कोलकाता. पश्चिम बंगाल की राजनीति में नाम को लेकर एक अजीब गफलत सामने आई है. मुर्शिदाबाद में एक विधायक ने बाबरी मस्जिद जैसी मस्जिद बनाने का ऐलान किया. लेकिन इसका असर 200 किलोमीटर दूर दूसरे विधायक पर पड़ा. बाबरी के नाम पर चंदा देने वालों की ऐसी होड़ मची कि पश्चिम मेदिनीपुर के डेबरा से विधायक हुमायूं कबीर का फोन बजना बंद ही नहीं हो रहा. लोग उन्हें ही मस्जिद बनाने वाला विधायक समझ रहे हैं और चंदा देने के लिए क्यूआर कोड मांग रहे हैं.मुर्शिदाबाद के विधायक हुमायूं कबीर ने बाबरी मस्जिद जैसी मस्जिद के लिए चंदा मांगा, जिससे डेबरा के विधायक हुमायूं कबीर को गलत पहचान के कारण 200 से ज्यादा कॉल आए हैं. परेशान होकर डेबरा विधायक ने फेसबुक पर भी अपना रुख स्पष्ट किया. डेबरा विधायक ने 2021 में राजनीति में आने के लिए पुलिस की नौकरी छोड़ दी थी.
गलत पहचान का शिकार हुए पूर्व आईपीएस: मुर्शिदाबाद के रेजिनगर से सस्पेंड टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर ने शनिवार को बेलडांगा में मस्जिद के लिए चंदे की अपील की थी. उन्होंने सोचा भी नहीं होगा कि मुसीबत उनके ही हमनाम और पार्टी सहयोगी पर आ जाएगी. डेबरा के विधायक हुमायूं कबीर, जो एक पूर्व आईपीएस अधिकारी हैं, अब इस ‘रॉन्ग नंबर’ से परेशान हैं. पिछले दो दिनों से उनके मोबाइल पर लगातार अज्ञात नंबरों से फोन आ रहे हैं.
200 से ज्यादा कॉल और क्यूआर कोड की मांग: डेबरा के विधायक ने बताया कि पिछले एक हफ्ते से वह लगातार ऐसे कॉल और मैसेज सुन रहे हैं. कॉल करने वाले लगभग सभी लोग मुर्शिदाबाद मस्जिद के लिए पैसे भेजना चाहते हैं. उनकी बस एक ही रट है- ‘क्यूआर कोड दीजिए’. विधायक ने बताया कि उन्हें बार-बार समझाना पड़ रहा है कि वह मुर्शिदाबाद वाले हुमायूं कबीर नहीं हैं. वह एक अलग शख्स हैं. उन्होंने बताया कि बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मुंबई, हरियाणा, राजस्थान और यहां तक कि विदेशों से भी फोन आ रहे हैं.
हर अनजान कॉल उठाना पड़ा भारी: पूर्व पुलिस अधिकारी ने बताया कि वह आमतौर पर जनता की मदद के लिए सभी अज्ञात नंबरों को उठाते हैं. लेकिन पिछले दो दिनों में उन्हें करीब 200 ऐसे फोन आए होंगे. वह लोगों से विनम्रता से कहते हैं कि वे सही नंबर ढूंढें और दूसरे हुमायूं कबीर से सीधे संपर्क करें. यह गलत पहचान का मामला उनके लिए सिरदर्द बन गया है.
फेसबुक पर दी सफाई: परेशान होकर डेबरा विधायक ने फेसबुक पर भी अपना रुख स्पष्ट किया. उन्होंने एक पोस्ट में लिखा कि मंदिर और मस्जिद राजनीतिक कुश्ती के अखाड़े नहीं हैं. ये प्रार्थना और पूजा के स्थान हैं. बता दें कि डेबरा विधायक ने 2021 में राजनीति में आने के लिए पुलिस की नौकरी छोड़ दी थी.
बाबरी मस्जिद के लिए अब तक 93 लाख चंदा: वहीं, टीएमसी से निलंबित भरतपुर के विधायक हुमायूं कबीर के सहयोगियों के अनुसार, शनिवार को आयोजन स्थल पर 11 बड़े दान पात्र रखे गए थे. रविवार शाम तक, चार दानपात्र और नकदी से भरी एक बोरी को गिनती के लिए खोला गया, जिसमें 37.33 लाख रुपये नकद मिले. क्यूआरकोड के जरिये ऑनलाइन चंदे के रूप में अब तक 93 लाख रुपये प्राप्त हो चुके हैं.

