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विपक्षी गठबंधन का नाम INDIA:खड़गे बोले- 11 लोगों की समन्वय समिति बनेगी, अगली बैठक मुंबई में

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बेंगलुरु

विपक्षी एकता की दूसरे दिन की बैठक मंगलवार को बेंगलुरु में हुई। 2024 के आम चुनाव में भाजपा को हराने के लिए विपक्ष के 26 दल एक साथ आए हैं। बैठक में विपक्षी दलों के गठबंधन का नाम INDIA तय किया गया है। इसका फुल फॉर्म इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस है।

इसका ऐलान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विपक्षी दलों की प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। उन्होंने कहा- समन्वय के लिए 11 सदस्यों की कमेटी और एक कार्यालय जल्द बनाया जाएगा। इसकी घोषणा मुंबई में होने वाली हमारी अगली बैठक में होगी।

खड़गे ने कहा- भाजपा ने लोकतंत्र की सभी एजेंसियों ED, CBI आदि को नष्ट कर दिया है। हमारे बीच राजनीतिक भेद हैं, लेकिन हम देश को बचाने के लिए साथ आए हैं।

इससे पहले हम पटना में मिले थे, जहां 16 पार्टियां मौजूद थीं। आज की बैठक में 26 पार्टियों ने हिस्सा लिया। यह देखकर NDA 36 पार्टियों के साथ बैठक कर रहे हैं। मुझे नहीं पता वो कौन सी पार्टियां हैं। वे रजिस्टर्ड भी हैं या नहीं?

सारी मीडिया पर मोदी का कब्जा। ऐसा पहले कभी नहीं देखा था कि मीडिया हमारे खिलाफ इतनी शत्रुतापूर्ण है।

आज हम यहां अपने हित के लिए नहीं बल्कि देश को बचाने के लिए एकत्र हुए हैं। हमारा लक्ष्य है कि हम सरकार की नाकामियों को उजाकर करेंगे। मैं खुश हूं कि राहुल, ममता सब सहमत हैं। 2024 में साथ लड़ेंगे और ग्रेट रिजल्ट लाएंगे।

गठबंधन को लीड कौन करेगा, फेस कौन होगा। इस सवाल के जवाब में खड़गे बोले- हम कोऑर्डिनेशन कमेटी बना रहे हैं। मुंबई की बैठक में ये 11 नाम तय होंगे। आगे की जानकारी तभी मिलेगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में खड़गे के बाद सबसे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बोलीं। उन्होंने भाजपा को चैलेंज करते हुए कहा- BJP क्या INDIA को चैलेंज करेगी।

खड़गे के बाद पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी बोलीं। उन्होंने कहा- देश में दलित, हिंदू, मुस्लिम हर किसी की जिंदगी खतरे में है। दिल्ली, बंगाल, मणिपुर हो, सरकार बेचना, सरकार खरीदना यही काम सरकार का है। हमारे गठबंधन का नाम इंडिया है, बीजेपी क्या तुम इंडिया को चैलेंज करोगे?

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा- 9 साल में केंद्र सरकार ने हर सेक्टर को बर्बाद कर दिया है। इन्होंने एयरपोर्ट, जहाज, आसमान, धरती, पाताल सब बेच दिया। इनकी सरकार से किसान, व्यापारी हर वर्ग दुखी है। देश में जिस तरह नफरत फैलाई जा रही है, उससे देश को बचाने के लिए हम इकट्‌ठा हुए हैं।

महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे बॉलीवुड अंदाज में बोले। उन्होंने कहा- हम देश को बताने आए हैं कि मैं हूं ना। देश हमारा परिवार है। हम अपने परिवार को बचाने एकत्र हुए हैं।

राहुल गांधी ने कहा- आज देश की आवाज को दबाया जा रहा है। INDIA नाम इसीलिए चुना गया, क्योंकि लड़ाई NDA और इंडिया के बीच है, मोदी और इंडिया के बीच में है। आपको पता है कि जब कोई इंडिया के खिलाफ खड़ा होता है तो जीत किसकी होगी।

भारत के विचार पर हमला हो रहा है, ये हमला बीजेपी कर रही है। बेरोजगारी बढ़ रही है, अरबपतियों का फायदा हो रहा है, जो मोदी के करीबी हैं।

RJD और TMC ने पहले कर दिया था नए नाम का ऐलान
इससे पहले बैठक में शामिल राष्ट्रीय जनता दल ने ट्वीट किया कि विपक्षी दलों का गठबंधन भारत का प्रतिबिंब है। RJD ने इसके साथ लिखा- अब प्रधानमंत्री मोदी को इंडिया कहने में भी पीड़ा होगी।

TMC सांसद ने भी ट्वीट किया- चक दे इंडिया। वहीं कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने लिखा- इंडिया जीतेगी।

NCP चीफ शरद पवार चार्टर प्लेन से बेंगलुरु पहुंचे। कर्नाटक के मंत्रियों ने उनका स्वागत किया।

विपक्षी एकता की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले नीतीश-लालू-तेजस्वी निकले
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, लालू यादव और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव विपक्षी एकता की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले ही निकल गए। इसे लेकर बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने ट्वीट किया- नीतीश और लालू प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिना भाग लिए क्यों निकल गए? कहीं संयोजक नहीं बनाने से नाराज तो नहीं?

दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने भी ट्वीट कर कहा- सुने हैं बिहार के महाठगबंधन के बड़े बड़े भूपति बेंगलुरु से पहले ही निकल आए। दूल्हा तय नहीं हुआ, फूफा लोग पहले ही नाराज हो रहे।

पटना में भी 23 जून को विपक्षी एकता की बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल, तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन निकल गए थे। (पूरी खबर पढ़ें)

खड़गे बोले- हमारे बीच मतभेद हैं, लेकिन ऐसे नहीं जिन्हें दूर न किया जा सके
सूत्रों के मुताबिक, बैठक में मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हम जानते हैं कि राज्य स्तर पर हमारे बीच कुछ मतभेद हैं, लेकिन ये मतभेद इतने बड़े नहीं हैं कि हम इन्हें अपने पीछे छोड़कर उन लोगों की खातिर आगे न बढ़ सकें, जिन्हें कुचला जा रहा है। हर संस्थान को विपक्ष के खिलाफ हथियार में तब्दील कर दिया गया है। इस बैठक को करने के पीछे हमारा मकसद संविधान, लोकतंत्र, धर्म-निरपेक्षता और सामाजिक न्याय की रक्षा करने का है।

मीटिंग में शामिल नेताओं की तस्वीर…

ममता बनर्जी और सोनिया गांधी एक-दूसरे के बगल में बैठी थीं। जुलाई 2021 के बाद ये उनकी दूसरी मुलाकात थी।

अखिलेश यादव के साथ उनके चाचा शिवपाल यादव भी मीटिंग में आए।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व CM उमर अब्दुल्ला भी शामिल हुए।

सोनिया गांधी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का हाथ जोड़कर अभिवादन किया।

शिवसेना (UBT) के नेता उद्धव ठाकरे से बातचीत करतीं सोनिया गांधी।

जम्मू-कश्मीर की पूर्व CM और PDP चीफ महबूबा मुफ्ती के साथ सोनिया।

RJD सुप्रीमो लालू यादव के साथ डी राजा, सीताराम येचुरी, राहुल, सोनिया और ममता बनर्जी

सपा प्रमुख अखिलेश यादव और शिवपाल यादव से बातचीत करते राहुल और सोनिया गांधी।

8 नए दलों को मिलाकर 26 पार्टियों के नेता आए
इस बार विपक्षी कुनबे को और मजबूत करने के लिए 8 और दलों को न्योता भेजा गया था। इनमें ​​​​मरूमलारची द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (MDMK), कोंगु देसा मक्कल काची (KDMK), विदुथलाई चिरुथिगल काची (VCK), रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP), ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML), केरल कांग्रेस (जोसेफ) और केरल कांग्रेस (मणि) ने हामी भरी। इन नई पार्टियों में से KDMK और MDMK 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान BJP के साथ थीं।

NDA की आज दिल्ली में बैठक, 38 पार्टियां शामिल होंगी; ये विपक्षी गठबंधन से 12 ज्यादा

भाजपा ने मंगलवार शाम 4 बजे दिल्ली में NDA में शामिल दलों की मीटिंग बुलाई है। NDA की मीटिंग की अध्यक्षता खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्‌डा ने सोमवार को दावा किया कि NDA की मीटिंग में 38 पार्टियां शामिल होंगी। यह विपक्ष की बैठक में शामिल पार्टियों की संख्या से 12 ज्यादा है।

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