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राम की नगरी अयोध्या में विराजेगा रावण, लगेगी प्रतिमा, योगी की सरकार ने शुरू की तैयारी

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अयोध्या में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार एक भव्य रामायण पार्क का निर्माण कर रही है. यह पार्क पूरी तरह रामायण की थीम पर आधारित होगा, जिसमें रामायण के प्रमुख पात्रों की मूर्तियां स्थापित की जाएंगी. इस परियोजना के तहत, पार्क में रावण की 25 फुट ऊंची प्रतिमा लगाई जाएगी. अधिकारियों के अनुसार, यह प्रतिमा भगवान राम और रावण के बीच हुए युद्ध का चित्रण करेगी. रामायण पार्क का निर्माण गुप्तचर घाट के पास किया जा रहा है, जो श्री राम मंदिर से लगभग 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. गुप्तचर घाट को धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान माना जाता है, क्योंकि ऐसी मान्यता है कि भगवान श्री राम ने इसी स्थान पर जल समाधि ली थी. योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा यह पहल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और अयोध्या को एक प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक कदम है.

गुप्तार घाट पर बन रहा रामायण पार्क

रामायण पार्क के लिए मूर्तियों का निर्माण कर रहे मूर्तिकार बृजेश कुमार ने बताया कि सरयू नदी के किनारे गुप्तार घाट के पर ये रामायण पार्क बनाया जा रहा हैं. इसमें श्री राम के जन्म से लेकर रावण वध तक इसमें सारी प्रतिमाएं लगाई जा रही हैं. इस पार्क में सबकी जो मुख्य भूमिका थी उसे दिखाने की कोशिश की जा रही है। बृजेश ने कहा कि इस पार्क में सभी मुख्य पात्रों की मूर्तियां बनाई गईं हैं और उन्हें ही यहां पर लगाया जा रहा हैं, इसमें राम-रावण युद्ध के घटनाक्रम को भी दिखाया गया है जिसमें भगवान राम जी की 12 फीट की मूर्ति है जबकि रावण की मूर्ति 26 फीट ऊंची है. वहीं हनुमान जी बैठे हुए 25 फीट की मूर्ति है, लक्ष्मण जी की मूर्ति 12 फीट की बनाई गई है. 

प्रमुख पात्रों की आदमकद प्रतिमाएं

अयोध्या के महापौर गिरीश पति त्रिपाठी ने बताया कि इस पार्क का निर्माण गुप्तार घाट के पास किया जा रहा है। पार्क में भगवान राम, हनुमान, सुग्रीव, विभीषण और अंगद सहित रामायण के प्रमुख पात्रों की आदमकद प्रतिमाओं के जरिए महाकाव्य के महत्वपूर्ण प्रसंगों को प्रदर्शित किया जाएगा।

गुप्तार घाट का धार्मिक महत्व

त्रिपाठी ने गुप्तार घाट के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह स्थल अत्यंत पूजनीय है, क्योंकि यह माना जाता है कि इसी स्थान पर भगवान राम ने जल समाधि ली थी। इस पूरे पार्क को रामायण की दिव्यता और भव्यता को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है।

राम दरबार और आध्यात्मिक अनुभव

महापौर ने बताया कि पार्क के भीतर दूसरा प्रमुख आकर्षण राम दरबार होगा, जिसमें भगवान राम, माता सीता और भगवान लक्ष्मण की प्रतिमाएं लगी होंगी। इस पूरे पार्क का लक्ष्य आगंतुकों को रामायण के महत्वपूर्ण क्षणों का एक गहन आध्यात्मिक अनुभव कराना है, जिससे वे महाकाव्य की शिक्षाओं से जुड़ सकें।

25 फुट रावण प्रतिमा कई पार्ट्स में जोड़कर खड़ी होगी
पार्क में रामायण के प्रमुख प्रसंगों को मूर्तियों के माध्यम से जीवंत किया जा रहा है। सबसे आकर्षक होगी राम-रावण युद्ध मुद्रा में 25 फुट ऊंची रावण प्रतिमा, जिसे कई हिस्सों में तैयार कर जोड़ा जाएगा। इसके अलावा मुख्य आकर्षण केंद्र में राम दरबार के साथ हनुमान, सुग्रीव, विभीषण, अंगद आदि की मूर्तियां और रामायण के महत्वपूर्ण दृश्यों का सीन क्रिएशन है। इनका निर्माण कार्य लखनऊ की आर्ट्स विंग्स कंपनी कर रही है।

प्रभु राम के परमधाम गमन का पवित्र स्थल
गुप्तारघाट वह पावन स्थल है जहां प्रभु राम जल समाधि लेकर परमधाम गए थे। पर्यटन विभाग यहां कई योजनाएं चला रहा है, जिनमें रामायण पार्क सबसे महत्वाकांक्षी है। पार्क बनने से धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाई मिलेगी और देश-विदेश से श्रद्धालु आकर्षित होंगे।

योगी सरकार की भव्य योजना
योगी सरकार अयोध्या को वैश्विक धार्मिक पर्यटन केंद्र बनाने के लिए कई परियोजनाएं चला रही है। रामायण पार्क इसका अहम हिस्सा है। अधिकारियों का कहना है कि यह पार्क राम मंदिर दर्शन के बाद श्रद्धालुओं के लिए दूसरा बड़ा आकर्षण बनेगा।

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