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किसानों की बड़ी जीत है, अभी और लड़त बाकी है

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बड़वानी
आप सबको खबर ही होगी कि पिछले एक साल से हमारे किसान मजदुर दिल्ली की सीमाओं  3 कानूनों को रद्द करने के लिए संघर्ष कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को संघर्ष के  आगे झुकते हुए 3 काले कानूनों को वापस लेने की घोषणा करनी पड़ी है। अभी संसद में वापस लेने की कार्यवाही बाकी है।
 एक साल के संघर्ष के बाद हमारे किसान मजदूरों की बड़ी जीत हुई है। इस संघर्ष में 700 किसानों को शाहदत देनी पड़ी है। हजारों किसानों पर झूठे पुलिस केस लगे है। उन्हें भी वापस लेने की घोषणा प्रधानमंत्री जी को करनी होगी।
 न्यूनतम समर्थन मूल्य की ग्यारंटी का कानून भी लेना बाकी है। इसलिए तबतक लड़ाई जारी रहेगी।
कल 23 नवंबर को नर्मदा बचाओ आंदोलन के द्वारा  बड़वानी में किसानों की जीत पर 12 बजे अंबेडकर वाटिका में बाबा साहेब को माल्यार्पण करके झंडा चौक में  हमारे किसानों का सम्मान कर एक छोटी सभा करेंगे। वहां से लोनसरा में 2.30 बजे सजवानी, रहगुन, बालकुआ के किसानों का सम्मान एवं सभा होगी। वहां से 4 .30 बजे कडमाल में रैली पहुंचेगी वहां भी किसानों का सम्मान करेंगे एवं सभा होगी।

बालाराम यादव, बच्चुराम भाई, सुमेर बड़ोले छात्र संगठन, संदीप नरगावें ज आ संगठन कमला यादव, वाहिद मंसूरी, देवीसिंह तोमर, सुरेश प्रधान,  मुकेश सिपाई, लक्ष्मीनारायण पाटीदार,मनोहर पाटीदार, मोहन भाई भवरिया, विजय मरोला, तुलसीराम मुकाती, पवन यादव, राजा मण्डलोई, मुकेश भगोरिया, मेधा पाटकर

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