खरगोन : इन दिनों ठंड का असर बढता ही जा रहा है। ऐसे मौसम में सर्दी-जुकाम के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है। ऐसा कोई घर नहीं होगा, जहां पर सर्दी-जुकाम के मरीज नहीं बढ़ रहे हों। जिला अस्पताल व निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगी हुई है। सर्दी-जुकाम के साथ ही बुखार की शिकायत भी लोगों में देखने को मिल रही है। जिला अस्पताल में तो ऐसे मरीजों की संख्या अधिक बनी हुई है। सर्दी-जुकाम से हर कोई पीडित नजर आ रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि बदले मौसम में सर्दी-जुकाम के मरीज अधिक सामने आ रहे हैं। जिला अस्पताल में 400 के करीब मरीज आते हैं। इनमें से 70 प्रतिशत मरीज सर्दी-जुकाम के मिल रहे हैं। ऐसे मौसम में सभी को सावधानी रखने की जररूत है।
*70 प्रतिशत सर्दी-जुकाम के मरीज*
जिला अस्पताल में पहुंचने वाले इन मरीजों में 70 प्रतिशत मरीज सर्दी-जुकाम व बुखार के पहुंच रहे हैं। सभी मरीजों को सामान्य सर्दी-जुकाम की शिकायत सामने आ रही है। जिला अस्पताल पहुंचने वाले इन मरीजों का चिकित्साकों की सलाह पर कोरोना टेस्ट भी करवाया जा रहा है। चिकित्सक इन मरीजों को घर पर रहने की सलाह दे रहे हैं। जिला अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों में शहरी क्षेत्र के अधिक मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। जिला अस्पताल के अलावा निजी अस्पतालों में भी मरीज अपना उपचार कराने दिखाई दे रहे हैं। कुछ मरीज ऐसे भी जो दवाइयों की दुकानें से दवाई ले जाकर अपना उपचार कर रहे हैं।
*दुकानों पर भी नियम पालन नहीं*
बाजार में दुकानों पर भी शारीरिक दूरी के साथ ही मास्क का उपयोग कम ही लोग करते दिखाई दे रहे हैं। एक दुकान पर 10-15 लोग खड़े दिखाई देते हैं। लेकिन शारीरिक दूरी का पालन नहीं हो पा रहा है। कई व्यापारी तो बिना मास्क के ही व्यापार करते नजर आते हैं। जब वे खुद नियमों का पालन नहीं करेंगे तो उनके यहां आने वाला ग्राहक क्यों नियमों का पालन करेगा। ऐसी ही लापरवाही के कारण दूसरी लहर में भी लगातार संक्रमण बढ़ता गया था। माहौल ऐसा हो गया था कि मरीज बढ़ जाने से स्वास्थ्य विभाग की भी सांसे फूलने लगी थीं। दूसरी लहर में लोग अधिक बीमार पड़े थे।
*बस व ऑटो सवार नहीं लगाते हैं मास्क*
इतना ही नहीं सार्वजनिक वाहनों पर निर्धारित सीट के अनुसार यात्रियों को बैठाने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा बस चालक से लेकर टिकट संग्राहक और यात्रियों को मास्क लगाना अनिवार्य है। बावजूद यात्री बसों व ऑटो रिक्शा पर सवार अधिकांश यात्रियों द्वारा मास्क का प्रयोग नहीं करने से लापरवाही सामने आ रही है।
तीसरी लहर फैला रही ज्यादा बीमारी, लापरवाही पर रोकथाम नहीं

