चंडीगढ़
पंजाब बचाओ मिशन 2022 के तहत मजदूर किसान दलित फ्रंट ने बुधवार को बैठक बुलाई। इसमें हरियाणा किसान मोर्चा के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने पहुंचकर किसान आंदोलन के लिए पंजाब की राजनीति के समर्थन पर मंथन किया ।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मिशन पंजाब का मकसद गरीबी से जंग लड़ रहे देश के लोगों को बचाने के साथ-साथ पंजाब को एक मॉडल की तरह बनाना है। इतना ही नहीं पूरे पंजाब के लोगों को एक साथ जोड़कर रखना और देश को बर्बादी से बचाना भी मकसद है। पंजाब को बचाने के लिए अपील की कि दबे कुचले लोग, बुद्धिजीवी एक साथ आ जाएं।
नायक फिल्म का उदाहरण देते हुए गुरनाम सिंह ने कहा कि अगर पंजाब के लोग बदलाव चाहते हैं तो यह उनके हाथ में है और पंजाब मॉडल की तरह बनेगा। आंदोलन पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि आंदोलन को ओर तेज किया जाएगा।
इसके साथ ही किसान मोर्च में चल रहे मनमुटाव पर बोले कि ये महज विचारधारा का अंतर है। वे बोले- चाहे मुझे मोर्चा की ओर से सस्पेंड कर दिया गया है लेकिन आंदोलन के लिए खड़ा रहूंगा। मुझे भले ही मोर्चे से अलग कर दिया जाए पर मिशन पंजाब को नही छोड़ूंगा।
गुरनाम सिंह ने आगे कहा कि उनके जहन में सिर्फ बदलाव है, राजनीति नहीं। संयुक्त किसान मोर्चा चाहे अलग भी करदे तब भी आंदोलन से अलग नहीं हूंगा। अगर पंजाब में मिशन पंजाब मॉडल सफल हो जाता है तो देश मे यह मॉडल लाया जा सकता है।
