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बीजेपी के लिए आग का दरिया है दूसरा फेज, ध्रुवीकरण के बीच पिछली बार 55 में 38 सीटें जीती तो 2012 में सिर्फ 8

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यूपी विधानसभा चुनाव में भले ही जाटों के चलते पहले फेज की ज्यादा चर्चा रही हो, लेकिन बीजेपी के लिए सेकेंड फेज का चुनाव बेहद चुनौती भरा है। सेकेंड फेज में 9 जिलों की 55 सीटों पर सोमवार 14 फरवरी को चुनाव होना है। दुनिया में सुन्नी मुसलमानों के दो बड़े मसलकों के गढ़ वाले इस इलाके में बीजेपी ने 2017 में 55 में से 38 सीटें जीती थीं।

वहीं, 2019 के लोकसभा चुनाव में यहां सपा-बसपा का महागठबंधन कामयाब रहा। 2017 में बीजेपी को ध्रुवीकरण का जबरदस्त फायदा मिला था, लेकिन ठीक इससे पांच साल पहले यानी 2012 में बीजेपी के हाथ सिर्फ 8 सीटें लगी थीं।

ऐसे में आइए जानते हैं कि इस बार अगर ध्रुवीकरण नहीं हुआ तो बीजेपी के लिए यह फेज कितनी बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। वहीं सपा-रालोद कैसे चौंकाने वाले नतीजे दे सकता है…

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