कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की मुलाकात ने छत्तीसगढ़ में राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ा दी है. चैतन्य की खड़गे से मुलाकात को एक ओर उनकी पॉलिटिकल लॉन्चिंग के तौर पर देखा जा रहा है. वहीं इसे लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी भी तेज है.
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल इस समय राज्य में सुर्खियां बनाए हुए हैं. वह ज्यादातर मीडिया और लाइमलाइट से दूर ही रहते हैं, फिर वह अचानक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मिलने दिल्ली पहुंच गए. इस पर उनकी सियासी एंट्री के भी कयास लगाए जाने लगे. लेकिन इस पर बीजेपी ने चुटकी है, तो कांग्रेस ने उसका करारा जवाब दिया है. अब यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि चैतन्य सियासत में उतरते हैं या नहीं, लेकिन फिलहाल उन्होंने राज्य में सियासी पारा जरूर बढ़ा दिया है.
रियल स्टेट का कारोबार करते हैं चैतन्य बघेल
चैतन्य बघेल ने अपनी शुरुआती शिक्षा महर्षि विद्या मंदिर से ली. इसके बाद भिलाई स्थित शंकराचार्य विश्वविद्यालय से बी.कॉम और भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से एमबीए किया. लेकिन वह राजनीति की पिच पर नहीं उतरे. पिछले साल जब ईडी ने भूपेश बघेल के घर पर छापा मारा था, तब चैतन्य का नाम सामने आया था. वह खेती-किसानी और रियल स्टेट का कारोबार भी करते हैं.
6 महीने जेल में भी रहे चैतन्य बघेल
जुलाई 2025 में चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी भी हुई थी और वह 6 महीने जेल में रहे. ईडी ने उन्हें शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग में आरोपी बनाया है. ईडी का आरोप है कि शराब घोटाले से हुई आदमनी का एक हिस्सा चैतन्य के पास आया था. वह फिलहाल कांग्रेस से जुड़े हुए हैं और उन्हें अभी तक कोई भी आधिकारिक पद नहीं मिला है और न ही उन्होंने अभी तक कोई चुनाव लड़ा है. अब जेल से छुटने के बाद वह पहली बार कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मिले हैं.
भाजपा सांसद ने कसा तंज
चैतन्य के कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष से की मुलाकात पर तंज कसते हुए भाजपा सांसद संतोष पांडे ने कहा कि जो कर्म यहां उन्होंने किया है. उसकी सफाई भी तो देनी है. वहां वो वास्तविकता बताने गए होंगे, लेकिन क्या वास्तविकता है यह सभी जानते हैं?
दीपक बैज ने कही ये बात
भाजपा के बयान पर छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पलटवार किया है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि काजल की कोठरी में बैठे लोग दूसरों को दागी कह रहे हैं. बीजेपी के 15 साल के शासन और मौजूदा 2 साल के कार्यकाल में भ्रष्टाचार पर उन्हें जवाब देना चाहिए.
तमाम राजनीतिक चर्चाओं के बीच जिस तरह से भूपेश बघेल ने राष्ट्रीय अध्यक्ष से चैतन्य की मुलाकात के फोटो पोस्ट कर बधाई देते नजर आ रहे हैं. न सिर्फ राजनीतिक लॉन्चिंग के बड़े संकेत माने जा रहे हैं. बल्कि 2028 के विधानसभा चुनाव में की दावेदारी की भी चर्चाएं तेज हैं.

