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सरकार चलाने में सहयोगी शिव के ये हैं भरोसेमंद पांच पंच… इकबाल सिंह बैंस, मनीष रस्तोगी, नीरज वशिष्ठ, सत्येंद्र खरे और मनीष पांडे

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भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी चौथी पारी में जहां प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में शुचिता और सुशासन पर पूरा जोर दे हैं। वहीं उनके इस काम में उनके पांच भरोसेमंद यानी मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी,  उप सचिव नीरज वशिष्ठ, मीडिया सलाहकार के रूप में सत्येंद्र खरे और संघ से आए मनीष पांडे अहम भूमिका  निभा रहे हैं। अगर यूं कहें कि शिवराज को सरकार चलाने में इन पांच का बड़ा सहयोग है तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।
मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस और ईमानदारी छवि के माने जाने वाले प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी प्रशासनिक कसावट के साथ ही शिवराज सिंह चौहान की मंशानुरूप आत्मनिर्भर मप्र गढ़ने में जुटे हैं। आत्मनिर्भर भारत की तर्ज पर मप्र को भी अपने पैरों पर खड़ा करने की उनकी मंशा साफ दिखाती है कि वे प्रदेश को शीर्ष पर ले जाना चाहते हैं।  सीएम चौहान ने सत्ता संभालते ही जिस तरह कोरोना काल में अकेले एक योद्धा के रूप में काम किया, लोगों के स्वास्थ्य की चिंता की, उससे वे एक नए रूप में नजर आए।
 सुशासन स्थापित करने भ्रष्ट अधिकारियों, कर्मचारियों को नसीहत का पैगाम दिया। जनता को छोटे छोटे काम के लिए भटकना न पड़े इसके लिए जनहितार्थ के कामों को लगातार लोक सेवा गारंटी कानून के तहत जोड़ा जा रहा है। इसका परिणाम यह है कि अब जनता के कई काम तो घर बैठे ही अथवा मोबाइल पर ही हो जाते हैं। प्रदेश को माफिया और मिलावटखोरों से मुक्त करने का उनका संकल्प भी जनता के मन को भा गया। दरअसल शिवराज सिंह कानून की धज्जियां उड़ाने वालों के खिलाफ बेहद सख्त हैं। हजारों करोड़ की जमीन प्रदेश भर में भूमाफियाओं के कब्जे से छुड़ाई जा चुकी है। एक कुशल राजनेता की छाप तो वे पहले ही छोड़ चुके हैं, लेकिन अब अपने मूल पिंड से बिल्कुल उलट शिवराज खुद को सख्त प्रशासक के रूप में गढ़ने में जुटे हैं। जनता से जुड़े कामों में हीलाहवाली और लापरवाही पर कई अफसर जिनमें कमिश्नर और कलेक्टर भी शामिल हैं उनकी नाराजगी का शिकार भी हो चुके हैं।
तालमेल बनाने में निपुण हैं शिव
शिवराज में खास बात है कि वे तालमेल बनाने में निपुण हैं। हालांकि उनकी इस पारी में उन्हें लोगों से मेल-मुलाकात पर ज्यादा यकीन नहीं है। यानी बातें कम और काम ज्यादा वाले नारे को वह अमलीजामा पहनाते नजर आ रहे हैं। यदि संगठन की बात की जाए तो प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा से लेकर प्रदेश संगठन मंत्री सुहास भगत तक सभी से उनका शानदार तालमेल है। दूसरी तरफ सिंधिया के साथ भाजपा में आए साथियों के साथ भी उनकी पटरी अच्छी बैठ रही है। और तो और  शिवराज ने अपनी कार्यशैली से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक को खुश कर रखा है। नरेंद्र मोदी की मंशा को  उनके मुताबिक काम करने की शिवराज सिंह चौहान की तत्परता उनको अन्य राजनेताओं की पांत में एक अलग मुकाम पर खड़ा करती है।
सीएम शिवराज को देते हैं ऊर्जा
मुख्यमंत्री शिवराज के पांच सहयोगियों में शामिल मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, वरिष्ठ आईएएस मनीष रस्तोगी, आईएएस नीरज वशिष्ठ, मीडिया सलाहकार सत्येंद्र खरे और मनीष पांडे उनके कार्यों को मूर्तरूप देते हैं। इनकी भूमिका सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है। ये सरकारी कार्यक्रम, योजनाओं पर मार्गदर्शन और क्रियान्वयन जैसी व्यवस्थाओं में सीएम को सपोर्ट देते हैं। यानी सीधे सीधे ये शिवराज को सरकार चलाने में सहयोग देते हैं। यह पांच सहयोगी ही  शिवराज को इतनी ऊर्जा देते हैं जिसकी वजह से हर क्षेत्र पर ध्यान दे पाते हैं। यही नहीं कब किससे मिलना है। किसको कितना महत्व देना है यह भी इनके द्वारा ही निर्धारित किया जाता है। यही वजह है कि शिवराज अपनी पूर्व की कार्यशैली से इतर अलग ही अंदाज में नजर आ रहे हैं।

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