अग्नि आलोक

जेलर के घर से पायल तक मोबाइल पहुंचा था

Share

इंदौर जिला जेल में बंद पायल सैमुअल उर्फ हसीना के सैनिटरी पैड से मोबाइल जब्त होने के मामले में जेलर पर आरोप लगे हैं। इस मामले में सस्पेंड जेल प्रहरी और महिला बैरक प्रभारी से बात की। सस्पेंड जेल प्रहरी ने जेलर पर आरोप लगाते हुए कहा- उनके घर से पायल तक मोबाइल पहुंचा था। जेल प्रहरी ने जेल के अंदर चल रही गड़बड़ियों के बारे में भी बताया। पढ़िए जेल प्रहरी, बैरक प्रभारी और जेलर इस मामले में क्या कहा…

सबसे पहले बात उस रूबीना दिलावर खान की…
आठ महीने पहले पिता की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति मिलने पर रूबीना दिलावर खान की पहली पोस्टिंग इंदौर जिला जेल में जेल प्रहरी के पद पर हुई। उसने सस्पेंड होने के बाद पहली बार अपनी जुबान खोली है। रूबीना के मुताबिक वह तो सिर्फ अपने अधिकारियों के आदेश का पालन कर रही थी। उसने अपने बयानों में वरिष्ठ अधिकारियों को महिला सेल में चल रही गड़बड़ी के बारे में भी बताया। उसने बताया है कि जेलर को कई गिफ्टस भेजे गए हैं। इसके चैट्स हैं जो मेरी पायल के पिता से बातचीत से जुड़े हैं। अधिकारियों को कई सबूत भी दिए हैं। जिनमें पायल और उसके पिता की चैट भी शामिल है। इस चैट में दोनों के बीच जेलर आलोक वाजपेयी, महिला बैरक प्रभारी श्वेता मीणा सहित तीन लोगों के नाम लिखे हैं।

पायल सैमुअल उर्फ हसीना ने देशभर में करोड़ों की ठगी की। हसीना जब भी कोई वारदात करती तो उसमे 50 नंबर शामिल रहता। वह इसे अपना लकी नंबर मानती है।

अब जान लीजिए आखिर कौन है पायल उर्फ हसीना

पायल उर्फ हसीना मूलत: मंडीदीप, रायसेन की रहने वाली है। उसने B.Tech के लिए मौलाना आजाद कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, भोपाल में दाखिला लिया, मगर अंतिम वर्ष में पढ़ाई छोड़ दी थी। उसने वर्ष 2007 से लेकर 2012 तक कुछ मीडिया हाउस में नौकरी की थी। अमीर बनने के लिए हसीना ने ठगी करना शुरू कर दिया था। उसने भोपाल के व्यवसायी से ऑयल केन्स खरीदी थीं और चेक दिया था। चेक बाउंस हो गया। इस मामले में गिरफ्तार भी हुई। तीन महीने जेल में रही। इसी बीच हसीना की शादी NRI से हो गई। वह अपने पति के साथ विदेश जाकर बस गई थी। हसीना का बेटा अभी कॉलेज में है। पिता भेल से सीनियर पद से रिटायर हैं और मां भोपाल में लैब टेक्नीशियन है।

सस्पेंड जेल प्रहरी रूबीना ने क्या-क्या आरोप लगाए…

जेल में दो महीने से मोबाइल यूज कर रही थी पायल

सस्पेंड जेल प्रहरी रूबीना ने बताया कि मोबाइल जब्त होने के एक दिन पहले ही श्वेता ने पायल से रुपए की डिमांड की थी। पायल ने अपने पिता से की गई चैट में भी इस बात का उल्लेख किया है। रूबीना ने कहा कि पायल जेल के अंदर दो माह से मोबाइल चला रही थी। उसने आरोप लगाते हुए कहा कि अंदर एक सुई भी गिर जाए तो जेल प्रशासन को पता चल जाता है। जबकि पायल इतने दिन तक मोबाइल चलाती रही, तो यह सब किसके आदेश से चल रहा था?

भय्यू महाराज केस की आरोपी पलक नए कैदियों को पीटती है, अर्चना कराती है सेटिंग

रूबीना के मुताबिक भय्यू महाराज मामले में बंद आरोपी पलक, महिला जेल वार्ड की मैट्रन अर्चना चौहान और महिला सेल की बैरक प्रभारी श्वेता ने पूरा महिला बैरक बेच दिया है। यहां अर्चना से पलक पूरी सेटिंग कराती है। पलक नए कैदियों को डराने-धमकाने और सेटिंग कर रुपए देने के लिए मजबूर करती है। इसके लिए पलक नए कैदियों से मारपीट भी करती है।

पिता तक पहुंचाई थी पायल की चिट्‌ठी

रूबीना ने बताया कि उसने पायल की एक चिट्‌ठी उसके पिता तक पहुंचाई थी। जिसमें जेल अधीक्षक अजमेरसिंह ठाकुर से मिलने की बात कही थी। रूबीना ने यह भी बताया कि उसने बैरक को लेकर मुख्यालय को भी शिकायत भेजी थी। जिसमें बताया था कि यहां महिला कैदियों से रुपए की मांग की जाती है। उन्हें डराया-धमकाया जाता है। इसके साथ ही रूबीना ने यह भी बताया कि उनके मामले में कंट्रोल रूम प्रभारी के भी बयान हुए। उन्होंने सभी सीसीटीवी देखने की बात भी कही। रूबीना के अनुसार वो कभी मोबाइल लेकर अंदर गई ही नहीं।

जेल के स्टाफ ने पायल से कपड़े, जूते, घड़ी भी ली
रूबीना ने आरोप लगाया कि पायल के पास जो मोबाइल आया था वह किसी कनिष्का नाम की लड़की ने डिप्टी जेलर आलोक वाजपेयी के यहां पहुंचाया था। मोबाइल जेलर के घर से सेल के अंदर पहुंचा था। वह यह बात भी जांच के दौरान अपने बयानों में बता चुकी है। रूबीना ने बताया कि पायल से रुपए के अलावा साड़ी, कपड़े, ब्रांडेड के जूते और टाइटन की घड़ी सहित अन्य सामान भी जेल के स्टाफ ने लिया है। लेकिन उक्त मामले में बयान के बाद भी बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई।

महिला बैरक प्रभारी श्वेता मीणा ने क्या कहा…
रूबीना के अकाउंट में ट्रांसफर किए रुपए
महिला बैरक प्रभारी श्वेता मीणा ने का कहना है कि उन्होंने रूबीना की चोरी पकड़ी है। अब वह फंसने के डर से उनका झूठा नाम फंसा रही है। रूबीना के बैंक अकाउंट में पायल के परिवार के खातों से रुपए ट्रांसफर हुए हैं। जांच में भी यह बात साबित हो गई है। रूबीना ही पायल को हर चीज उपलब्ध कराती थी। पायल का मोबाइल और सिम जांच के लिए गई है। वह किसके नाम से चल रहा था। यह भी पता चलेगा। रूबीना कैदियों से अपने मन माफिक काम करवाती थी।

जेलर आलोक वाजपेयी का पक्ष …
मैं किसी कनिष्का को नहीं जानता
जिला जेल में महिला वार्ड के प्रभारी जेलर आलोक वाजपेयी ने बातचीत में कहा कि रूबीना किस कनिष्का का नाम ले रही है, मैं नहीं जानता। अधिकारियों के सामने रूबीना के बयान हो गए हैं। जिसमें इस तरह की कोई बात सामने नहीं आई। डिप्टी जेलर के मुताबिक वह पायल के पिता से भी कभी नहीं मिले हैं। जेल में जो भी हुआ वह महिला अधिकारी श्वेता और रूबीना दिलावर खान ने किया है। जिस पर कार्रवाई हो गई है।

श्वेता के सिवनी-मालवा ट्रांसफर की है अलग कहानी

महिला कैदी पायल सैमुअल उर्फ हसीना के पास से जेल के बाथरूम से मोबाइल पकड़ने वाली श्वेता मीणा का भी सिवनी मालवा ट्रांसफर कर दिया गया है। जेल प्रशासन की ओर से जेलर आलोक वाजपेयी ने इस बात की पुष्टि की है। उनके मुताबिक पूर्व में पेंडिंग पड़े आदेश को लेकर कार्रवाई की गई है। वहीं, श्वेता ने बताया कि उनकी तैनाती सिवनी मालवा में ही थी। लेकिन वह यहां अधिकारियों के आदेश पर नौकरी कर रही थी। उन्हें वहां वापस भेजा गया है। इधर, पायल को प्रदेश की किसी अन्य जेल में शिफ्ट करने के लिए भी मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा गया है।

हसीना ने डेढ़ साल में 7 कारोबारियों को ठगा

हसीना ने डेढ़ साल में भोपाल, इंदौर, मुंबई, दिल्ली, गुड़गांव, जबलपुर समेत अन्य महानगरों के 7 कारोबारियों से सिलसिलेवार ठगी को अंजाम दिया। वह खुद को कारोबारियों से मल्टीनेशनल कंपनी, विदेश न्यूज चैनल की सीईओ बताकर ठगी करती रही। उसके कारनामों पर 2018 में दिल्ली पुलिस ने लगाम लगा दी थी। फरवरी 2019 में टीटी नगर भोपाल पुलिस तिहाड़ जेल दिल्ली से उसे वारंट पर भोपाल लेकर आई। पूछताछ में उसने करीब दो करोड़ रुपए की ठगी करना कबूला था। भोपाल के गोविंदपुरा और टीटी नगर थाने में उसके खिलाफ जालसाजी के दो केस दर्ज हैं।

महिला कैदी के जेल में ठाठ-बाट

इंदौर जिला जेल में आने से पहले पायल के वकील ने जेलर और अधिकारियों से कहा था कि उसे बोतल बंद पानी दिया जाए। इसके बाद बीमारी का बहाना बताकर ओट्स और दूध की डिमांड की गई। हसीना जेल में ओट्स-ब्रेड ही खाती है। बहुचर्चित भय्यू महाराज सुसाइड केस में बंद पलक से भी भिड़ चुकी है। बता दें, दिल्ली की तिहाड़ जेल से हसीना को जमानत मिल गई थी। इसके बाद इंदौर पुलिस ने उसे फिर से गिरफ्तार कर लिया। पहले उसे वारंट पर इंदौर लाया गया।

अमीर बनने के लालच में बनी ठग

मैनिट से B.tech की पढ़ाई बीच में ही छोड़ी
हसीना मूलत: मंडीदीप, रायसेन की रहने वाली है। उसने B.tech के लिए मौलाना आजाद कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी, भोपाल में दाखिला लिया, मगर अंतिम वर्ष में पढ़ाई छोड़ दी थी। उसने वर्ष 2007 से लेकर 2012 तक कुछ मीडिया हाउस में नौकरी की थी। अमीर बनने के लिए हसीना ने ठगी करना शुरू कर दिया था। उसने भोपाल के व्यवसायी से ऑयल केन्स खरीदी थीं और चेक दिया था। चेक बाउंस हो गया। इस मामले में गिरफ्तार भी हुई। तीन महीने जेल में रही। इसी बीच हसीना की शादी NRI से शादी हो गई। वह अपने पति के साथ विदेश जाकर बस गई थी। हसीना बेटा अभी कॉलेज में है। पिता भेल से सीनियर पद से रिटायर हैं और मां भोपाल में लैब टेक्नीशियन है।

मुंबई में गुजारती थी ज्यादा समय
वारदात के बाद जैसे ही पुलिस हसीना की तलाश शुरू करती वह शहर को छोड़कर भाग जाती थी। वह अपना अधिकतर वक्त मुंबई में गुजारती थी। उसने जालसाजी की अधिकतर रकम ऐशो-आराम में खर्च की। हसीना भोपाल के रॉयल हाउस एमपी नगर स्थित एक कथित पत्रकार के कार्यालय में ठगी का प्लान बनाती थी। कथित पत्रकार के मोबाइल फोन की पुलिस जांच कर रही है।

दिल्ली पुलिस को बताया ’50’ लकी नंबर
हसीना 50 नंबर को लकी मानती है। उसने देशभर में जितनी भी जालसाजी की वारदात को अंजाम दिया, डील में 50 जरूर आया है। 50 लाख, 50 सामग्री, 50 करोड़ उसकी डील में जरूर होते हैं। उसने दिल्ली क्राइम ब्रांच की पूछताछ में 50 को लकी बताया था। इधर, उसके वकीलों ने कोर्ट में बीमार बताया और डॉक्टरों से ओट्स, बोतल बंद पानी और दूध मांगा। डॉक्टरों की सलाह पर उसे यह सामान दिया गया। अब जांच में वकील ओर डॉक्टर भी संदेह के घेरे में हैं।

डेढ़ साल में 7 कारोबारियों से करोड़ों की ठगी
हसीना ने डेढ़ साल में भोपाल, इंदौर, मुंबई, दिल्ली, गुड़गांव, जबलपुर समेत अन्य महानगरों के 7 कारोबारियों से सिलसिलेवार ठगी को अंजाम दिया। वह खुद को कारोबारियों से मल्टीनेशनल कंपनी, विदेश न्यूज चैनल की सीईओ बताकर ठगी करती रही। उसके कारनामों पर 2018 में दिल्ली पुलिस ने लगाम लगा दी थी। फरवरी 2019 में टीटी नगर भोपाल पुलिस तिहाड़ जेल दिल्ली से उसे वारंट पर भोपाल लेकर आई। पूछताछ में उसने करीब दो करोड़ रुपए की ठगी करना कबूला था। भोपाल के गोविंदपुरा और टीटी नगर थाने में उसके खिलाफ जालसाजी के दो केस दर्ज हैं।

इंदौर जेल में ऐसे आई पकड़ में
जेल की महिला अफसर ने औचक निरीक्षण में बाथरूम से आवाज आने पर संदेह में लिया। जहां जांच में उसके कपड़ों में मोबाइल मिल गया। जिसे वह सैनिटरी पैड में छिपाकर रखती थी। हसीना यहां से कॉल कर रही थी। जांच में यह भी सामने आया कि जेल प्रहरी रुबीना के खाते में हसीना सीधे रुपए ट्रांसफर करवा रही थी।

गृहमंत्री ने कहा- केस से जुड़े हर व्यक्ति की जांच करें
हसीना के पास मिले मोबाइल केस की जांच कर रही सेंट्रल जेल अधीक्षक अलका सोनकर ने गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को पूरे मामले की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि मोबाइल कांड से जुड़े हर व्यक्ति को जांच के दायरे में लेने के निर्देश दिए हैं। जेल प्रहरी रुबीना को सस्पेंड करने के साथ विभागीय जांच भी शुरू की गई है। बुधवार को रुबीना के बयान के लिए जेल भी बुलाया गया था।

Exit mobile version