इंदौर
जिले में त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव हो चुके हैं। मतगणना 14 और 15 जुलाई को होगी। इसके बाद 45 दिन का समय आपत्ति या कोर्ट केस का होता है। जो मतपत्र डल गए हैं या डलने से रह गए, उन्हें एक अलग ही विधा से नष्ट किया जाता है, जिससे उसका दुरुपयोग न हो।
आयोग द्वारा दी गई गाइड लाइन के मुताबिक अब इन मतपत्रों को पहले क्रशर से कतरन में बदला जाएगा। इसके बाद कतरन को पानी में तब तक रखा जाएगा, जब तक इनकी लुगदी न बन जाए। अपर कलेक्टर डॉ. अभय बेड़ेकर ने बताया 79.82 फीसदी मतदान के बाद 5 लाख मतपत्र ऐसे बचे हैं, जिनका उपयोग नहीं हुआ। अब इन मतपत्रों को कम से कम एक महीने तक रखा जाएगा। फिर नष्ट कर देंगे।

