मध्य प्रदेश में भीख मांगने वालों को अक्सर लोग मजबूरी का शिकार समझते हैं, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल उलट भी हो सकती है. राज्य में ऐसे भिखारी सामने आए हैं, जिनके पास आलीशान मकान, जमीन, बैंक बैलेंस और एफडी तक मौजूद हैं. ये लोग दिनभर सड़कों, मंदिरों और चौराहों पर भीख मांगते हैं, लेकिन उनकी कमाई लाखों-करोड़ों में है. आइए जानते हैं MP के तीन ऐसे भिखारियों की कहानी, जिनकी सच्चाई सामने आने पर अधिकारी भी हैरान रह गए.भीख मांगना कई लोगों के लिए मजबूरी है, लेकिन कुछ ऐसे भी चेहरे सामने आए हैं जिन्होंने भीख को धंधा बना लिया. उज्जैन, इंदौर और भोपाल से सामने आए तीन ऐसे भिखारियों की कहानी हैरान कर देने वाली है. ये लोग फटे कपड़ों में सड़क पर बैठे दिखते हैं, लेकिन इनके नाम पर करोड़ों की संपत्ति दर्ज है. इतना ही नहीं इनके नाम आलीशान मकान, जमीन, बैंक बैलेंस और एफडी तक मौजूद हैं.
1.उज्जैन का नारायण दास उर्फ “करोड़पति बाबा”
उज्जैन के महाकाल मंदिर क्षेत्र में भीख मांगने वाला नारायण दास सालों तक लोगों की आस्था और दया का पात्र बना रहा. सिर पर गेरुआ कपड़ा, हाथ में कटोरा और साधु जैसा भेष कोई सोच भी नहीं सकता था कि वह करोड़पति है. नगर निगम की जांच में खुलासा हुआ कि नारायण दास के नाम शहर में दो पक्के मकान, कई प्लॉट और करीब डेढ़ करोड़ रुपये की संपत्ति है. बैंक में एफडी और खाते अलग. पूछताछ में उसने माना कि “भीख से बिना मेहनत पैसा मिल जाता है”, इसलिए यही करता रहा.
2. इंदौर का मंगलदास, स्टेशन का ‘मालिक’
इंदौर रेलवे स्टेशन के बाहर सालों से बैठकर भीख मांगने वाला मंगलदास प्रशासन की नजर में तब आया जब उसके पास से कई बैंक पासबुक मिलीं. जांच हुई तो अफसरों के होश उड़ गए. मंगलदास के नाम 2 करोड़ रुपये से ज्यादा की एफडी, किराए पर दिए गए कमरे और जमीन के कागज मिले. हैरानी की बात ये थी कि वो रोज तय समय पर भीख मांगने आता था और शाम को अपने किराए के मकान में आराम से रहता था.
3. भोपाल की गीता बाई, जो ‘लाचार’ नहीं चालाक निकली
भोपाल की सड़कों पर भीख मांगने वाली गीता बाई खुद को बेसहारा महिला बताती थी. लेकिन जब प्रशासन ने सत्यापन किया, तो सच्चाई चौंकाने वाली निकली. गीता बाई के नाम मकान, जमीन, सोने-चांदी के गहने और करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति दर्ज है. पूछताछ में उसने कबूल किया कि भीख से होने वाली कमाई “अतिरिक्त आमदनी” है.

