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व्यापारियों का दर्द झलका, बोले – अब बस करो साहब, व्यापार करने दो, दोपहर में जाम जैसा नजारा

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इंदौर

शहर में अनलॉक के दूसरे दिन थोक दुकानें खुलीं। वैसे तो इन दुकानों को सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को कुछ शर्ताें के साथ खोलने की अनुमति मिली है। यानी कि ग्राहक प्रतिबंधित हैं, फोन पर ऑर्डर लेकर होम डिलीवरी करना है, लेकिन यहां जो देखने को मिला। उससे लगा कि आदेश को हवा में उड़ा दिया गया है। यहां पर सुबह जब अधिकारी पुलिस के साथ क्षेत्र के दौरे पर निकले तो व्यापारियों का दर्द छलक उठा। उनका कहना था कि दो महीने से दुकानें बंद हैं। साहब अब बस करो, सख्ती कम करो, जिस कारण हम थोड़ा व्यापार कर लें। हालांकि दोपहर में सियागंज का नजारा पूरी तरह से बदल गया। यहां पर आम दिनों जैसा सबकुछ नजर आया। उसी प्रकार से गाड़ियों की गुत्थमगुत्थी होती रही थी।

सुबह जब सियागंज सहित अन्य स्थानों पर थोक दुकानों के शटर उठे तो समझाइश देने के लिए यहां पर पुलिस के साथ जिम्मेदार अधिकारी मौजूद थे। इस दौरान व्यापारियों ने हाथ जोड़कर कहा कि सर, करीब दो महीने से दुकान बंद हैं। अब तो सख्त मत करो। इस पर अधिकारियों ने भी बड़ी ही विनम्रता से उसने कहा कि आदेश के अनुसार ही दुकानाें को संचालित करें। उन्होंने कहा कि शादी-ब्याह का सीजन वैसे भी निकल गया है। जो स्टॉक में माल पड़ा है, उसे बारिश के पहले निकाल लेने दो। उनका कहना था कि पहले नोटबंदी और फिर जीएसटी। इससे भी उबरे भी नहीं थे कि दो साल से कोरोना से व्यापार चौपट कर दिया है। उनका कहना था कि जब संक्रमण दर घट रही है तो फिर इतनी सख्ती क्यों।

यहां पर इस प्रकार से भीड़ उमड़ी, जैसे कोरोना खत्म हो गया हो।

बुधवार को आदेश के तहत सियागंज, मल्हारगंज, छावनी, मालवा मिल आदि थोक दुकानों के खुलने का समय था। इसके अलावा थोक किराना, बिल्डिंग मटेरियल की दुकानों को भी सुबह 8 से शाम 5 तक तक खोलने की अनुमति थी। हर दुकान या संस्थान के सामने गोले बनाना अनिवार्य था। बिना मास्क ग्राहकों को प्रवेश भी नहीं देना था। दुकान पर एक समय में व्यापारी सहित 6 से अधिक व्यक्ति एकत्र नहीं हो सकेंगे। हालांकि जब हम सियागंज पहुंचे तो इस गाइड लाइन में से एक का भी पालन होता नजर नहीं आया। यहां पर आमदिनों की तरह की लोग एक-दूसरे से सटकर निकल रहे थे। दुकानों पर ग्राहकों की लाइन लगी हुई थी। ना सोशल डिस्टेंसिंग थी न ही किसी प्रकार की कड़ाई। ग्राहक सामान देखने में लगे तो तो व्यापारी उन्हें बचने में।

आनंद बाजार में कास्मेटिक की शॉप खोलकर भीड़ एकत्रित करने पर दुकान सील।

सियागंज के अलावा सीमेंट, सरिया, रेत-गिट्‌टी, सैनेटरी, टाइल्स, हार्डवेयर दुकानें, ऑइल पेंट दुकानें भी खुलीं। इसके अलावा सभी प्रकार के बिजली उपकरणों से जुड़ी रिपेयरिंग की दुकानों पर भी आज काम हुआ। इसके अलावा सभी तरह की सरकारी, गैरसरकारी निर्माण संबंधी गतिविधियां शुरू हो गईं। निर्माण स्थल परिसर में ही श्रमिकों के रुकने की व्यवस्था करने को कहा गया है। वहीं, डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजेशन का पालन करना भी दुकानदार की जिम्मेदारी थी, लेकिन ज्यादातर दुकानों में यह दिखा नहीं।

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