इंदौर
साल 2021 की विदाई करीब है। साल अपने साथ अच्छी ओर बुरी दोनों यादें छोड़कर जा रहा है। हम आपको इंदौर की ऐसी वो खबरें बताते हैं, जो इस साल छाप छोड़ गईं।
जनवरी: कोरोना पीक की ओर था, तभी बर्ड फ्लू से कौओं की मौत ने डराया। जू में भी एहतियात बरतना शुरू हुई। इंदौर को इंटरनेशनल कार्गो की सौगात भी इसी महीने मिली। पुलिस ने 70 करोड़ की एमडी ड्रग्स पकड़ा। जनवरी से वैक्सीन भी आ गई।
पहली तस्वीर बर्ड फ्लू। दूसरे में 70 किलो एमडी ड्रग्स पकड़ाई।
क्रिकेटर नमन ओझा ने संन्यास लिया
फरवरी: नगर निगम ने बेक लाइन और नालों की सफाई कर वहां क्रिकेट खेला। क्रिकेटर नमन ओझा ने संन्यास लिया। कमलनाथ यहां एक प्राइवेट हॉस्पिटल की लिफ्ट में फंस गए थे। लिफ्ट गिर गई थी। कमलनाथ यहां एक कांग्रेस नेता को देखने आए थे। इसी महीने लसूड़िया इलाके में 6 लोगों की हादसे में मौत भी हुई।
1.नाला क्रिकेट। 2.नमन ओझा ने धरती को प्रणाम कर संन्यास लिया। 3. कमलनाथ लिफ्ट में फंसे। 4 .सड़क हादसे में 6 की मौत।
MY अस्पताल में अय्याशी
मार्च: महीने की शुरुआत में ही प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल MY के कुछ ऐसे फोटो सामने आए, जिसने सरकारी सिस्टम पर कई सवाल खड़े कर दिए। मॉर्चुरी के अंदर कर्मचारी, लड़कियों के साथ अय्याशी करते मिले थे।
अस्पताल के मॉर्चुरी में पकड़ाए थे लड़के-लड़कियां।
… जब पीक पर था कोरोना
अप्रैल: इस महीने कोरोना पीक पर था। लोग मर रहे थे। श्मशान में इतनी अर्थियां आ रहीं थी कि दाह संस्कार के लिए नंबर लग रहे थे। रेमडेसिविर की किल्लत थी। ऑक्सीजन सिलेंडर की मारामारी थी। एयरफोर्स ने मोर्चा संभाला और गुजरात से सेना के विमान द्वारा इंदौर में ऑक्सीजन के टैंकर भेजे गए।
1.रेमडेसिविर की कमी। 2. मौत का तांडव। 3. ऑक्सीजन की कमी। 4. राहत की पहली खेप।
5 के सिक्के से लूटी ट्रेन
मई: आपदा को अवसर बनाने वाले पकड़े गए। रेमडेसिविर इंजेक्शन के नाम पर ग्लूकोज और नमक भरकर बेचा गया। पुलिस ने इस पूरी गैंग को जेल पहुंचाया। अस्थाई कोविड केयर सेंटर की शुरुआत की गई। यह देश में अनूठी पहल थी। गत्ते अस्थाई बिस्तर बनाए। महीने के आखिर में इंदौर रेलवे पुलिस ने ऐसे गिरोह को पकड़ा, जो 5 रु का सिक्का रख ट्रेन रोकता था। लूट करता था। महू आर्मी कैंट एरिया में दो महिलाओं और एक पुरुष को जासूसी के संदेह में पकड़ा गया था। 27 और 31 साल की दोनों बहनें थी।
1. नकली रेमडेसिविर के आरोपी। 2. सिक्के से रेल रोकने वाले। 3. कोविड सेंटर। 4 .महू में बहनों का पाक कनेक्शन
ब्लैक फंगस मरीजों को मिले 12 हजार इंजेक्शन
जून: सरकारी व निजी अस्पतालों में भर्ती ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए 12 हजार 240 इंजेक्शन मिले। इंदौर की 20 साल की मुस्कान की ट्रेन में गला रेतकर हत्या कर दी गई। मुस्कान ने अपने भोपाल में रहने वाले भाई को मोबाइल पर कॉल कर सूचना दी थी कि उसके साथ युवक छेड़छाड़ कर रहा है। भाई ने पुलिस को भी सूचना कर दी थी। इसी सूचना के आधार पर सीहोर में पुलिस ट्रेन आने का इंतजार कर रही थी। इससे पहले ही युवक वारदात को अंजाम देकर ट्रेन से कूदकर फरार हो गया था।
आशिक मिजाज IPS अरेस्ट
जुलाई: एमजी रोड थाने पर आशिक मिजाज IPS की गिरफ्तारी हुई। फर्जी तरीके से कलेक्टर बनने की बात सामने आई। मामले में अब तक जांच चल रही है। आरोपी संतोष वर्मा अब भी जेल में है। माह के अंत में शराब कारोबारी के ऑफिस में घुसकर गोली चलाने का मामला कुछ ऐसा गरमाया कि मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई थी। कई बड़े गैंग के नाम सामने आए। कुछ पकड़े गए, कुछ फरार हैं।
1.नकली आदेश बनाकर कलेक्टर बने संतोष वर्मा। 2. शराब कारोबारी पर गोलीकांड के आरोपी पकड़ाए।
चूड़ीवाले की पिटाई
अगस्त: छेड़खानी के आरोप में चूड़ी वाले की पिटाई की गई। वीडियो सामने आया तो मध्य प्रदेश की राजनीति गरमा गई। हिंदू संगठनों ने रीगल चौराहे पर बड़ा प्रदर्शन किया था।
1.चूड़ी वाले की पिटाई। 2. रीगल पर दर्शन।
मॉडल के डांस पर हंगामा
सितंबर: रसोमा चौराहे पर मॉडल श्रेया कालरा के डांस ने हंगामा मचाया। मॉडल के डांस की वजह से थोड़ी देर सड़क पर ट्रैफिक भी रुका रहा था। गृहमंत्री ने कार्रवाई के आदेश दिए थे। इसके कुछ दिन बाद ही इसी चौराहे का एक और वीडियो सामने आया। इसमें एक युवक स्टंट करता दिखा। पुलिस ने चौराहों पर निगरानी और बढ़ा दी।
चौराहे पर मॉडल ने किया डांस।
किन्नर ने की रीयल एस्टेट वर्कर की हत्या
अक्टूबर: लसूड़िया में रीयल एस्टेट वर्कर की हत्या हुई। किन्नर जोया और उसका साथी पकड़े गए। शुरुआत में शक वर्कर के दोस्त पर था। दरअसल, उसने हमले में घायल वर्कर को उसके कमरे पर ले जाकर सुला दिया था। सुबह वह बिस्तर पर मृत मिला था। सीसीटीवी सामने आने के बाद इस घटना की सच्चाई पता चली।
रीयल एस्टेट वर्कर देवांशु व हत्या करने वाले तीनों आरोपी।
इंदौर का स्वच्छता में पंच
नवंबर: शहर ने स्वच्छता में पंच लगाते हुए एक बार फिर देश में अपने आप को अव्वल साबित किया। माह के अंत में वेबसाइट से जहर मंगाकर खाने का मामला सामने आया। इसके बाद लगातार अमेजॉन कंपनी के खिलाफ प्रदेश भर में कई जगह राजनीतिक बयान सामने आए।
1. सफाई में इंदौर ने मारी बजी। 2. अमेजॉन ने भेजा जहर।
कमिश्नरेट सिस्टम लागू
दिसंबर: कमिश्नरेट सिस्टम लागू हुआ। 1981 से इसकी कवायद चल रही थी। इसी महीने इंदौर फुली वैक्सीनेटेड भी हो गया।
पहले इंदौर पुलिस कमिश्नर बने हरिनारायण चारी मिश्र।

