जनवरी माह से खाली पड़े इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर आखिरकार सुरजीत सिंह चड्ढा काबिज हो गए है। खास बात यह है कि चड्ढा के अध्यक्ष पद पर काबिज होने की पटकथा अरविंद बागड़ी की नियुक्ति को होल्ड करने के 6 दिन बाद ही लिख दी गई थी। वो भी इंदौर से 1300 किलोमीटर दूर कश्मीर के कठुआ में। जी हां, राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान ही आलाकमान ने सुरजीत को इंदौर की कमान देने पर मुहर लगाई। कांग्रेस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 27 जनवरी को जीतू पटवारी के खास समर्थक व मप्र बार एसोसिएशन के सदस्य जय हार्डिया अपने साथ सुरजीत सिंह चड्ढा को लेकर कश्मीर गए थे।
कश्मीर में भारत जोड़ो यात्रा में दिग्विजय सिंह पहले से ही मौजूद थे। जहां पर दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी ने 28 जनवरी को राहुल गांधी के सामने सुरजीत सिंह चड्ढा को पेश कर इंदौर का नगर अध्यक्ष बनाने की बात रखी। बताया जा रहा है कि यहीं से सभी नामों पर विराम लग गया और आलाकमान ने सुरजीत का नाम तय कर दिया। बता दें कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में इंदौर से दो लोगों को ही जोड़ा गया था। जिसमें पहला नाम जीतू पटवारी तो वहीं दूसरा नाम सत्यनारायण पटेल का था।
कांग्रेस नगर अध्यक्ष सुरजीत सिंह चड्ढा की बातचीत के अंश…
सवाल- अध्यक्ष की नई जवाबदारी कैसे मिली?
जवाब- मुझे इतनी बड़ी जवाबदारी दिग्विजय सिंह जी, कमलनाथ जी और आलाकमान ने सौंपी है। आलाकमान ने मुझ से पूछा था की आप चुनाव लड़ना चाहेंगे की अध्यक्ष बनना चाहेंगे। तो मैंने कहा की मैं अध्यक्ष बनकर संगठन को मजबूत करना चाहुंगा। जिसके बाद आलाकमान ने मुझे यह जिम्मेदारी सौंपी।
सवाल- चुनावी साल है इसकी तैयारी कैसे करेंगे?
जवाब- निश्चित रूप से हम चुनाव से 100 दिन दूर है। हमारी प्राथमिकताएं कमलनाथ की योजनाओं को इंदौर की जनता तक पहुंचाना है। नारी सम्मान, बिजली बिल माफ, 500 रूपए में गैस सिलेंडर और किसान कर्जा माफी जैसे योजनाओं को जनता तक पहुंचाना है।
सवाल- चुनाव में कांग्रेस के क्या मुद्दे रहेंगे, भाजपा को कैसे घेरेंगे?
जवाब- युवा बेरोजगार हैं। महंगाई चरम पर है। लोअर मिडिल क्लास का जीना दूभर हो गया है। भाजपा की भ्रष्टाचार की सरकार में अधिकारियों पर कोई अंकुश नहीं है। नगर निगम, आईडीए, पीडब्ल्यूडी और एमपीईबी में जबरदस्त हेराफेरी हो रही है। नगर निगम की पीली गाड़ी का पूरे शहर में आतंक है। इंदौर का व्यापारी वर्ग बहुत परेशान है। इन सब बातों को लेकर जनता के बीच जाएंगे।
सवाल- 4 नंबर से टिकट की दावेदारी कर रहे थे, अब क्या अध्यक्ष बनने के बाद टिकट की दावेदारी करेंगे?
जवाब- मुझे शहर अध्यक्ष की बड़ी जवाबदारी पार्टी ने दी है। मैं यह चाहता हूं की किसी नए व्यक्ति को मौका मिलें, कोई अच्छा व्यक्ति हमारे बीच से आए। कमलनाथ जिसे भी प्रत्याशी बनाएंगे उसके लिए हम मिलकर काम करेंगे।
सवाल- कांग्रेस में टिकट के दावेदार की जो लड़ाई चल रही है, गुटबाजी हो रही है। इससे कैसे निपटेंगे?
जवाब- यह लड़ाई नहीं है, यह प्रतिस्पर्धा है। कमलनाथ के सर्वे के मुताबिक जिसे टिकट मिलेगा, प्रतिस्पर्धा में जो बेस्ट होगा, उसके पीछे सारी कांग्रेस खड़ी होकर काम करेगी। कांग्रेस में एक-एक सीट पर 5 से 6 दावेदार है। यह लड़ाई नहीं प्रतिस्पर्धा है।
सवाल- भाजपा कह रही है कि सुरजीत को अध्यक्ष बनाकर परिवार-वाद को आगे बढ़ाया गया है?
जवाब- हर पार्टी का अपना क्राइटिरिया होता है। पार्टी हर किसी को मौका देती है। जनरल को, पिछडे को, अल्पसंख्या को वैसे ही इस बार मुझे मौका दिया है। जब मेरे पिता जी अध्यक्ष थे तब ऐसी बात नहीं हुई थी। कांग्रेस में इस बार कोई झगड़ा नहीं है। हम सब की मूल भावना यह है कि कैसे हमारी योजनाओं को जनता तक ले जाएं, और अच्छे उम्मीदवार हमारी पार्टी निकाल कर लाए और हम एक अच्छी सरकार बनाएं।

