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वो व्यक्ति जो सच्चाई के साथ पूरा जीवन जीता है, वही हिंदू….हिंदू करोड़ों लोगों के साथ स्नान करता है, हिंदुत्ववादी अकेले:प्रतिज्ञा पदयात्रा में बोले राहुल-

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अमेठी/लखनऊ

ढाई साल बाद कांग्रेस के गढ़ में राहुल गांधी ने जगदीशपुर के हरिमऊ में जनसभा को संबोधित किया। मंच से राहुल ने पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने पीएम मोदी पर तंज कसते हुए कहा हिंदुत्ववादी गंगा में अकेले स्नान करता है और हिंदू करोड़ों लोगों के साथ स्नान करता है। आज एक तरफ हिंदू खड़े हैं, जो सच्चाई फैलाते हैं। दूसरी तरफ हिंदुत्ववादी खड़े हैं, जो नफरत फैला रहे हैं’।

राहुल गांधी ने आगे कहा कि पीएम मोदी ने केवल अकेले गंगा में स्नान किया। योगी को भी हटा दिया, राजनाथ सिंह को भी फेंक दिया। आजकल देश में हिंदू धर्म की बात हों रही हैं। हिंदू क्या होता है? क्या हिंदू झूठा होता है? मैं बताता हूं। वो व्यक्ति जो सच्चाई के सामने पूरा जीवन जीता है वो हिंदू है। जिसमें नफरत, क्रोध, हिंसा न हो वो हिंदू है।

जनसभा को संबोधित करते राहुल गांधी।

कायर था नाथूराम गोडसे

राहुल ने कहा उदाहरण के तौर पर महात्मा गांधी हिंदू हैं। ‘My experiment with truth’ उन्होंने यह किताब लिखी। दूसरी तरफ नाथूराम गोडसे वो हिंदूवादी था। उसे किसी ने महात्मा नहीं कहा। क्यों? इसलिए कि उसने सच बोलने वाले हिंदू की छाती में तीन गोली मारी। क्योंकि वो कायर था।

राहुल गांधी ने कहा कि प्रियंका ने हमारा आपका जो रिश्ता है, उसके बारे में बताया। हम पिता के साथ यहां आते थे। यहां आज पक्की सड़कें हैं। कांग्रेस ने यहां सड़कों का जाल नेशनल हाईवे बनाया। लेकिन पहले यहां बारिश में पानी में होकर पापा के साथ जाते थे। हमारा आपका यह रिश्ता झूठ का नहीं सच्चाई का रिश्ता है। यहां जब मैं एमपी था, जबरदस्त विकास किया। पूरे हिंदुस्तान में सबसे ज्यादा नेशनल हाईवे अमेठी से निकलते हैं। एचएल ट्रिपल आईटी यह सब हमने करके दिया। पीएम यहां आए और आपसे झूठे वादे किए कि एके-203 की फैक्ट्री दिया। झूठ कह गए। आप भी जानते हैं कांग्रेस ने दिया।

मंच पर लोगों का अभिवादन स्वीकार करते राहुल गांधी और प्रियंका गांधी।

अमेठी में राहुल ने कही ये प्रमुख बातें

मंच पर प्रियंका का फूल-मालाओं से स्वागत किया गया।

अमेठी से मेरा पारिवारिक रिश्ता

जगदीशपुर के रामलीला ग्राउंड से 6 किमी की पद यात्रा करके हरिमऊ में पहुंचीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अमेठी से अपने पारिवारिक रिश्तों की दुहाई देते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि मैं 13 साल की थी, पिता के साथ आई थी। जीप में बैठकर जाती थी, आपसे बात करती थी। अब कुछ ही दिनों में 50 साल की होने वाली हूं। आपने भी रिश्ता निभाया और मैंने भी।

कोरोना के समय अमेठी की सांसद कहां थीं

प्रियंका ने आगे कहा कि मुझे कोई शिकवा नहीं, परिस्थितियां बनी आप भी सीखे हम भी। पिछले चुनाव में यहां एक झूठ का जाल फैलाया गया। किसने फैलाया? उन्होंनें जो साढ़े सात सालों से फैला रहे। इसके बाद सीएम योगी पर तंज कसा कहा कि ढाई सालों में क्या हुआ? सबसे पहले कोरोना की पहली लहर आई। अमेठी के लोग प्रदेश में फंसे थे। अमेठी रायबरेली के लोगों के फोन आते थे। तब लोग रोकर कहते थे घर पहुंचा दें। अमेठी की सांसद को आड़े हाथों लेकर कहा कहां थीं आपकी सांसद? बीजेपी कहां थी।

लोगों का अभिवानद स्वीकार करतीं प्रियंका गांधी।

कोरोना काल में हमने जो दिया सरकार ने ठुकरा दिया
प्रियंका ने कहा कि कोरोना काल में हमने बस दिया ठुकरा दिया। कोरोना की दूसरी लहर आई, हम ऑक्सीजन भेजने को तैयार थे, ट्रक हमारा आने नहीं दिया। क्यों? किसी को मालूम न हो कांग्रेस भेज रही। बड़ी मुश्किल से रायबरेली में हमारे सिलेंडर लिए गए। कोरोना के बाद किसान परेशान हैं। मैं ललितपुर गई वहां लाइन में खड़े लोग मर रहे। सरकारी में खाद नहीं मिल रही थी, प्राइवेट में खद मिल रही थी। उन्होंने पूछा लखीमपुर में किसान को किसने मारा? फिर कहा मंच पर वो किसके साथ खड़ा हो रहा। किसी ने उसे मंच से नहीं हटया?

आपमें विवेक है और बहुत है। ऐसी सरकार ऐसा प्रधानमंत्री चाहिए? 8 हजार के जहाज में उड़कर वाराणसी में नौटंकी करने आ सकते हैं। आपको महंगाई से निजात नहीं दे सकते। आज संघर्ष कौन कर रहा। बड़ी-बड़ी कंपनी जो कांग्रेस ने लगाई वो मोदी के बड़े दोस्तों को बेचा जा रहा। बदल डालिए यह सरकार।

जनसभा को संबोधित करते राहुल गांधी।

पदयात्रा के लिए आखिर जगदीशपुर विधानसभा ही क्यों?

राहुल गांधी और प्रियंका की जनसभा में पहुंच रहे कांग्रेसी।

क्या कहते हैं जगदीशपुर के बाशिंदे ?

राहुल गांधी 2019 लोकसभा चुनाव हारने के 28 महीने बाद अमेठी दूसरी बार आ रहे हैं। इससे पहले चुनाव हारने के बाद जुलाई 2019 में अमेठी की जनता का शुक्रिया अदा करने आए थे। हालांकि, राहुल के अमेठी आगमन पर जनता में वह जोश नही दिख रहा है। हनुमान प्रसाद चौहान ने कहा कि राहुल और प्रियंका चुनावी माहौल देखने आ रहे हैं। उनका अगर पुराना नाता होता तो बीच में ही आते-जाते। पब्लिक की देखरेख करते। वैसे, वह स्मृति ईरानी से भी खुश नहीं हैं। कहते हैं कि महंगाई बढ़ गई है, जो गल्ला मिल रहा वह राजनीतिक गल्ला है। वैसे हनुमान प्रसाद का कहना है कि अबकी अमेठी से कांग्रेस जीतेगी।

राहुल गांधी 2019 लोकसभा चुनाव हारने के 28 महीने बाद अमेठी दूसरी बार आ रहे हैं। इससे पहले चुनाव हारने के बाद जुलाई 2019 में अमेठी की जनता का शुक्रिया अदा करने आए थे।

हारीमऊ गांव से थोड़ा आगे दक्खिन गांव पड़ता है। यहां किसान गुड्डू शुक्ला से हमारी मुलाकात हुई, उन्होंने कहा कि राहुल का अमेठी से पारिवारिक नाता है। अब जब हार गए तो कुछ दिन नहीं आए, देख रहे थे कि ‌BJP वाले क्या कर रहे हैं। अब उनको समझ में आ रहा है कि अमेठी का कोई विकास नहीं हो सकता है। वे ही लोग उद्धार कर सकते हैं। इसीलिए आ रहे हैं।

बघैया कमालपुर की प्रमिला देवी ने कहा कि अमेठी राहुल का क्षेत्र है़, लेकिन वो हमारा ध्यान नहीं देते। जो ध्यान देगा उसी के पास तो जाएंगे। महंगाई इतनी बढ़ी है कि अब हम मुलायम और अखिलेश को चाहते हैं। इसी गांव के सुनील कुमार कहते हैं, हम लोग राहुल की वजह से ही जाने जाते हैं। पहले कांग्रेस सरकार सत्ता में थी, लेकिन हम लोग उनके विकास के बारे में जानते नहीं हैं। उन्होंने विकास किया, लेकिन जनता संतुष्ट नहीं हुई। महंगाई बढ़ी है, लेकिन सरकार BJP की ही सही है।

जगदीशपुर विधानसभा वही क्षेत्र है जहां गांधी परिवार ने सत्ता में रहते हुए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किया।

स्मृति का किला भेद पाएंगे राहुल?

2019 के लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी के हाथों अमेठी में मिली हार के बाद से राहुल गांधी ने UP से दूरी बना ली। राहुल आखिरी बार अमेठी 10 जुलाई 2019 को पहुंचे थे, लेकिन उसके बाद कभी नहीं गए। इस दौरान स्मृति ने अपने किले को काफी मजबूत किया है। इसे ऐसे समझें

अमेठी है किसका गढ़?

UP विधानसभा चुनाव की जिम्मेदारी भले ही कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के पास है, लेकिन अमेठी को मजबूत करने की कवायद में राहुल गांधी जुट गए हैं। हालांकि, साल दर साल अमेठी में कमजोर हुई कांग्रेस को 2017 में एक भी सीट नहीं मिली थी। स्मृति ईरानी की बनाई जमीन पर अमेठी की 4 में से 3 सीट पर भाजपा ने कब्जा जमाया था, जबकि एक पर सपा काबिज हुई थी।

अमेठी का चुनावी इतिहास

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