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*22 जुलाई की ताजा खबर : उपराष्ट्रपति का इस्तीफा, मॉस्को में यूक्रेन के हवाई हमले से तिलमिलाया रूस,भारत बना दुनिया का सबसे महंगा शेयर बाजार, निमिषा प्रिया मामले में नया मोड़…,कई राज्यों में बारिश का कहर; आज UP में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन,सार्वजनिक किए मार्टिन लूथर किंग जूनियर से जुड़े FBI के रिकॉर्ड*

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आज के बड़े इवेंट
> भारतीय सेना को आज पहले अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर मिलने की उम्मीद
> पंजाब के नेता बिक्रम मजीठिया के लिए अलग सेल की मांग पर आज सुनवाई
> दिल्ली के साकेत जिला कोर्ट में आज मेधा पाटकर के खिलाफ मानहानि मामले में सुनवाई
> कोलकाता के आरजी कर भ्रष्टाचार मामले में आज से शुरू होगी ट्रायल प्रक्रिया

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। धनखड़ ने अपने इस्तीफे में लिखा, ‘मैं स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए और डॉक्टरों की सलाह का पालन करते हुए भारत के उपराष्ट्रपति पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देता हूं। यह इस्तीफा संविधान के अनुच्छेद 67(ए) के अनुसार है। मैं भारत की माननीय राष्ट्रपति को हार्दिक धन्यवाद देता हूं, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान मुझे लगातार सहयोग और एक शांतिपूर्ण कार्य संबंध प्रदान किया। यह मेरे लिए बेहद सुखद अनुभव रहा।’ इसके अलावा, भारी बारिश से पश्चिमी हिमालयी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में एक बार फिर तबाही मची है। बारिश के कारण अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई है। तीन राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 400 से अधिक सड़क मार्ग बंद हो गए और हजारों लोग बीच सफर में फंस गए। हिमाचल में भारी बारिश को लेकर जारी अलर्ट के चलते स्कूलों में छुट्टियां कर दी गई हैं। इसके अलावा, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बताया कि मंगलवार को प्रदेश के सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। यह प्रदर्शन बिजली काटौती, निजीकरण और यूरिया खाद की किल्लत के विरोध में किया जाएगा। ऐसी ही देश-दुनिया की अहम खबरें

 उपराष्ट्रपति धनखड़ ने दिया इस्तीफा, राष्ट्रपति को लिखा लेटर

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। धनखड़ ने इस संबंध में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक लेटर लिखा है। इसमें स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला दिया है। धनखड़ ने कहा कि उन्होंने अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए डॉक्टरी सलाह के आधार पर यह फैसला किया है।

 

 उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। धनखड़ ने इस संबंध में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक लेटर लिखा है। इसमें स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला दिया है। धनखड़ ने कहा कि उन्होंने अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए डॉक्टरी सलाह के आधार पर यह फैसला किया है। उन्होंने अपने इस्तीफे को तत्काल प्रभाव से स्वीकार करने की बात कहते हुए संविधान के अनुच्छेद 67(ए) का हवाला दिया है।

समर्थन के लिए जताया आभार

जगदीप धनखड़ ने अपने पत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लिए कहा कि आपके अटूट समर्थन और मेरे कार्यकाल के दौरान हमारे बीच बने सुखद और अद्भुत कार्य संबंधों के लिए अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता/करती हूं। उन्होंने पीएम मोदी के साथ ही मंत्रिपरिषद् को के प्रति भी अपना आभार व्यक्त किया। जगदीप धनखड़ ने लिखा कि मैंने अपने कार्यकाल के दौरान बहुत कुछ सीखा है।

उन्होंने कहा कि सभी माननीय संसद सदस्यों से मुझे जो गर्मजोशी, विश्वास और स्नेह मिला है, वह हमेशा मेरी स्मृति में रहेगा। उन्होंने आगे लिखा कि मैं हमारे महान लोकतंत्र में उपराष्ट्रपति के रूप में प्राप्त अमूल्य अनुभवों और अंतर्दृष्टि के लिए तहे दिल से आभारी हूं।

धनखड़ ने आगे कहा कि इस महत्वपूर्ण अवधि के दौरान भारत की उल्लेखनीय आर्थिक प्रगति और अभूतपूर्व घातीय विकास को देखना और उसमें भाग लेना मेरे लिए सौभाग्य और संतुष्टि की बात रही है। हमारे राष्ट्र के इतिहास के इस परिवर्तनकारी युग में सेवा करना मेरे लिए एक सच्चा सम्मान रहा है।

कई राज्यों में बारिश का कहर; आज UP में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन,बारिश से हाहाकार: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में 400 से अधिक सड़कें बंद
भारी बारिश से पश्चिमी हिमालयी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में एक बार फिर तबाही मची है। बारिश के कारण अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई है। तीन राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 400 से अधिक सड़क मार्ग बंद हो गए और हजारों लोग बीच सफर में फंस गए। हिमाचल में भारी बारिश को लेकर जारी अलर्ट के चलते स्कूलों में छुट्टियां कर दी गई हैं।

भारी बारिश से पश्चिमी हिमालयी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में एक बार फिर तबाही मची है। बारिश के कारण अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई है। तीन राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 400 से अधिक सड़क मार्ग बंद हो गए और हजारों लोग बीच सफर में फंस गए। हिमाचल में भारी बारिश को लेकर जारी अलर्ट के चलते स्कूलों में छुट्टियां कर दी गई हैं।

हिमाचल प्रदेश में सोमवार को रेड अलर्ट के बीच भारी बारिश हुई। चंबा के चुराह के नेरा में बादल फटने से मैहला में पहाड़ी से चट्टान घर पर गिर गई, जिससे भीतर सो रहे नवविवाहित जोड़े की मौत हो गई। खराब मौसम के चलते तीन जिलों के कुछ उपमंडलों में स्कूल बंद करने पड़े। किन्नौर में टोंगटोंगचे नाले में भी बाढ़ आई। किन्नौर कैलाश यात्रा भी खराब मौसम के चलते एक दिन के लिए बंद करनी पड़ी। प्रदेश में तेज बारिश से सतलुज समेत सभी नदियां उफान पर हैं। सोमवार को शिमला, कुल्लू व कांगड़ा के हवाईअड्डों पर सभी उड़ानें रद्द हो गईं।

मंडी में फिर बिगड़े हालात, बाढ़ का खतरा मंडराया
मंडी जिले के सराज में बारिश से फिर हालात बिगड़ गए हैं। थुनाग, लंबाथाच व जरोल में नाले उफान पर होने से घरों को बाढ़ का खतरा बन गया है। प्रदेश में तीन नेशनल हाईवे मंडी-कुल्लू, मंडी-पठानकोट, शिलाई-पांवटा साहिब समेत 398 सड़कें, 682 बिजली ट्रांसफार्मर और 151 पेयजल योजनाएं ठप रहीं। प्रदेश में जगह-जगह 250 बसें फंस गई हैं। शिमला शहर में कई जगह पेड़ गिरे हैं। मंडी-कुल्लू एनएच कई जगह बंद है। कालका-शिमला नेशनल हाईवे पांच पर सोमवार सुबह दर्जनों जगह पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरा।

उत्तराखंड में गिरी चट्टानें
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में पीपली के ड्योड़ा में बकरियां चराने गया सोबन सिंह (35) पुत्र हीरा सिंह काली नदी में बह गया। चीन सीमा को जोड़ने वाली धारचूला-तवाघाट-लिपुलेख सड़क चट्टानें टूटने से बंद हो गई। चोरगलिया के शेरनाले में पानी बढ़ने से 10 लोगों से भरी स्कार्पियो बह गई। उनकी चीखपुकार सुनकर मौके पर पहुंचे स्थानीय लोगों ने उन्हें किसी तरह बाहर निकाला।

पुंछ में भूस्खलन
जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में भूस्खलन बैंछ कलसां गांव में हुआ। यहां प्राथमिक स्कूल इसकी चपेट में आ गया। इसमें एक बच्चे की मौत हो गई। चार बच्चे और एक शिक्षक भी जख्मी हो गया। उधर, चंडीगढ़ समेत पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों में भी सोमवार को भारी बारिश हुई। लुधियाना, पटियाला, पठानकोट, फिरोजपुर और मोहाली समेत अन्य कई जिलों में भी मूसलाधार बारिश हुई है।

चीन सीमा को जोड़ने वाला मलारी हाईवे 10 मीटर तक ध्वस्त  
मलारी हाईवे पर भापकुंड के समीप पहाड़ी से हुए भूस्खलन के कारण यहां 10 मीटर हिस्सा ध्वस्त हो गया है। यह सड़क चीन सीमा क्षेत्र को जोड़ती है। हाईवे बंद होने से सेना के साथ ही स्थानीय लोगों की आवाजाही ठप हो गई है। सोमवार को अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे भापकुंड के समीप पहाड़ी से हुए भूस्खलन के कारण करीब 10 मीटर हाईवे ध्वस्त हो गया। ऐसे में जहां सेना व आईटीबीपी के वाहनों की आवाजाही रुक गई है वहीं त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के प्रचार के लिए पहुंचे लोगों के वाहन भी दूसरी तरफ फंस गए हैं। वहीं ज्योतिर्मठ के उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ का कहना है कि काम शुरू कर दिया है, जल्द हाईवे को खोल दिया जाएगा।

बारिश से हाहाकार: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में 400 से अधिक सड़कें बंद
भारी बारिश से पश्चिमी हिमालयी राज्यों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में एक बार फिर तबाही मची है। बारिश के कारण अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई है। तीन राष्ट्रीय राजमार्ग समेत 400 से अधिक सड़क मार्ग बंद हो गए और हजारों लोग बीच सफर में फंस गए। हिमाचल में भारी बारिश को लेकर जारी अलर्ट के चलते स्कूलों में छुट्टियां कर दी गई हैं। पढ़ें पूरी खबर…

बिजली कटौती, निजीकरण और यूरिया खाद की किल्लत को लेकर कांग्रेस का हल्लाबोल
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बताया कि मंगलवार को प्रदेश के सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। यह प्रदर्शन बिजली काटौती, निजीकरण और यूरिया खाद की किल्लत के विरोध में किया जाएगा। सभी जिला /तहसील/ब्लाक मुख्यायलों पर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया जाएगा। 

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बताया कि मंगलवार को प्रदेश के सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। यह प्रदर्शन बिजली काटौती, निजीकरण और यूरिया खाद की किल्लत के विरोध में किया जाएगा। सभी जिला /तहसील/ब्लाक मुख्यायलों पर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया जाएगा।

वहीं, कांग्रेस पंचायत चुनाव अकेले लड़ेगी। इस चुनाव के जरिए वह 2027 विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंकेगी। यही वजह है कि संगठन सृजन में एड़ी चोटी का जोर लगाया जा रहा है। हर कार्यकर्ता को एकता का पाठ पढाया जा रहा है। बूथ को सक्रिय करके पंचायत चुनाव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की अपील की जा रही है। सोमवार को कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में भी संगठन सृजन को 2027 फतह का मूल मंत्र बताया गया।

बैठक में मौजूद प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडेय ने कहा कि संगठन सृजन सिर्फ कार्यकारिणी गठित करने के लिए नहीं हो रहा है बल्कि यह एक ऐसा प्रदेश व्यापी अभियान है जिसका लक्ष्य 2027 का विधानसभा चुनाव है। हम आगामी पंचायत चुनाव में अपने दम पर लड़ेंगे और इन्हीं चुनावों में 2027 के रण का बिगुल फूंक देंगे। पहला चरण 15 अगस्त 2025 तक बूथ स्तर तक की कार्यकारिणी गठित कर पूरा हो जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि जनता का आक्रोश दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। अब वह समय दूर नहीं जब लोग अपने वोट की चोट से इस तानाशाही सरकार को बदल देंगे। इस दौरान पूर्व सांसद पीएल पुनिया, एपी गौतम एवं रविप्रकाश वर्मा, विधायक श्री वीरेन्द्र चौधरी, पूर्व मंत्री श्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी, अनिल यादव आदि मौजूद रहे।

जोनवार चल रही है बैठक
संगठन सृजन अभियान के तहत समीक्षा बैठकें 16 जुलाई से पश्चिम जोन के मेरठ से शुरू हुई हैं। 17 जुलाई को ब्रज जोन के जनपद अलीगढ़, बुंदेलखंड जोन के जनपद झांसी, प्रयाग जोन के जनपद प्रयागराज, पूर्वांचल जोन के जनपद गोरखपुर में बैठकें हो चुकी है। इसी के तहत सोमवार को लखनऊ में बैठक हुई।

सीएम स्टालिन की तबीयत बिगड़ी, हल्के चक्कर आने के बाद अस्पताल में भर्ती
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की सोमवार सुबह सैर के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें हल्के चक्कर आने के बाद एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उन्हें तीन दिन आराम करने की सलाह दी है। उपमुख्यमंत्री और उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन ने इस संबंध में पत्रकारों से बात की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री को तीन दिन आराम करने की सलाह दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि सीएम स्टालिन की हालत में सुधार हो रहा है। उदयनिधि ने कहा, ‘इलाज कर रहे डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है। पिछले दो-तीन महीनों के उनके व्यस्त कार्यक्रम ने उन पर काफी असर डाला है।’

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की सोमवार सुबह सैर के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई। उन्हें हल्के चक्कर आने के बाद एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने उन्हें तीन दिन आराम करने की सलाह दी है। 

उपमुख्यमंत्री और उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन ने इस संबंध में पत्रकारों से बात की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री को तीन दिन आराम करने की सलाह दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि सीएम स्टालिन की हालत में सुधार हो रहा है। उदयनिधि ने कहा, ‘इलाज कर रहे डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है। पिछले दो-तीन महीनों के उनके व्यस्त कार्यक्रम ने उन पर काफी असर डाला है।’

सीएम को कार्यक्रमों में शामिल न होने की चिंता 
जब पत्रकारों ने उदयनिधि से पूछा कि सीएम को अस्पताल से कब तक छुट्टी मिलेगी। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि जल्द ही। उदयनिधि ने दिन में सीएम स्टालिन से अस्पताल जाकर मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इस बात की चिंता है कि वह आज के आधिकारिक कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो सके। 

अस्पताल ने बताया- सीएम की कुछ और जांचें की जाएंगी
अस्पताल की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री को तीन दिन आराम करने की सलाह दी गई है। कुछ और जांचें की जाएंगी। हालांकि, उम्मीद है कि वे अस्पताल में रहते हुए भी आधिकारिक तौर पर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहेंगे। 

पलानीस्वामी ने शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की
इस बीच, अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी ने मन्नारगुडी (तिरुवरुर जिला) में एक रोड शो के दौरान स्टालिन के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। पलानीस्वामी ने कहा, ‘मैंने सुना है कि डीएमके अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनका इलाज चल रहा है। मैं अपनी और आपकी ओर से उनके पूर्ण स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।’

जल्द ही घर लौटेंगे मुख्यमंत्री: दुरईमुरुगन
राज्य के जल संसाधन मंत्री दुरईमुरुगन ने भी अस्पताल में सीएम स्टालिन से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने पत्रकारों से कहा कि मुख्यमंत्री स्वस्थ हैं। वह जल्द ही घर लौट आएंगे। 

सीएम को अपोलो अस्पताल में कराया गया भर्ती 
चिकित्सा सेवा निदेशक डॉ. अनिल बी जी ने एक बयान में कहा कि स्टालिन को उनके लक्षणों की जांच के लिए अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि आवश्यक नैदानिक परीक्षण किए जा रहे हैं।

गोवा से इंदौर आ रही फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग, हाइड्रोलिक सिस्टम में आई थी खराबी
गोवा से सोमवार को इंदौर आ रही फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग इंदौर विमानतल पर कराई गई। उड़ान के दौरान आई तकनीकी खराबी के बाद पायलेट ने वाॅर्निंग मैसेज भेजा था। इसके बाद एयरपोर्ट पर फायर ब्रिगेड की दमकलें व अन्य स्टाॅफ अलर्ट मोड पर रहा और पायलेट ने सकुशल एयरपोर्ट पर लैंडिंग कराई। प्लेन में 140 यात्री सवार थे और सभी सुरक्षित है।

गोवा से सोमवार को इंदौर आ रही फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग इंदौर विमानतल पर कराई गई। उड़ान के दौरान आई तकनीकी खराबी के बाद पायलेट ने वाॅर्निंग मैसेज भेजा था। इसके बाद एयरपोर्ट पर फायर ब्रिगेड की दमकलें व अन्य स्टाॅफ अलर्ट मोड पर रहा और पायलेट ने सकुशल एयरपोर्ट पर लैंडिंग कराई। प्लेन में 140 यात्री सवार थे और सभी सुरक्षित है।

इंडिगो की फ्लाइट ने रोज की तरह दोपहर सवा तीन बजे गोवा से इंदौर के लिए उड़ान भरी। विमान जब इंदौर के समीप था तो लैंडिंग से पहले पायलेट ने देखा कि प्लेन का हाइड्रोलिक सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा है। इसके बाद पायलेट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को अंडर कैरिज वाॅर्निंग मैसेज भेजा। इसके बाद फायर ब्रिगेड की दमकलें रनवे के आसपास तैनात हो गई। सुरक्षा से जुड़ा स्टाॅफ भी सतर्क हो गया, लेकिन शाम पांच बजे सुरक्षित लैंडिंग हो गई।

तकनीकी खराबी की जानकारी मिलने के बाद विमान में सवार यात्री भी डर गए थे, लेकिन लैंडिंग के बाद उन्होंने राहत की सांस ली। इंदौर में गत दिनों रायपुर जा रहे विमान भी इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई थी। विमान ने इंदौर से उड़ान भरी थी, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण आधे घंटे बाद फ्लाइट को फिर इंदौर एयरपोर्ट पर लाया गया।

उड़ान के समय यात्रियों को तेज झटका महसूस हुआ था। इससे पहले इंदौर एयरपोर्ट पर ही विमान उड़ने से पहले इमरजेंसी गेट खुला होने का संकेत पायलेट को मिला था। इसके बाद विमान की तकनीकी जांच की गई थी और फ्लाइट आधे घंटे लेट हो गई थी।

‘सुप्रीम कोर्ट में देंगे चुनौती’, हाईकोर्ट से 12 आरोपियों के बरी होने पर बोले सीएम फडणवीस
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले पर हैरानी जताई, जिसमें 2006 के मुंबई लोकल ट्रेन धमाकों के 12 आरोपियों को बरी किया गया। फडणवीस ने कहा, हाईकोर्ट का फैसला चौंकाने वाला है। उन्होंने कहा, हम इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले पर हैरानी जताई, जिसमें 2006 के मुंबई लोकल ट्रेन धमाकों के 12 आरोपियों को बरी किया गया। फडणवीस ने कहा, हाईकोर्ट का फैसला चौंकाने वाला है। उन्होंने कहा, हम इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। 

हाईकोर्ट के दो जजों की पीठ ने आज अभियोजन पक्ष को फटकार लगाते हुए गवाही से लेकर पहचान परेड की प्रक्रिया तक पर सवाल उठाए। इसके साथ कोर्ट ने हर एक दोषी को बरी करते हुए 25 हजार रुपये के निजी बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश दिया।  

2006 के मुंबई ट्रेन ब्लास्ट में 187 लोगों की मौत हुई थी। वहीं 800 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। अब बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के बाद इन धमाकों का कोई जिम्मेदार नहीं रह गया। निचली अदालत ने 12 दोषियों में से पांच को मौत की सजा और सात को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। मामले में एक व्यक्ति को बरी कर दिया गया था।

इस घटना की बाद में जो विस्तृत जानकारी सामने आई थी, उसके मुताबिक 11 जुलाई को शाम करीब 6.24 बजे जब लोग मुंबई लोकल से अपने घरों को लौट रहे थे तो सात जगहों पर हुए धमाकों ने पूरे सिस्टम को हिला दिया। जांचकर्ताओं को बाद में पता चला कि उच्च क्षमता वाले आरडीएक्स और अमोनियम नाइट्रेट को प्रेशर कुकरों में भर कर ट्रेन में ले जाया गया। इन बमों में बकायदा टाइमर लगाए गए थे। मुंबई की अलग-अलग रेल लाइनों में यह धमाके 6.35 तक हुए यानी 11 मिनट तक पूरी मुंबई दहलती रही। 

फिर से सत्ता में आ सकती है अवामी लीग-हसीना, लेकिन सुधारने होंगे तौर-तरीके
वरिष्ठ पत्रकार और लेखक मानष घोष ने दावा किया है कि अवामी लीग को बांग्लादेश की धरती से कभी नहीं मिटाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पार्टी और अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना भी फिर से सत्ता में लौट सकती हैं। लेकिन इसके लिए हसीना को अपने तौर-तरीके बदलने होंगे।

घोष अपनी नई किताब- ‘मुजीब की गलतियां: उनकी हत्या के पीछे की शक्ति और साजिश’ के विमोचन के मौके पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि यह किताब लिखते समय उनका उद्देश्य था कि वे मुजीबुर रहमान को एक ‘पवित्र और गलती न करने वाले’ नेता की तरह न दिखाएं, बल्कि उनकी कमजोरियां भी सामने लाएं। घोष ने कहा कि बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति देखकर लगता है कि ‘इतिहास अपने आप को दोहरा रहा है।’


विरोध प्रदर्शन के बाद गिरी अवामी लीग सरकार

2024 में बांग्लादेश में भारी विरोध प्रदर्शन हुए, जिससे 5 अगस्त को शेख हसीना की अवामी लीग सरकार गिर गई। यह आंदोलन ‘स्टूडेंट्स अगेंस्ट डिस्क्रिमिनेशन’ नाम के एक छात्र समूह ने शुरू किया था, जो सरकारी नौकरियों में कोटा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहे थे। आंदोलन हिंसक हो गया, और अंत में हसीना को सत्ता छोड़नी पड़ी और वह भारत आ गईं। वर्तमान में बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार कार्यरत है। 

पहले भी मुश्किल हालात से निकली हैं शेख हसीना
बातचीत के दौरान लेखक घोष से पूछा गया कि क्या हसीना और अवामी लीग की वापसी संभव है। इस सवाल के जवाब में घोष ने कहा, ‘मुझे लगता है कि अवामी लीग को मिटाया नहीं जा सकता। शेख हसीना पहले भी मुश्किल हालात से निकली हैं, और यह वक्त भी ज्यादा दूर नहीं जब लोग खुद कहेंगे कि वह लौटें और देश की बागडोर संभालें।’

निष्पक्ष चुनाव हो तो अवामी लीग को मिल सकती है बड़ी जीत
घोष का मानना है कि अगर आज निष्पक्ष चुनाव हों, तो अवामी लीग को बड़ी जीत मिल सकती है। यहां तक की वो लोग भी उनका समर्थन कर सकते हैं, जिनके साथ पहले हसीना ने गलत व्यवहार किया था। 


शेख हसीना पर तीन अगस्त को शुरू होगा मुकदमा 

यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार की सलाहकार परिषद या मंत्रिमंडल ने मई में आतंकवाद-रोधी कानून के तहत साइबरस्पेस समेत अवामी लीग की सभी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके अलावा, बांग्लादेश में एक विशेष अदालत ने 10 जुलाई को शेख हसीना पर मानवता के खिलाफ अपराध का आरोप लगाया, जो पिछले साल के विरोध प्रदर्शनों में हुई हिंसा से जुड़ा है। बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT-BD) ने मुकदमे की तारीख तीन अगस्त तय की है। 

Mizoram: मिजोरम के विधायक लालरिंतलुआंगा सैलो का दिल्ली में निधन
मिजो नेशनल फ्रंट (एमएनएफ) के विधायक लालरिंतलुआंगा सैलो का सोमवार को नई दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि डम्पा विधायक की उम्र 65 वर्ष थी। वह स्क्रब टाइफस समेत कई जटिल बीमारियों से पीड़ित थे। विधायक के पार्थिव शरीर को आज आइजोल लाए जाने की संभावना है। 

अधिकारियों ने बताया कि उन्हें 29 जून को तेज बुखार आने के बाद दिल्ली लाया गया था। उनका इलाज मैक्स सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में चल रहा था। हालांकि, शुरुआत में उनकी हालत में थोड़ा सुधार दिखा, लेकिन रविवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें वेंटिलेटर पर रखना पड़ा।

1960 में हुआ था विधायक सैलो का जन्म
विधायक सैलो का जन्म 1960 में हुआ था। वे एमएनएफ पार्टी में शामिल हो गए थे और 1966 से 1986 तक 20 वर्षों तक चले एक अलगाववादी आंदोलन के दौरान वे भूमिगत रहे थे। उन्होंने 2018 में विधानसभा चुनाव लड़ा और मिजोरम के ममित जिले की डम्पा सीट से कांग्रेस के लालरोबियाका को 1,657 वोटों से हराकर विधायक बने। नवंबर 2023 में हुए विधानसभा चुनावों में वे उसी निर्वाचन क्षेत्र से फिर से निर्वाचित हुए।

राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने निधन पर जताया शोक
राज्यपाल विजय कुमार सिंह और मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने सैलो के निधन पर शोक व्यक्त किया। राज्यपाल ने कहा कि उन्हें सैलो के निधन से गहरा दुख हुआ है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त की। सिंह ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ‘पु लालरिंतलुआंगा सैलो के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। मिजोरम और उसके लोगों के लिए उनके समर्पित योगदान और अथक सेवा को हमेशा याद रखा जाएगा।’

Bangladesh F-7BGI Crash: कैसे स्कूल से टकरा गया चीन निर्मित लड़ाकू विमान
बांग्लादेश में सोमवार (21 जुलाई) को एक बड़ा हादसा हुआ। ढाका के उत्तरा में स्थित एक स्कूल-कॉलेज के परिसर में लड़ाकू विमान गिर गया। इस घटना के बाद बांग्लादेश की सेना की तरफ से बयान जारी किया गया है, जिसमें बताया गया है कि फाइटर जेट स्कूल की बिल्डिंग से टकरा गया। इस हादसे में कम से कम 19 लोगों की मौत हुई, जबकि 150 से ज्यादा लोग घायल हो गए। 

बांग्लादेशी मीडिया के मुताबिक, यह हादसा एक ट्रेनिंग विमान के माइलस्टोन स्कूल एंड कॉलेज की दो मंजिला बिल्डिंग में घुसने से हुआ। जो लोग घायल हुए उनमें 60 से ज्यादा छात्र-छात्राएं हैं। इसके अलावा कुछ शिक्षक भी गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। बताया गया है कि हादसे में ट्रेनिंग विमान के पायलट की भी मौत हो गई। हालांकि, जब लड़ाकू विमान क्रैश हुआ था, तब पायलट जिंदा था और उसे बचाने की काफी कोशिशें की गईं। 

उड़ान भरने के बाद कैसे हादसे का शिकार हो गया लड़ाकू विमान?
बांग्लादेश के इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशन (आईएसपीआर) विभाग की तरफ से जारी प्रेस रिलीज में बताया गया है कि जिस ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट से हादसा हुआ, वह चीन का एफ-7बीजीआई लड़ाकू विमान था। इसे बांग्लादेश में नए पायलटों को प्रशिक्षित करने और छोटी-मोटी कॉम्बैट भूमिकाओं के लिए तय किया गया था। 

सोमवार को इस ट्रेनिंग जेट को फ्लाइट लेफ्टिनेंट तौकीर इस्लाम सागर उड़ा रहे थे। वे मौजूदा समय में बांग्लादेश वायुसेना की 35वीं स्क्वाड्रन का हिस्सा थे। बांग्लादेश की न्यूज वेबसाइट द डेली स्टार के मुताबिक, सागर ने इसी साल फ्लाइट ट्रेनिंग में पीटी-6 एयरक्राफ्ट के साथ अपने 100 घंटे पूरे किए थे। इसके बाद वे 15वीं स्क्वाड्रन का हिस्सा बने थे, जहां वे 60 घंटे तक प्रशिक्षण ले चुके थे। 

35वीं स्क्वाड्रन में रहते हुए वे सोमवार को एक सहायक पायलट के साथ पहले ही उड़ान भर चुके थे। इसके बाद वे दोपहर में करीब 1.06 बजे अपने पहले सोलो मिशन (अकेले उड़ान भरने) पर ढाका के कुर्मीटोला इलाके में स्थित बांग्लादेश वायुसेना के बंगबंधु बेस से निकले थे। हालांकि, रूटीन ट्रेनिंग मिशन के दौरान रास्ते में ही उनका लड़ाकू विमान तकनीकी गड़बड़ी का शिकार हो गया। अभी यह साफ नहीं है कि यह गड़बड़ी किस तरह की थी। 

एक अधिकारी ने ढाका ट्रिब्यून वेबसाइट को बताया कि टेकऑफ के बाद ही एयरक्राफ्ट में कुछ गड़बड़ी आ गई, जिसकी वजह से पायलट का नियंत्रण छूट गया। इस बीच पायलट का टावर से संपर्क स्थापित था और उससे विमान से बाहर निकलने (इजेक्ट करने) की चेतावनी दी गई। हालांकि, लड़ाकू विमान पहले ही काफी नीचे उड़ रहा था, इसलिए इजेक्ट करना सुरक्षित नहीं था। दूसरी तरफ तौकीर आखिर तक विमान को आपात स्थिति में संभालने की कोशिश में जुटे रहे। हालांकि, दुर्भाग्य से एयरक्राफ्ट एक स्कूल की बिल्डिंग से टकरा गया। जब यह दुर्घटना हुई तब तौकीर कॉकपिट में मौजूद थे। 

फाइटर जेट क्रैश होने के बावजूद जब रेस्क्यू टीम ने पायलट को विमान से निकाला तो उनकी सांसें चल रही थीं। इसके बाद उन्हें एमआई-17 हेलीकॉप्टर से कंबाइंड मिलिट्री अस्पताल पहुंचाया गया और क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) में भर्ती किया गया। हालांकि, अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। 

RJ Mahvash: ‘काम न हो तो मैं इस जगह कभी वापस ना आऊं’, लंदन में परेशान हुईं आरजे महवश
आरजे महवश इन दिनों खूब सुर्खियों में हैं। वजह है उनकी निजी जिंदगी। दरअसल, महवश का नाम क्रिकेटर युजवेंद्र चहल से जोड़ा जा रहा है। दोनों के कथित डेटिंग की खबरें काफी वक्त से आ रही हैं। यहां तक कि इस वक्त दोनों साथ में लंदन में हैं, इसका संकेत भी महवश ने हालिया सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दिया।

लंदन में जाम और भीड़ से हुईं परेशान
महवश लंदन से लगातार अपनी स्टाइलिश फोटोज और वीडियो शेयर कर रही हैं। मगर, लंदन ट्रिप के दौरान उन्हें कुछ खराब अनुभव भी हुए हैं और अनुभव भी ऐसे हैं कि महवश ने लंदन जाने तक से तौबा कर ली है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया है कि लंदन में जाम और भीड़ से वे तंग आ गई हैं। ऊपर से वहां चोरी की घटनाएं भी होती हैं।

बोलीं- ‘काम न हो तो कभी न आऊं इस जगह’
महवश ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो शेयर किया है। इसमें लंदन की सडकों पर जाम देखा जा सकता है। इसके साथ आरजे महवश ने लिखा है, ‘ये लंदन है भाई। ट्रैफिक जाम, भीड़, चोरी तो इतनी के कोई घड़ी, बैग, कंगन, नहीं पहन रहा और आज कल चाकू भी मार जा रहे हैं चोरी के साथ-साथ। काम ना हो तो मैं इस जगह कभी वापस ना आऊं’!

धनश्री वर्मा से तलाक के बाद जुड़ा महवश से नाम


धनश्री वर्मा के साथ तलाक के बाद युजवेंद्र चहल का नाम महवश के साथ जोड़ा जा रहा है। दोनों को कई बार साथ में स्पॉट किया गया है। हालांकि, डेटिंग की कथित खबरों पर अब तक चहल और महवश दोनों ने चुप्पी साध रखी है। हालांकि, अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दोनों अप्रत्यक्ष रूप से यह संकेत तो देते रहते हैं कि इनके बीच नजदीकियां हैं। देखना दिलचस्प होगा कि ऐसी अफवाहों पर दोनों कब चुप्पी तोड़ते हैं। बता दें कि चहल ने साल 2020 में धनश्री वर्मा से शादी की। 2025 में दोनों का तलाक हो गया है।

भारत बना दुनिया का सबसे महंगा शेयर बाजार
भारत दुनिया के सबसे महंगे इक्विटी बाजारों में से एक बना हुआ है। नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की नवीनतम रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। नुवामा रिसर्च ने बताया कि देश का 12 महीने का अग्रिम मूल्य से आय (पीई) अनुपात 23.3 है। यह प्रमुख वैश्विक और उभरते बाजारों से सबसे अधिक है। यह अनुपात अपने 10 साल के औसत से 1.6 स्टैंडर्ड डिविएशन ऊपर है, जो यह दर्शाता है कि भारतीय शेयर बाजार का मूल्यांकन ऐतिहासिक स्तरों की तुलना में काफी ऊंचा है। 

भारत दुनिया के सबसे महंगे इक्विटी बाजारों में से एक बना हुआ है। नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की नवीनतम रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। नुवामा रिसर्च ने बताया कि देश का 12 महीने का अग्रिम मूल्य से आय (पीई) अनुपात 23.3 है। यह प्रमुख वैश्विक और उभरते बाजारों से सबसे अधिक है। यह अनुपात अपने 10 साल के औसत से 1.6 स्टैंडर्ड डिविएशन ऊपर है, जो यह दर्शाता है कि भारतीय शेयर बाजार का मूल्यांकन ऐतिहासिक स्तरों की तुलना में काफी ऊंचा है।

पीई अनुपात से आप क्या समझते हैं?
पीई अनुपात यानी मूल्य-से-आय अनुपात एक वित्तीय संकेतक है जो यह दर्शाता है कि कोई निवेशक किसी कंपनी की एक रुपये की कमाई के लिए कितना भुगतान कर रहा है। पीई अनुपात 23.3 का मतलब है निवेशक अगले 12 महीनों में होने वाली अनुमानित कमाई के आधार पर शेयरों को 23.3 गुना कीमत पर खरीद रहे हैं।

पीबी अनुपात 3.4 के उच्च स्तर पर
रिपोर्य में यह भी बताया गया है कि भारत का 12 महीने का फॉरवर्ड प्राइस टू बुक (पीबी) अनुपात भी 3.4 के उच्च स्तर पर है। यह इसके 10 साल के औसत से 1.3 स्टैंडर्ड डिविएशन ऊपर है। 

पीबी एक वित्तीय अनुपात है, जो किसी कंपनी के शेयर की कीमत की तुलना उसकी बुक वैल्यू (यानी, संपत्ति और देनदारियों के बीच का अंतर) से करता है। यह दर्शाता है कि बाजार किसी कंपनी की शुद्ध संपत्ति का मूल्यांकन कैसे कर रहा है। 

अमेरिका दूसरे स्थान पर
भारतीय बाजार की तुलना में अमेरिका 12 महीने के अग्रिम पीई 22.4 और पीबी 4.7 के साथ दूसरे स्थान पर है। जबकि अमेरिका का पीई अनुपात भी अपने 10 साल के औसत से 1.6 स्टैंडर्ड डिविएशन ऊपर है, जो भारत जितना ही है। हालांकि, पीबी अनुपात 1.9 स्टैंडर्ड डिविएशन ऊपर है, जो भारत (1.3) की तुलना में काफी अधिक है।

अन्य उभरते बाजार की स्थिति
अन्य उभरते बाजार जैसे ताइवान पीई 16.1, पीबी 2.7 फिलीपींस पीई 10.6, पीबी 1.6, इंडोनेशिया पीई 11.2, पीबी 1.0 बहुत कम मूल्यांकन पर कारोबार कर रहे हैं। 

अन्य उभरते बाजारों की तुलना में भारत महंगा
रिपोर्ट के अनुसार व्यापाक उभरते बाजार (ईएम) सूचकांक का अग्रिम पीई 12.8 और पीबी 1.7 है। इससे यह स्पष्ट होता है कि भारत अन्य उभरते बाजारों की तुलना में कहीं अधिक महंगा है। 

आरओई एक महत्वपूर्ण वित्तीय अनुपात है जो यह दर्शाता है कि कोई कंपनी अपने शेयरधारकों के निवेश से कितना मुनाफा कमा रही है। रिटर्न ऑन इक्विटी (आरओई) तुलना,

भारत का आरओई


अमेरिका का आरओई


इमर्जिंग मार्केट्स औसतन

भारत का डिविडेंड यील्ड सबसे कम
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि भारत का डिविडेंड यील्ड प्रमुख वैश्विक बाजारों में सबसे कम है। यह वित्त वर्ष 2025 के लिए मामूली 1.2 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2026 के लिए 1.4 प्रतिशत है। 

निवेशकों की चिंता से बाजार के संवेदनशील बनने की संभावना
रिपोर्ट के मुताबिक, भले ही भारत के शेयर बाजारों का मूल्यांकन ऊंचा हो, लेकिन मजबूत बुनियादी आंकड़े जैसे कि उच्च आरओई और विकास की संभावना निवेशकों की रुचि को समर्थन देते रहेंगे। इन उच्च मूल्यांकन चिंताओं ने निवेशकों को भारतीय बाजारों के लिए सतर्क कर दिया है और सूचकांक पिछले 10 महीनों से दबाव में हैं, अंतिम उच्च सितंबर 2024 में बनाया गया था। हालांकि ऊंचे मूल्यांकन से ऊपर की ओर बढ़ने की संभावना सीमित हो सकती है। यह बाजार को वैश्विक उतार-चढ़ाव या घरेलू नीतिगत बदलावों के प्रति अधिक संवेदनशील बना सकता है।

IND vs ENG: इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ चौथे टेस्ट के लिए घोषित की प्लेइंग-11
इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ 23 जुलाई से मैनचेस्टर में होने वाले चौथे टेस्ट मैच के लिए प्लेइंग-11 घोषित कर दी है। इंग्लैंड ने इस मैच के लिए एक बदलाव किया है और ऑफ स्पिनर शोएब बशीर की जगह लियाम डॉवसन को मौका दिया है। डॉवसन की आठ साल बाद इंग्लैंड के लिए कोई टेस्ट मैच खेलेंगे। उन्होंने इससे पहले आखिरी बार 2017 में टेस्ट मैच खेला था। 

सीरीज में आगे चल रहा है इंग्लैंड
इंग्लैंड की टीम पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में फिलहाल 2-1 से आगे चल रही है। इंग्लैंड ने पहला और तीसरा टेस्ट मैट जीता था, जबकि भारत को एजबेस्टन में खेले गए दूसरे टेस्ट में जीत मिली थी। बशीर बाएं हाथ की अंगुली में चोट के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं। बशीर को तीसरे टेस्ट मैच के दौरान चोट लगी थी। लॉर्ड्स टेस्ट के दौरान बशीर ने ही भारत का आखिरी विकेट गिराकर इंग्लैंड को जीत दिलाई थी। 

काउंटी क्रिकेट के प्रदर्शन से वापसी करने में सफल रहे डॉवसन
बशीर के बाहर होने से 35 वर्षीय डॉवसन को मौका मिला। उन्होंने आखिरी बार दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ जुलाई 2017 में इंग्लैंड के लिए मैच खेला था। डॉवसन काउंटी क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर राष्ट्रीय टीम में वापसी करने में सफल रहे हैं। अब तक डॉवसन ने तीन टेस्ट मैच खेले हैं और सात विकेट लिए हैं तथा 84 रन बनाए हैं, जिसमें उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 66 रन रहा है।

मैनचेस्टर में इंग्लैंड का बेहतर रिकॉर्ड
भारतीय टीम अब सीरीज में वापसी के लिए बेताब होगी। भारत के लिए हालांकि, मैनचेस्टर की चुनौती आसान नहीं रहने वाली है। भारत ने अब तक मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में कुल नौ टेस्ट खेले हैं। इसमें से चार टेस्ट इंग्लैंड जीतने में कामयाब रहा है, जबकि पांच टेस्ट ड्रॉ रहे हैं। टीम इंडिया के पास हार और ड्रॉ के इस सिलसिले को तोड़ने का बेहतरीन मौका है और एक जीत सीरीज को दिलचस्प बना देगी।भारत के खिलाफ चौथे टेस्ट मैच के लिए इंग्लैंड की प्लेइंग-11 इस प्रकार है…
जैक क्राउली, बेन डकेट, ओली पोप (उपकप्तान), जो रूट, हैरी ब्रूक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जैमी स्मिथ (विकेटकीपर), लियाम डॉवसन, क्रिस वोक्स, ब्रायडन कार्स, जोफ्रा आर्चर।

 मॉस्को में यूक्रेन के हवाई हमले से तिलमिलाया रूस, नाटो की बैठक से पहले पलटवार
मॉस्को पर सोमवार तड़के रूस के बड़े ड्रोन हमलों से रूस तिलमिला गया है। रूस ने भी हमले के जवाब में पलटवार किया और कीव पर हाल के महीनों में से एक सबसे बड़ा हवाई हमला किया। रूस का यूक्रेन पर हमला ब्रिटेन व जर्मनी द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाटो सहयोगियों को यूक्रेन को हथियार देने की योजना पर चर्चा के वास्ते आयोजित बैठक की अध्यक्षता से कुछ ही घंटे पूर्व हुआ। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई और एक 12 वर्षीय बच्चे समेत 15 लोग घायल हो गए।

यूक्रेन ने रूस की राजधानी मॉस्को पर सोमवार तड़के बड़े ड्रोन हमले किए। इन हमलों के चलते मॉस्को के प्रमुख हवाई अड्डों पर अफरा-तफरी मच गई। सैकड़ों यात्री उड़ानें रद्द होने से या देरी से होने के कारण यात्रियों को कतारों में प्रतीक्षा करनी पड़ी या जमीन पर सोना पड़ा। इसके जवाब में, रूस ने भी अपने सबसे बड़े हवाई हमलों में से एक को लॉन्च किया। 

रूस के हमले ने यूक्रेन को पश्चिमी सैन्य मदद की जरूरत महसूस कराई
रविवार-सोमवार की दरम्यानी रात कीव पर हुए ड्रोन और मिसाइल हमले ने यूक्रेन को पश्चिमी सैन्य मदद (खासकर वायु रक्षा में) की तत्काल जरूरत महसूस कराई। यह हमला ट्रंप द्वारा कुछ ही दिनों में यूक्रेन पहुंचने की बात कहने के एक हफ्ते बाद किया गया है। 

कीव के डार्नित्स्की जिले में सबसे ज्यादा नुकसान 
एक ड्रोन ने कीव के शेवचेनकिव्स्की जिले में एख सबवे स्टेशन के प्रवेश द्वार पर हमला किया, जहां लोग छिपे हुए थे। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में स्टेशन धुएं से भरा हुआ दिखा, जिसमें कई लोग मौजूद थे। कीव के मेयर विटाली क्लिटस्को ने बताया कि वहां वेंटिलेशन की व्यवस्था करनी पड़ी। कीव के डार्नित्स्की जिले में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, जहां एक स्कूल, सुपरमार्केट और गोदामों में आग लग गई। 

फ्रांस के विदेश मंत्री ने तबाही का लिया जायजा
फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट, जो जेलेंस्की से मिलने कीव आए थे, उन्होंने इस तबाही का जायजा लिया। जेलेंस्की और बैरोट ने रक्षा सहयोग बढ़ाने पर बात की, जिसमें फ्रांसीसी कंपनियों द्वारा यूक्रेन में ड्रोन निर्माण शुरू करने का फैसला और यूरोपीय संघ की सदस्यता की ओर यूक्रेन के बढ़ते कदम शामिल हैं।

ट्रंप प्रशासन ने सार्वजनिक किए मार्टिन लूथर किंग जूनियर से जुड़े FBI के रिकॉर्ड
ट्रंप प्रशासन ने मार्टिन लूथर किंग जूनियर से जुड़े एफबीआई के रिकॉर्ड सार्वजनिक कर दिए हैं, जबकि उनके परिवार और उस नागरिक अधिकार संगठन ने इसका विरोध किया था, जिसका नेतृत्व किंग ने 1986 में हत्या तक किया था।

इन रिकॉर्ड्स में लगभग 2,00,000 पन्ने शामिल हैं, जो 1977 से अदालत के आदेश से छिपाकर रखे गए थे। एफबीआई ने ये रिकॉर्ड पहले इकट्ठा किए थे और बाद में इन्हें राष्ट्रीय अभिलेखागार विभाग को सौंप दिया था।

किंग के परिवार को पहले ही दे दी गई थी जानकारी 
किंग के परिवार, जिसमें उनके दो बच्चे मार्टिन तृतीय और बर्निस शामिल हैं, को पहले से ही बता दिया गया था कि ये रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएंगे। उन्होंने रिकॉर्ड सार्वजिनक होने से पहले अपनी टीम के साथ इन दस्तावेजों की समीक्षा की। 

पिता से जुड़ी जानकारी लोगों की दिलचस्पी का विषय
सोमवार (स्थानीय समयानुसार) को दिए गए एक लंबे बयान में, किंग के दोनों बच्चों मार्टिन लूथर किंग तृतीय और बर्निस किंग ने कहा कि उनके पिता से जुड़ी जानकारी लोगों की दिलचस्पी का विषय रही है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि ये जानकारी बहुत निजी है और लोगों को इसे पूरे ऐतिहासिक संदर्भ में ही समझना चाहिए।

चुनाव के समय दस्तावेज सार्वजनिक करने का ट्रंप ने किया था वादा
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति चुनाव के समय वादा किया था कि वह राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी की 1963 की हत्या से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करेंगे। जनवरी में राष्ट्रपति बनने के बाद, उन्होंने 1968 में रॉबर्ट एफ. कैनेडी और मार्टिन लूथर किंग की हत्याओं से जुड़े दस्तावेजों को भी सार्वजनिक करने के लिए एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए। सरकार ने मार्च में जेएफके कैनेडी के रिकॉर्ड खोले और अप्रैल में कुछ आरएफके फाइलों का खुलासा किया। 

इस देश में दो इजरायली सैनिक गिरफ्तार, लगा गंभीर आरोप

यूरोप के एक बड़े और प्रभावशाली देश में दो इजरायली सैनिकों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी एक फिलीस्तीन समर्थक समूह के युद्ध अपराधों का आरोप लगाने के बाद की गई है। ये दोनों सैनिक एक म्यूजिक फेस्टिवल में इजरायली सेना के गिवती ब्रिगेड का झंडा लहरा रहे थे। 

यूरोप के एक प्रभावशाली देश में दो इजरायली सैनिकों को गाजा में युद्ध अपराध के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। यह देश नाटो का संस्थापक सदस्य है और इसी देश में यूरोपीय यूनियन का हेडक्वार्टर भी मौजूद है। इस देश का नाम ब्रसेल्स है। इजरायली विदेश मंत्रालय ने सैनिकों की गिरफ्तारी की पुष्टि भी की है। यह गिरफ्तारी हिंद रजब फाउंडेशन (एचआरएफ) की दर्ज शिकायत के आधार पर की गई है। बेल्जियम के अधिकारियों ने इन दोनों सैनिकों से पूछताछ भी की है। हिंद रजब फाउंडेशन एक इजरायल विरोधी कानूनी संगठन है, जिसकी स्थापना मार्च 2024 में ब्रसेल्स में की गई थी।

सैनिकों पर युद्ध अपराध का लगाया था आरोप

एचआरएफ के अनुसार, टुमॉरोलैंड म्यूजिक फेस्टिवल में हिस्सा लेने वाले इन सैनिकों पर युद्ध अपराधों में शामिल होने का आरोप है। हालांकि, बेल्जियम ने जांच के तुरंत बाद सैनिकों को रिहा कर दिया। इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) और विदेश मंत्रालय दोनों इजरायली सैनिकों के संपर्क में हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि बेल्जियम में इन दोनों सैनिकों के खिलाफ कानूनी शिकायत हिंद रजब फाउंडेशन और ग्लोबल लीगल एक्शन नेटवर्क (जीएलएएन) ने दर्ज कराई थी।

हिंद रजब फाउंडेशन ने कहा कि दोनों व्यक्ति आईडीएफ की गिवती ब्रिगेड के झंडे लहरा रहे थे। फाउंडेशन ने आरोप लगाया कि इजरायल की यह ब्रिगेड “गाजा में लोगों के घरों, अस्पतालों और स्कूलों के व्यवस्थित विनाश और फिलिस्तीनी आबादी के खिलाफ बड़े पैमाने पर अत्याचार करने में शामिल रही है।” हालांकि, टुमॉरोलैंड म्यूजिक फेस्टिवल के आयोजकों ने दावा किया था कि इसका माहौल इजरायलियों के लिए मैत्रीपूर्ण हैं और उन्हें यहां कोई खतरा नहीं है।

हिंद रजब फाउंडेशन ने बेल्जियम की कार्रवाई की सराहना की

एचआरएफ ने दावा किया, “यूरोप में पहली बार, गाजा में अपराधों से जुड़े इजराइली संदिग्धों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया है और उनसे पूछताछ की गई है।” एचआरएफ ने कहा, “यह घटनाक्रम एक महत्वपूर्ण कदम है, क्योंकि यह संकेत देता है कि बेल्जियम ने अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत अपने अधिकार क्षेत्र को मान्यता दी है और आरोपों को उतनी ही गंभीरता से ले रहा है जितनी कि वे हकदार हैं।” बयान में आगे कहा गया, “और दुनिया भर के देशों के लिए: सार्वभौमिक अधिकार क्षेत्र केवल एक सिद्धांत नहीं है – यह एक दायित्व है।”

मदद वाले पैसों में हेरफेर… निमिषा प्रिया मामले में नया मोड़

युद्धग्रस्त यमन में फांसी की सजा का सामना कर रही एक भारतीय नर्स निमिषा प्रिया मामले में मृतक यमनी नागरिक तलाल अब्दो महदी के भाई ने एक मध्यस्थ पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि एक्टिविस्ट सैमुअल जेरोम निमिषा प्रिया को बचाने के नाम पर जुटाए गए पैसों में हेराफेरी कर रहे हैं।

यमन में मौत की सजा का सामना कर रही निमिषा प्रिया के मामले में अप्रत्याशित मोड़ आया है। इस मामले में मृतक यमनी नागरिक तलाल अब्दो महदी के भाई अब्दुल फतह महदी ने निमिषा प्रिया की रिहाई के लिए काम कर रहे एक एक्टिविस्ट सैमुअल जेरोम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अब्दुल फतह महदी ने आरोपों में कहा है कि जेरोम निमिषा प्रिया के नाम पर जुटाए गए पैसों में हेराफेरी कर रहे हैं।

जेरोम ने पैसों में की हेराफेरी!

महदी ने आरोप लगाया है कि जेरोम ने खुद को एक वकील के रूप में गलत तरीके से प्रस्तुत किया है। इसके अलावा उन्होंने यमन में पीड़ित परिवार की भागीदारी या जानकारी के बिना क्राउडफंडिंग के जरिए जुटाए गए 40,000 डॉलर सहित कई डोनेशन इकट्ठा किए। महदी ने जेरोम को अपने आरोप को गलत साबित करने की चुनौती दी। महदी ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, “(यमनी) राष्ट्रपति द्वारा फांसी की हरी झंडी मिलने के बाद, मैं उनसे (जेरोम से) सना में मिला, और उन्होंने मुझे एक बड़ी मुस्कान के साथ ‘बधाई’ कहकर अभिवादन किया।”

महदी ने जेरोम को दी चेतावनी

महदी ने जेरोम पर मध्यस्थता के नाम पर “हमारे बहाए गए खून” का व्यापार करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी, “अगर वह अपनी धोखेबाजी बंद नहीं करते हैं तो सच्चाई सामने आ जाएगी।” इस बीच, सेव निमिषा प्रिया इंटरनेशनल एक्शन काउंसिल ने जेरोम से खुद को अलग कर लिया।

निमिषा प्रिया को बचाने वाली काउंसिल ने खुद को अलग किया

काउंसिल के कानूनी सलाहकार, सुभाष चंद्रन के आर के अनुसार, जेरोम ने 27 दिसंबर को दूतावास के माध्यम से ट्रांसफर किए गए 20,000 डॉलर पाने के तुरंत बाद, 28 दिसंबर 2024 को ग्रुप को छोड़ दिया। चंद्रन ने कहा, “उनके जाने का कारण स्पष्ट रूप से काउंसिल में शुरू की गई उनके कार्यों की जांच थी।” चंद्रन ने कहा कि एक्शन काउंसिल ने जेरोम, उपाध्यक्ष दीपा जोसेफ और सदस्य बाबू जॉन से खुद को अलग कर लिया, क्योंकि उन्होंने 15 जुलाई को यमनी अधिकारियों द्वारा फांसी की सजा स्थगित करने के बाद मध्यस्थता प्रयासों को संभालने वाले व्यक्तियों का कथित रूप से अपमान किया था।

चंद्रन ने जेरोम पर झूठ बोलने का लगाया आरोप

चंद्रन ने कहा, “उन्होंने स्टे ऑर्डर की वैधता पर सवाल उठाया और सुन्नी नेता कंथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार और मध्यस्थता में शामिल यमनी सूफी विद्वानों का अपमान किया। उन्होंने झूठा दावा किया था कि वे इसका हिस्सा नहीं थे।” परिषद ने तलाल महदी के परिवार से विभिन्न संबंधित व्यक्तियों द्वारा पहुंचाई गई पीड़ा के लिए क्षमा याचना की। चंद्रन के अनुसार, निमिषा प्रिया और तलाल महदी, दोनों के परिवार धोखे का शिकार हुए हैं।

जगदीप धनखड़ को उपराष्‍ट्रपति रहते कितनी मिल रही थी सैलरी

भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे पत्र में उन्होंने तत्काल प्रभाव से पद छोड़ने की जानकारी दी। उपराष्ट्रपति के तौर पर उन्हें 4 लाख रुपये मासिक वेतन और कई भत्ते व सुविधाएं मिलती थीं, क्योंकि वह राज्यसभा के सभापति भी थे

भारत के 14वें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों और चिकित्सीय सलाह का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक औपचारिक पत्र लिखकर संविधान के अनुच्छेद 67 (ए) के अनुसार तत्काल प्रभाव से पद छोड़ने के अपने फैसले की जानकारी दी। अगस्त 2022 में पदभार संभालने के बाद से धनखड़ ने उपराष्ट्रपति के रूप में अपनी भूमिका निभाई, जिसमें वह राज्यसभा के सभापति भी थे। कई लोगों के मन में सवाल है कि उपराष्‍ट्रपति रहते हुए धनखड़ को कितनी सैलरी मिल रही थी। वह और किस तरह के भत्‍तों और सुविधाओं के हकदार थे। आइए, यहां इसके बारे में जानते हैं।

उपराष्‍ट्रपत‍ि को क‍ितनी म‍िलती है सैलरी?

उपराष्ट्रपति रहते हुए जगदीप धनखड़ को हर महीने 4 लाख रुपये का वेतन मिल रहा था। लेकिन, यह जानना महत्वपूर्ण है कि भारत में उपराष्ट्रपति पद के लिए सीधे तौर पर कोई वेतन निर्धारित नहीं होता है। इसके बजाय, उपराष्ट्रपति को यह वेतन राज्यसभा के पदेन सभापति (एक्‍स-ऑफिसियो चेयरमैन) के रूप में मिलता है। यह व्यवस्था ‘संसद अधिकारी के वेतन और भत्ते अधिनियम, 1953’ के तहत की गई है। 2018 में हुए संशोधन से पहले यह वेतन 1.25 लाख रुपये प्रति माह था। इसे बाद में बढ़ाकर 4 लाख रुपये कर दिया गया था।

क‍िन-क‍िन भत्तों और सुव‍िधाओं के हकदार

वेतन के अलावा, उपराष्ट्रपति को कई अन्य भत्ते और सुविधाएं भी मिलती हैं, जिनमें शामिल हैं:

सरकारी आवास: उन्हें दिल्ली में एक मुफ्त सरकारी आवास (उपराष्ट्रपति भवन) मिलता है।

मुफ्त चिकित्सा सुविधा: उन्हें और उनके परिवार को व्यापक चिकित्सा सुविधाएं मिलती हैं।

यात्रा सुविधाएं: उन्हें ट्रेन और हवाई यात्रा की मुफ्त सुविधा उपलब्ध हैं।

संचार सुविधाएं: इसमें लैंडलाइन कनेक्शन और मोबाइल फोन सेवाएं शामिल हैं।

दैनिक भत्ता: आधिकारिक कर्तव्यों के लिए दैनिक भत्ता भी मिलता है।

सुरक्षा और स्टाफ: उन्हें उच्च स्तरीय व्यक्तिगत सुरक्षा के साथ-साथ आधिकारिक कामों में सहायता के लिए पर्याप्त स्टाफ भी प्रदान किया जाता है।

वाहन और परिवहन: आधिकारिक वाहनों के साथ चालक और ईंधन के खर्च की सुविधा भी मिलती है।

कार्यालय व्यय: कार्यालय के रखरखाव और आधिकारिक खर्चों के लिए भत्ता दिया जाता है।

संसद सदस्‍यों का जताया आभार

अपने कार्यकाल को याद करते हुए धनखड़ ने संसद सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। कहा कि उन्हें मिला स्नेह और विश्वास उनकी यादों में हमेशा रहेगा। उन्होंने अपने कार्यकाल को सीखने और विकास की एक अमूल्य अवधि बताया। उन्होंने भारत के आर्थिक उत्थान और वैश्विक स्थिति के ‘परिवर्तनकारी युग’ में सेवा करने के विशेषाधिकार पर जोर दिया। उनका इस्तीफा भारतीय राजनीतिक परिदृश्य में अप्रत्याशित घटना है।

भस्मारती के दौरान महाकाल मंदिर में विवाद,बीजेपी विधायक के बेटे पर जबरन गर्भगृह में घुसने का आरोप, बंद हो गया लाइव प्रसारण

मध्य प्रदेश के इंदौर विधानसभा 3 से विधायक गोलू शुक्ला के बेटे रुद्राक्ष एक बार फिर से विवादों में आ गए हैं। आरोप है कि रुद्राक्ष ने भस्म आरती के दौरान जबरन महाकाल के गर्भगृह में घुसने की कोशिश की। जब महाकाल मंदिर के कर्मचारी ने अंदर जाने से रोका तो उसके साथ अभद्रता की। 

इंदौर विधानसभा 3 से विधायक गोलू शुक्ला के बेटे रुद्राक्ष एक बार फिर से विवादों में आ गए हैं। आरोप है कि रुद्राक्ष ने भस्म आरती के दौरान जबरन महाकाल के गर्भगृह में घुसने की कोशिश की। जब महाकाल मंदिर के कर्मचारी ने अंदर जाने से रोका तो उसके साथ अभद्रता की।

सूचना के अनुसार विधायक गोलू शुक्ला अपने बेटे के साथ रविवार की रात कांवड़ यात्रा लेकर उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर पहुंचे। आरोप है कि जब मंदिर कर्मचारी आशीष दुबे ने रुद्राक्ष को गर्भगृह के चौखट पर रोका तो उसने आशीष के साथ अभद्रता की और उसका गला पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि इस दौरान महाकाल भस्म आरती का लाइव प्रसारण भी बंद करा दिया गया। 

कांग्रेस छोड़ BJP में आए, 17 महीने बाद भी नहीं मिली कोई बड़ी जिम्मेदारी

राजस्थान में विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए कई दिग्गज नेताओं को भजनलाल सरकार के डेढ़ साल के कार्यकाल में कोई खास पद नहीं मिला है। बीजेपी में ‘मलाई’ खाने की उम्मीद में आए ये नेता अब न घर के रहे, न घाट के।

राजस्थान में विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा की लहर को देखकर कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं ने पार्टी छोड़ दी और उन्होंने बीजेपी ज्वाइन कर ली। इधर, भजनलाल सरकार का डेढ़ साल का कार्यकाल होने के बाद भी ऐसे नेताओं का पार्टी में कोई खास वजूद नहीं बन पाया है। बीजेपी में मलाई खाने की आस में कांग्रेस छोड़ने वाले ऐसे नेता ना घर के रहे, ना घाट के। अब तक इन नेताओं को कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं मिल पाई है, जो सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। इन नेताओं के परफॉर्मेंस की बात करें, तो यह नेता अब बीजेपी पार्टी के प्रति उदासीन से दिखाई दे रहे हैं।

कांग्रेस छोड़ी और बीजेपी में भी नहीं मिली मलाई

राजस्थान में विधानसभा चुनाव 2023 और लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस से बड़ी संख्या में दिग्गज नेता बीजेपी में शामिल हुए, जो उस समय सियासी गलियारों में काफी चर्चा का विषय रही। इधर, बीजेपी में अपना कद बढ़ने की आशा में इन नेताओं ने पार्टी का दामन छोड़ दिया, लेकिन जब बीजेपी ज्वाइन की, तो उनकी मलाई खाने की आस भी अधूरी रह गई। राजस्थान में बीजेपी सरकार को डेढ़ साल का समय बीत गया है, लेकिन ऐसे नेताओं को अभी तक पार्टी में कोई मजबूत वजूद नहीं मिल पाया हैं। इसके कारण अब तो यह नेता उदासीन से दिखाई दे रहे हैं। यह नेता पार्टी में कोई सक्रिय भागीदारी भी नहीं निभा रहे हैं, न हीं इनके पास संगठन का कोई जिम्मा है।

कई नेता तो पार्टी गतिविधियों से काफी दूर

इधर, भाजपा में कोई जिम्मेदारी और वजूद नहीं होने के कारण अब यह नेता उदासीन दिखाई दे रहे हैं, इन्हें न तो कोई पार्टी में जिम्मा मिल पाया है, न ही कोई पार्टी के अभियानों में उनकी सहभागिता देखने को मिली है। बताया जा रहा है कि इसके कारण कई ऐसे नेता तो बीजेपी ज्वाइन करने के बाद एक दिन भी पार्टी कार्यालय नहीं आए। हालांकि इनमें से कुछ नेता ऐसे हैं, जो लगातार बीजेपी के प्रदेश मुख्यालय के संपर्क में है।

कांग्रेस से बगावत कर यह नेता हुए भाजपा में शामिल

कांग्रेस से बगावत कर बीजेपी में शामिल होने वाले दिग्गज नेताओं की लंबी लिस्ट है। इनमें पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा, गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके महेंद्रजीत सिंह मालवीय, गिर्राज सिंह मलिंगा, दर्शन सिंह गुर्जर, सुभाष मील, रमेश खींची, पूर्व कृषि मंत्री लालचंद कटारिया, पूर्व गृह राज्य मंत्री राजेंद्र यादव, रिछपाल मिर्धा, आलोक बेनीवाल, खिलाड़ी लाल बैरवा और पूर्व विधायक जेपी चंदेलिया समेत कई कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने बीजेपी का दामन थामा, लेकिन अफसोस सरकार के डेढ़ साल के कार्यकाल के बाद भी अब तक इन नेताओं का पार्टी में कोई खास वजूद नहीं बन पाया है।

भगवा कपड़ा, कंधे पर कावड़, अमरकंटक से नर्मदा का जल लेकर निकलीं बीजेपी विधायक

सावन के महीने में कावड़ यात्रा निकाली जाती हैं। दूसरे सावन सोमवार को छत्तीसगढ़ बीजेपी विधायक भावना बोहरा ने कावड़ यात्रा शुरू की है। इस यात्रा की चर्चा हो रही है। सोमवार को उन्होंने अमरकंटक से नर्मदा जल लेकर यात्रा शुरू की है। वह करीब 150 किमी पैदल चलकर कबीरधाम में स्थिति प्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर में भगवान शिव का अभिषेक करेंगी।

पंडरिया से हैं विधायक

भावना बोहरा , कबीरधाम जिले के पंडरिया विधानसभा क्षेत्र की विधायक हैं। उन्होंने बताया कि सावन माह के द्वितीय सोमवार के पावन अवसर पर मां नर्मदा मंदिर अमरकंटक में पूजा-अर्चना कर प्रदेश वासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना करेंगी। उन्होंने कहा कि यह कावड़ यात्रा केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि आस्था, अनुशासन, पर्यावरण प्रेम और हमारी संस्कृति से जुड़ी एक महत्वपूर्ण रीति भी है।

भावना बोहरा, भगवा कपड़े पहनकर अमरकंटक पहुंची थी। तन पर भगवा कपड़ा और कंधे पर कावड़ लेकर वह बोल-बम के नारे लगाते हुए आगे बढ़ रही हैं। इस दौरान उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक और श्रद्धालु भी शामिल हैं। भावना बोहरा ने अपने यात्रा की एक फोटो शेयर की है जिसमें वह नंगे पैर जंगली रास्तों से पैदल चल रही हैं।

इस यात्रा का समापन 27 को होगा। भावना बोहरा ने कहा कि- यह शिव भक्ति के साथ-साथ जीवन में अनुशासन और सामाजिक समरसता का अद्भुत उदाहरण है। सबके जीवन में सुख-समृद्धि का वास हो,हमारा छत्तीसगढ़ निरंतर विकास के पथ पर अग्रसर हो यही हमारी कामना है। मैं सभी श्रद्धालुओं, कांवड़ यात्रियों का आभार व्यक्त करती हूं जो आस्था,विश्वास और सनातन संस्कृति की इस महत्वपूर्ण यात्रा में मेरे साथ सहभागी बने हैं।

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