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*चांदी और सोने में तेजी:ये हैं प्रमुख कारण* 

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इंदौरः इन दिनों सोने चांदी के भाव जैसे आसमान छू रहे हैं. हर दूसरे दिन चांदी में 5 से 6 हजार रुपए की बढ़ोतरी देखी जा रही है वहीं सोने मैं भी पिछले कुछ दिनों में तेजी से उछाल आया है. चांदी का भाव पिछले एक साल में ही 60,000 से ज्यादा बढ़ चुका है. सर्राफा व्यापारियों का मानना है कि फरवरी 2026 तक की चांदी 2.50 लाख तक छू सकती है.

सोने चांदी में निवेश, शेयर मार्केट में गिरावट

इंदौर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकुम सोनी ने लोकल18 से बताया कि जो तेजी चांदी और सोने में इस समय है इतनी तेजी उन्होंने आज तक नहीं देखी. इसके पीछे वैसे तो अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितताएं हैं लेकिन बाजार में आम निवेशक भी जमकर चांदी खरीद रहे हैं. इसमें भी लोग आभूषण न खरीद कर बुलियन और सॉलिड में ज्यादा निवेश कर रहे हैं. दूसरी तरफ शेयर बाजार और रियल एस्टेट मार्केट भी पूरी तरह से ठंडा पड़ा हुआ है जबकि सोने चांदी में तेजी देखी जा रही है इसलिए बड़े निवेशक भी जमकर खरीदारी कर रहे हैं जिस वजह से मांग लगातार बढ़ती जा रही है.

साल 2025 की शुरुआत के साथ ही सोने चांदी में भाव में तेरी देखी जा रही है और यही तेजी 2026 में भी देखने को मिल सकती है. व्यापारियों के अनुसार जिसे 1 किलो चांदी का भाव फिलहाल 1.90 लाख फरवरी 2026 तक वो 2.50 लाख तक पहुंच सकती है जबकि सोने में भले ही थोड़ी गिरावट देखने को मिली हो लेकिन वो भी फरवरी तक 1.30 लाख से 1.50 लाख के आंकड़े को छू सकता है.

क्या नए साल से पहले सोना चांदी खरीदना सही है ?

इंदौर सराफा व्यापारियों के मुताबिक वैसे तो सोना चांदी खरीदने का हर समय उचित ही होता है क्योंकि यह एक ऐसा निवेश है जिसके जिसके बदले जरूरत पड़ने पर आपको तुरंत पैसे मिल जाते हैं. ‌लेकिन अगर वर्तमान की बात की जाए तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चांदी की जमकर खरीदी की जा रही है वहीं डॉलर के कमजोर होने की वजह से सोना भी जमकर खरीदा जा रहा है जबकि शादियों के लिए भी बाजार में आभूषणों की खरीदी की जा रही है ऐसे में कहीं मंदी के हालत नहीं दिखाई दे रहे हैं.

ये हैं चार प्रमुख कारण 

इन 4 कारणों से बढ़ रहे भाव  दुनिया भर में चल रहे युद्ध और आर्थिक अस्थिरता के कारण निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश मान रहे हैं. जब शेयर बाजार और करेंसी में जोखिम बढ़ता है, तो लोग सोने में पैसा लगाते हैं, जिससे मांग बढ़ती है. जब भी रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है, तो विदेशों से सोना-चांदी आयात करना महंगा हो जाता है, जिसका सीधा असर स्थानीय भाव पर पड़ता है. चांदी के भाव बढ़ने के पीछे सबसे बड़ा कारण है औद्योगिक इस्तेमाल. चांदी सिर्फ गहनों में नहीं, बल्कि सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिक वाहनों जैसे उद्योगों में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होती है। पिछले कुछ महीनों में इसका इस्तेमाल काफी ज्यादा बढ़ा है जो चांदी के दाम में उछाल का सबसे बड़ा कारण भी है.

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