आज के बड़े इवेंट्स
>पीएम मोदी को दो दिन का साइप्रस दौरा, 20 साल में यह पीएम का पहला दौरा
> गृहमंत्री अमित शाह यूपी में पुलिस भर्ती में सफल युवाओं को रोजगार पत्र सौंपेंगे
> आयरलैंड और वेस्टइंडीज के बीच टी-20 क्रिकेट सीरीज का पहला मैच
भारत ने ईरान पर इजरायली हमलों की निंदा करने वाले SCO के बयान से खुद को अलग किया
भारत ने शनिवार को SCO यानी शंघाई सहयोग संगठन के एक बयान से खुद को अलग कर लिया। इस बयान में ईरान पर हाल ही में हुए इजरायली हमलों की निंदा की गई है। भारत ने साफ किया कि इस समूह की टिप्पणियों को लेकर हुई बातचीत में उसने भाग नहीं लिया था। विदेश मंत्रालय (MEA) ने शनिवार को जारी बयान में कहा, “शंघाई सहयोग संगठन ने इजरायल और ईरान के बीच हालिया घटनाक्रमों पर एक बयान जारी किया है।

भारत ने शनिवार को SCO यानी शंघाई सहयोग संगठन के एक बयान से खुद को अलग कर लिया। इस बयान में ईरान पर हाल ही में हुए इजरायली हमलों की निंदा की गई है। भारत ने साफ किया कि इस समूह की टिप्पणियों को लेकर हुई बातचीत में उसने भाग नहीं लिया था। विदेश मंत्रालय (MEA) ने शनिवार को जारी बयान में कहा, “शंघाई सहयोग संगठन ने इजरायल और ईरान के बीच हालिया घटनाक्रमों पर एक बयान जारी किया है। भारत SCO के उक्त बयान पर हुई चर्चा में शामिल नहीं हुआ।” MEA ने इजरायल-ईरान तनाव पर भारत के स्वतंत्र रुख को फिर से दोहराया। यह रुख पहली बार 13 जून को सामने आया था। भारत ने शांति और बातचीत का आह्वान किया है।
यह भी गौरतलब है कि पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों के खिलाफ भारत के मिलिट्री एक्शन ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इजरायल दुनिया का इकलौता ऐसा देश था, जिसने खुलकर भारत का साथ दिया था। शंघाई सहयोग संगठन के बयान से खुद को अलग करने के भारत के रुख को इसी नजरिये से देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इजरायल-ईरान के मुद्दे पर इसलिए तटस्थ बना हुआ है क्योंकि उसका साफ मानना है कि ऐसे विवादों का एकमात्र समाधान बातचीत का रास्ता है।
भारत समेत दुनियाभर के हवाई हादसों में असमय हजारों जिंदगियां जाने का दर्द जितना अधिक होता है, हादसे की जांच भी उतनी ही टीस देती है। कई मामलों में जांच वर्षों तक लंबित रही, तो कई की जांच आज तक पूरी नहीं हो सकी। कई हादसों में तो तकनीकी कारणों को ही जिम्मेदार बताकर मामला शांत कर दिया जाता है। अक्सर दोषियों पर कार्रवाई तक नहीं हो पाती।
27 साल का इंतजार खत्म… साउथ अफ्रीका ऑस्ट्रेलिया को रौंदकर टेस्ट के वर्ल्ड चैंपियन बने
साउथ अफ्रीका के आईसीसी ट्रॉफी जीतने का 27 साल का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। 1998 में चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद साउथ अफ्रीका को एक के बाद एक आईसीसी ट्रॉफी निराशा हाथ लग रही थी। पूरे टूर्नामेंट में विस्फोटक खेल दिखाने के बाद भी टीम नॉकआउट में जाकर चोक कर जाती थी। टीम को चोकर्स का टैग मिल गया था। लेकिन अब विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2023-25 के खिताबी मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को हरा दिया है।
साउथ अफ्रीका के आईसीसी ट्रॉफी जीतने का 27 साल का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। 1998 में चैंपियंस ट्रॉफी जीतने के बाद साउथ अफ्रीका को एक के बाद एक आईसीसी ट्रॉफी निराशा हाथ लग रही थी। पूरे टूर्नामेंट में विस्फोटक खेल दिखाने के बाद भी टीम नॉकआउट में जाकर चोक कर जाती थी। टीम को चोकर्स का टैग मिल गया था। लेकिन अब विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2023-25 के खिताबी मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया को हरा दिया है। एडेन मार्करम के संघर्षपूर्ण शतक और टेम्बा बावुमा की कप्तानी पारी से साउथ अफ्रीका को यह जीत मिली। लंदन के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर खेले गए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में साउथ अफ्रीका को जीत के लिए 282 रनों का टारगेट मिला था, उसने खेल के चौथे दिन पहले सेशन में 5 विकेट खोकर 285 रन बना लिए। इस तरह से टीम को 5 विकेट से जीत मिली।
साउथ अफ्रीका की जीत के हीरो रहे एडेन मार्करम ने 207 गेंद में 136 रनों की पारी खेली। पहली पारी में मार्करम अपना खाता भी नहीं खोल पाए थे। जब वह आउट हुए तो टीम को जीत के लिए सिर्फ 6 रनों की जरूरत थी। मार्करम का बेहतरीन साथ निभाने वाले कप्तान टेम्बा बावुमा चौथे दिन के पहले सेशन में ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक पाए और 66 रन बनाकर आउट हुए। ऑस्ट्रेलिया ने कसी हुई गेंदबाजी की। साउथ अफ्रीका की टीम थोड़ी परेशानी में दिखी लेकिन अंत में टारगेट तक पहुंच गई। बेडिंघम और वेरेने की जोड़ी ने टीम को लक्ष्य तक पहुंचा।
5 खिलाड़ी जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया को दिया धोखा, बैक टू बैक खिताब जीतने का सपना हुआ चकनाचूर
उस्मान ख्वाजा ऑस्ट्रेलिया के सबसे अनुभवी बल्लेबाजों में शामिल हैं लेकिन उनके लिए यह फाइनल किसी बुरे सपने की तरह रहा। पहली पारी में वह 20 गेंद खेलने के बाद जीरो के स्कोर पर आउट हुए। दूसरी पारी में 23 गेंद पर 6 रन बनाए। इससे ऑस्ट्रेलिया शुरुआत में ही दबाव में आ गई। जोश हेजलवुड से ऑस्ट्रेलिया को काफी उम्मीद थी। लेकिन उन्होंने टीम को निराश किया। पहली पारी में उन्होंने एक विकेट लिया। दूसरी पारी में भी एक विकेट मिला लेकिन वह विकेट अंत में आया, जब टीम की हार पक्की हो गई थी। हेजलवुड अपने करियर में पहली बार फाइनल मुकाबला हारे हैं। कैमरून ग्रीन लंबे समय बाद इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी कर रहे हैं। खिताबी मुकाबले में उन्हें नंबर तीन पर खेलने का मौका मिला। दोनों पारियों को मिलाकर वह सिर्फ 5 ही गेंद टिक पाए। दोनों पारी में वह ख्वाजा के आउट होने वाले ओवर में ही आउट हो गए। नाथन लायन को ऑस्ट्रेलिया की हार का सबसे बड़ा विलेन कहा जाए तो गलत नहीं होगा। फाइनल मुकाबले में वह विकेट ही नहीं ले पाए। पहली पारी में 8 ओवर डाले और उनका हाथ खाली रहा। चौथी पारी में पिच में अच्छी टर्न थी। गेंद भी ऊपर नीचे रही इसके बाद भी लायन 26 विकेट में कोई सफलता हासिल नहीं कर पाए। टेस्ट चैंपियनशिप 2023 और विश्व कप 2023 के फाइनल में ट्रेविस हेड ऑस्ट्रेलिया की जीत के हीरो थे। उन्होंने दोनों फाइनल में शतक लगाया था लेकिन साउथ अफ्रीका के खिलाफ फेल रहे। पहली पारी में 11 और दूसरी पारी में उनके बल्ले से सिर्फ 9 रन निकले।
लॉर्ड्स पर दूसरा सबसे बड़ा रन चेज
लॉर्ड्स के मैदान पर यह टेस्ट इतिहास में दूसरा सबसे बड़ा रनचेज है। इस मैच से पहले यहां सिर्फ चार बार ही चौथी पारी में 200 से ज्यादा का स्कोर चेज हो पाया था। अब साउथ अफ्रीका ने भी यह कमाल कर दिया है। इस मैदान पर सबसे बड़े रन चेज का रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के नाम है। 1984 में इंग्लैंड के खिलाफ वेस्टइंडीज ने चौथी पारी में 342 रनों का टारगेट चेज किया था। इंग्लैंड ने 2004 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 282 रन बनाकर ही जीत हासिल की थी।
‘प्लेन में बिल्कुल आवाज नहीं थी, पहले कभी ऐसा नहीं देखा’, अहमदाबाद विमान हादसे का लाइव वीडियो बनाने वाले लड़के ने क्या बताया?
अहमदाबाद विमान हादसे का जो सबसे पहला लाइव वीडियो सामने आया था। उसे एक 17 साल के लड़के ने बनाया था। पुलिस ने उस लड़के का बयान दर्ज किया है। लड़के का नाम आर्यन है। उसने बताया कि दुर्घटना कैसे हुई? उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। हालांकि पुलिस ने साफ किया है कि लड़के को हिरासत में नहीं लिया गया है। उसे गवाह के तौर पर बुलाया गया था। अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने बताया कि लड़के का बयान गवाह के तौर पर दर्ज किया गया है। आर्यन अक्सर विमानों के वीडियो बनाता है। दुर्भाग्य से इस दिन उसने एक भयानक दुर्घटना का वीडियो बना लिया।
तीसरे विश्वयुद्ध के मुहाने पर है दुनिया? अमेरिकी अधिकारी ने इजरायल के हमले को लेकर दी थी चेतावनी
क्या तीसरा विश्वयुद्ध शुरू होने वाला है? ये सवाल इस समय बहुत तेजी से उठ रहा है, क्योंकि मध्य पूर्व में दो कट्टर दुश्मन इजरायल और ईरान एक दूसरे के साथ भीषण जंग में उतर चुके हैं। इजरायल ने ईरान के सैन्य और परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमला किया। इस हमले में ईरान का शीर्ष सैन्य नेतृत्व और शीर्ष परमाणु वैज्ञानिकों को खत्म दिया गया। इसके बाद शुक्रवार-शनिवार की रात ईरान ने इजरायल पर जवाबी कार्रवाई शुरू की है, जिसमें इजरायली शहरों में ईरानी मिसाइलों ने तबाही मचाई है।
क्या तीसरा विश्वयुद्ध शुरू होने वाला है? ये सवाल इस समय बहुत तेजी से उठ रहा है, क्योंकि मध्य पूर्व में दो कट्टर दुश्मन इजरायल और ईरान एक दूसरे के साथ भीषण जंग में उतर चुके हैं। इजरायल ने ईरान के सैन्य और परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमला किया। इस हमले में ईरान का शीर्ष सैन्य नेतृत्व और शीर्ष परमाणु वैज्ञानिकों को खत्म दिया गया। इसके बाद शुक्रवार-शनिवार की रात ईरान ने इजरायल पर जवाबी कार्रवाई शुरू की है, जिसमें इजरायली शहरों में ईरानी मिसाइलों ने तबाही मचाई है।
इजरायल और ईरान का युद्ध जैसे-जैसे बढ़ रहा है, महायुद्ध का खतरा भी करीब आता दिखाई दे रहा है। इजरायल के हमला शुरू करने से कुछ घंटे पहले ही एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने मौजूदा खतरे को अतीत में किसी भी समय की तुलना में अधिक खतरनाक बताया था। अमेरिकी अधिकारी ने यह चेतावनी तब दी थी, जब इजरायल ईरान पर बड़ा सैन्य हमला करने जा रहा था।
ईरान का परमाणु कार्यक्रम
इजरायल का ईरान पर हमला ऐसे समय में हुआ है, जब डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन तेहरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को रोकने के उद्येश्य से तेहरान के साथ गहन बातचीत कर रहा था। ट्रंप प्रशासन ने इजरायली हमले के बाद भी तेहरान से बातचीत में शामिल होने को कहा है। हालांकि, इजरायल का कहना है कि ईरान तेजी से परमाणु बम बनाने में जुटा है और बातचीत को ढाल के रूप में इस्तेमाल कर रहा है।
क्यों है तीसरे विश्वयुद्ध का खतरा?
वॉशिंगटन पोस्ट ने एक वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक के हवाले से बताया कि विश्वयुद्ध का खतरा पिछले कई वर्षों के मुकाबले इस बार सबसे ज्यादा है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ‘हम इस पर नजर रख रहे हैं और चिंतित हैं। हमें लगता है कि यह पहले के किसी भी समय की तुलना में अधिक गंभीर है।’ राजनयिक ने कहा था कि इजरायल का अकेले ईरान पर हमला करने क्षेत्र को अराजकता में धकेल सकता है। ईरान के जवाबी कार्रवाई करने और अन्य देशों के भी इसमें शामिल होने की संभावना के साथ यह सैन्य संघर्ष जल्द ही नियंत्रण से बाहर हो सकता है।
हवाई हादसों में जांच निष्कर्ष पर सवाल, हवाई साबित हुई कार्रवाई
विमानन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि जांच से न सिर्फ हादसों के कारणों का खुलासा होता है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों की उड़ान सुरक्षा तय करती हैं। पारदर्शिता, विशेषज्ञता और समयबद्धता इस प्रक्रिया का मूल आधार होती है। कुछ मामलों में यह नजर आई, लेकिन कई हादसों पर सवाल भी उठे कि क्या पूरी सच्चाई सामने आ पाई। कुछ निष्कर्ष तो विवादों में घिर गए। हादसे की जांच रिपोर्ट आने में औसतन 1 से 3 साल लगते हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय नियम कहते हैं कि 12 महीने में रिपोर्ट आ जानी चाहिए। कई मामलों में जांच एजेंसियों पर राजनीतिक दबाव, विमान कंपनियों से मिलीभगत या तकनीकी जानकारी सार्वजनिक न करने के आरोप लगते हैं।
सबसे रहस्यमयी हादसा, मलयेशिया विमान ही गायब हो गया
मलयेशियन एयरलाइंस के विमान एमएच 370 को विमानन इतिहास की सबसे रहस्यमयी घटना माना जाता है। 8 मार्च, 2014 को कुआलालंपुर से बीजिंग जा रहा यह विमान रहस्यमयी ढंग से गायब हो गया। उड़ान भरने के कुछ देर बाद विमान रडार से ही गायब हो गया। आज तक इसका मलबा भी नहीं मिला है। कई अंतरराष्ट्रीय जांच एजेंसियों ने वर्षों तक तलाश की, लेकिन कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकल सका। मलयेशिया सरकार ने जुलाई, 2018 में पेश अंतिम रिपोर्ट ने कहा कि विमान को जानबूझकर दिशा से भटकाया गया, लेकिन यह नहीं बताया गया कि जिम्मेदार कौन था? रिपोर्ट अधूरी और निराशाजनक मानी गई।
सुपरसोनिक कॉनकार्ड…हादसे के बाद स्थायी रूप से रिटायर
ध्वनि से दोगुनी गति (मैक 2) से उड़ान भरने वाले सुपरसोनिक कॉनकॉर्ड दुनिया का सबसे तेज गति से उड़ने वाला यात्री विमान था। पर, 25 जुलाई, 2002 को पेरिस के निकट हुई भीषण दुर्घटना ने इस पर ब्रेक लगा दिया। तब, एअर फ्रांस का कॉनकॉर्ड विमान 4590 पेरिस के चार्ल्स डे गॉल हवाई अड्डे से न्यूयॉर्क के लिए उड़ान भर रहा था। टेकऑफ के तुरंत बाद उसमें आग लग गई और वह होटल से टकरा कर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार चालक दल समेत सभी 109 और जमीन पर 4 लोगों की मौत हो गई। जांच में सामने आया कि रनवे पर पड़े छोटे टाइटेनियम के टुकड़े ने कॉनकॉर्ड के टायर को फाड़ दिया। तेज रफ्तार पर टायर फटने से टुकड़े ऊपर की ओर उछले और ईंधन टैंक में छेद कर दिया। इससे तेल रिसाव और आग लग गई। जांच में पता चला कि कॉनकॉर्ड की फ्यूल टैंक डिजाइन में आग प्रतिरोध की कमी थी। इसे तत्काल रोक दिया गया। कुछ तकनीकी बदलावों के साथ 2001 में सीमित सेवा बहाल हुई, पर अत्यधिक लागत, कम यात्रियों की संख्या और सुरक्षा की चिंता के कारण 2003 में कॉनकॉर्ड को स्थायी रूप से रिटायर कर दिया गया। यह विमान लगभग 2,180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ने में सक्षम था।
जानबूझकर क्रैश किया, 150 की मौत
2015 में बार्सिलोना से डसेलडॉर्फ जा रहे जर्मनविंग्स फ्लाइट 9525 को को-पायलट ने जानबूझकर फ्रेंच आल्प्स में क्रैश कर दिया। 150 लोगों की मौत हुई। ब्लैक बॉक्स और कॉकपिट रिकॉर्डिंग से 3 महीने के भीतर सटीक जानकारी सामने आई। पायलट की मानसिक स्थिति को जिम्मेदार ठहराया गया। इस घटना के बाद कई देशों ने पायलटों की मानसिक जांच की व्यवस्था को सख्त किया। इसके बाद यूरोपीय संघ ने कॉकपिट में दो क्रू सदस्यों की अनिवार्यता लागू की।
एयर फ्रांस फ्लाइट 447 तकनीकी विफलता और प्रशिक्षण में खामी
2009 में रियो से पेरिस जा रहे इस विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से 228 लोगों की जान गई। विमान अटलांटिक महासागर में गिरा और मलबा वर्षों बाद मिला। जांच निष्कर्ष में फ्रांस की बीईए ने पाया कि आइसिंग के कारण एयरस्पीड सेंसर काम नहीं कर रहे थे और पायलटों ने गलत प्रतिक्रिया दी। रिपोर्ट के बाद एयरबस विमानों में ऑटोमेशन और प्रशिक्षण प्रणाली में व्यापक बदलाव हुए।
सॉफ्टवेयर की खामी से बोइंग 737 मैक्स हादसा
2018-19 में दो अलग-अलग देशों इथियोपिया और इंडोनेशिया में बोइंग 737 मैक्स विमान गिरने से 346 जानें गईं। जांच निष्कर्ष में अमेरिका की फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) और बोइंग पर सॉफ्टवेयर खामी छुपाने का आरोप लगा। जांच रिपोर्ट करीब डेढ़ साल में आईं। रिपोर्टों ने कंपनी और नियामकों दोनों की भूमिका पर सवाल खड़े किए। इसके परिणामस्वरूप 737 मैक्स विमानों को करीब 20 महीने तक ग्राउंड कर दिया गया।
कनिष्क आतंकवाद का शिकार
1984 में आयरिश हवाई क्षेत्र में उड़ते समय 9,400 मीटर की ऊंचाई पर एअर इंडिया फ्लाइट 182 कनिष्क को बम से उड़ा दिया गया और वह अटलांटिक महासागर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान में सवार सभी 329 लोग मारे गए। यह भारत की अब तक की सबसे घातक विमान दुर्घटना है। कनाडा की जांच रिपोर्ट में बताया गया कि यह खालिस्तान समर्थकों द्वारा किया गया आतंकी हमला था। सुरक्षा एजेंसियों की खुफिया चूक और हवाई सुरक्षा की विफलता को चिन्हित किया गया। इस मामले में न्याय प्रक्रिया धीमी रही और मुख्य दोषियों को सजा नहीं मिल पाई, जिससे पीड़ित परिवारों में आक्रोश रहा। इसकी अंतिम न्यायिक जांच रिपोर्ट आने में करीब 21 साल लग गए और कनाडा सरकार ने 2006 में रिपोर्ट जारी की।
अरब सागर में गिरा विमान
मुंबई से दुबई के लिए उड़ान भरने के कुछ मिनटों बाद एअर इंडिया फ्लाइट 855 वर्ष 1978 में अरब सागर में गिर गया। इसमें 213 यात्रियों की मौत हुई। जांच के बाद पता चला कि पायलट ने इंस्ट्रूमेंट रीडिंग को सही तरीके से नहीं पढ़ा, जिससे विमान असंतुलित होकर गिर गया। रिपोर्ट में प्रशिक्षण और इंस्ट्रूमेंट डिटेक्शन में सुधार की सिफारिश की गई थी।
मध्यप्रदेश में दो विमानों की टक्कर
सऊदी अरब एयरलाइंस और कजाखस्तान एयरलाइंस के विमान 1996 में मध्यप्रदेश के मंडला जिले में हवा में ही टकरा गए। 349 लोगों की मौत हुई। जांच में टक्कर की मुख्य वजह कजाखस्तान एयरलाइंस के पायलट का गलत ऊंचाई पर उड़ान भरना पाया गया। रिपोर्ट में एयर ट्रैफिक कंट्रोल और भाषा संबंधी सीमाओं को भी जिम्मेदार ठहराया गया। इसके बाद भारत ने दिल्ली क्षेत्र में सेकेंडरी रडार और मिड एयर कोलिजन अवॉइडेंस सिस्टम (टीसीएएस) को अनिवार्य किया।
एचएएल डॉर्नियर 228 हादसे (2022, अरुणाचल प्रदेश), छोटे विमान की सुरक्षा पर सवाल
भारतीय सेना का विमान प्रशिक्षण उड़ान के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ। यह रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं हुई है। इससे सैन्य उड्डयन हादसों की जांच पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।
रनवे से फिसला, पायलट की मिली गलती
22 मई 2010 को दुबई से मंगलुरु आया एअर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट 812 लैंडिंग के दौरान टेबलटॉप रनवे पार कर खाई में गिरा। 158 लोगों की जान गई।जांच रिपोर्ट करीब डेढ़ साल में आई और पायलट की गलती, संचार में कमी और रनवे की डिजाइन को दोषी ठहराया गया। इसके बाद कई सिफारिशें की गईं, लेकिन रनवे सुधारों में कई वर्ष और लग गए।
आज से तीन देशों की यात्रा पर पीएम, कनाडा में G-7 की बैठक में होंगे शामिल; इन देशों का भी करेंगे दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 19 जून तक विदेश यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान वह साइप्रस, कनाडा व क्रोएशिया जाएंगे। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पीएम मोदी के इस पहले विदेश दौरे को द्विपक्षीय रिश्तों को बढ़ाने व यूरोपीय संघ और भूमध्यसागरीय क्षेत्र के साथ भारत के जुड़ाव को मजबूत करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है। कनाडा में वह जी-7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के अलावा पीएम मार्क कार्नी के साथ द्विपक्षीय बैठक भी करेंगे।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि यात्रा के पहले चरण में पीएम साइप्रस पहुंचेंगे। 15-16 जून की यह यात्रा साइप्रस गणराज्य के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलिडेस के निमंत्रण पर हो रही है। दो दशकों में यह किसी भारतीय पीएम की पहली साइप्रस यात्रा है। राजधानी निकोसिया में पीएम मोदी व राष्ट्रपति क्रिस्टोडौलिडेस के बीच वार्ता होगी। लिमासोल में वह उद्यमियों को संबोधित करेंगे।
जी-7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री की लगातार छठी भागीदारी
इसके बाद पीएम मोदी कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के निमंत्रण पर 16-17 जून को जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस दौरान पीएम मोदी कनाडा के कानानास्किस की यात्रा करेंगे। यह जी-7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री की लगातार छठी भागीदारी होगी। शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री जी-7 देशों के नेताओं, अन्य आमंत्रित आउटरीच देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के साथ वार्ता करेंगे। इस दौरान पीएम मोदी ऊर्जा सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और नवाचार, विशेष रूप से AI एनर्जी नेक्सस और क्वांटम से संबंधित मुद्दों सहित महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे। प्रधानमंत्री शिखर सम्मेलन के दौरान कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे।
भारतीय प्रधानमंत्री की क्रोएशिया की पहली यात्रा
अपने दौरे के अंतिम चरण में क्रोएशिया गणराज्य के प्रधानमंत्री आंद्रेज प्लेंकोविच के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी 18 जून को क्रोएशिया की आधिकारिक यात्रा करेंगे। यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की क्रोएशिया की पहली यात्रा होगी, जो द्विपक्षीय संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। पीएम मोदी और प्रधानमंत्री प्लेंकोविच द्विपक्षीय चर्चा करेंगे। पीएम मोदी क्रोएशिया के राष्ट्रपति जोरान मिलनोविच से मिलेंगे। क्रोएशिया की यात्रा यूरोपीय संघ में भागीदारों के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को भी दिखाएगी।।
भाजपा सांसद अभिजीत गंगोपाध्याय अस्पताल में भर्ती; पीएम मोदी 20 जून को भुवनेश्वर में करेंगे रोड शो
भाजपा सांसद अभिजीत गंगोपाध्याय को बेचैनी की शिकायत के बाद शनिवार को कोलकाता के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि अभिजीत गंगोपाध्याय का अस्पताल के सीसीयू में इलाज चल रहा है और उनकी हालत स्थिर है। गौरतलब है कि अभिजीत गंगोपाध्याय ने बीते साल मार्च में कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद वे भाजपा में शामिल हो गए और 2024 के चुनावों में पश्चिम बंगाल की तामलुक लोकसभा सीट से जीत हासिल की थी।
प्रधानमंत्री मोदी 20 जून को भुवनेश्वर में करेंगे रोड शो, तिरंगा यात्रा में लेंगे हिस्सा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले सप्ताह 20 जून को राजधानी भुवनेश्वर में ओडिशा सरकार के कार्यक्रम में शिरकत करने से पहले रोड शो करेंगे और तिरंगा यात्रा में शामिल होंगे। ओडिशा के पंचायती राज और पेयजल मंत्री रबी नारायण नायक ने शनिवार को बताया कि प्रधानमंत्री मोदी 20 जून को ओडिशा में भाजपा सरकार के एक साल पूरे होने के उपलक्ष्य आयोजित होने वाले कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। एक सप्ताह तक चलने वाले इस कार्यक्रम का 20 जून को समापन होगा, जिसमें प्रधानमंत्री भी शामिल होंगे। राज्य सरकार के कार्यक्रम में हिस्सा लेने से पहले वह बीजू पटनायक अतंरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से भुवनेश्वर के जनता मैदान तक रोड शो करेंगे और तिरंगा यात्रा में शामिल होंगे। मुख्यत्री मोहन चरण मांझी के नेतृत्व में राज्य मंत्रिमंडल ने पिछले साल 12 जून को शपथ ली शपथ ली।
दिल्ली-एनसीआर में बिजली की चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश
दिल्ली एमसीआर में बिजली की चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हुई है। भारतीय मौसम विभाग ने कुछ समय पहले अगले कुछ घटों में दिल्ली-एनसीआर के लिए तूफान और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की थी।
सुबह-दिन के समय यातायात व्यवधान के साथ ही आकाशीय बिजली से जान का जोखिम भी हो सकता है। मौसम विभाग ने इन हालात के मद्देनजर लोगों के लिए एडवायजरी भी जारी की है।
मौसम विभाग के अनुसार राजधानी के लोगों को तेज हवाओं के चलते भीषण गर्मी से जल्द राहत मिल सकती है। मौसम विभाग ने रविवार को दिल्ली के कई इलाकों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की स्पीड से हवा चलने और बौछारें पड़ने की चेतावनी दी है।
आंधी के दौरान हवा की स्पीड 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक देखी जा सकती है। इस दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान क्रमशः 40 और 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहेगा। ऐसे में दो दिन आंधी और बारिश वाला मौसम रह सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि दिल्ली में इन दो तारीखों पर ही नहीं पूरे हफ्ते हल्की बारिश या बूंदाबंदी वाला मौसम रह सकता है।
मौसम विभाग ने दिल्ली के साथ ही एनसीआर में 16 से 20 जून तक तेज हवाओं और गरज चमक के साथ ही हल्की से लेकर मध्यम बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने 14 और 15 जून को दिल्ली में अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार 16, 18, 19 और 20 जून को दिल्ली में अधिकतम तापमान 36 से 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास रिकॉर्ड किया जा सकता है। वहीं, 17 से लेकर 20 जून के दौरान दिल्ली में न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान हैं। शनिवार से एक नया पश्चिमी विक्षोभ बना है।
ईरान-इस्राइल ने तीसरी रात भी एक दूसरे पर किए हवाई हमले; पश्चिम एशिया में गहराता जा रहा तनाव
शुक्रवार को इस्राइल के ईरान के कई परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद से दोनों देशों में संघर्ष जारी है। इसके चलते पश्चिम एशिया में तनाव और गहराता जा रहा है। दोनों देशों ने तीसरी रात भी एक दूसरे प हवाई हमले जारी रखे हैं। इस संघर्ष में अब तक दर्जनों लोग मारे जा चुके हैं और इस संघर्ष का फिलहाल कोई अंत नजर नहीं आ रहा…
शुक्रवार को इस्राइल के ईरान के कई परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद से दोनों देशों में संघर्ष जारी है। इसके चलते पश्चिम एशिया में तनाव और गहराता जा रहा है। दोनों देशों ने तीसरी रात भी एक दूसरे प हवाई हमले जारी रखे हैं। इस संघर्ष में अब तक दर्जनों लोग मारे जा चुके हैं और इस संघर्ष का फिलहाल कोई अंत नजर नहीं आ रहा है। शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात को भी इस्राइली हमले के बाद ईरान ने भी पलटवार किया और इस्राइल पर सैंकड़ों मिसाइलों से हमला बोला। हमले के बाद इस्राइल में भी नुकसान हुआ है और कई लोग घायल हुए हैं। आइए जानते हैं कि दोनों देशों के बीच संघर्ष में पल पल के अपडेट्स…
ईरानी रक्षा मंत्रालय मुख्यालय को इस्राइल ने बनाया निशाना
वहीं, ईरान की अर्द्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम न्यूज़ ने बताया कि इस्राइल ने रविवार तड़के ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं। इस्राइल ने तेहरान स्थित ईरानी रक्षा मंत्रालय मुख्यालय को निशाना बनाया। इसके साथ ही ईरानी अधिकारियों ने यह भी कहा कि तेहरान के उत्तर-पश्चिम में शाहरान तेल डिपो पर भी इस्राइल ने हमला किया। तस्नीम न्यूज़ ने कहा कि ऑपरेशनल और बचाव बल घटनास्थल पर पहुंच गए हैं और अभी भी आग बुझाने का काम कर रहे हैं।
ईरान ने उत्तरी इस्राइल को निशाना बनाया
इस्राइली मीडिया के अनुसार, शनिवार देर रात से रविवार तक ईरानी मिसाइलों ने उत्तरी इस्राइल को निशाना बनाया, जिसमें कम से कम तीन लोग मारे गए और 13 अन्य घायल हो गए।
शुक्रवार को इस्राइल के ईरान के कई परमाणु ठिकानों पर हमले के बाद से दोनों देशों में संघर्ष जारी है। इसके चलते पश्चिम एशिया में तनाव और गहराता जा रहा है। दोनों देशों ने तीसरी रात भी एक दूसरे प हवाई हमले जारी रखे हैं। इस संघर्ष में अब तक दर्जनों लोग मारे जा चुके हैं और इस संघर्ष का फिलहाल कोई अंत नजर नहीं आ रहा है। शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात को भी इस्राइली हमले के बाद ईरान ने भी पलटवार किया और इस्राइल पर सैंकड़ों मिसाइलों से हमला बोला। हमले के बाद इस्राइल में भी नुकसान हुआ है और कई लोग घायल हुए हैं। आइए जानते हैं कि इस संघर्ष में अब तक क्या-क्या हुआ…
इस्राइल के ईरान में हमलों से जहां उसके परमाणु ठिकानों को नुकसान पहुंचा है वहीं 20 बच्चों सहित कम से कम 80 लोग मारे गए हैं। वहीं इस्राइल में चार लोग मारे गए हैं। साथ ही दोनों पक्षों में जारी हमलों में सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।
सांसदों पर हमला करने वाले की खोज जारी; निशाने पर थे कई और सांसद; संदिग्ध की गाड़ी में मिली लिस्ट से खुलासा
Minnesota Shooting: अमेरिका के मिनेसोटा राज्य में चार लोगों को गोली मारी गई है, इस हमले में पूर्व स्पीकर मेलिसा हॉर्टमैन और उनके पति की मौत हो गई है। वहीं एक अन्य सांसद जॉन हॉफमैन और उनकी पत्नी घायल हैं। इस घटना पर राष्ट्रपति ट्रंप ने दुख जताया है, इसके साथ उन्होंने एफबीआई जांच के आदेश दिए हैं।
दूसरी घटना में चैम्पलिन में राज्य सीनेटर जॉन हॉफमैन और उनकी पत्नी को भी गोली मारी गई। हॉफमैन और उनकी पत्नी की सर्जरी सफल रही है और वे खतरे से बाहर हैं। पुलिस के अनुसार, हमलावर पुलिस की वर्दी में आए थे। उनकी वर्दी देखकर कोई भी उन्हें असली पुलिस वाला ही समझेगा। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एफबीआई को जांच के आदेश दे दिए हैं। गवर्नर टिम वाल्ज ने इन घटनाओं को राजनीतिक हिंसा बताते हुए कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र पर हमला है। मेलिसा एक शानदार जनसेवक थीं। उनकी जगह कोई नहीं ले सकता। उन्होंने कहा, हम सभी को मिनेसोटा और पूरे देश में सभी प्रकार की राजनीतिक हिंसा के खिलाफ खड़ा होना चाहिए। हिंसा के जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा।
हॉफमैन को दो और पत्नी को तीन गोलियां लगीं
पुलिस ने बताया कि जिन दो सांसदों पर हमला हुआ, उनके घर एक दूसरे से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर चैम्पलिन और ब्रुकलिन पार्क में हैं। सीनेटर हॉफमैन और उनकी पत्नी यवेटे चैम्पलिन में रहते हैं। दंपती को भारतीय समयानुसार शनिवार सुबह करीब 11:30 बजे गोली मारी गई थी। हॉफमैन को दो गोलियां लगीं और यवेटे को तीन बार गोली मारी गई। दंपती के साथ उनकी बेटी होप भी रहती हैं। हालांकि, घटना के वक्त वह घर में थीं या नहीं, इस बारे में जानकारी नहीं मिली है।
संदिग्ध की गाड़ी से कई सांसदों के नाम की सूची मिली
पुलिस ने बताया कि संदिग्ध की गाड़ी से एक सूची मिली है, जिसमें मेलिसा हॉर्टमैन और जॉन हॉफमैन सहित कई सांसदों के नाम हैं। आशंका है कि हमलावर सूची के मुताबिक सांसदों को निशाना बनाने वाले हैं। सूची में जिन सांसदों के नाम हैं, उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने पूरे इलाके में हमलावर की खोजबीन शुरू कर दी है। ब्रुकलिन पार्क में लोगों को घर के अंदर ही रहने के लिए कहा गया है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि अगर कोई पुलिस की वर्दी में दरवाजा खटखटाए, तो गेट न खोलें, बल्कि पहले 911 पर कॉल कर जानकारी दें। लोगों से कहा गया है कि जब तक दो पुलिस अधिकारी साथ न आएं, तब तक दरवाजा मत खोलिए। यह हमला राजनीतिक कारणों से किया गया या किसी और वजह से यह अभी साफ नहीं है, लेकिन पुलिस इस दिशा में जांच कर रही है।
अमेरिका में ऐसी भयानक हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी : ट्रंप
राष्ट्रफति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, मुझे मिनेसोटा में हुई भयानक गोलीबारी के बारे में जानकारी दी गई है, जो राज्य के सांसदों के खिलाफ लक्षित करके किया गया हमला मालूम होता है। हमारे अटॉर्नी जनरल, पाम बॉन्डी और एफबीआई स्थिति की जांच कर रहे हैं। हमले में शामिल आरोपी पर कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
24 दिन पहले इस्राइली दूतावास के दो स्टाफ की हुई थी हत्या
अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में 24 दिन पहले (21 मई) इस्राइली दूतावास के दो कर्मचारियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अपराधी ने ‘फ्री फलस्तीन’ का नारा लगाकर दोनों को नजदीक से गोली मारी थी। घटना के वक्त दोनों कर्मचारी कैपिटल यहूदी म्यूजियम से बाहर निकल रहे थे। दोनों ने हाल ही में सगाई की थी और जल्द ही शादी करने वाले थे।
‘बेजोस के लिए कोई जगह नहीं’; अरबपति कारोबारी की शादी के खिलाफ क्यों हैं वेनिस के लोग?
अमेजन के जेफ बेजोस और लॉरेन सांचेज की इसी महीने जून में वेनिस में शादी होने जा रही है। लेकिन शहर में भीड़-भाड़ बढ़ने को लेकर स्थानीय लोग नाराज हैं। एक्टिविस्ट्स ने ‘नो स्पेश फोर बेजोस’ नाम का एक अभियान भी शुरू कर दिया है। साथ ही शादी स्थल पर विरोध करने का एलान भी किया है।
अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस और उनकी मंगेतर पूर्व टीवी पत्रकार लॉरेन सांचेज जून के अंत (24 से 26 जून) के बीच वेनिस में शादी करने जा रहे हैं। हालांकि शादी की तारीख और जगह को बेहद गोपनीय रखा गया है, लेकिन वेनिस में तैयारियों से लोगों को अंदेशा हो गया है कि कुछ बड़ा होने वाला है। लेकिन इस भव्य शादी को लेकर वेनिस के कई स्थानीय लोग और कार्यकर्ता नाराज हैं। उनका कहना है कि पहले से ही भीड़भाड़ और पर्यटकों की वजह से परेशान शहर को ये हाई-प्रोफाइल शादी और थका देगी।
‘नो स्पेश फोर बेजोस’ का विरोध अभियान तेज
मामले में स्थानीय एक्टिविस्ट्स ने नो स्पेश फोर बोजोस नाम से विरोध अभियान शुरू किया है। सान जॉर्जियो द्वीप की चर्च की मीनार पर नो स्पेश फोर बोजोस का बैनर भी लगाया गया। प्रदर्शन की आयोजक फेडेरिका टोनीनेलो ने दावा किया कि शादी ला मिसेरीकोर्डिया नामक इवेंट हॉल में हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी है कि बेजोस वहां तक नहीं पहुंच पाएगा। हम रास्तों को अपने शरीरों से रोकेंगे, नहरों को नावों और लाइफसेवर्स से जाम कर देंगे। साथ ही एक और प्रदर्शनकारी ना हैबी स्टेला फे ने कहा कि हमारे पास एक 10 मिलियन डॉलर की शादी को रोकने का मौका है, हमें ये करना चाहिए।
स्थानीय नेताओं की चिंता
वहीं वेनिस के विपक्षी नेता जियोवानी आंद्रेया मार्टिनी ने कहा कि यह शादी वेनिस के “डिज़्नीफिकेशन” (पर्यटन के लिए असली शहर को शोपीस बना देना) का चरम उदाहरण है। उनका कहना है कि आम वेनिस वासियों को इससे कोई लाभ नहीं होगा, बल्कि यह असुविधा ही लाएगा।
वेनिस के मेयर ने शादी का किया समर्थन
तेज होते विरोध प्रदर्शन के बीच वेनिस के मेयर लुइगी ब्रुग्नारो बोजोस के समर्थन में सामने आए है। उन्होंने विरोध करने वालों को शर्मनाक बताया। साथ ही दावा किया कि शादी से शहर को कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा, सिर्फ 200 मेहमान आमंत्रित होंगे, इसलिए शहर की व्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
2019 में बेजोस का हुआ था तलाक
गौरतलब है कि जेफ बेजोस ने 1993 में मैकेंजी स्कॉट से शादी की थी, और दोनों का 25 सालों का शादीशुदा जीवन था। हालांकि, 2019 में उनका तलाक हो गया। बेजोस और मैकेंजी के चार बच्चे हैं। अब, बेजोस ने लॉरेन सांचेज़ से शादी करने का फैसला किया है और वेनिस में होने वाली इस भव्य शादी को लेकर कई तैयारियां की जा रही हैं।
आज शाम सात बजे बंद हो जाएंगे टाइगर रिजर्व के द्वार, अब तक 53 हजार सैलानियों की आमद
सात माह तक सैलानियों की आमद से गुलजार रहने वाले पीलीभीत टाइगर रिजर्व व रायवाला के राजाजी टाइगर रिजर्व के द्वार रविवार शाम सात बजे बंद हो जाएंगे।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रमुख पर्यटन स्थल चूका बीच के द्वार सैलानियों के लिए 15 नवंबर से खोल दिए जाते हैं। सात माह तक जनपद के अलावा दूरदराज इलाकों से सैलानियों की आमद होती है।
चूका बीच की खूबसूरत हटें और जंगल में बाघ समेत वन्य जीवों के दीदार के शौकीन सैलानी पर्यटन स्थल का आनंद उठाते हैं। अब तक करीब 53 हजार सैलानी पर्यटन स्थल का भ्रमण कर चुके हैं। रविवार को सत्र का अंतिम दिन है। शाम सात बजे के बाद टाइगर रिजर्व के द्वार आम सैलानियों के लिए बंद कर दिए जाएंगे।
आज शाम भ्रमण के बाद बंद हो जाएगा दुधवा पार्क
सुबह और शाम की शिफ्ट में सैलानियों को जंगल का भ्रमण कराने के बाद 15 जून को दुधवा नेशनल पार्क के इस पर्यटन सत्र का समापन कर दिया जाएगा।
सैलानियों ने एडवांस बुकिंग करा रखी है, जिसके तहत रविवार को भी दुधवा के सभी थारू हट व डाॅरमेट्री फुल हैं। माह का दूसरा शनिवार होने के चलते छुट्टी होने पर दुधवा में लखनऊ, कानपुर समेत कई शहरों से सैलानी भ्रमण पर पहुंचे थे।
इस्राइल के हमलों में ईरान के परमाणु ठिकानों को कितना नुकसान? सैटेलाइट तस्वीरों से दिखा तबाही का मंजर
इस्राइल ने ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ के तहत ईरान के नतांज, फोर्डो और इस्फहान परमाणु ठिकानों पर घातक हमले किए। जिसके बाद सवाल ये खड़ा हो रहा है कि आखिर इस हमले से ईरान और उसके परमाणु ठिकानों को कितना नुकसान हुआ है? इस हमले को लेकर मैक्सर टेक्नोलॉजीज ने सैटेलाइट तस्वीर जारी की है। आइए तस्वीरों के माध्यम से…
‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ के तहत इस्राइल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर घातक हमले किए। जिसके बाद अब जाकर इन हमलों की सैटेलाइट तस्वीर सामने आई है। मैक्सर टेक्नोलॉजीज की तरफ से जारी की गई इन हाई-रिजोल्यूशन तस्वीरों में नतांज और फोर्डो जैसे प्रमुख परमाणु स्थलों पर हुए विनाश की साफ झलक मिल रही है।
तस्वीरों में साफ तौर पर देखा जा रहा है कि इस्राइल ने नतांज और फोर्डो में स्थित यूरेनियम संवर्धन केंद्रों और इस्फहान स्थित यूरेनियम रूपांतरण सुविधा को निशाना बनाया। नतांज में जमीन के ऊपर बना एक अहम हिस्सा पूरी तरह नष्ट हो गया है। इन केंद्रों में वो मशीनें (सेंट्रीफ्यूज) लगी होती हैं जो यूरेनियम को उच्च स्तर तक संवर्धित करती हैं।
क्या है ऑपरेशन राइजिंग लायन, समझिए
बता दें कि इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बीते शुक्रवार को ईरान के खिलाफ एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू करने की घोषणा की थी। उन्होंने बताया कि इस अभियान का नाम ऑपरेशन राइजिंग लायन रखा गया है। नेतन्याहू ने बताया कि इस अभियान को शुरू करने का मकसद ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों से पैदा हो रहे खतरे को खत्म करना है।
कबतक चलेगा ऑपरेशन?
इसके साथ ही पीएम नेतन्याहू ने यह भी कहा था कि इस्राइल ने पहले ही ईरान के कई महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमला किया है। उन्होंने कहा था कि कुछ ही समय पहले, इस्राइल ने ऑपरेशन राइजिंग लायन शुरू किया है, जिसका मकसद इस्राइल के अस्तित्व के लिए ईरानी खतरे को कम करना है। नेतन्याहू ने कहा था कि यह ऑपरेशन तब तक चलेगा, जब तक की खतरा पूरी तरह से खत्म नहीं हो जाता।
परमाणु कार्यक्रम को लग सकता है बड़ा झटका
वहीं इस्राइल के इन हमलों को लेकर एक अमेरिकी संस्थान इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड इंटरनेशनल सिक्योरिटी (आईएसआईएस) ने कहा कि इन हमलों के कारण इन केंद्रों की बिजली आपूर्ति को भारी नुकसान हुआ है। इससे सेंट्रीफ्यूज मशीनों को गंभीर क्षति पहुंच सकती है, जिससे परमाणु कार्यक्रम को झटका लग सकता है।
आईएईए प्रमुख ने क्या कहा?
वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख राफेल ग्रोसी ने परमाणु स्थलों पर हमले को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा था कि परमाणु स्थलों पर हमला नहीं होना चाहिए क्योंकि इससे पूरे क्षेत्र और दुनिया में गंभीर परिणाम हो सकते हैं। हालांकि अब तक कोई रेडिएशन लीक नहीं हुआ है।
परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान का स्टैंड
बता दें कि शुरुआत से ही ईरान परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त है। जहां ईरान लंबे समय से कहता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम सिर्फ शांतिपूर्ण नागरिक उद्देश्यों के लिए है। लेकिन इस्राइल का आरोप है कि ईरान गुपचुप तरीके से परमाणु बम बना रहा है, जिससे उसकी सुरक्षा खतरे में है।
इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि इस्राइल का संघर्ष ईरानी जनता से नहीं बल्कि वहां की तानाशाही सरकार से है। उन्होंने कहा कि हम दुनिया के सबसे खतरनाक शासन को दुनिया के सबसे खतरनाक हथियार नहीं लेने देंगे।
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भीषण गर्मी में 5,060 लोगों ने किया महादान
40 डिग्री से ऊपर की भीषण गर्मी और उमस के बावजूद दूसरों की जान बचाने के लिए पांच हजार से ज्यादा लोगों ने रक्तदान किया। अकेले मेरठ यूनिट में 514 रक्तदानियों ने महादान किया।
इस मुहिम में विभिन्न अस्पताल व सामाजिक संगठन भी भागीदार बने। किसी अनजान की जान बचाने का जज्बा महादानियों में देखते ही बनता था। पहली बार रक्तदान कर रहे युवाओं ने उत्साह दिखाया, वहीं 60 वर्ष से ऊपर के कई वरिष्ठ नागरिकों ने भी रक्तदान कर दूसरों को भी अमर उजाला फाउंडेशन की इस मुहिम में हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया।
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Nuclear Talks:’हमारी प्रथामिकता दुश्मन को जवाब देना’, ईरान ने अमेरिका के साथ परमाणु वार्ता को बताया बेमतलब
ओमान की राजधानी मस्कट में रविवार को ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली परमाणु वार्ता रद्द कर दी गई है। मामले में ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बकाई ने कहा कि अमेरिका हमलावर का साथी है, ऐसे हालात में बातचीत का कोई मतलब नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल ईरान की प्राथमिकता अब दुश्मन के हमलों का जवाब देना है।
ईरान और इस्राइल के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है। इसी बीच ईरान और अमेरिका के बीच रविवार को ओमान की राजधानी मस्कट में होने वाली परमाणु वार्ता भी रद्द कर दी गई है। इस बात पर ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माईल बकाई ने शनिवार को कहा कि अमेरिका के साथ आगे होने वाली परमाणु बातचीत का अब कोई मतलब नहीं रह गया है। उन्होंने इस समय में इस वार्ता को बेकार और अर्थहीन है।
बकाई ने कहा कि फिलहाल ईरान की प्राथमिकता दुश्मन के हमलों का जवाब देना है। उन्होंने अमेरिका को हमलावर का मुख्य समर्थक और साथी बताया। बता दें कि ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का ये बयान ऐसे समय में किया, जब ईरान और इस्राइल के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव बढ़ गया और इस्राइल ने ईरान पर जोरदार हमले किए।
ईरानी जनता पर अन्यायपूर्ण युद्ध थोपा- बकाई
ईरानी विदेश मंत्रालय की ओर से एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी बयान में कहा गया कि बकाई ने ओमान की राजधानी मस्कट में रविवार को होने वाली प्रस्तावित बातचीत को लेकर पत्रकारों के सवालों के जवाब में यह बात कही। उन्होंने कहा कि कूटनीति और शांति के दुश्मनों ने ईरानी जनता पर एक अन्यायपूर्ण युद्ध थोप दिया है।
परमाणु मशले पर वार्ता को बताया बेकार
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अपने संवाद और कूटनीति के तमाम दावों के बावजूद इस्राइली आक्रामकता का समर्थन किया है, जिसमें हमारे शांतिपूर्ण परमाणु ठिकानों को निशाना बनाना भी शामिल है। इसके साथ ही बकाई ने स्पष्ट किया कि ऐसे हालात में, और जब तक ईरानी जनता पर इस्राइली हमले बंद नहीं होते, उस पक्ष से बातचीत करना, जो खुद हमलावर का समर्थन करता है, पूरी तरह से बेकार है।
ओमान के विदेश मंत्री ने दी थी जानकारी
बता दें कि इससे पहले ओमान के विदेश मंत्री बदर अल-बुसैदी ने शनिवार को सोशल मीडिया के जरिए बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच तेहरान में चल रहे परमाणु कार्यक्रम को लेकर जो वार्ता होनी थी, वह अब नहीं होगी। उन्होंने बताया कि यह वार्ता रविवार को ओमान की राजधानी मस्कट में प्रस्तावित थी, लेकिन इस्राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद इसे रद्द कर दिया गया है।
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब ईरान के विदेश मंत्री ने कहा है कि वर्तमान में चल रहे इस्राइली हमलों के बीच किसी भी तरह की बातचीत अवांछनीय और अनुचित” होगी। ओमान अब तक इन वार्ताओं में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा था।
इसरो ने यूपी में पहला सफल रॉकेट प्रक्षेपण परीक्षण किया, वैज्ञानिकों को बधाई; युवा उत्साहित
इसरो, इन स्पेस और ट्रस्ट टेक इंडिया कंपनी के संयुक्त प्रयास से शनिवार की शाम रकबा जंगलीपट्टी के एपी बांध स्थित गंडक नदी के किनारे राकेट व सेटेलाइट की सफल लांचिंग की गई। सफल रॉकेट लांचिंग पर लोगों ने करतल ध्वनि से वैज्ञानिकों को बधाई दी। वैज्ञानिकों का कहना था कि इस कार्यक्रम से युवाओं में स्पेस टेक्नोलाॅजी के प्रति रुझान बढ़ेगा और युवा इस क्षेत्र में आने के लिए उत्सुक होंगे।
डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस के तहत कार्यरत तीनों विंग इसरो, इन स्पेस और ट्रस्ट टेक इंडिया कंपनी की तरफ से सेवरही क्षेत्र के रकबा जंगलीपट्टी के एपी बांध स्थित गंडक नदी के किनारे इसरो के वैज्ञानिक विनोद कुमार, अभिषेक सिंह, विजया श्री, केके त्रिपाठी, डाॅ. बृजेश सोनी, अनंत मधुकर और ट्रस्ट टेक इंडिया कंपनी के अनंत अग्रवाल, सुभद्र गुप्ता, अद्वैत सधाना की टीम ने राकेट व सेटेलाइट की सफल लांचिंग की।
लांचिंग शनिवार की शाम 5:15 बजे की गई और राकेट 1.126 मीटर की ऊंचाई पर गया और फिर पैराशूट से केन आकार का सेटेलाइट के साथ धीरे-धीरे लांचिंग पैड से करीब 500 मीटर की दूरी पर गिर गया। राकेट व सेटेलाइट की सफल लांचिंग पर देवरिया के सांसद शशांक मणी त्रिपाठी, डीएम महेंद्र सिंह तंवर, एडीएम वैभव मिश्र, सीडीओ गुंजन द्विवेदी, एसडीएम ऋषभ देवराज पुंडीर, सीओ राकेश प्रताप सिंह, एसएचओ धीरेंद्र कुमार राय, राजस्व निरीक्षक जयंत गुप्ता, बीडीओ संजय राय, पूर्व चेयरमैन त्रिभुवन जायसवाल सहित मौके पर उमड़ी भीड़ ने वैज्ञानिकों का करतल ध्वनि से वैज्ञानिकों को बधाई दी।
सांसद त्रिपाठी ने वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए कहा कि रकबा जंगलीपट्टी में दो दिवसीय प्रतियोगिता शनिवार को प्रारंभ हो गई है। इसमें कैन साइज के सैटेलाइट लांच किए जाएंगे जो विद्यार्थियों द्वारा ही डिजाइन तथा बनाए गए हैं। स्पेस जागरूकता के साथ-साथ इसमें विद्यार्थियों का रुझान बढ़ाना इस प्रतियोगिता का असल उद्देश्य है।
उन्होंने बताया कि इन-स्पेस मॉडल रॉकेट्री, कैनसैट इंडिया छात्र प्रतियोगिता 2025 का आयोजन एस्ट्रोनॉटिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (एएसआई) द्वारा भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र (इन-स्पेस), इसरो और अन्य संघों के सहयोग से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य छात्र समुदाय के बीच अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रति रुझान पैदा करना है।
इन-स्पेस मॉडल रॉकेट्री, कैनसैट इंडिया स्टूडेंट कम्पटीशन 2025 में भारत भर के विभिन्न कॉलेजों व विश्वविद्यालयों के छात्रों की तरफ से लांच साइट से 1000 मीटर की ऊंचाई पर मॉडल रॉकेट और कैन आकार के उपग्रह का डिज़ाइन, विकास और प्रक्षेपण किया जाएगा। इसे लेकर यह प्रतियोगिता जिले के सेवरही क्षेत्र के रकबा जंगलीपट्टी में आयोजित किए जाने की योजना बनाई गई है।
जयशंकर का फ्रांस दौरा: पेरिस में रणनीतिक समुदाय से मिले जयशंकर, भारत-यूरोप साझेदारी और वैश्विक बदलावों पर मंथन
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को फ्रांस की अपनी चार दिवसीय यात्रा पूरी की। साथ ही पेरिस में रणनीतिक मामलों से जुड़े विशेषज्ञों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने वैश्विक स्तर पर हो रहे संतुलन बदलाव, डेटा, तकनीक और ऊर्जा के बढ़ते महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत और यूरोप के बीच मजबूत साझेदारी की बड़ी संभावनाएं हैं। जयशंकर ने इस मुलाकात को सुखद अनुभव बताया और इसे दोनों पक्षों के बीच विचार-विमर्श और सहयोग को आगे बढ़ाने वाला बताया।
आतंकवाद पर समर्थन की सराहना की
अपने फ्रांस दौरे के दौरान जयशंकर ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के लिए फ्रांस के मजबूत समर्थन की सराहना की। इस दौरान उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरो से मुलाकात की। इन बैठकों में दोनों देशों के बीच भरोसे, सहयोग और साझा लक्ष्यों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
साथ ही इस यात्रा के दौरान भारत और फ्रांस ने ‘हॉराइजन 2047 रोडमैप’ और ‘डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप’ को पूरी तरह लागू करने पर सहमति जताई। इन योजनाओं के जरिए रक्षा, सुरक्षा, अंतरिक्ष और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग को मजबूत किया जाएगा।
बैठक के दौरान इन मुद्दों पर जोर
दोनोें पक्षों ने तकनीक, नवाचार, व्यापार, स्वास्थ्य, शिक्षा, निवेश, जीवन विज्ञान, संग्रहालय सहयोग और लोगों के बीच संबंधों जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग की प्रगति पर संतोष जताया। उन्होंने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र सहित वैश्विक मुद्दों पर फ्रांसीसी नेतृत्व के साथ विचार साझा किए और भारत-फ्रांस के दृष्टिकोण में समानता पर बल दिया।
पेरिस की राष्ट्रीय पुस्तकालय का भी किया दौरा
जयशंकर ने पेरिस में फ्रांस की राष्ट्रीय पुस्तकालय का दौरा कर वहां मौजूद भारतीय पांडुलिपियों का अवलोकन किया और सांस्कृतिक विरासत संरक्षण में सहयोग बढ़ाने पर बातचीत की। इसके साथ ही उन्होंने मार्से में आयोजित पहले ‘मेडिटेरेनियन रईसिना डायलॉग’ में हिस्सा लिया और वैश्विक भू-राजनीतिक मुद्दों पर विचार साझा किए।
राष्ट्रीय पुस्तकालय का भी किया दौरा
जयशंकर ने फ्रांस की राष्ट्रीय पुस्तकालय का दौरा भी किया, जहां उन्होंने भारतीय शास्त्रीय पांडुलिपियों और ग्रंथों का संग्रह देखा। जयशंकर ने कहा कि यह दौरा फ्रांस में इंडोलॉजी (भारतीय अध्ययन) की गहराई का परिचायक है। उन्होंने पुस्तकालय के अध्यक्ष गिल्स पेको से मुलाकात कर सांस्कृतिक विरासत संरक्षण में सहयोग बढ़ाने पर बातचीत की।
दिल्ली विधानसभा होगी पेपरलेस, ई-विधान परियोजना की शुरुआत; संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने रखी आधारशिला
शनिवार को केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी में ई-विधान परियोजना की आधारशिला रखी। यह परियोजना विधानसभा को पूरी तरह पेपरलेस और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
परियोजना दिल्ली को डिजिटल गवर्नेंस और पर्यावरण अनुकूल शासन कि दिशा में आगे बढ़ाएगी। सभी विधायी कामकाज एक डिजिटल मंच (नेवा) पर होंगे, इससे विधानसभा में मैनुअल प्रक्रियाओं में कमी आएगी, समय की बचत होगी। जनता और विधायकों को सटीक जानकारी मिलेगी। विधानसभा के दस्तावेज जैसे विधेयक, रिपोर्ट, प्रश्नोत्तरी और नोटिस डिजिटल रूप में उपलब्ध होंगे, जिससे कागज का उपयोग खत्म होगा और पर्यावरण को लाभ मिलेगा।
विधानसभा की कार्यवाही तेज और सुरक्षित होगी : रिजिजू
इस मौके पर किरेन रिजिजू ने कहा कि ई-विधान परियोजना विधानसभा की कार्यवाही को पारदर्शी, तेज और सुरक्षित बनाएगी। यह सिर्फ कागज रहित व्यवस्था नहीं, बल्कि जनता की भागीदारी और डिजिटल सुरक्षा को बढ़ाने का प्रयास है। कई राज्यों में यह प्रणाली पहले से कामयाब है और अब दिल्ली भी इस दिशा में आगे बढ़ रही है। इस परियोजना के लिए संसदीय कार्य मंत्रालय से 9 करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा, जिसमें से एक करोड़ रुपये की पहली किस्त मिल चुकी है।
मानसून सत्र से पहले सदन बिल्कुल नया होगा – विधानसभा अध्यक्ष
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इसे ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय ई-विधान एप्लीकेशन (नेवा) के तहत विधायकों को रियल टाइम में डिजिटल जानकारी मिलेगी। 22 मार्च 2025 को इस परियोजना के लिए एमओयू साइन हुआ था। वहीं, दिल्ली विधानसभा देश की पहली ऐसी विधानसभा होगी, जो 500 किलोवॉट सौर ऊर्जा से चलेगी।
पारंपरिक पुस्तकालय को ई-लाइब्रेरी में बदला जाएगा। मानसून सत्र से पहले सदन बिल्कुल नया होगा। ऐतिहासिक दिल्ली विधानसभा परिसर, जहां कभी भारत की पहली संसद बैठी थी, इसे सांस्कृतिक स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए विधान संग्रहालय, प्रदर्शनियां और गाइडेड टूर शुरू होंगे, जिसमें इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र और राष्ट्रीय अभिलेखागार का सहयोग लिया जाएगा।
डिजिटल गवर्नेंस का नया मॉडल : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह परियोजना दिल्ली को डिजिटल गवर्नेंस का नया मॉडल देगी। यह पर्यावरण की रक्षा के साथ विधानसभा को आधुनिक बनाएगी। विधानसभा उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट ने इसे तकनीकी और पारदर्शी बदलाव की दिशा में बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि परियोजना दिल्ली को तकनीकी रूप से सशक्त, पर्यावरण अनुकूल और पारदर्शी शासन की दिशा में ले जाएगी।
राष्ट्रपति ट्रंप और पुतिन ने पश्चिम एशिया के संघर्ष पर की बात, यूक्रेन से तनाव पर भी चर्चा
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पश्चिम एशिया में हालिया संघर्ष के बाद तनाव बढ़ने को लेकर बात की। दोनों के बीच यूक्रेन के साथ तीन साल से अधिक समय से जारी टकराव को लेकर भी चर्चा हुई। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सहयोगी यूरी उशाकोव ने बताया, राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फोन पर लगभग 50 मिनट तक बातचीत की।
ट्रंप ने क्षेत्रीय स्थिति को ‘बहुत खतरनाक’ बताया
पश्चिम एशिया में ईरान और इस्राइल के बीच बढ़ते तनाव और यूक्रेन शांति वार्ता पर चर्चा के दौरान ट्रंप ने क्षेत्रीय स्थिति को ‘बहुत खतरनाक’ बताया। उशाकोव ने बताया कि बातचीत के दौरान पुतिन ने भी ट्रंप को ईरान और इस्राइल के नेताओं के साथ अपनी हालिया बातचीत के बारे में जानकारी दी। पुतिन ने ट्रंप के सामने रूस के उस प्रस्ताव को भी दोहराया जिसमें उन्होंने ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु समझौते के मुद्दे पर परस्पर स्वीकार्य समाधान तलाशने की बात कही थी।
परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत नए सिरे से फिर शुरू हो सकती है
ईरान और इस्राइल के बीच टकराव बढ़ने के बीच पुतिन और ट्रंप के बीच हुई इस अहम बातचीत के बाद उशाकोव ने पत्रकारों को बताया, पश्चिम एशिया में हालात खतरनाक मोड़ ले चुके हैं। ऐसे में दोनों राष्ट्राध्यक्षों के बीच स्वाभाविक रूप से इस पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। दोनों इस बात पर एकमत हैं कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत नए सिरे से फिर शुरू हो सकती है। संभावनाएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं।
रूस और यूक्रेन के बीच शांति पर भी बातचीत
उशाकोव ने कहा कि पुतिन ने ट्रंप को इस्तांबुल में रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडलों के बीच हुई शांति वार्ता के दौरान हुए समझौतों के कार्यान्वयन से भी अवगत कराया। इसमें दोनों देशों के बीच युद्धबंदियों का आदान-प्रदान भी शामिल है।
डीएनए जांच से अब तक 19 मृतकों की पहचान; अहमदाबाद हादसे में हताहतों की संख्या 270 तक पहुंची
अहमदाबाद विमान दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान के लिए डीएनए जांच की जा रही है। सरकारी डॉक्टरों ने बताया कि अब तक 11 लोगों की डीएनए जांच से पहचान हो चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक डीएनए जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शवों को उनके सगे-संबंधियों को सौंप दिया जाएगा।
गुजरात से लंदन जा रहे एअर इंडिया के विमान AI-171 दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद 241 यात्रियों की मौत हो गई। अहमदाबाद एयरपोर्ट के करीब मेघाणीनगर इलाके में हुए इस हादसे में हॉस्टल पर विमान गिरने के बाद वहां मौजूद कई और भी लोग हताहत हुए। मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 270 तक पहुंच गया है। अधिकांश शव जल चुके हैं ऐसे में मृतकों की शिनाख्त में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इस दर्दनाक हादसे में अपनी जान गंवाने वाले लोगों की पहचान के लिए डीएनए जांच कराई जा रही है। अब तक 19 लोगों की डीएनए जांच से पहचान हो चुकी है। सरकारी डॉक्टरों ने शनिवार को मृतकों के डीएनए परिजनों से मिलान कराए जाने की जानकारी दी।
डीएनए जांच के अलावा मानसिक आघात से निपटने के लिए काउंसलिंग
सिविल अस्पताल के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रजनीश पटेल ने बताया कि अब तक 19 मृतकों के डीएनए नमूने मेल खा चुके हैं। मृतकों में से एक का पार्थिव शरीर परिवार को सौंप दिया गया है। उन्होंने बताया कि आज दो और शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि डीएनए जांच एक धीमी प्रक्रिया है और इसे सावधानीपूर्वक किया जाना चाहिए। एक अधिकारी ने बताया कि पीड़ित परिवारों को मानसिक आघात से निपटने के लिए काउंसलिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही।
डीएनए नमूनों से की जा रही मृतकों की पहचान
अधिकारियों ने बताया कि डीएनए नमूनों का मिलान करके मृतकों की पहचान की जा रही है। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद शवों को उनके सगे-संबंधियों को सौंप दिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि अहमदाबाद फायर एंड इमरजेंसी सर्विस (एएफईएस) ने मेघाणीनगर इलाके में दुर्घटना स्थल से पिछले 24 घंटों में कुछ शरीर के अंगों के साथ एक शव भी बरामद किया है।
पिछले पांच ICC टूर्नामेंट में दिखा द. अफ्रीका का दबदबा; दो फाइनल खेले, दो बार सेमीफाइनल से हुए बाहर
मार्करम के लिए यह टूर्नामेंट इसलिए भी खास है क्योंकि 2024 में उनकी कप्तानी में दक्षिण अफ्रीका की टीम टी20 विश्व कप के फाइनल में हार गई थी। अब उन्होंने इस खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई। सिर्फ डब्ल्यूटीसी फाइनल 2025 और टी20 विश्व कप 2024 नहीं, पिछले पांच आईसीसी टूर्नामेंट में दक्षिण अफ्रीका की टीम का दबदबा दिखा है। इस दौरान टीम इन पांच में से दो बार फाइनल में पहुंची। इन दो फाइनल में एक बार टीम ने खिताब जीता। इसके अलावा टीम दो बार सेमीफाइनल में हार गई। एक बार उसे तीसरे स्थान पर रहना पड़ा। आइए जानते हैं…
1. विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2023-25
दक्षिण अफ्रीका की टीम ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के इस चक्र में गजब का प्रदर्शन किया। टीम तालिका में सबसे ज्यादा अंक प्रतिशत के साथ शीर्ष पर रही। उसने इस संस्करण में कुल 12 मैच खेले और आठ में जीत हासिल की। तीन मैचों में दक्षिण अफ्रीका को हार का सामना करना पड़ा। एक मैच ड्रॉ रहा। टीम 100 अंक और 69.44 अंक प्रतिशत लेकर तालिका में शीर्ष पर रही। वहीं, ऑस्ट्रेलिया 67.54 अंक प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहा। टीम फाइनल में पहुंची और ऑस्ट्रेलिया को हराकर टेस्ट चैंपियन बनी।
2. चैंपियंस ट्रॉफी 2025
इस साल हुए चैंपियंस ट्रॉफी में भी तेम्बा बावुमा की कप्तानी में दक्षिण अफ्रीका की टीम का प्रदर्शन शानदार रहा। टीम ने ग्रुप स्टेज में अपने तीन में से दो मैच (अफगानिस्तान और इंग्लैंड के खिलाफ) जीते। ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच लीग राउंड का मैच बारिश की वजह से नहीं हो सका। अपने ग्रुप (बी) में शीर्ष पर रहते हुए दक्षिण अफ्रीका ने सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई किया, लेकिन न्यूजीलैंड ने सेमीफाइनल में उन्हें हरा दिया। टीम का ओवरऑल प्रदर्शन अच्छा रहा।
3. टी20 विश्व कप 2024
टी20 विश्व कप में दक्षिण अफ्रीका की टीम बेहद मजबूत दिखी। एडेन मार्करम की कप्तानी में यह टीम अपने ग्रुप (डी) में शीर्ष पर रहते हुए सुपर-8 के लिए क्वालिफाई किया। दक्षिण अफ्रीका ने ग्रुप स्टेज में अपने चार के चार मैच जीते। उसने बांग्लादेश, श्रीलंका, नीदरलैंड और नेपाल को हराया। फिर सुपर-8 में भी दक्षिण अफ्रीका की टीम शीर्ष पर रहते हुए सेमीफाइनल में पहुंची। उसने इंग्लैंड, वेस्टइंडीज और अमेरिका को हराकर अपने तीनों मैच जीते। फिर सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका का सामना अफगानिस्तान से हुआ और टीम एकतरफा अंदाज में नौ विकेट से जीती। फाइनल में दक्षिण अफ्रीका का सामना भारत से हुआ। खिताबी मुकाबले में 177 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए एक वक्त दक्षिण अफ्रीका ने 16 ओवर में चार विकेट पर 151 रन बना लिए थे। हालांकि, आखिरी चार ओवर में मैच पलट गया और मार्करम की टीम सात रन से मैच हार गई। हालांकि, दक्षिण अफ्रीका टीम की काफी तारीफ हुई।
4. वनडे विश्व कप 2023
वनडे विश्व कप 2023 भारत में राउंड रॉबिन फॉर्मेट में खेला गया था। तेम्बा बावुमा की कप्तानी में टीम सेमीफाइनल तक पहुंची थी। हालांकि, लीग स्टेज के दौरान दक्षिण अफ्रीका का प्रदर्शन बेहतरीन रहा था। टीम ने नौ में से सात मैच जीते थे। सिर्फ दो मैचों में बावुमा की टीम को हार मिली थी। 14 अंक के साथ दक्षिण अफ्रीका की टीम अंक तालिका में दूसरे स्थान पर रही थी। हालांकि, सेमीफाइनल में उसका सामना ऑस्ट्रेलिया से हुआ। कंगारुओं ने इस टीम को तीन विकेट से हराकर बाहर किया। फिर कंगारुओं ने भारत को फाइनल में हराकर खिताब अपने नाम किया। बावुमा ने इसी टूर्नामेंट से अपनी कप्तानी का लोहा मनवाया था।
5. विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2021-23
इससे पहले वाले विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र (2021-23) में डीन एल्गर टीम के कप्तान रहे थे। तब टीम फाइनल में जगह बनाने से चूक गई थी। दक्षिण अफ्रीका की टीम 55.56 अंक प्रतिशत लेकर तीसरे स्थान पर रही थी। वहीं, ऑस्ट्रेलिया ने 66.67 अंक प्रतिशत और भारत ने 58.80 अंक प्रतिशत लेकर फाइनल के लिए क्वालिफाई किया था। हालांकि, तब जो काम दक्षिण अफ्रीका की टीम ने अधूरा छोड़ा था वह इस चक्र में पूरा कर दिया। 2021-23 चक्र में दक्षिण अफ्रीका ने 15 में से आठ टेस्ट जीते थे। छह में टीम को हार का सामना करना पड़ा था। एक टेस्ट ड्रॉ रहा था।
इन टूर्नामेंट्स से पहले दक्षिण अफ्रीका की टीम ने 2022 और 2021 टी20 विश्व कप खेला था। हालांकि, इन दोनों टूर्नामेंट में दक्षिण अफ्रीका की टीम का प्रदर्शन खराब रहा था। टीम सुपर-12 चरण से ही बाहर हो गई थी। वहीं, 2019-2021 विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र में दक्षिण अफ्रीका की टीम छठे स्थान पर रही थी। 2021 में न्यूजीलैंड ने और 2023 में ऑस्ट्रेलिया ने विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया था।
विश्व योग दिवस के 10 साल: एक तिहाई लोगों ने मनाया योग दिवस,11% करते हैं रोज अभ्यास; 13.4% कभी-कभी करते हैं योग
केंद्रीय आयुष मंत्रालय के सर्वे में पाया गया कि तीन में से दो भारतीय अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से दूर हैं। शहरी-ग्रामीण जागरूकता में फर्क है, लेकिन युवाओं में जानकारी सबसे कम है।
स्वस्थ्य जीवन के लिए नियमित योग पर जोर दिया जाता है, लेकिन बीते 10 साल में सिर्फ एक तिहाई लोगों ने ही योग दिवस में हिस्सा लिया। यानी 2014 से 2024 के बीच तीन में से दो भारतीय अब भी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से अछूते हैं। यह खुलासा एक सरकारी सर्वे में हुआ, जिसे शनिवार को केंद्रीय आयुष मंत्रालय ने जारी किया है। सर्वे में सामने आया है कि बीते दस वर्षों में सिर्फ 33.4% लोगों ने ही किसी योग दिवस कार्यक्रम में हिस्सा लिया है जबकि 66.6% इससे दूर रहे हैं।
देश के अलग-अलग हिस्सों में 30 हजार से भी ज्यादा लोगों पर आधारित इस सर्वे में पता चला कि सरकार जिस कॉमन योग प्रोटोकॉल (सीवाईपी) को हर साल प्रचारित करती है, उसे जानने वालों की संख्या भी कम है। सिर्फ 39.3% लोग इस प्रोटोकॉल से परिचित हैं, बाकी 60% इससे अनजान हैं। शहरी लोगों में जागरूकता थोड़ी ज़्यादा (42.9%) है, लेकिन ग्रामीण भारत (37.4%) बहुत पीछे नहीं है। 18-24 साल के युवाओं में कॉमन योग प्रोटोकॉल की जानकारी सबसे कम (9.5%) रही, जबकि 41-64 वर्ष के आयुवर्ग में जागरूकता और अभ्यास दोनों अधिक थे। पुरुष और महिलाएं लगभग बराबर स्तर पर हैं।
13.4% कभी-कभी करते हैं योग
सर्वे में जब लोगों से नियमित योग के बारे में पूछा गया तब सिर्फ 11.2% लोगों ने नियमित रूप से योग करने की जानकारी दी जबकि 13.4% लोगों ने कभी-कभार योगासन लगाने की बात को स्वीकारा। चौंकाने वाली बात यह है कि 75.5% भारतीय योग से अब भी दूर हैं। रोजाना योग करने वालों में सर्वाधिक 12.6% शहरी लोग हैं जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह संख्या बेहद कम है।
24.6% को योग से हुआ लाभ
सर्वे के अनुसार, जिन लोगों ने योग को अपनी जीवनशैली में शामिल किया है उन्हें इसका काफी लाभ भी मिला है। योग अपनाने वाले लोगों में से 24.6% ने अपनी फिटनेस में सुधार पाया, लेकिन सिर्फ 16.9% ने माना कि योग से उनका तनाव कम हुआ है।
मिट्टी के बैक्टीरिया में बढ़ रहा एंटीबायोटिक प्रतिरोध, मानव स्वास्थ्य के लिए भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती
जीवाणु अब एंटीबायोटिक दवाओं के प्रति प्रतिरोधी होते जा रहे हैं। बढ़ते तापमान के साथ बैक्टीरिया अधिक सक्रिय, अनुकूलनशील और कठिन प्रतिरोधी बनते जाते हैं। वे उन जीन को सक्रिय करने लगते हैं जो उन्हें एंटीबायोटिक दवाओं से लड़ने में सक्षम बनाते हैं।
नेचर इकोलॉजी एंड इवोल्यूशन एनवायर्नमेंटल रिसर्च लेटर्स में प्रकाशित डरहम विश्वविद्यालय के नेतृत्व में किए गए अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में पता चला है कि जलवायु परिवर्तन अब न केवल वातावरण बदल रहा है बल्कि मिट्टी में मौजूद सूक्ष्मजीवों की संरचना भी बदल रहा है। ऐसे जीवाणु अब एंटीबायोटिक दवाओं के प्रति प्रतिरोधी होते जा रहे हैं। बढ़ते तापमान के साथ बैक्टीरिया अधिक सक्रिय, अनुकूलनशील और कठिन प्रतिरोधी बनते जाते हैं। वे उन जीन को सक्रिय करने लगते हैं जो उन्हें एंटीबायोटिक दवाओं से लड़ने में सक्षम बनाते हैं। यह एक घातक जैविक प्रक्रिया है जो मानव स्वास्थ्य प्रणाली के लिए भविष्य की सबसे बड़ी चुनौती बन सकती है। शोधकर्ताओं ने कहा कि यह बेहद खतरनाक संकेत है क्योंकि मिट्टी बैक्टीरिया का एक विशाल भंडार है और यही बैक्टीरिया धीरे-धीरे मानवों व जानवरों में संक्रमण फैलाने वाले रोगजनक जीवों तक पहुंच सकते हैं।
भूमि-विकास योजना में सीमापार निवेश के लिए भारत विश्व के शीर्ष देशों में
सीमा पार निवेश पाने वाले शीर्ष 10 में से सात देश एपीएसी क्षेत्र में हैं। यह इस क्षेत्र के बढ़ते वैश्विक आकर्षण का प्रमाण हैं। इस क्षेत्र ने दुनियाभर के कुल सीमापार निवेश का 80 फीसदी हिस्सा हासिल किया। अकेले चीन ने 38.1 अरब डॉलर निवेश हासिल किया।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 की पहली तिमाही तक के 12 महीनों में भारत ने 735 मिलियन अमेरिकी डॉलर का सीमा पार पूंजी निवेश आकर्षित किया। इससे यह इस क्षेत्र में दुनिया के शीर्ष 10 बाजारों में सातवें स्थान पर आ गया। इस कुल निवेश में से 332 मिलियन डॉलर वैश्विक स्रोतों से आया, जबकि शेष राशि क्षेत्रीय पूंजी प्रवाह के जरिए हासिल हुआ। वैश्विक सीमा पार निवेश में भारत की हिस्सेदारी 1.5 फीसदी रही।
सर्वे : सीमापार से निवेश पाने वाले भारत सहित शीर्ष 10 देश एशिया-प्रशांत में
सीमा पार निवेश पाने वाले शीर्ष 10 में से सात देश एपीएसी क्षेत्र में हैं। यह इस क्षेत्र के बढ़ते वैश्विक आकर्षण का प्रमाण हैं। इस क्षेत्र ने दुनियाभर के कुल सीमापार निवेश का 80 फीसदी हिस्सा हासिल किया। अकेले चीन ने 38.1 अरब डॉलर निवेश हासिल किया। यह कुल वैश्विक हिस्से का 79.7 फीसदी है। चीन के अलावा, सिंगापुर,मलयेशिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने भी निवेश गतिविधियों में अच्छी-खासी बढ़ोतरी दर्ज की है।
भारत पर कायम है निवेशकों का भरोसा
भारत का वैश्विक शीर्ष 10 में लगातार बने रहना यह दिखाता है कि निवेशकों का भरोसा इसके दीर्घकालिक विकास और भूमि व निर्माण क्षेत्र की संभावनाओं पर बना हुआ है। उत्तर अमेरिका में निवेश गतिविधियों में थोड़ी गिरावट आई, जिससे उसकी एक सुरक्षित निवेश गंतव्य की छवि कमजोर होती दिख रही है। वहीं, यूरोप, मध्य पूर्व और अफ्रीका (ईएमईए) क्षेत्र में निवेश गतिविधियां स्थिर रहीं। अब वैश्विक निवेशकों का ध्यान यूरोप की ओर बढ़ रहा है, लेकिन कई यूरोपीय निवेशक भारत में दिलचस्पी ले रहे हैं।