ़ गया था कि दोनों देशों के बीच “एक हफ्ते के अंदर” परमाणु युद्ध छिड़ सकता था। ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने व्यापार को एक दबाव वाले हथियार की तरह इस्तेमाल कर दोनों देशों को बातचीत की मेज पर लाया और स्थिति को शांत किया। उन्होंने इसे अपनी एक बड़ी कूटनीतिक सफलता करार दिया है। आपको बता दें कि ट्रंप इससे पहले भी 15 बार से ज्यादा युद्ध रूकवाने का दावा कर चुके हैं।
डोनाल्ड ट्रंप पहले भी दावा कर चुके हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच उन्होंने युद्धविराम कराया, हालांकि भारत ने उनके दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जबकि पाकिस्तान ने क्रेटिड देते हुए उन्हें नोबल प्राइज के लिए नॉमिनेट किया है।
2. नर्स निमिषा प्रिया की जान बचाने के लिए आगे आए मुस्लिम धर्मगुरु
केरल की एक नर्स निमिषा प्रिया को यमन में फांसी की सजा होने वाली है। सुन्नी मुस्लिम धर्मगुरु कंथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं। वह यमन के धार्मिक नेताओं और मृतक के परिवार से बात कर रहे हैं। निमिषा प्रिया पर 2017 में एक यमनी नागरिक की हत्या का आरोप है।
केरल की एक नर्स निमिषा प्रिया को यमन में फांसी की सजा होने वाली है। सुन्नी मुस्लिम धर्मगुरु कंथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे हैं। वह यमन के धार्मिक नेताओं और मृतक के परिवार से बात कर रहे हैं। निमिषा प्रिया पर 2017 में एक यमनी नागरिक की हत्या का आरोप है। उन्हें 16 जुलाई को फांसी दी जा सकती है। मुसलियार उन्हें बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
भारतीय नर्स पर क्या आरोप?
सूत्रों ने बताया कि मुसलियार (94) ने यमन में धर्मिक नेतृत्व के साथ बातचीत की है और वह मृतक तलाल अब्दो मेहदी के परिजनों के संपर्क में हैं। तलाल अब्दो मेहदी यमनी नागरिक था जिसकी भारतीय नर्स ने 2017 में कथित तौर पर हत्या कर दी थी। मुसलियार को भारत के मुफ्ती ए आजम की उपाधि प्राप्त है और उन्हें आधिकारिक तौर पर शेख अबूबक्र अहमद के नाम से भी जाना जाता है।
कब दी जानी है फांसी?
केरल निवासी नर्स निमिषा प्रिया को अपने यमनी व्यापारिक साझेदार मेहदी की हत्या करने के मामले में 16 जुलाई को फांसी की सजा दी जानी है। सूत्रों ने बताया कि दियात (ब्लड मनी) दिए जाने को लेकर बातचीत हो चुकी है और केरल में संबंधित पक्षों को इसकी जानकारी दे दी गई है। हालांकि, बातचीत की स्थिति के बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई है।
कब सुनाई गई थी फांसी की सजा?
यमन में लागू शरिया कानून के अनुसार, दियात कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त क्षमादान वित्तीय मुआवजा है जो दोषी की तरफ से मारे गए व्यक्ति के परिजन को दिया जाता है। इस बीच, सूत्रों ने बताया कि बातचीत को सुगम बनाने के लिए मुसलियार के मुख्यालय में एक कार्यालय खोला गया है। पलक्कड़ जिले की रहने वाली निमिषा प्रिया को 2020 में मौत की सजा सुनाई गई थी और 2023 में उसकी अंतिम अपील खारिज कर दी गई थी।
सरकार हरसंभव प्रयास कर रही
वह वर्तमान में यमन की राजधानी सना की जेल में कैद है। इससे पहले दिन में केंद्र ने उच्चतम न्यायालय को सूचित किया कि 16 जुलाई को फांसी की सजा का सामना कर रही नर्स के मामले में सरकार कुछ खास नहीं कर सकती। अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणि ने न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ को बताया कि सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है।
ओडिशा में आत्मदाह करने वाली छात्रा का निधन: तीन दिन मौत से लड़ी
ओडिशा के बालासोर स्थित फकीर मोहन स्वायत्तशासी महाविद्यालय में यौन उत्पीड़न से क्षुब्ध होकर आत्मदाह करने वाली छात्रा का निधन हो गया। उसने सोमवार देर रात एम्स भुवनेश्वर में अंतिम सांस ली। छात्रा 95 प्रतिशत जली अवस्था में एम्स लाई गई थी। जहां तीन दिनों तक उसका इलाज चला, लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी उसे बचाया नहीं जा सका। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने उसके निधन पर दुख जताया है।
सीएम माझी बोले- यह दुखद, दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बालासोर छात्रा आत्मदाह मामले की पीड़िता के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि एफएम ऑटोनॉमस कॉलेज की छात्रा की मौत की खबर सुनकर मुझे गहरा दुख हुआ है। सरकार द्वारा सभी जिम्मेदारियों को निभाने और विशेषज्ञ चिकित्सा दल के अथक प्रयासों के बावजूद, पीड़िता की जान नहीं बचाई जा सकी। मैं उनकी दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं और भगवान जगन्नाथ से उनके परिवार को इस अपूरणीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं। मैं मृतक छात्रा के परिवार को आश्वस्त करता हूं कि इस मामले में सभी दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। इसके लिए मैंने व्यक्तिगत रूप से अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। सरकार परिवार के साथ पूरी तरह खड़ी है।
रात लगभग 11:45 बजे हुई मृत्यु
ओडिशा की उप-मुख्यमंत्री प्रावती परिदा ने इस बारे में जानकारी दी। वे एम्स भुवनेश्वर पहुंचीं थीं। उन्होंने बताया कि पीड़िता की रात लगभग 11:45 बजे मृत्यु हो गई। डॉक्टर पिछले तीन दिनों से उसे बचाने की पूरी कोशिश कर रहे थे। सरकार इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।
बीजद कार्यकर्ता कर रहे विरोध प्रदर्शन
वहीं, बालासोर छात्रा आत्मदाह मामले की पीड़िता की मौत के बाद तनाव बढ़ गया है। विपक्षी बीजद के कार्यकर्ता विरोध पर उतर आए हैं। जब पीड़िता के पार्थिव शरीर को एम्स के पोस्टमॉर्टम सेंटर ले जाया जा रहा था उस समय बीजद कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
12 जुलाई को किया था आत्मदाह
गौरतलब है कि फकीर मोहन (स्वायत्त) कॉलेज, बालासोर के एकीकृत बीएड कार्यक्रम की द्वितीय वर्ष की छात्रा ने शनिवार 12 जुलाई को एचओडी पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग करते हुए खुद को आग लगा ली थी। छात्रा ने आरोप लगाया था कि शिक्षक ने उसका यौन और मानसिक उत्पीड़न किया था।
घटना से पहले छात्रा ने प्रिंसिपल दिलीप घोष के पास शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उन्होंने उससे शिकायत वापस लेने को कहा। प्रिंसिपल दिलीप घोष ने खुद इसे स्वीकार किया था। उन्होंने कहा था ‘छात्रा मेरे पास आई थी और शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई चाहती थी। मैंने उसे समझाया, क्योंकि वह तनाव में थी। उसने 30 जून को शिकायत दर्ज कराई थी और आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) की जांच चल रही थी।’
प्राचार्य और सहायक प्रोफेसर निलंबित
छात्रा द्वारा आत्मदाह किए जाने के बाद ओडिशा सरकार के उच्च शिक्षा विभाग ने मामले के प्रथम दृष्टया साक्ष्य के आधार पर शैक्षिक अध्ययन विभाग की सहायक प्रोफेसर (स्टेज-I) समीरा कुमार साहू को निलंबित कर दिया। इसके अलावा एफएम (ऑटो) कॉलेज, बालासोर के सहायक प्रोफेसर और प्राचार्य दिलीप कुमार घोष को भी निलंबित कर दिया है। पत्र में लिखा है, ‘सरकार का मानना है कि दिलीप कुमार घोष ने मामले को ठीक से नहीं संभाला है। उन्होंने कॉलेज के प्राचार्य के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया है। उन्हें ओडिशा सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1962 के नियम 12 के उप-नियम (2) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।’
प्राचार्य दिलीप घोष न्यायिक हिरासत में
बाद में ओडिशा के उच्च शिक्षा विभाग ने एफएम ऑटो कॉलेज की सहायक प्रोफेसर समीरा कुमार साहू के खिलाफ कथित उत्पीड़न मामले की गहन जांच के लिए शनिवार को एक समिति का गठन किया था। साहू को बालासोर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इसके अलावा, राज्य में व्यापक विरोध को देखते हुए सोमवार को एफएम कॉलेज के निलंबित प्राचार्य दिलीप घोष को भी गिरफ्तार किया गया। जहां उसे एसडीजेएम कोर्ट में पेश किया गया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने की थी मुलाकात
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी सोमवार को एम्स भुवनेश्वर के बर्न यूनिट का दौरा कर 20 वर्षीय कॉलेज छात्रा के स्वास्थ्य की जानकारी ली थी। राष्ट्रपति के साथ ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कम्भंपति, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी मौजूद थे। राष्ट्रपति ने छात्रा के परिजनों से भी मुलाकात की। छात्रा के भाई ने कहा, राष्ट्रपति ने घटना पर चिंता जताई और भावुक हो गईं। उन्होंने हमसे कहा कि हमें भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब मेरी बहन ठीक हो जाएगी तो वे उसके लिए कुछ करेंगी।
22 घंटे का सफर पूरा कर आज धरती पर होगी शुभांशु की ‘शुभ’ वापसी; 288 बार की पृथ्वी की परिक्रमा
अंतरिक्ष स्टेशन जाकर इतिहास रचने वाले भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की आज धरती पर वापसी होगी। शुभांशु और एक्सिओम-4 मिशन के उनके तीन साथी 10 मिनट की देरी से सोमवार शाम 4.45 बजे (भारतीय समयानुसार) अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) से धरती के लिए रवाना हुए। अंतरिक्ष यात्रियों का यह दल लगभग 22.5 घंटे का सफर पूरा करने के बाद मंगलवार यानी आज दोपहर करीब 3 बजे (भारतीय समयानुसार) कैलिफोर्निया के समुद्री तट पर उतरेगा।
नासा ने रवानगी का किया लाइव प्रसारण
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अंतरिक्ष स्टेशन से शुभांशु और उनके तीन साथियों की रवानगी का लाइव प्रसारण किया। शुभांशु के अलावा धरती पर लौट रहे ड्रैगन यान में एक्सिओम-4 की मिशन कमांडर पैगी व्हिटसन, मिशन विशेषज्ञ पोलैंड के स्लावोज उज्नान्स्की-विस्नीव्स्की और हंगरी के टिबोर कापू सवार हैं। शुभांशु और उनके तीनों साथियों ने आईएसएस में पहले से मौजूद दूसरे अंतरिक्ष यात्रियों को गले लगाया और हाथ मिलाने के बाद धरती पर वापसी के लिए ड्रैगन में सवार हो गए। इससे पहले रविवार को विदाई भाषण में शुभांशु ने कहा था कि जल्द ही धरती पर मुलाकात करते हैं। 26 जून को आईएसएस पहुंचे शुभांशु ने 18 दिनों के इस सफर पर पृथ्वी की 288 बार परिक्रमा की। अंतरिक्ष की यात्रा करने वाले शुभांशु दूसरे भारतीय हैं। उनसे पहले 1984 में राकेश शर्मा अंतरिक्ष में गए थे और इतिहास रचा था।
हवा में तैरते पानी के बुलबुले
धरती पर रवाना होने से पहले शुभांशु ने अंतरिक्ष में शून्य गुरुत्वाकर्षण में पानी के साथ हैरान कर देने वाले करतब दिखाए। शुभांशु ने मजाकिया अंदाज में एक वीडियो शूट किया। इसमें हवा में पानी के बुलबुले तैरते हुए दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अनुभव बहुत ही रोमांचक रहा। हम यहां लगातार प्रयोगों में व्यस्त रहे। जब भी थोड़ा समय मिलता था, मैं खिड़की के पास जाकर धरती की तस्वीरें खींचता था।
परिवार को बेसब्री से इंतजार
शुभांशु के परिवार को उनकी धरती पर वापसी का बेसब्री से इंतजार है। शुभांशु के आने की सूचना से परिवार बेहद उत्साहित है और उनकी सकुशल वापसी के लिए प्रार्थना कर रहा है। वहीं, केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा, शुभांशु, आपका स्वागत है। पूरा देश आपके घर वापस आने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।
इसरो ने 550 करोड़ रुपये खर्च कर भेजा था अंतरिक्ष
इस मिशन के लिए इसरो ने लगभग ₹550 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। यह मिशन इसरो के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम ‘गगनयान’ के लिए मील का पत्थर माना जा रहा है, जिसे 2027 में लॉन्च किया जाना है। शुक्ला का यह अनुभव उस मिशन की तैयारी में बेहद उपयोगी साबित होगा।
धरती पर लौटने के बाद होगा रिहैब फेज
स्पेस से लौटने के बाद शुक्ला और उनकी टीम को सात दिनों तक पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण में ढलने के लिए पुनर्वास (रिहैबिलेशन) प्रक्रिया से गुजरना होगा। वजनहीन वातावरण में रहने के बाद शरीर को फिर से सामान्य स्थिति में लाने के लिए यह जरूरी है। इस पूरी प्रक्रिया को वैज्ञानिकों की निगरानी में किया जाएगा।
अंतरिक्ष में भारत की नई पहचान
शुभांशु शुक्ला की यह यात्रा सिर्फ एक मिशन नहीं, बल्कि भारत की नई अंतरिक्ष पहचान का प्रतीक है। वे न केवल आईएसएस जाने वाले पहले भारतीय बने, बल्कि उन्होंने यह दिखा दिया कि भारत अब अंतरिक्ष अन्वेषण की अग्रणी दौड़ में शामिल हो चुका है। उनकी वापसी का हर भारतीय को बेसब्री से इंतजार है।
आज कोर्ट मे पेशी के लिए लखनऊ आ सकते हैं राहुल गांधी, भारतीय सेना पर अमर्यादित टिप्पणी का आरोप
यह मानहानि की शिकायत बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) के पूर्व निदेशक उदय शंकर श्रीवास्तव ने दायर की थी। यह मामला फिलहाल लखनऊ की एक अदालत में लंबित है। शिकायत में दावा किया गया कि राहुल गांधी ने 16 दिसंबर 2022 को अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भारतीय सेना के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी।विशेष अदालत ने इस मानहानि मामले में दायर शिकायत का संज्ञान लेते हुए राहुल गांधी को आरोपी के रूप में तलब किया है। कांग्रेस नेता ने समन के खिलाफ इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में याचिका दायर की थी लेकिन उन्हें वहां से कोई राहत नहीं मिली।
यह मानहानि की शिकायत बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) के पूर्व निदेशक उदय शंकर श्रीवास्तव ने दायर की थी। यह मामला फिलहाल लखनऊ की एक अदालत में लंबित है। शिकायत में दावा किया गया कि राहुल गांधी ने 16 दिसंबर 2022 को अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भारतीय सेना के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी। यह टिप्पणी 9 दिसंबर 2022 को भारत और चीन की सेनाओं के बीच हुई झड़प से जुड़ी थी। शिकायत के अनुसार कि राहुल ने बार-बार अपमानजनक तरीके से कहा था कि चीन की सेना अरुणाचल प्रदेश में हमारे सैनिकों को पीट रही है और भारतीय प्रेस इस संबंध में कोई सवाल नहीं पूछेगा।
लखनऊ की अदालत ने पहली नजर में माना था कि राहुल के बयान से भारतीय सेना और उससे जुड़े लोगों और उनके परिवारों का मनोबल कम हुआ है। इस मामले में अदालत ने राहुल को पेश होने का आदेश दिया था, जिसे उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
फौजा सिंह: 5 साल की उम्र तक चल नहीं पाए, 100 की उम्र में मैराथन पूरी की; विश्व के सबसे उम्रदराज एथलीट की कहानी
दुनिया के सबसे उम्रदराज महान मैराथन धावक फौजा सिंह की सोमवार को सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। वह 114 वर्ष के थे। वह शाम को जालंधर स्थित अपने घर के बाहर टहल रहे थे तो एक कार ने उन्हें टक्कर मार दी। इससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए। परिवार के लोग उन्हें शहर के एक निजी अस्पताल में लेकर गए जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। फौजा सिंह ने वर्ष 2000 में अपनी मैराथन यात्रा शुरू की थी और अंततः आठ दौड़ों में भाग लिया था।
मूलरूप से पंजाब के ब्यास के रहने वाले फौजा सिंह ब्रिटेन में रहते थे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वेटरन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हिस्सा लेकर कई रिकॉर्ड बना चुके थे। वह चंडीगढ़ की रहने वाली 100 वर्ष से अधिक उम्र की वेटरन एथलीट बीबी मान कौर के बड़े प्रशंसक थे। एक कार्यक्रम के दौरान सुखना लेक पहुंचे फौजा सिंह ने कहा था कि लंबी उम्र जीनी है तो रोजाना सैर व व्यायाम करें और जंक फूड से बचें।
फौजा सिंह भारत की उम्रदराज धाविका बीबी मान कौर के प्रदर्शन से बेहद प्रभावित थे। जब भी मान कौर किसी अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स इवेंट में हिस्सा लेने विदेश जाती थीं, खासकर ब्रिटेन तो फौजा सिंह उनसे मिलने जरूर पहुंचते थे। वह एथलेटिक्स ट्रैक पर मान कौर को दौड़ते देख ताली बजाकर हौसला बढ़ाते थे। एक बार जब मान कौर 97 वर्ष की थीं, तो मोहाली में आयोजित एक मैराथन में हिस्सा लेने फौजा सिंह विशेष रूप से ब्रिटेन से चंडीगढ़ आए थे। उस मैराथन में मान कौर ने भी दौड़ लगाई थी। उन्हें अपने से आधी उम्र के धावकों के साथ दौड़ते देख फौजा सिंह ने कहा था…ओ वेखो दौड़ी सरदारनी मान कौर। उन्होंने यह भी कहा था कि हर किसी को मान कौर से प्रेरणा लेनी चाहिए। इस उम्र में भी दौड़ते हुए मेडल जीत रही हैं, यह बेहद काबिल-ए-तारीफ है।
सुखना लेक पर भी दौड़े थे फौजा सिंह
फौजा सिंह चंडीगढ़ के सुखना लेक पर एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे थे। कार्यक्रम से पहले उन्होंने कुछ देर लेक के किनारे टहलने के बाद ट्रैक पर दौड़ लगाई। जब वह बिना रुके लेक के आधे रास्ते तक दौड़ते हुए पहुंचे तो वहां मौजूद लोग उन्हें देखकर हैरान रह गए। जब लोगों को पता चला कि यह वही फौजा सिंह हैं जो 100 वर्ष की उम्र पार कर चुके हैं तो हर कोई उनसे ऑटोग्राफ लेने के लिए उमड़ पड़ा। वहां उन्होंने अपनी सेहत का राज साझा करते हुए कहा कि इस उम्र में भी वह किसी मशीन पर निर्भर नहीं रहते। वह रोजाना दौड़ते हैं और अपने लगभग सभी काम खुद करते हैं। उन्होंने बताया कि वह अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देते हैं और जंक फूड बिल्कुल नहीं खाते। उनका मानना था कि अगर लंबा और स्वस्थ जीवन चाहिए तो नियमित सैर और व्यायाम करें और जंक फूड से बचें।
साल 2000 में शुरू किया मैराथन करिअर
फौजा सिंह ने अपना मैराथन करिअर वर्ष 2000 में शुरू किया और कुल आठ अंतरराष्ट्रीय मैराथन में भाग लिया। 2011 में उन्होंने टोरंटो मैराथन में भाग लेकर दुनिया का ध्यान खींचा और दुनिया के सबसे बुजुर्ग मैराथन धावक के रूप में प्रसिद्धि हासिल की। हालांकि, उनके पास जन्म प्रमाण पत्र नहीं होने के कारण उनका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज नहीं हो सका।
20 किमी की दौड़ पूरी कर सबको चौंकाया था
2012 में उन्होंने लंदन मैराथन में 20 किलोमीटर दौड़ पूरी कर एक बार फिर सबको चौंका दिया। साल 2013 में 101 वर्ष की आयु में उन्होंने हांगकांग मैराथन में हिस्सा लेकर अपनी अंतिम पेशेवर दौड़ पूरी की। फौजा सिंह ने एक बार बताया था कि जीवन में एक गहरी व्यक्तिगत क्षति ने उन्हें भीतर से तोड़ दिया था और वह अवसाद की ओर बढ़ने लगे थे। उसी समय उन्होंने लंबी दूरी की दौड़ शुरू करने का निश्चय किया और अपनी इच्छाशक्ति व आत्मबल से लाखों लोगों को प्रेरणा दी।
फौजा सिंह ने अपने जीवन में एक दुखद व्यक्तिगत क्षति के बाद मैराथन दौड़ की ओर रुख किया था। 89 साल की उम्र में एक दुर्घटना में उनकी पत्नी और बेटे की मृत्यु हो गई थी। इस घटना ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया और वे अवसाद से जूझने लगे जिसके बाद उन्होंने लंबी दूरी की दौड़ में शामिल होने का फैसला किया और अपनी दृढ़ता और दृढ़ संकल्प से दुनिया भर के लाखों लोगों को प्रेरित किया।
पांच साल तक चल नहीं सके थे
फौजा सिंह का जन्म 1911 में हुआ था। वह पांच साल की उम्र तक चल नहीं पाए थे। उनके पैर पतले और कमजोर थे। 90 के दशक में वह अपने बेटे के साथ ईस्ट इंग्लैंड के इलफोर्ड शहर में बस गए थे। उन्होंने 89 साल की उम्र में दौड़ को गंभीरता से लिया और कई अंतरराष्ट्रीय मैराथन में भाग लिया।
फौजा सिंह के निधन पर पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने किया शोक व्यक्त
पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने वेटरन एथलीट फौजा सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है। प्रशासक ने कहा कि फौजा सिंह केवल एक धावक नहीं थे बल्कि वे संकल्प, प्रेरणा और आशा के प्रतीक थे। कटारिया ने बताया कि दिसंबर 2024 में उनके पैतृक गांव से शुरू हुए दो दिवसीय नशा मुक्त-रंगला पंजाब मार्च में उन्हें सरदार फौजा सिंह के साथ चलने का मौका मिला था। उन्होंने कहा कि उस समय भी उनकी ऊर्जा और उपस्थिति ने पूरे अभियान को जोश से भर दिया था। कटारिया ने कहा कि यह बेहद दुखद है कि अपने ही गांव में हुए एक सड़क हादसे में उन्होंने अंतिम सांस ली। फौजा सिंह की विरासत उन सभी के दिलों में जीवित रहेगी, जो पंजाब को नशामुक्त और स्वस्थ बनाना चाहते हैं। कटारिया ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी संवेदनाएं उनके परिवार और दुनिया भर में फैले उनके प्रशंसकों के साथ हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने जताया दुख
पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने फौजा सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट में लिखा, ‘महान मैराथन धावक फौजा सिंह जी के 114 वर्ष की आयु में एक सड़क दुर्घटना में निधन की खबर सुनकर अत्यंत दुःख हुआ। उनका असाधारण जीवन और अटूट साहस पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।’
लॉर्ड्स टेस्ट में क्यों हारा भारत? कप्तान शुभमन गिल ने बताई वजह
भारत और इंग्लैंड के बीच जारी पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के तीसरे मुकाबले में मेजबानों ने मेहमानों को 22 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने 1-2 की बढ़त हासिल कर ली। मैच के बाद भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल ने हार का कारण बताया। उन्होंने कहा कि आखिरी दिन वह जीत को लेकर आश्वस्त थे, लेकिन एक बड़ी साझेदारी की जरूरत थी। इस दौरान दाएं हाथ के बल्लेबाज ने उपकप्तान ऋषभ पंत की चोट पर भी अपडेट दिया।
गिल ने जताया टीम के प्रदर्शन पर गर्व
मुकाबले के बाद कप्तान गिल ने टीम के प्रदर्शन पर गर्व जताया। उन्होंने कहा- ‘बेहद गर्व है, टेस्ट क्रिकेट इससे अधिक करीबी नहीं हो सकता। आज सुबह काफी आश्वस्त थे, काफी बल्लेबाजी बाकी थी। हमें शीर्ष क्रम में कुछ साझेदारियों की जरूरत थी लेकिन हम ऐसा नहीं कर पाए। उन्होंने हमारे से बेहतर प्रदर्शन किया। लेकिन उम्मीद हमेशा बनी रहती है। लक्ष्य बहुत बड़ा नहीं था, एक साझेदारी और मैच में वापसी। जड्डू (रविंद्र जडेजा) काफी अनुभवी हैं, उन्हें कोई संदेश नहीं दिया, बस यही चाहते थे कि वह और पुछल्ले बल्लेबाज खेलते रहें।’
टीम को हार से नहीं बचा पाए जडेजा
लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 82 रन तक सात विकेट गंवा दिए थे लेकिन जडेजा (नाबाद 61 रन, 181 गेंद, चार चौके, एक छक्का) ने नीतीश कुमार रेड्डी (13) के साथ आठवें विकेट के लिए 91 गेंद में 30, जसप्रीत बुमराह (05) के साथ नौवें विकेट के लिए 132 गेंद में 35 और सिराज के साथ अंतिम विकेट के लिए 80 गेंद में 23 रन की साझेदारी करके अप्रत्याशित जीत की उम्मीद जगाई थी लेकिन टीम को हार से नहीं बचा पाए।
ऋषभ पंत
पंत की चोट पर गिल ने दिया बड़ा अपडेट
इस दौरान 25 वर्षीय बल्लेबाज ने विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के मैनचेस्टर टेस्ट में खेलने की उम्मीद जताई। उन्होंने कहा कि पंत चौथे टेस्ट में खेलने के लिए फिट होंगे क्योंकि स्कैन (जांच) में उनकी अंगुली में कोई बड़ी चोट सामने नहीं आई है। इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में संपन्न हुए तीसरे टेस्ट के शुरुआती दिन दूसरे सत्र में पंत को बाईं तर्जनी अंगुली में चोट लगने के बाद मैदान छोड़ना पड़ा था। गिल ने कहा, ‘पंत स्कैन के लिए गए थे। कोई बड़ी चोट नहीं है इसलिए वह मैनचेस्टर में चौथे टेस्ट के लिए ठीक होने चाहिए।’
बुमराह
चौथे टेस्ट में खेलेंगे बुमराह?
मुकाबले के बाद गिल से चौथे टेस्ट में जसप्रीत बुमराह की उपलब्धता को लेकर सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा- ‘जल्द ही आपको इसके बारे में पता चल जाएगा।’
सीरिया में सैन्य टैंकों पर इस्राइली हमला, सरकारी बलों और ड्रूज मिलिशिया संघर्ष में 30 की मौत
सीरियाई सुरक्षा बलों और बेडौइन जनजातियों की ड्रूज मिलिशिया के बीच झड़प के दौरान इस्राइल की सेना ने दक्षिणी हिस्से में कुछ सैन्य टैंकों पर हमला किया। सीरिया के गृह मंत्रालय ने बताया कि अब तक 30 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और करीब 100 लोग घायल हुए हैं। ‘
दक्षिणी सीरिया के स्वेदा प्रांत में स्थानीय मिलिशिया और कबीलों के बीच लड़ाई में दर्जनों लोग मारे गए हैं। सोमवार को जब सरकारी सुरक्षा बल शांति बहाल करने के लिए पहुंचे, तो उनकी भी सशस्त्र समूहों के साथ झड़प हुई।
30 से ज्यादा लोगों की मौत, 100 लोग घायल: गृह मंत्रालय
सीरिया के गृह मंत्रालय ने बताया कि अब तक 30 से ज्यादा लोग मारे गए हैं और करीब 100 लोग घायल हुए हैं। ब्रिटेन की युद्ध निगरानी संस्था सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने बताया कि कम से कम 89 लोग मारे गए हैं, जिनमें दो बच्चे, दो महिलाएं और 14 सुरक्षा बल के सदस्य शामिल हैं। ऑब्जर्वेटरी ने बताया कि लड़ाई की शुरुआत ड्रूज और सुन्नी बेडौइन कबीलों के सशस्त्र समूहों के बीच हुई। सरकारी सुरक्षा बलों के कुछ सदस्य भी बेडौइन पक्ष की मदद कर रहे थे।
सरकारी बलों की सशस्त्र समूहों के साथ हुई झड़पें
सीरिया के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता नूरेद्दीन अल-बाबा ने बताया कि सरकारी बल व्यवस्था बहाल करने के लिए सुबह-सुबह स्वेदा में दाखिल हुए। उन्होंने बताया कि कुछ झड़पें गैरकानूनी सशस्त्र समूहों के साथ हुईं, लेकिन हमारी कोशिश है कि आम नागरिकों को कोई नुकसान न हो।
ड्रूज युवक को पीटने से शुरू हुआ संघर्ष
वेधशाला ने बताया कि झगड़े की शुरुआत उस समय हुई जब एक बेडौइन समूह ने एक ड्रूज युवक को पीटा और लूट लिया। इसके जवाब में दूसरे पक्ष ने भी हमला किया और अपहरण की घटनाएं शुरू हो गईं। वेधशाला के प्रमुख रामी अब्दुर्रहमान ने बताया कि संघर्ष एक ड्रूज सब्जी विक्रेता के अपहरण और लूटपाट से शुरू हुआ।
सीरियाई सरकार शांति बहाल करने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती कर रही
सीरिया के रक्षा और आंतरिक मंत्रालय शांति व्यवस्था बहाल करने के लिए क्षेत्र में सुरक्षा बलों की तैनाती कर रहे हैं। लेकिन स्थिति तेजी से बिगड़ती जा रही है, क्योंकि स्थानीय अधिकारी और सुरक्षा संस्थान वहां मौजूद नहीं हैं। सीरिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के उप-विशेष दूत नजत रोचदी ने हिंसा पर चिंता जताई और सरकार व स्थानीय समूहों से अपील की कि वे नागरिकों की सुरक्षा करें, शांति लाएं और हिंसा को रोकें। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं दिखाती हैं कि सीरिया को एक मजबूत और सभी को शामिल करने वाली राजनीतिक प्रक्रिया की ज़रूरत है, जिसमें बातचीत और भरोसे की भावना हो।
ड्रूज समुदाय को वफादार मानता है इस्राइल
इस्राइल में ड्रूज समुदाय को आमतौर पर एक वफादार अल्पसंख्यक माना जाता है, और वे इस्राइली सेना में भी सेवा करते हैं। सीरिया के विदेश मंत्रालय ने सभी देशों से अपील की है कि वे सीरिया की संप्रभुता का सम्मान करें और किसी भी विद्रोही या अलगाववादी गतिविधियों का समर्थन न करें। साथ ही, सीरियाई लोगों से कहा गया है कि वे हिंसा बंद करें, हथियार डालें और देश में फूट डालने वालों को नाकाम करें।
बिहार की मतदाता सूची से हट जाएंगे 35.5 लाख मतदाता, सियासी बवाल तय!
चुनाव आयोग ने बिहार की मतदाता सूची को अपडेट करते हुए लगभग सभी मतदाताओं से संपर्क किया है, जिनमें से 88.66% ने गणना-फार्म जमा कर दिए हैं। इस प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची से 35 लाख से ज्यादा नाम हटाए जा सकते हैं, क्योंकि इनमें मृत, स्थानांतरित और दो बार पंजीकृत मतदाता शामिल हैं।
चुनाव आयोग ने बिहार की मतदाता सूची को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। सोमवार को जारी इस अपडेट में बताया गया कि लगभग सभी मतदाताओं से संपर्क किया गया है। उन्हें गणना-फार्म EF दिया गया है। लगभग 88.66% मतदाताओं ने अपने फॉर्म जमा भी कर दिए हैं। इस प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची से 35 लाख से ज्यादा नाम हटाए जा सकते हैं। इस खबर से बिहार की राजनीति में हलचल हो सकती है।
फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख 25 जुलाई
चुनाव आयोग के अनुसार, BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) ने घर-घर जाकर दो बार दौरा किया। अब तक 6.6 करोड़ मतदाताओं ने अपने गणना फॉर्म जमा कर दिए हैं। यह राज्य के कुल मतदाताओं का 88.18% है। आयोग ने कहा है कि फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख 25 जुलाई है। इसके बाद मतदाता सूची जारी की जाएगी।
सूची से हटाए जा सकते हैं 35.5 लाख मतदाता
आयोग के आंकड़ों के अनुसार, जमा किए गए फॉर्म में 1.59% मतदाता (12.5 लाख) मर चुके हैं, लेकिन उनके नाम अभी भी सूची में हैं। 2.2% मतदाता (17.5 लाख) बिहार से बाहर चले गए हैं और अब वोट देने के योग्य नहीं हैं। 0.73% मतदाता (5.5 लाख) दो बार पंजीकृत पाए गए हैं। इन आंकड़ों से पता चलता है कि लगभग 35.5 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा सकते हैं।
मुस्कान-सोनम जैसे मामलों के बीच प्रेमानंद महाराज से सवाल, मिला जवाब
प्रेमानंद महाराज ने पत्नी के अवैध संबंध को लेकर किए गए सवाल पर अलग ही जवाब दिया है। उनका जवाब इस समय सोशल मीडिया पर खूब चर्चित हो रहा है। दरअसल, पिछले दिनों लगातार इस प्रकार के मामले आए हैं।
उत्तर प्रदेश के मथुरा के वृंदावन धाम में निवास करने वाले संत प्रेमानंद जी महाराज विभिन्न विषयों पर अपनी बात विस्तार से रखते रहे हैं। लोग उनसे सामान्य जीवन से जुड़े सवाल भी करते हैं। ऐसा ही एक सवाल और उसका जवाब सोशल मीडिया पर खासा वायरल हो गया है। दरअसल, मुस्कान रस्तोगी और सोनम रघुवंशी जैसे कांड आने के बाद से देशभर में विवाह के बाद बढ़ते अवैध संबंधों और उनसे जुड़ी अपराधों की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। पुरुष ही नहीं महिलाएं भी ऐसे अवैध रिश्तों के कारण पति की हत्या जैसे गंभीर अपराधों में शामिल पाई जा रही हैं। इसी मसले पर किए गए सवाल के जवाब में प्रेमानंद महाराज ने प्रेम की शिक्षा दी है।
क्या है पूरा मामला?
सोमन-मुस्कान जैसे मामले लगातार सामाजिक विमर्श को बढ़ावा दे रहे हैं। समाज में आ रहे बदलावों की तरफ लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। साथ ही, ये पारिवारिक व्यवस्था को भी हिला रहे हैं। समाज में एक प्रकार से अविश्वास और असुरक्षा का माहौल पैदा कर रहे हैं। इसी सामाजिक संकट पर मथुरा के वृंदावन धाम स्थित प्रेमानंद महाराज से एक श्रद्धालु ने सीधा सवाल किया। सवाल था कि अगर मेरे जीवनसाथी का किसी से अवैध संबंध है तो क्या करूं?
प्रेमानंद महाराज ने सवाल पर गहराई से विचार व्यक्त करते हुए समाधान धर्म और प्रेम के रास्ते में खोजने की बात कही। प्रेमानंद महाराज ने कहा कि जीवनसाथी के भटकने के पीछे मानसिक, भावनात्मक और शारीरिक कारण हो सकते हैं। ऐसे में जल्दबाज़ी या क्रोध में कोई कदम उठाने की जगह पहले इन कारणों को समझना चाहिए।
मर्ज के इलाज का उदाहरण
प्रेमानंद महाराज ने शरीर के मर्ज के इलाज का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे शरीर का कोई अंग सड़ जाए तो पहले दवा दी जाती है। इसके बाद जरूरी हो तो ऑपरेशन होता है। ऐसे ही रिश्तों को भी पहले सुधारने की कोशिश करें। पहले ऑपरेशन कर अंग को हटाने की कार्रवाई नहीं होती। ऐसे ही हमें रिश्तों को बचाने के लिए उपाय करना चाहिए।
प्रेम का रास्ता अपनाने की सलाह
संत प्रेमानंद महाराज ने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी हालत में हिंसा, अपमान या गाली-गलौज धर्म के विरुद्ध है। यह न केवल कानूनन अपराध है बल्कि आपके धर्म और आत्मिक स्तर को भी गिराता है। अगर जीवनसाथी को अपनी गलती का पछतावा हो और वह बदलना चाहे, तो उसे एक मौका दिया जाना चाहिए। ऐसे में पुराने दोषों को भूलकर उसे प्रेम और अपनत्व से आगे बढ़ाने की सलाह दी।
नाम जप, सत्संग से बनेगी बात
प्रेमानंद महाराज ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति सच में पछतावे के साथ भविष्य को सुधारना चाहता है तो नाम-जप, भक्ति और सत्संग के माध्यम से वह पावन बन सकता है। धर्म के अनुसार, स्त्री और पुरुष दोनों के लिए यह बातें समान रूप से लागू होती हैं। धोखा केवल एक व्यक्ति के साथ नहीं, बल्कि पूरे रिश्ते, धर्म और समाज के साथ होता है।
प्रेमानंद महाराज ने कहा कि जब सारे प्रयास विफल हो जाएं। जीवनसाथी बार-बार विश्वासघात करे, तब व्यक्ति को धार्मिक मर्यादा के अनुसार सरकार की ओर से निर्धारित कानूनी मार्ग अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसा कदम भी शांति और धर्म के मार्ग पर चलकर ही उठाया जाना चाहिए, न कि बदले की भावना से।
सबसे बड़ा उपाय प्रेम
प्रेमानंद महाराज ने अंत में कहा कि प्रेम में इतनी शक्ति है कि वह पतित को भी पावन बना सकता है। जब वह भगवत मर्यादा से बंधा हो, तभी जीवन को सफल बना सकता है। यह संदेश उन सभी विवाहित लोगों के लिए है जो रिश्तों में ठोकर खाकर भी जीवन को धर्म और प्रेम के रास्ते पर आगे बढ़ाना चाहते हैं। हमें गलतियों को पीछे छोड़कर जीवन में आगे बढ़ने की कोशिश करनी चाहिए।
टोरंटो में रथ यात्रा में डाली बाधा, भारत ने जताई नाराजगी
टोरंटो में हाल ही में आयोजित रथ यात्रा के दौरान अंडे फेंकने की घटना पर भारत सरकार ने गंभीर चिंता जताते हुए इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। विदेश मंत्रालय ने कनाडा से आग्रह किया है कि वह इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।
कनाडा के टोरंटो शहर में एक रथ यात्रा में बाधा डाली गई। इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद भारत सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण और त्योहार की भावना के खिलाफ बताया है। भारत ने कनाडा सरकार से इस मामले में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।
यह त्योहार की भावना के खिलाफ
रणधीर जायसवाल ने कहा कि टोरंटो में रथ यात्रा के दौरान कुछ लोगों ने बाधा डाली। यह बहुत ही गलत काम है। यह त्योहार की भावना के खिलाफ है। त्योहार तो एकता, भाईचारा और सामाजिक सद्भाव को बढ़ावा देते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत ने इस मामले को कनाडा सरकार के साथ उठाया है। हम चाहते हैं कि दोषियों को पकड़ा जाए और उन पर कार्रवाई हो। हमें उम्मीद है कि कनाडा सरकार लोगों के धार्मिक अधिकारों की रक्षा करेगी।
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