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सामने आया शुक्ला ब्रदर्स की क्रेन का सच…इंदौर में इसी ने ले लीं 4 जिंदगियां

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इंदौर के बाणगंगा इलाके में क्रेन से कुचलकर 4 लोगों की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पता चला है कि इस क्रेन के ब्रेक फेल नहीं हुए थे, बल्कि कम लगते थे। यही नहीं, टायर भी बुरी तरह घिसे हुए थे। यह पुष्टि हादसे की जांच के लिए क्रेन का ट्रायल करने पहुंची टीम ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बुधवार को की है। यह ट्रायल PWD के एक्सपर्ट्स की मौजूदगी में कराया गया। अब यह टीम अपनी रिपोर्ट RTO को सौंपेगी।

शुक्ला ब्रदर्स कंपनी की जिस क्रेन से हादसा हुआ था, उसे एक अन्य ड्राइवर से चलवाकर ब्रेक और स्टीयरिंग चेक कराए गए। इसके बाद यह जानकारी सामने आई। दरअसल, बाणगंगा थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम को ब्रिज से उतर रही क्रेन ने आगे चल रहीं दो बाइकों पर सवार 5 लोगों को टक्कर मार दी थी। हादसे में दो नाबालिग भाइयों समेत चार लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 40 साल की एक महिला के पैर टूट गए। उसका इलाज अरविंदो अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने क्रेन के ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है।

PWD के इंजीनियर धीरेन्द्र नेमा ने जांच में पाया कि क्रेन के टायर घिसे हुए हैं। उन्होंने ब्रेक कम लगने की भी पुष्टि की है। अब जांच रिपोर्ट आरटीओ को सौंपी जाएगी।

DRP लाइन में की गई क्रेन की जांच

हादसे को अंजाम देने वाली क्रेन (HR38B2002) को बुधवार को डीआरपी लाइन की एमटी ब्रांच लाया गया। यहां आरटीओ और पीडब्ल्यूडी की टीम ने क्रेन की जांच की। ड्राइवर इम्तियाज अली से 100 मीटर तक क्रेन को आगे-पीछे चलवाकर चेक किया गया। प्रथम दृष्टया यह बात सामने आ रही है कि टायर घिसे और ब्रेक कमजोर होने से ब्रिज के उतार पर क्रेन अनियंत्रित हुई और आगे चल रही मोटरसाइकिलों को टक्कर मार दी।

ढलान पर बेकाबू हो गई थी क्रेन

जांच के लिए मौके पर पहुंचे पीडब्ल्यूडी इंजीनियर धीरेंद्र नेमा ने बताया, ‘क्रेन के इन्स्पेक्शन के दौरान ब्रेक कम लगना पाया गया है। इसके टायर भी घिसे हुए हैं। पूरी रिपोर्ट आरटीओ को सौंपी जाएगी।’ वहीं, एआरटीओ राजेंद्र गुप्ता ने कहा, ‘जहां हादसा हुआ, वहां ढलान थी। संभवत: इसी कारण से क्रेन के ब्रेक एकाएक नहीं लगे थे।’

क्रेन विधायक के चाचा के नाम पर

क्रेन के दस्तावेज मंगलवार को ही बाणगंगा पुलिस के सुपुर्द कर दिए गए थे। इसे चला रहे अनीस खान निवासी मरीमाता के पास हैवी लाइसेंस पाया गया है। बीमा और फिटनेस 2024 तक का वैलिड मिला है। क्रेन शुक्ला ब्रदर्स कंपनी के मेसर्स सुरेन्द्र शुक्ला की बताई गई है, जो कांग्रेस विधायक संजय शुक्ला के चाचा हैं। पुलिस ने जिन धाराओं में केस दर्ज किया है, उनमें क्रेन के ड्राइवर अनीस को थाने से ही जमानत मिल सकती है। सूत्रों के मुताबिक, लोगों की नाराजगी को देखते हुए फिलहाल अनीस को कस्टडी में ही रखा गया है।

जो डॉक्यूमेंट दिए, उनमें B सीरीज गायब

पुलिस ने जो क्रेन जब्त की, उसका रजिस्ट्रेशन नंबर HR38B2002 है। सूत्रों के मुताबिक, शुक्ला ब्रदर्स कंपनी की तरफ से जो डॉक्यूमेंट पुलिस को सौंपे गए हैं, उनमें रजिस्ट्रेशन नंबर सीरिज का B नहीं दिख रहा है। पुलिस इसे क्रॉस चेक करा रही है कि यह त्रुटि है या मामला कुछ और है।

पुलिस कह चुकी है कि ब्रेक फेल नहीं थे, बढ़ सकती हैं धाराएं

पुलिस का कहना है कि हम पहले ही बता चुके हैं कि ब्रेक फेल नहीं थे। इसका पता तभी चल गया था, जब हम क्रेन को कॉरिडोर बनाकर ले गए थे। यह तकनीकी जांच के बाद ही पता चलेगा कि घटना कैसे और क्यों हुई। क्रेन बस के पीछे चल रही थी और बेकाबू होकर दो बाइकों पर चढ़ गई। ऐसे में धाराएं बढ़ाई जा सकती हैं।

हादसे में घायल महिला का अरविंदो अस्पताल में इलाज जारी है। इनका नाम शारदा दिनेश उम्र 40 साल निवासी कावेरी नगर बताया गया है। शारदा के दो बेटों की इस हादसे में मौत हो गई है।

घायल महिला से रातभर छुपाया कि दोनों बेटे नहीं रहे

परिजन ने बताया कि अस्पताल में इलाजरत घायल शारदा के दोनों बेटे रितेश (16) और शरद (6) की मौत इस हादसे में हो गई है। शारदा की तबीयत न बिगड़ जाए इसलिए मंगलवार रातभर यह बात उनसे छुपाए रखी गई। बुधवार दिन में जानकारी दी गई तो वे बदहवास नजर आईं। उनके दोनों पैरों में फ्रैक्चर हुआ है। शारदा की बहन के बेटे राज (13) की भी मौत हो गई है। सभी लोग रेवती में शारदा के भाई की बेटी की शादी में आए थे। यहां से सभी अपने गांव काली देवी (झाबुआ) और डबल चौकी लौट रहे थे। शारदा और उनके दोनों बेटे समेत बहन का बेटा एक ही बाइक पर सवार थे।

ऐसा रहा मंगलवार का पूरा घटनाक्रम

हादसा मंगलवार शाम 6.13 बजे हुआ। बताया गया है कि ब्रिज से उतर रही क्रेन ने सबसे पहले ऑटो रिक्शा को टक्कर मारी, जो पास ही बनी दुकान के खंभे में जा टकराया। इसके बाद क्रेन ने दो बाइकों को चपेट में लिया और उन्हें 200 फीट तक घसीटती रही। एक बाइक पर सवार शारदा घायल हो गईं जबकि उनके दो बेटों शरद और रितेश की जान चली गई। उनकी बहन के बेटे राज की भी मौत हो गई। हादसे में मरने वाले चौथे शख्स सुनील परमार निवासी संगम नगर इंदौर हैं। वे दूसरी बाइक पर अकेले थे। सुनील पंचशील फार्मा कंपनी में स्टोर मैनेजर थे। उनके परिवार में भाई, पत्नी और बेटा है।

क्रेन के नीचे से बाइक सवारों को निकालने की कोशिश करते लोग।

आपबीती: पूरी सड़क पर खून ही खून था

क्रेन ने सबसे पहले जिस ऑटो रिक्शा को टक्कर मारी, उसके चालक जहुरुद्दीन ने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि मैं कुछ समझ ही नहीं पाया। रिक्शा से उतरा तो पूरी सड़क पर खून ही खून दिखा। 6 साल के बच्चे के जूते पड़े थे, लेकिन उसका शव नहीं दिख रहा था। एक हेलमेट भी पड़ा था। सभी शव ऐसे हो गए थे कि उन्हें पोटलियों में बांधना पड़ा। क्षणभर में चार जिंदगियां खत्म हो गईं।

20 मिनट बाद आई पुलिस, प्रत्यक्षदर्शी बोले- ओवरटेक से बहकी क्रेन

प्रत्यक्षदर्शी विजय जाट ने कहा, ‘मैं अपनी दुकान के बाहर खड़ा था, तभी हादसा हो गया। 20 मिनट बाद पुलिस आई। लंबा जाम लग गया था। घटना दुकान के कैमरे में कैद हुई है।’ कुछ अन्य प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ओवरटेकिंग के कारण ब्रिज पर हादसा हुआ है। एक बस ने क्रेन को ओवरटेक किया तो उसका संतुलन बिगड़ गया। इसके बाद क्रेन गाड़ियों को टक्कर मारती चली गई।

हादसे में दो बाइकों पर सवार 4 लोगों की मौत हो गई।

एक बेटे के शव को पहचान ही नहीं सके पिता

हादसे में मृत चारों लोगों के शव लेकर पुलिस अरबिंदो अस्पताल पहुंची। इनमें 6 साल के मासूम और 16 साल के किशोर की पहचान उनके पिता ने की लेकिन, वे 13 साल के एक बच्चे को नहीं पहचान पा रहे थे। मैनेजर की पहचान मौके पर मिले मोबाइल से हो गई थी। इसी बीच मृत दो बच्चों के एक रिश्तेदार विजय हठीले अस्पताल पहुंचे।

उन्होंने कहा कि तीसरा शव दिखाओ। शव इतना क्षत-विक्षत था कि पहचान मुश्किल थी। विजय ने कहा कि इसका हाथ दिखाओ क्योंकि सोमवार रात ही इसने शादी के माहौल में मेहंदी से अपना नाम लिखा था। हाथ पर राज लिखा मिल गया और बालक की पहचान हो गई।

सब इंस्पेक्टर राजेश साहनी और भंवर के अनुसार मौके पर दो मोबाइल मिले थे। एक फोन से कॉल किया तो दिनेश किशोरी ने बात की। वह तुरंत घटनास्थल पहुंचे और घायल महिला की पहचान पत्नी शारदा (40) के रूप में की। बताया कि मृतकों में से एक रितेश (16) और दूसरा शरद (6) है। सभी साले की बेटी की शादी में रेवती आए थे। खाने के बाद रितेश बाइक पर मां और शरद को लेकर पता नहीं कब चला गया।

बाइक और शवों को बाहर निकालने के लिए क्रेन को जैक लगाकर ऊंचा उठाया गया।

इस तरह हुई चौथे मृतक की पहचान

चौथे मृतक की पहचान नहीं हो पा रही थी। तब तक रेवती में शादी वाले घर सूचना पहुंच चुकी थी कि दिनेश किशोरी के दोनों बच्चों की मौत हो गई है। इसी दौरान डबल चौकी निवासी रिश्तेदार चंगीराम की पत्नी बोलीं कि उनका 13 साल का बेटा राज नहीं मिल रहा है। इसके बाद मौसेरा भाई विजय हठीले अरबिंदो अस्पताल पहुंंचा। जिसने मेहंदी से हाथ पर राज लिखा देख बच्चे की पहचान की। राज मृतक रितेश और शरद का मौसेरा भाई था। वह भी रितेश की बाइक पर उनके घर कावेरी नगर जा रहा था।

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