आज के बड़े इवेंट
- योग दिवस पर आज देश भर में योग कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशाखापत्तनम में योग दिवस समारोह में भाग लेंगे।
- तेज प्रताप यादव और ऐश्वर्या के तलाक मामले में आज पटना कोर्ट में सुनवाई होगी।
ईरान के बाद पाकिस्तान… इजरायल ने बताया अगला हमला किस पर,इजरायल में 14 महीने तक बना तेहरान पर हमले का प्लान,
इजरायल और ईरान के बीच चल रही लड़ाई पर इस समय दुनिया की नजरें हैं। ये संघर्ष 13 जून को शुरू हुआ, जब इजरायल ने ऑपरेशन राइजिंग लायन लॉन्च करते हुए ईरान की परमाणु सुविधाओं, बैलिस्टिक मिसाइल फैसिलिटी और सैन्य कमांडरों पर हमला किया। इजरायल ने इस हमले में ईरान के आर्मी चीफ, IRGC के हेड और देश के शीर्ष परमाणु वैज्ञानिकों को मार डाला।
इजरायल और ईरान के बीच चल रही लड़ाई पर इस समय दुनिया की नजरें हैं। ये संघर्ष 13 जून को शुरू हुआ, जब इजरायल ने ऑपरेशन राइजिंग लायन लॉन्च करते हुए ईरान की परमाणु सुविधाओं, बैलिस्टिक मिसाइल फैसिलिटी और सैन्य कमांडरों पर हमला किया। इजरायल ने इस हमले में ईरान के आर्मी चीफ, IRGC के हेड और देश के शीर्ष परमाणु वैज्ञानिकों को मार डाला। इजरायल ने जिस सटीकता से ईरान के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व को निशाना बनाया, उसने दुनिया को हैरान कर दिया। दरअसल इजरायली आर्मी और खुफिया एजेंसी ने 14 महीने की लंबी बहस और तैयारी के बाद ईरान पर ये हमला किया।
इजरायली अखबार यरुशलम पोस्ट ने बताया है कि कैसे इस ऑपरेशन पर बातचीत की शुरुआत 19 अप्रैल, 2024 को हो गई थी, जब ईरान ने इजरायल पर 100 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलों, 170 ड्रोन और दर्जनों क्रूज मिसाइलों से हमला किया था। इजरायल की ओर से भी जवाबी कार्रवाई की गई थी। दोनों देशों के बीच पहली बार इस तरह से हथियार चले थे, जिसने वर्तमान युद्ध के लिए मंच तैयार किया।
नेतन्याहू ने लिया अटैक का फैसला!
यरुशलम पोस्ट का दावा है कि ईरान पर हमले का फैसला मोटेतौर पर बेंजामिन नेतन्याहू का था। नेतन्याहू ने ही ईरान के साथ खुला युद्ध छोड़ने, उसकी परमाणु सुविधाओं पर हमले और शीर्ष सुरक्षा प्रमुखों की हत्या को हरी झंडी दी। इस हमले के बारे में इजरायली नेतृत्व में तेजी से बहस अक्टूबर 2024 में शुरू हुई, जब ईरान ने दूसरी बार मिसाइल हमला किया। इससे पहले अप्रैल 2024 में इजरायल के जवाबी हमले को सीमित करने पर बात हुई थी, ताकि क्षेत्रीय तनाव ना बढ़े।
रान ने अक्टूबर, 2024 को दूसरी बार इजरायल पर हमला किया तो शीर्ष अधिकारियों की स्थिति बदल गई और बड़े हमले पर जोर दिया जाने लगा। दूसरी ओर अमेरिका के इलेक्शन पर भी इजरायल की नजर लग गई। अमेरिकी चुनाव नजदीक था और इजरायली सरकार को उम्मीद जगी कि अगर डोनाल्ड ट्रंप आए तो उनके लिए अमेरिका का समर्थन बढ़ सकता है। डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव जीता तो इजरायल में ईरान पर बड़े हमले की बहस और तैयारी ने जोर पकड़ लिया।
ईरान के प्रॉक्सी का रास्ता से हटना
ईरान के पास बीते साल तक लेबनान में हिजबुल्लाह और गाजा में हमास था। वहीं सीरिया में उसके पक्ष की बशर अल असद की सरकार थी। हमास गाजा में लगातार लड़ते हुए कमजोर पड़ता रहा तो बीते साल हिजबल्लाह का शीर्ष नेतृत्व इजरायली हमलों में मारा गया। इजरायल और अमेरिका को दिसंबर, 2024 में सीरिया में बड़ी कामयाबी मिली, जब असद सरकार गिर गई और पूर्व में अल कायदा से जुड़े रहे जुलानी सत्ता में आ गए। जुलानी अमेरिका के साथ दिखे हैं।
इजरायल को यमन के हूतियों की ओर से बीते साल लगातार बैलिस्टिक मिसाइलों का सामना करना पड़ रहा था। इजरायल को चिंता थी कि ईरान के साथ लड़ाई होने पर हूतियों के हमले तेज होंगे। इसलिए शीर्ष इजराइली अधिकारी हूतियों के खतरे को कम करना चाहते थे। हिजबुल्लाह के साथ बीते साल नवंबर में युद्ध विराम के बाद इजरायल और अमेरिका ने यमन में बमबारी की। अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों ने हूतियों को कमजोर कर दिया।
ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता
इजरायल की ईरान पर हमले के प्लान के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने अप्रैल में ईरान के साथ परमाणु कार्यक्रम पर गंभीर बातचीत शुरू कर दी, जिसमें उनके दूत स्टीव विटकॉफ शामिल थे। इसने इजरायली अधिकारियों को डरा दिया कि कहीं ट्रंप ईरान से समझौता तो नहीं कर लेंगे। ऐसे में मोसाद निदेशक डेविड बार्निया, आईडीएफ इंटेलिजेंस प्रमुख जनरल श्लोमी बिंदर, मंत्री रॉन डर्मर ने ट्रंप की टीम को अपनी स्थिति को सख्त करने के लिए मनाने कोशिश की, जिसमें उनको सफलता भी मिली।
हाल ही में IAEA की रिपोर्ट में कहा गया कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को बढ़ा रहा है और संभावित रूप से 10 से 15 परमाणु हथियारों के लिए पर्याप्त यूरेनियम का उत्पादन कर सकता है। इस रिपोर्ट ने इजरायल को ईरान पर हमले के लिए लगभग तैयार कर दिया। इजराली सरकार ने फैसला लिया और 14 महीने के उतार-चढ़ाव के बाद 13 जून को ईरान के खिलाफ हमला कर दिया गया।
अमेरिका इजरायल के समर्थन में उतरा तो ईरान को भी मिलेगा साथ
ईरान के खिलाफ लड़ाई में इजरायल का साथ देने वाले देशों को चीन ने चेताया है। अमेरिका के इजरायल के साथ युद्ध में सीधे शामिल होने की अटकलों पर चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के मेंबर की ओर से सख्त बयान दिया गया है। कम्युनिस्ट पार्टी मेंबर ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अमेरिका को इजरायल का साथ देने का विचार छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर इजरायल को कुछ देशों का साथ मिल सकता है तो ईरान के पक्ष में भी देश उतर सकते हैं।

ईरान के खिलाफ लड़ाई में इजरायल का साथ देने वाले देशों को चीन ने चेताया है। अमेरिका के इजरायल के साथ युद्ध में सीधे शामिल होने की अटकलों पर चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी के मेंबर की ओर से सख्त बयान दिया गया है। कम्युनिस्ट पार्टी मेंबर ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अमेरिका को इजरायल का साथ देने का विचार छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर इजरायल को कुछ देशों का साथ मिल सकता है तो ईरान के पक्ष में भी देश उतर सकते हैं। ऐसे में अमेरिका इस युद्ध से दूर रहे। उन्होंने संकेत दिया है कि अमेरिका जंग में आया तो चीन भी ईरान के समर्थन में युद्ध में उतर सकता है।
चीनी सरकार ने अमेरिका को ईरान से दूर रहने की चेतावनी दी है। गुरुवार को चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि चीन ऐसे किसी एक्शन का विरोध करता है, जो दूसरे देशों की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करता है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी ईरान के खिलाफ इजरायल की बढ़ती सैन्य कार्रवाइयों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। चीन ने अमेरिका से इस संघर्ष से दूर रहने और तत्काल तनाव कम करने का आग्रह किया है।
ईरान को रूस का भी मिला साथ
चीन के अलावा रूस से भी ईरान को समर्थन मिला है। रूस ने अमेरिका को चेताते हुए कहा है कि अगर उसने इजरायल के समर्थन में अपनी सेना भेजी तो पश्चिम एशिया में हालात संभालना मुश्किल हो जाएगा। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा कि हम अमेरिका को इस संघर्ष में सैन्य हस्तक्षेप के खिलाफ चेताना चाहते हैं। अगर ऐसा हुआ तो इसके खतरनाक परिणाम होंगे।
मारिया जखारोवा ने कहा कि इजरायल ने जिस तरह से ईरान के न्यूक्लियर इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले किए हैं। वो दिखाता है कि दुनिया तबाही के एकदम करीब है। वैश्विक समुदाय और पर्यावरणविद क्यों चुप हैं, ये समझ से परे है। उन्हें लगता है कि रेडिएशन से वह बच जाएंगे। सच्चाई ये है कि इस तबाही से कोई नहीं बचेगा। रूस के डिप्टी विदेश मंत्री सर्गेई रयाबको ने भी अमेरिका को ईरान-इजरायल युद्ध से दूर रहने की चेतावनी दी है।
ऑपरेशन सिंधु: ईरान से लौटे लोगों की आंखें हुई नम, भारत पहुंचकर लगाए वंदे मातरम् के नारे
दिल्ली एयरपोर्ट पर शुक्रवार को एक भावनात्मक नजारा देखने को मिला, जब ईरान से सैकड़ों भारतीय नागरिकों को लेकर आई विशेष फ्लाइट ऑपरेशन सिंधु के तहत सुरक्षित भारत पहुंची। विमान से उतरते ही लोगों ने ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। कई लोगों की आंखों में आंसू थे, तो कुछ ने भारत की धरती को छूकर शुक्रिया भी अदा किया।
परमाणु कार्यक्रम को लेकर इस्राइल और ईरान में बढ़ते तनाव ने युद्ध का रूप ले लिया है। दोनों देश लगातार से एक दूसरे पर हमला कर रहे है। स्थति खराब होता देख भारत सरकार ने ईरान और इस्राइल में फंसे लोगों की वापसी के लिए ऑपरेशन सिंधु चलाया गया।
परिवार को देख सुकून मिला- लौटी एलिया
ईरान में जारी तनावपूर्ण स्थिति से भारत लौटी एलिया बतूल, जब अपने परिवार से मिलीं तो उनकी आखें नम थी। उन्होंने कहा कि मेरा परिवार बहुत परेशान था। यहां आकर हमें सुकून मिला। भारत सरकार का बहुत-बहुत धन्यवाद। हमें वहां कोई भी समस्या नहीं हुई क्योंकि हमारे दूतावास ने हमारा बहुत साथ दिया है। वहीं भारत वापसी पर लौटे सैयद मंसूर हुसैन ने कहा कि सभी ने भारत मां की सरजमीं पर आकर सजदा किया। भारत सरकार का बहुत धन्यवाद… मैं भारत से प्यार करता हूं।
तजकिया ने भारत सरकार का किया धन्यवाद
ईरान से लौटी तजकिया फातिमा जब अपने परिवार से मिली तो वो फूले नहीं समा रही थी। उन्होंने कहा कि वहां अभी जंग के हालात थे। हमें लग रहा था कि हम कैसे निकलेंगे, लेकिन भारत सरकार के हम शुक्रगुजार हैं। उन्होंने हमें बहुत अच्छे तरीके से निकाल लिया।
वहां बुहत मुश्किल हालात थे- अली मुशर्रफ
ईरान से अपनी अपनी घर वापसी की आस में बैठे महबूब अली मुशर्रफ की दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचते की आखें नम हो गई। उन्होंने भारत आते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और भारत सरकार का शुक्रियादा करते हैं। वहां बहुत मुश्किल हालात थे। वहां एक-एक पल बहुत भारी लग रहा था…हिंदुस्तान जिंदाबाद।
ईरान से लौटे मोहम्मद अली काजिम बोले – हालात खराब थे
ईरान से भारत लौटे मोहम्मद अली काज़िम ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वह मशहद शहर से लौटे हैं और घर वापस आकर बहुत अच्छा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हम धार्मिक यात्रा पर गए थे, लेकिन वहां हालात खासकर तेहरान में बहुत खराब हैं। ऐसे में भारतीय सरकार ने हमारी बहुत मदद की, हमें बॉर्डर पार करवाया और भारत लाने की पूरी व्यवस्था की।
इसके साथ ही काजिम ने उत्तर प्रदेश सरकार का भी धन्यवाद किया और कहा कि वे उन्हें घर पहुंचाने में पूरा सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने भारत सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, “हमें सुरक्षित वापस लाकर बहुत बड़ा काम किया गया है।
जिया कुलसुम बोलीं- भारत सरकार ने हमारी बहुत मदद की
ईरान से सुरक्षित भारत लौटीं भारतीय नागरिक जिया कुलसुम ने बताया कि वहां के हालात ठीक नहीं थे और वे बहुत परेशान थीं। उन्होंने कहा कि ईरान की स्थिति अच्छी नहीं थी। हम सब बहुत चिंतित थे। लेकिन भारत सरकार ने हमारी बहुत मदद की और हमें सुरक्षित घर वापस ले आई। इसके साथ ही जिया ने सरकार के इस कदम के लिए आभार जताया और कहा कि अब वे खुद को सुरक्षित और सुकून में महसूस कर रही हैं।
ऑपरेशन सिंधु के तहत 290 भारतीयों की वापसी
गौरतलब है कि ईरान से 290 भारतीयों को लेकर एक विमान शुक्रवार देर रात दिल्ली पहुंचा। इसमें ज्यादातर छात्र हैं जो जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं। ईरान ने एक विशेष पहल करते हुए 1,000 भारतीयों को निकालने के लिए अपना हवाई क्षेत्र खोल दिया। इन भारतीयों को तीन चार्टर्ड विमानों से लाया जा रहा है, जिसमें से यह पहला विमान था। भारत ने इस्राइल और ईरान से भारतीयों को निकालने के लिए ऑपरेशन सिंधु शुरू किया है।
ईरान पर इस्राइली हमलों के बाद भारतीयों को तेहरान से मशाद शहर ले जाया गया था। वहां से निकासी उड़ानें ईरान एयरलाइन महान की ओर से संचालित की जा रही हैं जिसका प्रबंध भारत ने किया है। मशाद से दो उड़ानों के शनिवार दिन में किसी समय नई दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, तुर्किमेनिस्तान की राजधानी अश्गाबात से भारतीयों को लेकर एक और उड़ान भी आने वाली है। इस उड़ान से आने वाले भारतीयों को सड़क मार्ग से तेहरान से अश्गाबात पहुंचाया गया था।
ट्रंप ने क्यों दी शहबाज शरीफ की जगह असीम मुनीर को दावत?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का असीम मुनीर को दावत देना पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि सत्ता का केंद्र कहां है। ट्रंप पाकिस्तान के साथ व्यापारिक साझेदारी में गहरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं, खासकर क्रिप्टोकरेंसी और खनन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर है।
असीम मुनीर को हाल में दावत देकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को उनकी हकीकत से रूबरू करा दिया है। ट्रंप ने दिखा दिया है कि पाकिस्तान में वास्तविक शक्ति का केंद्र कहां है और बड़ी बातचीत किससे करनी है। यह पाकिस्तान के मुंह पर सीधा तमाचा है। ट्रंप को सीधे और लेनदेन वाली बातचीत के तरीके के लिए जाना जाता है। वह पारंपरिक राजनयिक चैनलों या नागरिक सरकारों को दरकिनार करते हुए सीधे शक्ति के केंद्र से बात करना पसंद करते हैं, अगर उन्हें लगता है कि वे कम प्रभावी हैं। पाकिस्तान के मामले में भी यही बात है। ट्रंप अपने व्यक्तिगत संबंधों या अनुमानित प्रभाव का लाभ उठाकर ऐसे सौदे करना चाहते हैं जिससे उनके व्यावसायिक हितों को अप्रत्यक्ष रूप से फायदा मिल सके। इसलिए उन्होंने शहबाज शरीफ की जगह पाकिस्तान सेना प्रमुख को दावत पर बुलाने में तवज्जो दी। डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में क्रिप्टोकरेंसी में दिलचस्पी दिखाने के अलावा इसमें निवेश किया है। यह उनके पिछले संशयवादी रुख से काफी अलग है। पाकिस्तान इसमें ट्रंप के लिए सीढ़ी बन सकता है। इसे समझते हैं कैसे।
पाकिस्तान आर्मी चीफ असीम मुनीर ने बुधवार को व्हाइट हाउस में ट्रंप से मुलाकात की थी। इसके बाद पाकिस्तान की सेना ने बताया कि ट्रंप ने पाकिस्तान के साथ व्यापारिक साझेदारी बनाने में ‘गहरी दिलचस्पी’ दिखाई है। इस दौरान दोनों में आतंकवाद से निपटने के लिए मिलकर काम करने और व्यापार, आर्थिक विकास, खनन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऊर्जा, क्रिप्टोकरेंसी और नई तकनीकों जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर बात हुई।
क्रिप्टो कारोबार में लगातार बढ़ रहे कदम
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे एरिक ट्रंप ने क्रिप्टो कंपनी हट8 के साथ मिलकर ‘अमेरिकन बिटकॉइन’ नाम से बिटकॉइन माइनिंग का कारोबार शुरू किया है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, एरिक ट्रंप ने कहा कि उनके पिता की नीतियां अमेरिकन बिटकॉइन को फायदा पहुंचाएंगी। इस कंपनी का टारगेट बिटकॉइन हासिल करना और वॉल स्ट्रीट पर शेयर बेचना है। यह कंपनी बिटकॉइन माइनिंग का काम करेगी। बिटकॉइन माइनिंग में बहुत शक्तिशाली मशीनों का इस्तेमाल होता है, जिनसे नए सिक्के बनाए जाते हैं।
ट्रंप परिवार के बिजनेस को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठ चुके हैं। लोगों का कहना है कि सरकार और बिजनेस के बीच हितों का टकराव हो सकता है। अब अमेरिकन बिटकॉइन के शुरू होने से ये चिंताएं और बढ़ गई हैं। कारण है कि इससे ट्रंप परिवार क्रिप्टो सेक्टर में और गहराई से जुड़ गया है।
राष्ट्रपति ट्रंप पहले से ही दो अन्य क्रिप्टो बिजनेस से जुड़े हुए हैं। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने क्रिप्टो कंपनियों के खिलाफ सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (सीईसी) की कार्रवाई को रोक दिया था। उन्होंने क्रिप्टो इंडस्ट्री के लिए फायदेमंद कानून बनाने का भी वादा किया था।
ट्रंप ने अपने डिजिटल कलेक्टिबल्स यानी ‘ट्रंप डिजिटल ट्रेडिंग कार्ड्स’ (NFTs) लॉन्च किए हैं। इनसे उन्हें लाखों डॉलर का राजस्व मिला है। यह उनके क्रिप्टो स्पेस में शुरुआती और सफल प्रयासों में से एक रहा है।
पाकिस्तान की संभावित भूमिका
यहां पाकिस्तान की सेना प्रमुख असीम मुनीर के साथ ट्रंप की बातचीत के संदर्भ में पाकिस्तान की संभावित भूमिका को समझना महत्वपूर्ण है। पाकिस्तान, खासकर उसकी सेना, अपने आर्थिक संकट से जूझ रही है। विदेशी निवेश और राजस्व के नए स्रोत तलाशने को मजबूर है।
बिटकॉइन माइनिंग एक ऊर्जा-गहन उद्योग है। पाकिस्तान अपनी बिजली उत्पादन क्षमता (खासकर जलविद्युत और अन्य नवीकरणीय स्रोतों) और संभावित रूप से कम ऊर्जा लागत वाले क्षेत्रों के साथ क्रिप्टो माइनिंग के लिए एक आकर्षक गंतव्य हो सकता है। अगर पाकिस्तान सरकार (जो अक्सर सेना के प्रभाव में होती है) क्रिप्टो माइनिंग के लिए अनुकूल नीतियां और सुरक्षित वातावरण प्रदान करती है तो यह ट्रंप या उनके सहयोगियों को निवेश करने के लिए आकर्षित कर सकता है।
ट्रंप क्रिप्टोकरेंसी को बढ़ावा देने वाली नीतियों के समर्थक हैं। अगर पाकिस्तान क्रिप्टो-अनुकूल नियमों को अपनाता है तो यह अमेरिकी क्रिप्टो व्यवसायों (जैसे ट्रंप के खुद के उद्यमों) के लिए एक प्रवेश द्वार बन सकता है। इससे पाकिस्तान में क्रिप्टो अपनाने और निवेश को बढ़ावा मिल सकता है।
पाकिस्तान को लगातार वित्तीय सहायता की आवश्यकता होती है। क्रिप्टो क्षेत्र में सहयोग, जैसे कि संयुक्त माइनिंग उद्यम या ब्लॉकचेन-आधारित परियोजनाओं में निवेश, पारंपरिक कर्जों और सहायता के अलावा राजस्व उत्पन्न करने का एक नया तरीका हो सकता है। यह पाकिस्तान को अमेरिकी समर्थन हासिल करने का एक नया तरीका भी प्रदान कर सकता है।
चीन का अपने क्रिप्टोकरेंसी नियमों पर सख्त रुख रहा है। उसने माइनिंग पर भी प्रतिबंध लगा दिए हैं। अमेरिका चीन के प्रभाव का मुकाबला करने के लिए पाकिस्तान को क्रिप्टो हब के रूप में विकसित करने में सहायता कर सकता है ताकि एशिया में एक वैकल्पिक तकनीकी और वित्तीय केंद्र बन सके। यह ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ और चीन-विरोधी नीतियों के अनुरूप भी होगा।
4. एयर इंडिया की फ्लाइट में टेकऑफ से पहले आई खराबी
एयर इंडिया के विमान में एक बड़ा हादसा टल गया है। एयर इंडिया का विमान हैदराबाद से मुंबई के लिए उड़ान भर रहा था। इसी दौरान विमान में तकनीकी खराबी आ गई। इसके चलते पायलट ने विमान को रनवे पर ही रोक दिया। उसने उड़ान रद्द कर दी।
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एअर इंडिया के एक विमान का बड़ा हादसा टल गया। विमान मुंबई जाने के लिए हैदराबाद से उड़ान भरने वाला था। तभी उसमें तकनीकी खराबी आ गई। पायलट ने तुरंत विमान को रनवे पर ही रोक दिया और उड़ान रद्द कर दी। इससे एक बड़ा हादसा होने से बच गया। पिछले हफ्ते अहमदाबाद में एअर इंडिया के एक विमान का बड़ा हादसा हुआ था। इसमें कई लोगों की जान चली गई थी।
पायलट ने टेकऑफ रद्द किया
जानकारी के मुताबिक, हैदराबाद एयरपोर्ट पर विमान के उड़ान भरने से पहले ही उसे रोक दिया गया। पायलट ने आखिरी कुछ मिनटों में विमान को रोका। विमान में तकनीकी खराबी होने के कारण पायलट ने टेकऑफ रद्द कर दिया। इससे संभावित खतरा टल गया। विमान में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं। एअर इंडिया के कर्मचारियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए यात्रियों के लिए दूसरे विमान की व्यवस्था की। उस विमान से यात्रियों को मुंबई भेजा गया।
अहमदाबाद में हुआ था बड़ा हादसा
पिछले हफ्ते अहमदाबाद में एक विमान दुर्घटना हुई थी। 12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जाने वाली एअर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 का एक्सीडेंट हो गया था। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, विमान के दोनों इंजन फेल हो गए थे। इस वजह से उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद विमान बीजे मेडिकल कॉलेज की एक इमारत से टकरा गया। इस विमान में कुल 242 लोग सवार थे। इनमें से 241 लोगों की मौत हो गई। एअर इंडिया का विमान बीजे मेडिकल कॉलेज पर गिरा। वहां के 22 लोगों की भी इस हादसे में मौत हो गई।
धमाके के साथ लगी थी आग
एअर इंडिया के बोईंग ड्रीमलाइनर 787 विमान ने 12 जून को दोपहर में लंदन के लिए उड़ान भरी थी। विमान ने अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल हवाई अड्डे से उड़ान भरी। यह विमान लंदन के गैटविक हवाई अड्डे पर उतरने वाला था। लेकिन टेकऑफ के एक मिनट के अंदर ही विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान को सात हजार किलोमीटर की दूरी तय करनी थी, इसलिए उसमें एक लाख लीटर ईंधन था। विमान के गिरते ही एक बड़ा धमाका हुआ। ईंधन में आग लग गई। आग इतनी तेज थी कि यात्रियों को बचाने का मौका ही नहीं मिला।
BJP ने सबसे ज्यादा खर्च किया, जानें बाकी पार्टियों का हाल
एडीआर की रिपोर्ट में लोकसभा चुनाव 2024 में राजनीतिक दलों के खर्च का विश्लेषण किया गया है। बीजेपी ने सबसे अधिक 1,494 करोड़ रुपये खर्च किए। कांग्रेस 620 करोड़ रुपये के खर्च के साथ दूसरे स्थान पर रही। 32 दलों ने मिलकर 3,352.81 करोड़ रुपये खर्च किए।
चुनाव सुधार के लिए काम करने वाली संस्था एडीआर ने एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में 2024 के लोकसभा चुनाव में राजनीतिक दलों के खर्चों का विश्लेषण किया गया है। एडीआर के अनुसार, बीजेपी ने सबसे ज्यादा 1,494 करोड़ रुपये खर्च किए, जो कुल खर्च का 44.56% है। कांग्रेस 620 करोड़ रुपये के खर्च के साथ दूसरे स्थान पर रही। 32 राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों ने मिलकर 3,352.81 करोड़ रुपये खर्च किए। एडीआर ने राजनीतिक दलों द्वारा चुनाव आयोग को दिए गए खर्च के विवरण में देरी पर भी चिंता जताई है। एडीआर ने चुनाव आयोग से राजनीतिक दलों के खर्च पर नजर रखने के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त करने का आग्रह किया है।
कांग्रेस खर्च में दूसरे स्थान पर रही
एडीआर यानी ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ नामक संस्था चुनावों में सुधार के लिए काम करती है। इसकी रिपोर्ट में बताया गया है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में किस पार्टी ने कितना खर्चा किया। रिपोर्ट के अनुसार, बीजेपी सबसे आगे रही। बीजेपी ने लगभग 1,494 करोड़ रुपये खर्च किए। यह कुल चुनावी खर्च का 44.56 प्रतिशत है। कांग्रेस पार्टी इस मामले में दूसरे नंबर पर रही। कांग्रेस ने लगभग 620 करोड़ रुपये खर्च किए। यह कुल खर्च का 18.5 प्रतिशत है। एडीआर ने कुल 32 राष्ट्रीय और क्षेत्रीय पार्टियों के खर्चों का हिसाब लगाया।
सभी पार्टियों ने मिलकर 3,352.81 करोड़ रुपये खर्चे
इन सभी पार्टियों ने मिलकर 3,352.81 करोड़ रुपये खर्च किए। यह खर्चा लोकसभा चुनाव और कुछ राज्यों के विधानसभा चुनावों के दौरान हुआ। ये राज्य थे आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम। इन राज्यों में लोकसभा चुनाव के साथ-साथ विधानसभा चुनाव भी हुए थे। राष्ट्रीय पार्टियों ने इस कुल खर्च में से 2,204 करोड़ रुपये खर्च किए। यह कुल खर्च का 65.75 प्रतिशत से ज्यादा है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि राष्ट्रीय पार्टियों को 6,930.246 करोड़ रुपये मिले, जो कुल धनराशि का 93.08 प्रतिशत है। वहीं, क्षेत्रीय पार्टियों को 515.32 करोड़ रुपये मिले, जो 6.92 प्रतिशत है।
आम आदमी पार्टी ने ब्योरा देने में लगाया टाइम
एडीआर ने यह रिपोर्ट राजनीतिक दलों द्वारा दिए गए खर्च के विवरण के आधार पर बनाई है। राजनीतिक दलों को चुनाव खत्म होने के बाद अपने खर्च का हिसाब चुनाव आयोग को देना होता है। लोकसभा चुनाव के लिए 90 दिनों के अंदर और विधानसभा चुनाव के लिए 75 दिनों के अंदर यह जानकारी देनी होती है। एडीआर ने यह भी पाया कि कई पार्टियों ने खर्च का विवरण देने में देरी की। आम आदमी पार्टी (आप) ने 168 दिन की देरी से विवरण दिया। बीजेपी ने 139 से 154 दिन की देरी से विवरण दिया।
एडीआर के अनुसार, सिर्फ कांग्रेस ही ऐसी पार्टी थी जिसने लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए एक साथ रिपोर्ट दी। सबसे ज्यादा खर्चा चुनाव प्रचार में हुआ। पार्टियों ने लगभग 2,008 करोड़ रुपये चुनाव प्रचार में खर्च किए। यह उनके कुल खर्च का 53 प्रतिशत से ज्यादा है। इसके बाद यात्रा का खर्चा रहा, जो 795 करोड़ रुपये था। पार्टियों ने अपने उम्मीदवारों को 402 करोड़ रुपये दिए। डिजिटल तरीके से चुनाव प्रचार करने में 132 करोड़ रुपये खर्च हुए। उम्मीदवारों के बारे में जानकारी प्रकाशित करने में 28 करोड़ रुपये खर्च हुए।
32 राजनीतिक दलों ने चुनाव प्रचार पर कुल 2,008.29 करोड़ रुपये खर्च किए। इसमें से राष्ट्रीय दलों ने 1,511.30 करोड़ रुपये (75.25 प्रतिशत) और क्षेत्रीय दलों ने 496.99 करोड़ रुपये (24.75 प्रतिशत) खर्च किए। यात्रा पर जो 795 करोड़ रुपये खर्च हुए, उसमें से 765 करोड़ रुपये (96.22 प्रतिशत) पार्टी के बड़े नेताओं की यात्रा पर खर्च हुए. बाकी नेताओं पर सिर्फ 30 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
खर्चों में पारदर्शिता की कमी पर भी चिंता जताया
एडीआर ने खर्चों में पारदर्शिता की कमी पर भी चिंता जताई है। रिपोर्ट बनाते समय, कई पार्टियों के खर्च का विवरण चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध नहीं था। इनमें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और शिवसेना (उबाठा) जैसी पार्टियां शामिल थीं। आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और ओडिशा में हुए विधानसभा चुनावों के लिए राष्ट्रीय जनता दल (राजद), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) पार्टी, केसी (एम) के खर्च का विवरण भी उपलब्ध नहीं था। दो पार्टियों, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और केरल कांग्रेस (एम) ने चुनाव लड़ने के बावजूद कोई खर्चा नहीं दिखाया। उन्होंने कहा कि उनका खर्चा शून्य था।
एडीआर ने यह भी बताया कि पिछले आम चुनाव में 690 गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों ने हिस्सा लिया था। एडीआर ने चुनाव आयोग से यह भी कहा है कि वह राजनीतिक दलों के खर्च पर नजर रखने के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त करे। जैसे उम्मीदवारों के खर्च पर नजर रखी जाती है, वैसे ही पार्टियों के खर्च पर भी नजर रखी जानी चाहिए। एडीआर ने कहा, “चुनाव आयोग को राजनीतिक दलों के खर्च पर नजर रखने के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त करने चाहिए, जैसे कि उम्मीदवारों के खर्च पर नजर रखी जाती है।”
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: PM मोदी तीन लाख लोगों के साथ करेंगे योग; 25000 छात्र 108 मिनट तक करेंगे सूर्य नमस्कार
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आंध्रप्रदेश में बंदरगाह शहर विशाखापत्तनम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज योग के महाकुंभ में शामिल होंगे। पीएम मोदी इस दौरान यहां तीन लाख से अधिक लोगों के साथ योग करेंगे। योग के इस महाकुंभ को गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। भारत इस अवसर पर दुनियाभर में 191 देशों के 1,300 शहरों में योग कार्यक्रमों का आयोजन करेगा।
देश-दुनिया में मनाए जाने वाले 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की विषयवस्तु, एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग, तय गई है।विशाखापत्तनम में आरके बीच से भोगापुरम तक 26 किलोमीटर के क्षेत्र में एक साथ 3.19 लाख लोगों के योग करने की व्यवस्था की गई हैं। इस महा आयोजन के सुचारू संचालन के लिए 1,000 लोगों की क्षमता वाले 326 कम्पार्टमेंट तैयार किए गए हैं। 3.32 लाख टी-शर्ट और योग के लिए पांच लाख चटाइयों की व्यवस्था की गई है। आंध्र प्रदेश सरकार के मुताबिक, इस आयोजन में राज्य, देश और दुनिया भर के आठ लाख स्थानों से प्रतिभागियों के शामिल होने की उम्मीद है। योग दिवस की गतिविधियों में भागीदारी के लिए दो करोड़ के अनुमान से भी अधिक 2.39 करोड़ लोगों ने पंजीकरण कराया है।
25,000 छात्र 108 मिनट तक करेंगे सूर्य नमस्कार
विशाखापत्तनम में योग महाकुंभ में 25,000 से अधिक आदिवासी छात्र 108 मिनट तक सूर्य नमस्कार करेंगे। इसका उद्देश्य सबसे बड़े समूह और सबसे अधिक लोगों के एक साथ सूर्य नमस्कार करने का रिकॉर्ड बनाना है।
सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन रहेंगे तैनात
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) हरीश कुमार गुप्ता के मुताबिक, 1,200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन 26 किलोमीटर के उस हिस्से पर नजर रखेंगे, जहां हजारों लोग योग करेंगे। सुरक्षा के लिए करीब 10,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
इस मौके पर देशभर में 3.5 लाख से अधिक स्थानों पर एक साथ योग कार्यक्रम होंगे। इस वर्ष माईजीओवी और माईभारत जैसे प्लेटफार्मों पर विशेष प्रतियोगिताएं जैसे परिवार के साथ योग और योग अनप्लग्ड के तहत युवा-केंद्रित पहल शुरू की गई हैं। इससे जन भागीदारी को बढ़ावा मिल रहा है। इस वर्ष का विषय एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग है। यह मानव और ग्रहीय स्वास्थ्य के अंतर्संबंध पर प्रकाश डालता है तथा सामूहिक कल्याण के वैश्विक दृष्टिकोण को प्रतिध्वनित करता है, जो भारत के सर्वे संतु निरामया (सभी लोग रोगों से मुक्त रहें) के दर्शन पर आधारित है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में स्वीकार किए जाने के बाद से पीएम मोदी नई दिल्ली, चंडीगढ़, लखनऊ, मैसूर, न्यूयॉर्क (संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय) और श्रीनगर सहित विभिन्न स्थानों से इस समारोह का नेतृत्व कर चुके हैं।
नौसेना के 1100 से ज्यादा जवान लेंगे हिस्सा
इतना ही नहीं अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर नौसेना की ईस्टर्न नेवल कमांड के 11,000 से ज्यादा जवान और उनके परिवार वाले हिस्सा लेंगे। मामले में नौसेना के प्रवक्ता ने बताया कि ये सभी लोग विशाखापत्तनम के आर.के. बीच के पास बनाए गए 10 अलग-अलग एरिया में बैठकर योग करेंगे। साथ ही, समंदर में खड़े नौसैनिक जहाजों पर भी योग किया जाएगा।
इन जहाजों में नौसेना के बड़े युद्धपोत और दो कोस्ट गार्ड के जहाज शामिल होंगे, जो विशाखापत्तनम के तट के पास खड़े रहेंगे। समंदर के किनारे तैनात ये जहाज भारतीय नौसेना की योग और सेहत के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाएंगे।
नीरज ने पेरिस डायमंड लीग में वेबर-एंडरसन को दी शिकस्त
दो बार के ओलंपिक पदक विजेता और भारतीय भाला फेंक स्टार नीरज चोपड़ा ने शुक्रवार को पेरिस डायमंड लीग में जर्मनी के जूलियन वेबर को पछाड़ते हुए दो वर्षों बाद अपना पहला डायमंड लीग खिताब जीता। इससे पहले पेरिस डायमंड लीग में वे दो बार लगातार दूसरे स्थान पर रहे थे। नीरज चोपड़ा ने अपनी पहली ही कोशिश में शानदार थ्रो करते हुए 88.16 मीटर दूर भाला फेंक कर खिताब अपने नाम किया। वहीं दूसरी कोशिश में उन्होंने 85.10 मीटर रही। इसके बाद अगले तीन थ्रो फाउल किए। वहीं, आखिरी प्रयास में नीरज ने 82.89 मीटर की दूरी तय की। यह पेरिस डायमंड लीग में चोपड़ा की पहली जीत है। उन्होंने 2017 में बतौर जूनियर वर्ल्ड चैंपियन यहां हिस्सा लिया था और तब वे पांचवें स्थान पर रहे थे।
जूलियन वेबर ने भी अपनी पहली कोशिश में शानदार 87.88 मीटर भाला फेंका, लेकिन वे दूसरे स्थान पर रहे। ब्राज़ील के लुइज़ मौरिसियो दा सिल्वा तीसरे स्थान पर रहे, जिनकी सर्वश्रेष्ठ कोशिश तीसरे राउंड में 86.62 मीटर रही।
दोहा डायमंड लीग में वेबर ने दी थी चोपड़ा को मात
वेबर ने 16 मई को दोहा डायमंड लीग में चोपड़ा को हराया था जिसमें चोपड़ा ने 90 मीटर से ऊपर का थ्रो फेंका था। वेबर ने आखिरी थ्रो 91.06 मीटर का फेंककर पहला स्थान हासिल किया। चोपड़ा 90.23 मीटर के थ्रो के साथ दूसरे स्थान पर रहे। 31 वर्षीय वेबर ने 23 मई को पोलैंड में जानुज कुसोसिंकी मेमोरियल स्पर्धा में भी चोपड़ा को हराया था। वेबर ने 86.12 मीटर और चोपड़ा ने 84.14 मीटर का थ्रो फेंका था। पीटर्स दोनों में तीसरे स्थान पर रहे थे।
पेरिस डायमंड लीग के बाद इन लीग में भाग लेंगे नीरज
चोपड़ा और वेबर के अलावा पीटर्स भी 2022 में 90 मीटर की बाधा पार कर चुके हैं। कीनिया के 2015 विश्व चैम्पियन जूलियस येगो और त्रिनिदाद और टोबैगो के 2012 ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता केशोर्न वालकॉट भी 90 मीटर क्लब में शामिल हैं जिन्होंने 2015 में यह कारनामा किया था। इनके अलावा पेरिस डायमंड लीग में ब्राजील के लुईज मौरिशियो डा सिल्वा , मोलडोवा के एड्रियन मारडारे और फ्रांस के रेमी रूजेटे भी भाग लेंगे। पेरिस डायमंड लीग के बाद चोपड़ा 24 जून से चेक गणराज्य के ओस्ट्रावा में गोल्डन स्पाइक एथलेटिक्स मीट में भाग लेंगे। इसके बाद पांच जुलाई को बेंगलुरू में नीरज चोपड़ा क्लासिक खेलेंगे।
दुनिया भर में मनाया जा रहा योग दिवस; टाइम्स स्क्वायर पर लोगों ने किया योग
भारत ही नहीं दुनियाभर में आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर भारत को दुनियाभर में योग सॉफ्ट पावर का प्रदर्शन करेगा। इस अवसर पर 191 देशों के 1,300 शहरों में योग को लेकर विभिन्न आयोजन किए जाएंगे। इन आयोजनों के माध्यम से देश की प्राचीन परंपरा और सौम्य शक्ति का प्रदर्शन किया जाएगा।
योग दिवस पर कुरुक्षेत्र में सीएम नायब सिंह सैनी और राज्यपाल ने स्वामी रामदेव के साथ किया योग
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और अन्य लोगों ने शुक्रवार को 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर योग अभ्यास किया। यह कार्यक्रम योग गुरु स्वामी रामदेव के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया था। सभी ने कुरुक्षेत्र में एक साथ योग कर सेहत और आत्मिक शांति का संदेश दिया। बड़ी संख्या में लोगों ने इस मौके पर भाग लिया।
कड़ाके ठंड के बावजूद योग दिवस पर पैंगोंग झील के किनारे ITBP जवानों ने किया योग अभ्यास
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों ने पैंगोंग झील के किनारे योग किया। यह अभ्यास धन सिंह थापा और चार्तसे बॉर्डर पोस्ट (24 बटालियन, लेह) पर किया गया, जो समुद्र तल से 14,100 से 14,200 फीट की ऊंचाई पर स्थित हैं। कड़ाके की ठंड और ऊंचाई के बावजूद जवानों ने पूरे उत्साह के साथ योग कर सेहत और अनुशासन का संदेश दिया। ITBP हर साल सीमावर्ती इलाकों में योग दिवस मनाकर फिटनेस और मानसिक संतुलन का उदाहरण पेश करती है।
विशाखापत्तनम में योग दिवस की धूम, पीएम मोदी और CM चंद्रबाबू नायडू होंगे शामिल
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में समुद्र किनारे बड़ी संख्या में लोग अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने के लिए जुटे। इस खास कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू भी शामिल होंगे। इसकी तैयारी के लिए समंदर के किनारे सुबह से ही लोग योग करने के लिए इकट्ठा हुए और पूरे जोश के साथ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। आयोजन में आम लोगों के साथ-साथ सैनिक, अधिकारी और विद्यार्थी भी शामिल होंगे।
स्वस्थ जीवन के लिए योग प्रकृति से खुद को जोड़ने का संदेश : डब्ल्यूएचओ
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की दक्षिण-पूर्व एशिया की क्षेत्रीय निदेशक साइमा वाजेद ने कहा, इस बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का विषय एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग है। उन्होंने कहा, यह हमें हमारे कल्याण और हमारे ग्रह के स्वास्थ्य के बीच गहरे संबंध की याद दिलाता है। वाजेद ने कहा, हर साल मनाया जाने वाला योग दिवस प्राचीन अभ्यास का उत्सव है, जो तन-मन दोनों का पोषण करता है।
टाइम्स स्क्वायर पर योग सत्र का आयोजन
सीजीआई न्यूयॉर्क ने टाइम्स स्क्वायर के साथ मिलकर दुनिया के मशहूर चौराहे टाइम्स स्क्वायर पर एक जीवंत योग सत्र का आयोजन किया। इसके अलावा, यूके में भारत के राजदूत विक्रम दोराईस्वामी ने लंदन के द स्ट्रैंड इलाके में भारतीय उच्चायोग द्वारा आयोजित 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह का नेतृत्व किया। इस कार्यक्रम में भारतीय प्रवासी, योग के शौकीन लोग और भारत के दोस्त शामिल हुए। इस साल के योग दिवस की थीम थी ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग’, जिसे इस कार्यक्रम में खास तौर पर दिखाया गया।
यूके में भारत के उच्चायुक्त विक्रम दोरईस्वामी ने कहा कि पुराने समय की सभ्यताओं ने ग्रीष्म संक्रांति को एक खास दिन माना है। इसी सोच के तहत, योग को न सिर्फ एक वैज्ञानिक व्यायाम की तरह देखा जाता है, बल्कि यह शरीर को स्वस्थ रखने का भी तरीका है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस ग्रीष्म संक्रांति के दिन मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि मेरे पास किंग चार्ल्स III का एक संदेश है, इस साल का विषय ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग’ हमें यह याद दिलाता है कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक खुशहाल और स्वस्थ भविष्य बनाने के लिए पूरी दुनिया को एक साथ काम करना चाहिए।
एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिए योग
पर्यटन मंत्रालय ने एक बयान में कहा, वह 21 जून को सुबह 6 से 8 बजे तक कुतुब मीनार परिसर के प्रतिष्ठित सन डायल लॉन में ‘सामूहिक योग सत्र’ का आयोजन करेगा, जो यूनेस्को का विश्व धरोहर स्थल भी है। मंत्रालय ने कहा कि इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की वैश्विक थीम ‘एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के लिए योग’ है जो मानव कल्याण और पारिस्थितिक संतुलन के बीच गहन संबंध को रेखांकित करती है।
देशभर में 100 पर्यटन स्थलों पर भी होगी योग की धूम
संस्कृति मंत्रालय भी 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर देशभर में 100 पर्यटन-आधारित प्रसिद्ध स्थलों और 50 से अधिक सांस्कृतिक स्थलों पर योग सत्र आयोजित करेगा। केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत राजस्थान के जोधपुर में ऐतिहासिक मेहरानगढ़ किले में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में भाग लेंगे।
17 देशों के योग गुरु भारत में करेंगे आयोजन का नेतृत्व
इसके अलावा आईसीसीआर एक प्रमुख कार्यक्रम योग बंधन की भी मेजबानी कर रहा है। जिसमें ब्राजील, अर्जेंटीना, रूस, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मलेशिया, श्रीलंका, इंडोनेशिया, सिंगापुर और दक्षिण कोरिया सहित 15 देशों के 17 योग गुरु भारत में योग दिवस कार्यक्रमों का नेतृत्व करेंगे। दिल्ली में जंतर-मंतर, कुतुब मीनार, पुराना किला और हुमायूं के मकबरे पर ये विदेशी योग गुरु योग कार्यक्रमों का नेतृत्व करेंगे। जबकि लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, जयपुर, जोधपुर, भोपाल, ग्वालियर और अन्य शहरों में प्रतिष्ठित स्थानों पर इसी तरह के ‘योग बंधन’ कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
आईसीसीआर की महानिदेशक के नंदिनी सिंगला ने एक बयान में कहा, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की 10वीं वर्षगांठ पर हम व्यावहारिक रूप से दुनिया के हर उस देश को कवर करेंगे, जहां योग कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अमेरिका जैसे कुछ देशों में हम विभिन्न शहरों में कई कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। आईसीसीआर की ओर से 21 जून को 191 देशों के विभिन्न शहरों में 1,300 स्थानों पर 2,000 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 11 दिसंबर, 2014 को 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी।
दुनिया भर में मनाया जा रहा योग दिवस; टाइम्स स्क्वायर पर लोगों ने किया योग
भारत ही नहीं दुनियाभर में आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर भारत को दुनियाभर में योग सॉफ्ट पावर का प्रदर्शन करेगा। इस अवसर पर 191 देशों के 1,300 शहरों में योग को लेकर विभिन्न आयोजन किए जाएंगे। इन आयोजनों के माध्यम से देश की प्राचीन परंपरा और सौम्य शक्ति का प्रदर्शन किया जाएगा।
विदेश मंत्रालय की सांस्कृतिक शाखा भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) की ओर से शुक्रवार को जारी एक बयान के अनुसार, पाकिस्तान में भारतीय उच्चायोग भी इस अवसर पर इस्लामाबाद में एक योग कार्यक्रम आयोजित करेगा।
‘जहां रूसी सैनिकों के पैर पड़ते हैं, वो जगह हमारी हो जाती है’; पुतिन
सेंट पीटर्सबर्ग में हुए इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम (एसपीआईईएफ) में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को कहा कि रूसी और यूक्रेनवासी एक ही लोग हैं। सैद्धांतिक रूप से देखा जाए तो पूरा यूक्रेन हमारा है। पुतिन ने कहा कि वह यूक्रेन के शहर सुमी पर भी कब्जा कर सकते हैं।पुतिन से जब यह पूछा गया कि क्या रूस यूक्रेन से बिना शर्त आत्मसमर्पण चाहता है, जैसा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से मांगा है। इस पर उन्होंने हम मौजूदा जंग में यूक्रेन से आत्मसमर्पण की मांग नहीं कर रहे। एक पुराना नियम है, जिसके मुताबिक, जहां रूसी सैनिकों के पैर पड़ते है, वो जगह हमारी हो जाती है।
पुतिन से जब यह पूछा गया कि क्या रूस यूक्रेन से बिना शर्त आत्मसमर्पण चाहता है, जैसा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से मांगा है। इस पर उन्होंने हम मौजूदा जंग में यूक्रेन से आत्मसमर्पण की मांग नहीं कर रहे। एक पुराना नियम है, जिसके मुताबिक, जहां रूसी सैनिकों के पैर पड़ते है, वो जगह हमारी हो जाती है। इस बीच पुतिन ने इस्राइल और ईरान तनाव पर भी बात की। उन्होंने कहा कि यूक्रेन का संघर्ष पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव से पूरी तरह अलग है। पुतिन ने कहा कि दोनों देशों के लिए कोई ऐसा हल निकाला जा सकता है, जो दोनों को मंजूर हो। उन्होंने ग्लोबल साउथ और पश्चिम एशिया के देशों से इस मसले में मदद की उम्मीद जताई।
एक देश की सुरक्षा दूसरे देशों के नुकसान पर नहीं होनी चाहिए
पुतिन ने कहा कि किसी एक देश की सुरक्षा दूसरे देशों के नुकसान पर नहीं होनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने ईरान को परमाणु ऊर्जा का अधिकार होने की बात भी कही। पुतिन ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर इस्राइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू, ईरान के राष्ट्रपति पेजेशकियन और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप से बात की है। उन्होंने कहा, मैंने रूस का नजरिया साझा किया। उम्मीद है कि हमारे प्रस्तावों पर अमल होगा।
मित्र देशों के साथ सैन्य-तकनीकी सहयोग को और मजबूती देगा रूस : पुतिन
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को कहा कि रूस मित्र देशों के साथ सैन्य और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करेगा। इसमें संयुक्त रूप से हथियारों का उत्पादन और सैन्य कर्मियों का प्रशिक्षण शामिल है। सेंट पीटर्सबर्ग में रूस के प्रमुख आर्थिक मंच में अपने भाषण में पुतिन ने कहा कि मॉस्को अपनी सशस्त्र सेनाओं और उनके ठिकानों को आधुनिक बनाने की योजना बना रहा है, जिसमें नवीनतम हथियारों और तकनीक से लैस करना शामिल है।
उन्होंने कहा, हम नई तकनीकों का उपयोग करके रूसी सशस्त्र बलों की युद्ध क्षमताओं को बेहतर बनाएंगे, सैन्य बुनियादी ढांचे को आधुनिक करेंगे और उन्हें नवीनतम तकनीक, हथियारों और उपकरणों से लैस करेंगे। पुतिन ने कहा कि रूस मित्र देशों के साथ न केवल उपकरणों की आपूर्ति या आधुनिकीकरण, बल्कि संयुक्त विकास, कर्मियों का प्रशिक्षण और टर्न-की उद्यमों व उत्पादन सुविधाओं का निर्माण में शामिल होगा।
शहबाज ने जताई सभी लंबित मुद्दों पर भारत से वार्ता की इच्छा; अमेरिका के सामने गिड़गिड़ाए
पहलगाम हमले के बाद भारत द्वारा की गई कार्रवाई से पाकिस्तान घुटनों पर आ गया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भारत से बातचीत को लेकर एक बार फिर अमेरिका के सामने गिड़गिड़ाए हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जम्मू-कश्मीर, सिंधू जल संधि, व्यापार और आतंकवाद की खिलाफत जैसे लंबित मुद्दों पर वार्ता की इच्छा जाहिर की है। उन्होंने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो से ये बात कही है। पाकिस्तान के सरकारी टीवी पीटीवी की ओर से एक सोशल मीडिया पोस्ट में ये दावा किया गया है। भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ पांच रणनीतिक फैसले लिए थे। जिनमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना और नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के कर्मचारियों की संख्या घटाना भी शामिल था।
पाकिस्तान के सरकारी टीवी पीटीवी की ओर से सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए बयान के अनुसार, शहबाज ने रूबियो के साथ टेलीफोन पर हुई बातचीत के दौरान पाकिस्तान की इच्छा की पुष्टि की। हालांकि, भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह पाकिस्तान के साथ केवल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की वापसी और आतंकवाद के मुद्दे पर ही बातचीत करेगा।
पीटीवी के अनुसार, शहबाज ने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम कराने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूबियो की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के बारे में राष्ट्रपति ट्रंप के सकारात्मक बयान दक्षिण एशिया में स्थायी शांति के लिए अत्यंत उत्साहजनक हैं, जिसे केवल पाकिस्तान और भारत के बीच सार्थक वार्ता शुरू करके ही संभव बनाया जा सकता है।
दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकी हमला हुआ। इस हमले में 26 लोगों की बर्बर तरीके से हत्या कर दी गई। उनकी हत्या करने से पहले उनकी धार्मिक पहचान की गई। इन मृतकों में अधिकांश पर्यटक शामिल थे। इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ पांच रणनीतिक फैसले लिए थे। जिनमें सिंधु जल संधि को निलंबित करना और नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के कर्मचारियों की संख्या घटाना भी शामिल था। इसके बाद जवाब में पाकिस्तान ने अपना हवाई क्षेत्र भारतीय उड़ानों के लिए बंद कर दिया था।
इसके बाद भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। इसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए। यही नहीं, पाकिस्तानी सेना के नौ एयरबेस भी ध्वस्त हो गए। हालांकि, बाद में पाकिस्तान सरकार का एक डोजियर लीक भी लीक हुआ, जिसमें यह खुलासा हुआ कि भारतीय सशस्त्र बलों ने इससे भी ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया था। यह सैन्य कार्रवाई 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में की गई थी।
ईरान से भारतीय नागरिकों को लेकर एक और फ्लाइट दिल्ली पहुंची
ईरान ने विशेष इशारे के तौर पर भारत के तीन विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र खोल दिया है। हवाई रास्ता खुलने के बाद शुक्रवार देर रात 290 भारतीय छात्रों को लेकर एक विमान दिल्ली पहुंचा। तुर्कमेनिस्तान की राजधानी अश्गाबात से एक और विमान सुबह करीब 3 बजे दिल्ली पहुंचेगा। उसके बाद तीसरा विमान दिन में आएगा।
ईरान से 290 भारतीयों को लेकर एक विमान शुक्रवार देर रात दिल्ली पहुंचा। इसमें ज्यादातर छात्र हैं जो जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं। ईरान ने एक विशेष पहल करते हुए 1,000 भारतीयों को निकालने के लिए अपना हवाई क्षेत्र खोल दिया। इन भारतीयों को तीन चार्टर्ड विमानों से लाया जा रहा है, जिसमें से यह पहला विमान था। भारत ने इस्राइल और ईरान से भारतीयों को निकालने के लिए ऑपरेशन सिंधु शुरू किया है। इसके अलावा, शनिवार सुबह एक और फ्लाइट ईरान से भारतीयों को लेकर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंची। जैसे ही यात्री एयरपोर्ट से बाहर निकले, उन्होंने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए और राहत की सांस ली। कई लोगों ने सरकार और अधिकारियों का धन्यवाद किया। एयरपोर्ट पर चिकित्सा जांच और जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
सिसोदिया से 37 सवाल… नहीं ली एक की भी जिम्मेदारी, सभी फैसले कैबिनेट और अफसरों पर डाले
भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया से कथित क्लासरूम घोटाला मामले में 37 सवाल पूछे। मगर पूर्व डिप्टी सीएम ने एक भी सवाल व कथित घोटाले में निर्णयों आदि की जिम्मेदारी अपने ऊपर नहीं ली। एसीबी सूत्रों ने बताया कि पूछताछ के दौरान पूर्व डिप्टी सीएम अपनी जिम्मेदारियों से भागते हुए नजर आए। उन्होंने क्लासरूम मामले में लिए गए निर्णयों के लिए दिल्ली सरकार की कैबिनेट व अफसरोंं को जिम्मेदार ठहराया।एसीबी सूत्रों ने बताया कि पूछताछ के दौरान पूर्व डिप्टी सीएम अपनी जिम्मेदारियों से भागते हुए नजर आए। उन्होंने क्लासरूम मामले में लिए गए निर्णयों के लिए दिल्ली सरकार की कैबिनेट व अफसरोंं को जिम्मेदार ठहराया।
एसीबी प्रमुख संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुर वर्मा ने बताया कि पूर्व डिप्टी सीएम ने यह नहीं बताया कि कौन सा निर्णय उनके द्वारा लिया गया। जबकि वह फाइनेंस कमेटी के चेयरमैन थे। उन्होंने बतौर चेयरमैन फैसले लिए होंगे। एसीबी प्रमुख ने बताया कि सीवीसी की रिपोर्ट वर्ष 2012 में आई। मगर आप सरकार रिपोर्ट को 2025 तक दबाए रखी। उन्होंने इस रिपोर्ट पर कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने इस मामले में किसी को कारण बताओ नोटिस तक जारी नहीं किया।
उन्होंने बताया कि जब ये सवाल पूछा गया कि रेट एक साल में दोगुना कैसे हो गए तो इसका भी संतुष्टीपूर्ण जवाब नहीं दिया। एसीबी प्रमुख ने कहा कि जब फाइनेंस कमेटी के वह चेयरमैन थे तो उनके बिना कैसे निर्णय ले लिए गए। कई कागजातों पर उनके हस्ताक्षर है, इसके बावजूद उनके बिना कैसे निर्णय ले लिए गए, जैसा की उन्होंने पूछताछ में दावा किया।
एसीबी ने की साढ़े तीन घंटे पूछताछ
भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने कथित क्लासरूम घोटाले में दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया से शुक्रवार को करीब साढ़े तीन घंटे पूछताछ की। हालांकि एसीबी का आरोप है कि पूर्व डिप्टी सीएम ने किसी भी चीज की जिम्मेदारी अपने ऊपर नहीं ली। दूसरी ओर आम आदमी पार्टी ने इस मामले को लेकर बीजेपी पर हमला बोला है। मनीष सिसोदिया ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया
एसीबी प्रमुख संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुर वर्मा ने बताया कि पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) के समक्ष शुक्रवार को पेश हुए। उनसे करीब साढ़े तीन घंटे में 36-37 सवाल पूछे गए। उन्होंने किसी भी सवाल का संतुष्टीपूर्ण जवाब नहीं दिया न ही किसी चीज की जिम्मेदारी अपने ऊपर ली।
एसीबी ने सरकारी स्कूलों में कक्षाओं के निर्माण में कथित भ्रष्टाचार को लेकर आप नेताओं मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन को तलब किया था। जैन 6 जून को एजेंसी के समक्ष पेश हुए थे। सिसोदिया को पहले 9 जून को एसीबी के समक्ष पेश होना था, लेकिन उनके वकील ने एजेंसी को सूचित किया कि वह कुछ कार्यक्रमों को लेकर व्यस्त हैं। वह तब एजेंसी के समक्ष उपस्थित नहीं हुए थे।
दिल्ली सरकार के स्कूलों में 12,000 से अधिक कक्षाओं या अर्ध-स्थायी संरचनाओं के निर्माण में 2,000 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के बाद 30 अप्रैल को एसीबी द्वारा एक प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद समन जारी किए थे।
भाजपा को काम नहीं आता, बस फर्जी एफआईआर का खेलती है खेल : मनीष सिसोदिया
पूछताछ के बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रेसवार्ता कर फर्जी एफआईआर का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा को काम करना नहीं आता, इसलिए वह फर्जी एफआईआर का खेल खेलती है। दिल्ली की जनता ने भाजपा को काम करने का जनादेश दिया, लेकिन 100 दिनों में बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कोई काम नहीं हुआ। यह जांच निजी स्कूलों की लूट, बिजली कटौती और पानी की किल्लत से जनता का ध्यान भटकाने की साजिश है।
सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र में शानदार काम हुआ, जिसे पूरा देश जानता है। भाजपा ने राजनीति से प्रेरित होकर फर्जी क्लासरूम घोटाले की एफआईआर दर्ज की। पिछले 10 साल में भाजपा ने आप नेताओं की कुंडली खंगाली, लेकिन भ्रष्टाचार का एक भी पैसा नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पहले भी कुछ नहीं निकला, अब भी कुछ नहीं निकलेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा को स्कूल, अस्पताल या सड़कें बनाना नहीं आता। सिसोदिया ने कहा कि भाजपा के समर्थक भी पावर कट और स्कूलों की लूट से त्रस्त हैं।
बीजेपी पर आम आदमी पार्टी हमलावर
आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने शुक्रवार को केंद्र और दिल्ली में बीजेपी की सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी के नेताओं के खिलाफ 200 से अधिक झूठे मामले दर्ज कर उन्हें परेशान किया जा रहा है। आतिशी ने कहा कि पिछले 10 साल में भाजपा की ईडी, सीबीआई, आईटी (आयकर) और दिल्ली पुलिस ने आप नेताओं के खिलाफ 200 से अधिक झूठे मामले दर्ज किए हैं, लेकिन आज तक एक भी रुपया बरामद नहीं हुआ है
ऐसे दर्ज हुआ था मामला
साल 2018 में प्रदेश बीजेपी के प्रवक्ता और अब बीजेपी विधायक हरीश खुराना, कपिल मिश्रा ने आरटीआई से प्राप्त सूचना के आधार पर शिकायत दर्ज कराई थी कि 2,892 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 12,748 स्कूल कक्षाओं के निर्माण में भ्रष्टाचार हुआ है। एसीबी ने आरोप लगाया कि परियोजना पर कुल 2,892 करोड़ रुपये खर्च हुए, जिससे प्रति कक्षा निर्माण लागत 24.86 लाख रुपये हो गई, जबकि मानक मानदंडों के तहत प्रति कमरा अनुमानित लागत 5 लाख रुपये थी। उसने दावा किया कि परियोजना 34 ठेकेदारों को दी गई थी, जिनमें से अधिकतर कथित तौर पर आम आदमी पार्टी से जुड़े थे।
सिसोदिया की गिरफ्तारी तय : सचदेवा
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने आम आदमी पार्टी पर प्रहार करते हुए कहा कि जैसे-जैसे क्लासरूम घोटाले की एसीबी जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे आप नेताओं की बौखलाहट बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी की नेता आतिशी मार्लेना को अब मनीष सिसोदिया के बचाव में बयान देने के बजाय उनकी जमानत की चिंता करनी चाहिए, क्योंकि उनकी गिरफ्तारी जल्द होने वाली है।
सचदेवा ने कहा कि सरकारी स्कूलों में टॉयलेट और बरांडे को क्लासरूम बताकर भुगतान में भारी अनियमितताएं की गईं, जो अब जांच में सामने आ रही हैं। जल्दी ही यह सब न्यायालय के समक्ष रखा जाएगा। आप शासन में भ्रष्टाचार एक संगठित रूप में किया गया था, जिसमें सिसोदिया और अन्य नेता प्रमुख भूमिका में थे।
उन्होंने कहा कि आप नेताओं का भाजपा के 11 साल के सरकार में कुछ नहीं होने के तर्क बेबुनियाद है। जबकि सच्चाई यह है कि आप सरकार ने जांच एजेंसियों को कभी सहयोग नहीं किया। इससे जांच धीमी हुई। अब जबकि दिल्ली में भाजपा की सरकार है, जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग मिल रहा है। इसके परिणामस्वरूप मनीष सिसोदिया, सत्येंद्र जैन समेत कई अन्य नेता जेल जाएंगे।
यमुना की सफाई और पुनर्जीवन के लिए 45 सूत्री एक्शन प्लान तैयार
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को सचिवालय में जल बोर्ड मंत्री प्रवेश वर्मा और अधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार ने यमुना को स्वच्छ और जीवंत बनाने के लिए 45 सूत्री एक्शन प्लान तैयार किया है, जिसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली सरकार ने यमुना को स्वच्छ और जीवंत बनाने के लिए 45 सूत्री एक्शन प्लान तैयार किया है, जिसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।
योजना का लक्ष्य नदी को प्रदूषणमुक्त कर इको-सिस्टम को पुनर्जीवित करना और दिल्लीवासियों के लिए इसे सुंदर बनाना है। योजना में नालों के ट्रीटमेंट, सीवरेज नेटवर्क का विस्तार, आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना, ठोस कचरा प्रबंधन, वर्षा जल प्रबंधन, रिवरफ्रंट विकास और जनजागरूकता अभियान शामिल रहेगा।
उन्होंने बताया कि यमुना में बिना उपचारित गंदा पानी रोकने के लिए सीवर नेटवर्क को आधुनिक बनाया जा रहा है। अमृत 2.0 के तहत यमुना विहार, ओखला, केशोपुर समेत 8 मौजूदा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को अपग्रेड किया जा रहा है, जबकि 13 नए डीसेंट्रलाइज्ड एसटीपी और 27 अतिरिक्त डीएसटीपी बनाए जाएंगे। सभी नालों के 100 फीसदी गंदे पानी को रोककर नदी में सीवेज प्रवाह को पूरी तरह रोका जाएगा। पुरानी जल व सीवर लाइनों को बदलने के लिए चरणबद्ध योजना शुरू की गई है। अनधिकृत कॉलोनियों में दिसंबर 2027 तक पेयजल व सीवर लाइनें बिछाने का काम पूरा होगा।
8000 करोड़ से 303 ड्रेनेज परियोजनाएं शुरू
मुख्यमंत्री ने बताया कि 8000 करोड़ रुपये की लागत से 303 ड्रेनेज परियोजनाओं पर जल बोर्ड काम कर रहा है, जिसमें नालों का पुनर्विकास, जलभराव का स्थायी समाधान, आधुनिक पंप हाउस और डी-सिल्टिंग किया जा रहा है। जल बोर्ड से अनधिकृत कॉलोनियों में वर्षा जल के सीवर में मिलने की समस्या पर रोक लगाने के लिए तत्काल एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिए हैं।
यमुना सफाई को जन आंदोलन बनाएगी सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना की सफाई को जन आंदोलन बनाने के लिए सरकार व्यापक जागरूकता अभियान चलाएगी। इसमें नागरिकों को नदी संरक्षण के लिए प्रेरित किया जाएगा। वे हर माह यमुना सफाई कार्यों की प्रगति का जायजा लेंगी और नदी के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर अधिकारियों से फीडबैक लेंगी। यह पहल दिल्लीवासियों को स्वच्छ यमुना के सपने को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।
हर घर नल से जल मिशन को पूरा करेंगे : सीएम
सीएम ने कहा कि पीएम मोदी के हर घर नल से जल मिशन को सफल बनाने में दिल्ली सरकार पूरी ताकत से जुटी है। राजधानी में जल वितरण में समानता और सभी लोगो तक पानी की पहुंच को प्राथमिकता दी जाएगी। जल बोर्ड की कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार किया गया है। दिल्ली जल प्रबंधन में बेहतर होगी।
पहले टेस्ट के शुरुआती दिन भारतीय बल्लेबाजों ने दिखाया दम, यशस्वी-गिल के शतक; स्कोर 350 के पार
भारत और इंग्लैंड के बीच पहले टेस्ट मैच के पहले दिन का खेल समाप्त हो गया है। भारत ने स्टंप्स तक पहली पारी में तीन विकेट पर 359 रन बना लिए हैं। भारत की ओर से दिन का खेल समाप्त होने तक कप्तान शुभमन गिल 175 गेंदों पर 16 चौकों और एक छक्के की मदद से 127 रन और उपकप्तान ऋषभ पंत 102 गेंदों पर छह चौकों और दो छक्कों की मदद से 65 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे। भारत के लिए यह शानदार दिन रहा और यशस्वी जायसवाल तथा गिल ने शतक जड़े, जबकि पंत अर्धशतक लगाने में सफल रहे। पहले दिन इंग्लैंड के लिए बेन स्टोक्स ने दो और ब्रायडन कार्स ने एक विकेट झटका।भारत की ओर से दिन का खेल समाप्त होने तक कप्तान शुभमन गिल 175 गेंदों पर 16 चौकों और एक छक्के की मदद से 127 रन और उपकप्तान ऋषभ पंत 102 गेंदों पर छह चौकों और दो छक्कों की मदद से 65 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे। पहले दिन इंग्लैंड के लिए बेन स्टोक्स ने दो और ब्रायडन कार्स ने एक विकेट झटका।
इसी के साथ भारत ने विदेशी दौरे पर टेस्ट मैच के पहले दिन तीसरा बड़ा स्कोर बना लिया है। इससे पहले भारत ने 2001 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सात विकेट खोकर 372 रन बनाए थे। वहीं, 2017 में श्रीलंका के खिलाफ भारत का तीन विकेट पर 399 रन का स्कोर पहले दिन बनाया गया सबसे बड़ा स्कोर है।
विदेशी दौरे पर टेस्ट मैच के पहले दिन भारत के सबसे बड़े स्कोर
| रन | विपक्षी टीम | स्थान | वर्ष |
|---|---|---|---|
| 399/3 | श्रीलंका | गॉल | 2017 |
| 372/7 | दक्षिण अफ्रीका | ब्लोमफोंटेन | 2001 |
| 359/3 | इंग्लैंड | हेडिंग्ले | 2025 |
| 356/2 | पाकिस्तान | मुल्तान | 2004 |
| 302/4 | वेस्टइंडीज | नॉर्थ साउंड | 2016 |
यशस्वी और केएल राहुल – फोटो : BCCI-X
भारत की अच्छी शुरुआत
इस मैच में इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया और भारत को बल्लेबाजी का न्योता दिया। राहुल और यशस्वी ने भारत को अच्छी शुरुआत दिलाई। इनकी जोड़ी पहले मैच में हिट रही और दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 91 रन जोड़े। यशस्वी और राहुल के बीच अच्छी साझेदारी पनप रही थी, लेकिन ब्रायडन कार्स ने केएल को आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा और इंग्लैंड को पहली सफलता दिलाई। इसके बाद पहला मैच खेल रहे साई सुदर्शन भी खाता खोले बिना आउट हो गए। 92 के स्कोर पर दो झटके लगने के बाद यशस्वी ने गिल के साथ पारी आगे बढ़ाई। यशस्वी और गिल के बीच तीसरे विकेट के लिए 129 रनों की साझेदारी हुई जिसे बेन स्टोक्स ने यशस्वी को आउट कर तोड़ा।
यशस्वी जायसवाल – फोटो : BCCI-x
यशस्वी ने जड़ा शतक
इंग्लैंड में अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे भारतीय सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए शतक जड़ा है। उन्होंने 144 गेंदों का सामना किया और अपने टेस्ट करियर का पांचवां शतक पूरा किया। इसी के साथ वह पांचवें भारतीय बल्लेबाज बन गए जिसने इंग्लैंड में अपनी पहली टेस्ट पारी में शतक जड़ा। उन्होंने शतक से पहले 96 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया था। यशस्वी के आउट होने के बाद गिल ने उपकप्तान ऋषभ पंत के साथ पारी को आगे बढ़ाया। इस दौरान गिल ने शतक जड़ा और भारत का स्कोर 300 के पार पहुंचा दिया।
शुभमन गिल – फोटो : BCCI-X
शुभमन ने हासिल की बड़ी उपलब्धि
शुभमन को रोहित शर्मा के टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद लाल गेंद के प्रारूप का कप्तान नियुक्त किया गया था। शुभमन ने कप्तान के तौर पर अपने पहले ही टेस्ट में बेहतरीन प्रदर्शन किया। गिल टेस्ट कप्तान के तौर पर अपने पहले मैच में शतक लगाने वाले चौथे भारतीय बन गए हैं। उनसे पहले विजय हजारे, सुनील गावस्कर और विराट कोहली ऐसा कर चुके हैं। विजय हजारे ने 1951 में कप्तान के तौर पर अपने पहले मैच में इंग्लैंड के खिलाफ नाबाद 164 रन बनाए थे। वहीं, सुनील गावस्कर ने 1976 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 116 रन और विराट कोहली ने 2014 में एडिलेड में कप्तान के तौर पर अपने पहले मैच में 115 रन बनाए थे। अब गिल भी इस विशेष सूची में शामिल हो गए हैं। ऋषभ पंत भी पीछे नहीं रहे, उन्होंने 91 गेंदों में अर्धशतक जड़ा। यह उनके टेस्ट करियर का 16वां पचासा है। वह शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं।
आमिर का 13 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा, अच्छे रिव्यू के बाद भी कम रही कमाई
आमिर खान की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ आज रिलीज हो चुकी है। इस फिल्म के जरिए आमिर लगभग तीन साल बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे हैं। फिल्म को लेकर दर्शकों में काफी उत्साह था। अब रिलीज के बाद फिल्म की पहले दिन की कमाई के आंकड़े भी सामने आ गए हैं। जानते हैं आमिर की फिल्म के लिए कैसा रहा पहला दिन।
पहले दिन किया डीसेंट कलेक्शन
‘सितारे जमीन पर’ की अनाउंसमेंट के बाद से ही लोग फिल्म का इंतजार कर रहे थे। फिल्म का ट्रेलर सामने आने के बाद दर्शकों का ये उत्साह और भी बढ़ गया था। अब जब फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है, तो इसकी पहले दिन की कमाई के आंकड़े भी सामने आ गए हैं। खबर लिखे जाने तक ‘सितारे जमीन पर’ ने पहले दिन 11.05 करोड़ रुपए का कारोबार कर लिया है। जो कि एक डीसेंट कलेक्शन है। हालांकि, रात के शोज में ये आंकड़े बदलने की उम्मीद है।
फिल्म को मिले अच्छे रिव्यू, आगे बढ़ सकती कमाई
‘सितारे जमीन पर’ का कलेक्शन भले ही 11.05 करोड़ ही रहा हो, लेकिन समीक्षकों द्वारा फिल्म की काफी तारीफ की जा रही है। फिल्म को काफी अच्छे रिव्यू मिल रहे हैं। जो भी फिल्म देखकर लौट रहा है, फिल्म की तारीफ कर रहा है। ऐसे में उम्मीद है कि आने वाले दिनों में ‘सितारे जमीन पर’ की कमाई में बढ़ोत्तरी देखने को मिल सकती है। क्योंकि फिल्म को वर्ल्ड ऑफ माउथ का फायदा मिल सकता है।
पिछले 13 साल में आमिर की सबसे कम पहले दिन की कमाई करने वाली फिल्म
‘सितारे जमीन पर’ के अगर पहले दिन के शुरुआती आंकड़ों को देखें तो 11.05 करोड़ की कमाई आमिर की 13 साल में सबसे कम है। इससे पहले साल 2012 में आई आमिर की ‘तलाश’ ने पहले दिन 13.50 करोड़ की कमाई की थी। इसके बाद अब ‘सितारे जमीन पर’ ही है, जिसकी कमाई 11.05 करोड़ रही है। इसके अलावा आमिर की अगर पिछली पांच फिल्मों को देखें जिनमें उन्होंने एक्टिंग की है, तो उनकी कमाई ‘सितारे जमीन पर’ से काफी ज्यादा रही है।
तीन साल बाद आमिर की बड़े पर्दे पर वापसी
‘सितारे जमीन पर’ के जरिए आमिर तीन साल बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रहे हैं। इससे पहले आमिर आखिरी बार साल 2022 में आई फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ में नजर आए थे। आमिर के लिए ‘सितारे जमीन पर’ इसलिए भी काफी मायने रखती है क्योंकि आमिर की पिछली दो फिल्में ‘लाल सिंह चड्ढा’ और ‘ठग्स ऑफ हिंदोस्तान’ बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रही थीं। साथ ही समीक्षकों ने भी इन फिल्मों की आलोचना की थी। ऐसे में अब ‘सितारे जमीन पर’ आमिर के लिए काफी जरूरी है।