एस पी मित्तल,अजमेर
ऊंची आवाज निकालने वाले यंत्रों के इस्तेमाल पर इस्लाम में मनाई है। इसलिए अजमेर में 9 अक्टूबर को निकलने वाले ईद-मिलादुन्नबी (बारावफात) के जुलूस में डीजे का उपयोग नहीं होगा। यह जुलूस प्रतिवर्ष की भांति ऐतिहासिक ढाई दिन झोपड़ा से सुभाष बाग तक निकाला जाएगा। अजमेर स्थित दरगाह की खादिमों की संस्था अंजुमन सैय्यद जादगान के सचिव सरवर चिश्ती और जुलूस निकालने वाली संस्था सूफी इंटरनेशनल के सचिव नवाब हिदायतुल्ला ने कहा कि जुलूस के दौरान भारी भरकम आवाज वाले डीजे के वाहन का उपयोग नहीं किया जाएगा। क्योंकि ऊंची आवाज से आसपास के लोगों को तकलीफ पहुंचती है। जुलूस में साधारण माइक का ही इस्तेमाल होगा। उन्होंने कहा कि इस्लामिक दृष्टिकोण में भी ऊंची आवाज वाले यंत्रों की मनाई ही है। उन्होंने जुलूस में शामिल होने वाले मुसलमानों से अपील की कि वे डीजे वाले वाहन लेकर शामिल न हो। 9 अक्टूबर को निकलने वाले जुलूस को लेकर 2 अक्टूबर को अंदर कोट हताई पर बैठक हुई। अंदर कोट हताई पर एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें जुलूस की तैयारियों को लेकर राय मशवरा किया गया। बैठक में आम सहमति से तय किया गया की मोहम्मद साहब ने अपने सभी उपदेशों में हमेशा इंसानियत और भाईचारगी के साथ साथ अपने पड़ोसियों और अन्य लोगों को तकलीफ न पहुंचे उस कृत्ययों से बचने की शिक्षा दी हमें उनके जीवन का अनुसरण करना चाहिए। जुलूस के दौरान हमारा कोई भी कार्य ऐसा न हो जिससे किसी को कोई तकलीफ या ठेस पहुंचे। बैठक में अंदरकोट पंचायत के अध्यक्ष मुख्तार बख्श, सचिव निसार शेख, सईद खान, जाहिद खान, काज़ी मुनव्वर अली, हाजी सरवर सिद्दीकी, अब्दुल नईम, शफीक खान, हुमायूं खान, तोसिफ खान, सलमान खान, पार्षद अज़हर खान, अहसान मिजऱ्ा, अब्दुल नईम, एसएम अकबर, शकील अब्बासी, रबनवाज जाफरी, नफीस खान, शेखज़ादा ज़ीशान चिश्ती, रईस कुरेशी, अनवर सिद्धिकी, सुहैल चिश्ती, अकबर, अजहर, उस्मान घडिय़ाली मौजूद थे। बारावफात के जुलूस के संबंध में और अधिक जानकारी मोबाइल नंबर 9413383786 पर सचिव नवाब हिदायत उल्ला से ली जा सकती है।

