भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण फिर एक मौत का मामला सामने आया है। अब तक 18 मौतें हो चुकी है। हालांकि, मृत महिला भागीरथपुरा के समीप की बस्ती कुलकर्णी नगर में रहती थी। वह अपनी बेटी के यहां रहने आई थी। परिजनों का कहना है कि 80 वर्षीय हरकुंवर ग्रैरईया की मौत उल्टी-दस्त की बीमारी के बाद हो गई। हरकुंवर ने बेटी के यहां रहने के दौरान दूषित पानी का सेवन किया था, जो जानलेवा साबित हुआ। महिला की मौत 2 जनवरी को हुई है। परिजनों का कहना है कि हरकुंवर की मौत को भी डायरिया के कारण माना जाए।
इंदौर के कुलकर्णी नगर में दूषित पानी से महिला की मौत 2 जनवरी को हुई है। परिजनों का कहना है कि हरकुंवर की मौत को भी डायरिया के कारण माना जाए, क्योंकि वह भागीरथपुरा में रहने वाली बेटी के घर दस दिन रुकी थी। तब उसकी तबीयत बिगड़ी थी।
बेटी निर्मला का कहना है कि मां हरकुंवर 20 दिसंबर से घर आई थी और दस दिन तक रुकी थी। 30 दिसंबर को उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी। हम उन्हें डाॅक्टर के पास ले गए। गोलियां लेने के बावजूद तबीयत नहीं सुधरी। इसके बाद मैने 1 जनवरी को मां को भाई के घर कुलकर्णी नगर भेज दिया। दूसरे दिन उनक फिर तबतीयत बिगड़ी और मौत हो गई। बेटी निर्मला ने कहा कि उनके परिवार के भी चार लोग बीमार हैं। एक सदस्य अस्पताल में भी भर्ती है।
400 बोरिंगों की जांच
बस्ती के चार सौ बोरिंगों के पानी की भी जांच नगर निगम कर रहा है। उनमें क्लोरीन भी डाला जा रहा है। अभी भी नए मरीज सामने आ रहे हैं। फिलहाल बस्ती के 99 मरीज अस्पताल में भर्ती है, जिनमें 16 मरीज आईसीयू में भर्ती हैं। नए मरीजों की जांच के लिए 200 टीमें लगाई गई हैं।

