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महू के ठगीशुदा सिद्दीकी परिवार का नाम दिल्ली धमाके में ! डॉ. उमर नबी से जुड़े हैं तार

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दिल्ली में हुए धमाके के मामले ने मध्य प्रदेश के छोटे से शहर महू को चौंका दिया है. इस केस के मुख्य आरोपी डॉ. उमर नबी ने जिस अल फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाया, उस यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद सिद्दीकी का पुराना कनेक्शन महू से निकला है. पुलिस को पता चला है कि जवाद सिद्दीकी कभी महू का ही रहने वाला था. महू शहर से करीब 25 साल पहले भागा हुआ एक परिवार अब एक बड़े आतंकी मामले के तारों में फंसा नजर आ रहा है. दिल्ली में हुए कार धमाके के मुख्य आरोपी डॉ. उमर नबी ने जिस अल फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाया था, उसके चेयरमैन जवाद सिद्दीकी का पुराना कनेक्शन महू-स्थानीय बैंक ठगी मामले से मिला है.

लगभग 25 साल पहले जवाद का पूरा परिवार महू से भाग गया था. वजह थी उनके बड़े भाई हमूद सिद्दीकी की ठगी. हमूद ने शहर में एक निजी बैंक खोल रखा था. लोगों को लालच दिया कि पैसा जमा करो, कुछ महीनों में दोगुना हो जाएगा. हजारों-लाखों रुपये लेकर वह रातों-रात गायब हो गया. पीड़ितों ने थाने में शिकायत की, मुकदमा दर्ज हुआ, लेकिन हमूद आज तक फरार है.

दूसरा पक्ष काफी विवादास्पद
जवाद के पिता का नाम हम्माद सिद्दीकी था. वे महू के शहर काजी रह चुके थे. लोग उन्हें सम्मान से याद करते हैं, लेकिन परिवार का दूसरा पक्ष काफी विवादास्पद रहा. जवाद का सौतेला भाई अफ़ाम भी एक हत्या के मामले में जेल जा चुका है. दिल्ली पुलिस की जांच में जब जवाद सिद्दीकी का नाम सामने आया तो खबर महू पहुंचते ही हड़कंप मच गया. स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई. एएसपी रूपेश द्विवेदी ने बताया, “हमें सूचना मिली है कि जवाद सिद्दीकी कभी महू का निवासी था. हम उनके परिवार के पुराने रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं. जितने भी केस दर्ज हैं, उनकी फाइलें निकाली जा रही हैं. अगर कोई नया क्लू मिलता है तो ऊपर भेजा जाएगा.”

महू के पुराने लोग आज भी उस ठगी कांड को याद करते हैं. एक बुजुर्ग दुकानदार ने कहा, “हमूद ने सैकड़ों परिवार बर्बाद कर दिए थे. गरीब लोग अपनी जमा-पूंजी लेकर आए थे. जब बैंक बंद हुआ तो कई लोग रोते-बिलखते थाने पहुंचे. उस समय जवाद छोटा था, लेकिन पूरा परिवार एकदम गायब हो गया. किसी को पता नहीं चला कि कहां गए.” अल फलाह यूनिवर्सिटी हरियाणा के फरीदाबाद में है. वहां डॉ. उमर नबी प्रोफेसर था, जो दिल्ली धमाके का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है. अब जवाद सिद्दीकी पर भी जांच की तलवार लटक रही है. पुलिस जानना चाहती है कि क्या महू के पुराने ठग परिवार का कोई तार इस बड़े आतंकी मामले से जुड़ा है? फिलहाल महू थाने में पुरानी फाइलें खुल गई हैं. पुलिस वाले एक-एक पन्ना पलट रहे हैं. शहर में लोग कानाफूसी कर रहे हैं – “25 साल बाद फिर वही परिवार सुर्खियों में आ गया.” देखना यह है कि जांच आगे क्या खुलासे करती है.

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