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हालात विस्फोटक…’लंबी चलेगी जंग’,बोला ईरान,रूस-चीन की भी हुई एंट्री

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मिडिल ईस्ट में हालात अचानक बेहद विस्फोटक हो गए हैं. शनिवार सुबह अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला किया, जिसे कई रिपोर्ट्स में महीनों की जॉइंट प्लानिंग का नतीजा बताया जा रहा है. शुरुआती हमलों में तेहरान समेत कई बड़े शहरों में धमाके सुने गए और दावा किया गया कि हमले ईरान के शीर्ष नेतृत्व और सैन्य ढांचे को निशाना बनाकर किए गए. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन को ‘मेसिव और जारी’ बताया और ईरानी जनता से अपनी सरकार गिराने तक की अपील कर दी. इसके तुरंत बाद ईरान ने जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमले शुरू कर दिए. ईरान ने न केवल इजरायल बल्कि UAE, सऊदी अरब, बहरीन समेत 8 देशों को टारगेट किया है जिससे पूरा क्षेत्र युद्ध जैसे हालात में पहुंच गया है.
इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, ईरान के राष्ट्रपति और सुप्रीम लीडर के ऑफिस और ठिकानों को सीधा निशाना बनाया गया है. हालांकि उनकी स्थिति को लेकर अभी सस्पेंस बना हुआ है. दूसरी ओर ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कई सीनियर कमांडरों के मारे जाने की खबर सामने आ रही है.
Iran vs US-Israel LIVE: ईरान ने कैसे किया जवाबी हमला?
हमले के कुछ घंटों के भीतर ईरान ने मिसाइल और ड्रोन दागे, जिनका निशाना इजरायल और मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी ठिकाने बने. बहरीन, कतर और यूएई जैसे देशों में धमाकों की खबरें आईं, जबकि कुछ जगहों पर एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव कर दिए गए.
ईरानी मीडिया के हवाले से दावा किया गया कि दक्षिणी ईरान के एक गर्ल्स स्कूल पर हमले में कई छात्राओं की मौत हुई. वहीं यूएई के अबू धाबी में मलबा गिरने से एक व्यक्ति की मौत की खबर भी सामने आई है.
Middle East War: ट्रंप ने क्यों दी ‘रेजीम चेंज’ की खुली चेतावनी?
हमलों के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने वीडियो संदेश में कहा कि यह ईरान की सैन्य ताकत और मिसाइल ढांचे को खत्म करने का मिशन है. उन्होंने ईरानी नागरिकों से कहा कि ‘अपनी सरकार अपने हाथ में लें’, जिससे साफ संकेत मिला कि ऑपरेशन का मकसद सत्ता परिवर्तन भी हो सकता है.
अमेरिका और इजरायल लंबे समय से ईरान पर परमाणु हथियार विकसित करने का आरोप लगाते रहे हैं, जबकि तेहरान इसे शांतिपूर्ण कार्यक्रम बताता है. हाल की बातचीत विफल रहने के बाद तनाव तेजी से बढ़ा और आखिरकार सैन्य कार्रवाई तक पहुंच गया.
USA-Israel vs Iran LIVE: पूरे मिडिल ईस्ट पर क्या असर पड़ा?
संघर्ष का असर सिर्फ ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं रहा. कई देशों ने एयरस्पेस बंद कर दिया, अंतरराष्ट्रीय उड़ानें डायवर्ट हुईं और अमेरिकी दूतावासों ने अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी. इससे वैश्विक ट्रैवल और तेल बाजार पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.
अमेरिकी सूत्रों का कहना है कि यह मल्टी-डे ऑपरेशन हो सकता है, यानी आने वाले दिनों में हमले जारी रह सकते हैं. इजरायल ने भी साफ किया है कि शुरुआती हमलों का आकलन अभी जारी है. दूसरी ओर ईरान ने अमेरिकी ठिकानों और हितों को ‘वैध निशाना’ घोषित कर दिया है, जिससे बड़े क्षेत्रीय युद्ध का खतरा बढ़ गया है.

जंग लंबी चलेगी, अमेरिका-इजरायल सब वैध निशाना

ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अल जजीरा से बातचीत में बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि यह युद्ध लंबा खिंच सकता है और इजरायल अपने मकसद में सफल नहीं होगा. अधिकारी ने चेतावनी दी कि अब हर अमेरिकी और इजरायली ठिकाना ईरानी सशस्त्र बलों के लिए वैध लक्ष्य बन चुका है. इस बयान ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है.

ईरान मुद्दे पर कनाडा PM मार्क कार्नी का बयान, भारत दौरे के बीच दिया सख्त संदेश

भारत दौरे पर मौजूद कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने ईरान संकट पर कड़ा रुख दिखाया है. उन्होंने कहा कि कनाडा मिडिल ईस्ट हालात पर नजर रखे हुए है और ईरान में मौजूद नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है. कार्नी ने ईरान को क्षेत्रीय अस्थिरता का बड़ा कारण बताते हुए कहा कि तेहरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे. कनाडा ने साथ ही आम नागरिकों की सुरक्षा पर जोर दिया और क्षेत्र में अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने की बात कही.

ट्रंप-नेतन्याहू पर बरसे अराघची, बोले अवैध जंग का मिलेगा जवाब

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका और इजरायल पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि नेतन्याहू और ट्रंप का ईरान के खिलाफ युद्ध पूरी तरह बेवजह, गैरकानूनी और अवैध है. अराघची ने आरोप लगाया कि ट्रंप ने ‘अमेरिका फर्स्ट’ को ‘इजराइल फर्स्ट’ बना दिया, जिसका मतलब हमेशा ‘अमेरिका लास्ट’ होता है. उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं पूरी तरह तैयार हैं और हमलावरों को कड़ा जवाब दिया जाएगा.

कतर-सऊदी की साझा अपील – तुरंत रुके टकराव, बातचीत की राह पर लौटें सभी देश

मिडिल ईस्ट संकट के बीच कतर और सऊदी अरब ने तनाव कम करने की संयुक्त अपील की है. कतर के अमीर तमीम बिन हमद अल थानी और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बीच फोन पर बातचीत हुई. दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा पर खतरे को देखते हुए तुरंत एस्केलेशन रोकने और बातचीत बहाल करने पर जोर दिया. सऊदी अरब ने कतर के प्रति पूर्ण समर्थन जताया और ईरानी मिसाइल हमलों की निंदा की, जबकि कतर ने सऊदी एकजुटता के लिए आभार व्यक्त किया.

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