इजरायल-ईरान जंग के बीच एक और टेंशन देने वाली खबर आई है. जी हां, ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक सीनियर अधिकारी ने सोमवार को कहा कि होर्मुज स्ट्रेट बंद है और ईरान वहां से गुजरने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज को आग के हवाले कर दिया जाएगा.
अमेरिका-इजरायल संग जंग के बीच ईरान ने घातक कदम उठाया है. ईरान ने वही किया है, जिसका डर पूरी दुनिया को सता रहा था. जी हां, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने का ऐलान कर दिया है. ईरान ने अब चेताते हुए सोमवार को कहा कि होर्मुज स्ट्रेट (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) बंद है और वहां से गुजरने की कोशिश करने वाले किसी भी जहाज को नहीं छोड़ा जाएगा. ईरानी मीडिया के मुताबिक, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की घोषणा की है. इसने चेतावनी दी है कि अगर कोई जहाज़ वहां से गुज़रने की कोशिश करेगा तो उस पर हमला किया जाएगा. जहाज को आग के हवाले कर दिया जाएगा.
रॉयटर्स की खबर के मुताबिक,इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर-इन-चीफ के एक सीनियर सलाहकार इब्राहिम जबारी ने सरकारी मीडिया में छपी खबरों में कहा, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद है. अगर कोई गुजरने की कोशिश करता है, तो रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के हीरो और रेगुलर नेवी उन जहाजों को आग लगा देंगे.’
ईरान और ओमान के बीच मौजूद यह स्ट्रेट ग्लोबल ट्रेड में सबसे जरूरी रुकावटों में से एक है. यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और उसके आगे अरब सागर से जोड़ता है. हालांकि यह ईरान और ओमान से घिरा है, लेकिन इसे एक इंटरनेशनल शिपिंग लेन माना जाता है.
दुनिया में मची खलबली
दरअसल, ईरान ने पहले ही शनिवार को जहाजों को यह बता दिया था कि वह वह एक्सपोर्ट रूट बंद कर रहा है. अब उसने साफ़ चेतावनी दे दी है कि इससे गुजरने पर क्या अंजाम होगा. ईरान के इस कदम से दुनिया भर में खलबली मची है. इससे तेल के पांचवें हिस्से के रुकने और कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी से बढ़ोतरी का खतरा है. इसका असर भारत के तेल बाजारों पर भी पड़ सकता है.
तेल मार्केट हिला
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने के खतरे ने एनर्जी मार्केट को पहले ही हिला दिया था. अब लंबे समय तक रुकावट के डर से तेल की कीमतें तेज़ी से बढ़ गई हैं. हालांकि, इस बात की कोई ऑफिशियल इंटरनेशनल पुष्टि नहीं हुई है कि स्ट्रेट पूरी तरह से सील है. लेकिन ईरान के नए ऐलान से धुकधुकी बढ़ गई है. हालांकि, टैंकर ट्रैफिक कम हो गया है और वॉटरवे के पास इलेक्ट्रॉनिक इंटरफेरेंस और हमलों की खबरों ने चिंता बढ़ा दी है.
ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर दिया है. इससे दुनिया की टेंशन बढ़ गई है.
ग्लोबल तेल और गैस के लिए एक जरूरी रास्ता
अपने सबसे पतले पॉइंट पर स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज केवल 21 मील (33km) चौड़ा है. इसमें हर दिशा में शिपिंग लेन सिर्फ़ दो मील चौड़ी हैं. फिर भी यह दुनिया की एनर्जी सप्लाई का एक बड़ा हिस्सा ढोता है.
चलिए जानते हैं कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्यों है खास?
- ग्लोबल तेल की खपत का लगभग पांचवां हिस्सा स्ट्रेट से होकर गुज़रता है.
- पिछले साल रोजाना 20 मिलियन बैरल से ज़्यादा क्रूड, कंडेनसेट और फ्यूल इससे गुज़रे.
- ग्लोबल समुद्र से होने वाले तेल के फ्लो का लगभग 30% इसी रास्ते से गुज़रता है.
- कतर अपने लगभग सभी लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) एक्सपोर्ट इसी रास्ते से भेजता है.
कौन-कौन अधिक निर्भर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर?
सऊदी अरब, ईरान, इराक, कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात जैसे बड़े प्रोड्यूसर क्रूड एक्सपोर्ट करने के लिए इस कॉरिडोर पर बहुत ज़्यादा निर्भर हैं. इसका ज़्यादातर हिस्सा एशियाई बाज़ारों के लिए होता है.
अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ईरान पर हमला किया.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने का क्या खतरा?
एनर्जी एनालिस्ट की मानें तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर थोड़ी सी रुकावट भी क्रूड की कीमतों में तेज़ी से बढ़ोतरी कर सकती है. कुछ दिनों के बजाय हफ्तों तक बंद रहने से तेल $100 प्रति बैरल से भी ज़्यादा हो सकता है और यूरोपियन गैस की कीमतें 2022 में देखे गए संकट के लेवल पर वापस जा सकती हैं.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्या है?
यह स्ट्रेट दुनिया का सबसे जरूरी तेल एक्सपोर्ट रूट है. यह सऊदी अरब, ईरान, इराक और संयुक्त अरब अमीरात जैसे सबसे बड़े खाड़ी तेल प्रोड्यूसर को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है. यह बंद तब हुआ जब 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इज़राइल ने हमला किया. ये हमले ईरान के नेताओं को हटाने की कोशिश में किए गए थे. अमेरिका-इजरायल अटैक में खामेनेई की मौत हो गई.
ईरान ने अटैक का जवाब कैसे दिया?
इजरायली-अमेरिकी अटैक के जवाब में ईरान ने अपने खाड़ी पड़ोसियों जैसे कतर, कुवैत और बहरीन में मौजूद अमेरिकी मिलिट्री बेसों पर कई मिसाइलें दागीं. तेहरान ने यूनाइटेड अरब अमीरात, सऊदी अरब और ओमान पर भी मिसाइलें दागीं. इस बंद के साथ तेहरान ने इस्लामिक रिपब्लिक पर किसी भी हमले के बदले में इस पतले पानी के रास्ते को रोकने की सालों की धमकियों को पूरा किया.
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अन्य खास बातें
- दुनिया में रोज़ाना होने वाले तेल की खपत का लगभग 20% होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुज़रता है, जो अपने सबसे पतले पॉइंट पर लगभग 33 किलोमीटर (21 मील) चौड़ा है.
- तेल बाज़ार तेहरान और उसके पुराने दुश्मनों अमेरिका और इज़राइल के बीच तनाव पर ध्यान दे रहे हैं, उन्हें डर है कि एक बड़ा झगड़ा सप्लाई में रुकावट डालेगा और इलाके को अस्थिर कर देगा.

