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*1 जुलाई की ताजा खबर:आज से लागू हो रहे ये बदलाव, जेब पर पड़ेगा सीधा असर,आज से बढ़ जाएगा रेल किराया, LPG सिलेंडर के दाम घटे, तेलंगाना दवा फैक्ट्री में विस्फोट में 12 की मौत*

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आज के बड़े इवेंट्स

 आज से ट्रेन में सफर करना होगा महंगा, जानें कितना बढ़ जाएगा किराया
रेल मंत्रालय ने यात्री किराए में बदलाव करने का फैसला किया है। यह बदलाव 1 जुलाई 2025 यानी आज से लागू होगा। किराए में यह बदलाव IRCA की ओर से प्रकाशित नई किराया सारणी के अनुसार होगा। सेकंड क्लास ऑर्डिनरी में 500 किलोमीटर तक की यात्रा के लिए कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। लेकिन, 501 से 1500 किलोमीटर के लिए 5 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरह, 1501 से 2500 किलोमीटर के लिए 10 रुपये और 2501 से 3000 किलोमीटर के लिए 15 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। सबअर्बन यानी उपनगरीय सेवाओं और सीजन टिकटों (सबअर्बन और नॉन-सबअर्बन) के सिंगल जर्नी के किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है

. तेलंगाना की दवा फैक्ट्री में ब्लास्ट, 12 की मौत 34 घायल
तेलंगाना में बड़ा हादसा सामने आया है। एक फैक्ट्री में रिएक्टर विस्फोट में 12 लोगों की मौत हो गई और 34 घायल हो गए। यह हादसा तेलंगाना के संगारेड्डी जिले में सोमवार को एक फार्मा प्लांट में धमाका हुआ। धमाके के बाद आग लग गई। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद फैक्टी में आग बुझाने का काम चल रहा है। तेलंगाना फायर अधिकारियों ने बताया कि सोमवार सुबह सिंगाची फार्मा कंपनी पसमायलाराम फेज 1 के प्लांट में धमाके के बाद आग लग गई।

तेलंगाना में बड़ा हादसा सामने आया है। एक फैक्ट्री में रिएक्टर विस्फोट में 12 लोगों की मौत हो गई और 34 घायल हो गए। यह हादसा तेलंगाना के संगारेड्डी जिले में सोमवार को एक फार्मा प्लांट में धमाका हुआ। धमाके के बाद आग लग गई। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद फैक्टी में आग बुझाने का काम चल रहा है। तेलंगाना फायर अधिकारियों ने बताया कि सोमवार सुबह सिंगाची फार्मा कंपनी पसमायलाराम फेज 1 के प्लांट में धमाके के बाद आग लग गई। कुछ रिपोर्ट में मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका व्यक्त की गई है। तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्‌डी ने धमाके पर दुख जताया है। उन्होंने दुर्घटना में फंसे मजदूरों को बचाने और घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। राज्य के मंत्री ने 12 मौतों की पुष्टि की है।

कैसे हुआ धमाका?
धमाका कैसे हुआ, यह अभी पता नहीं चल पाया है। लेकिन आग लगने से प्लांट में अफरा-तफरी मच गई। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। उनकी हालत के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है। फायर ब्रिगेड आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस दर्जनभर मौतों की आशंका व्यक्त की जा रही है। अभी 12 मौतों की पुष्टि हुई है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े ने भी इस घटना पर दुख जताया है। भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने इस घटना पर दुख जताया और एक्स पर लिखा है कि पाटनचेरु के पाशमैलारम औद्योगिक क्षेत्र में हुआ रिएक्टर विस्फोट अत्यंत दुखद है। मैं अधिकारियों से आग्रह करता हूं कि दुर्घटना स्थल पर फंसे मजदूरों को तुरंत बचाया जाए। यह हादसा सुबह करीब 9 बजे संगारेड्डी जिले के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में हुआ।

ट्रेन टिकट से लेकर एलपीजी गैस की कीमतों तक…आज से लागू हो रहे ये बदलाव, जेब पर पड़ेगा सीधा असर

हर महीने की पहली तारीख से कई नियमों में बदलाव होता है। आज मई माह की पहली तारीख से भी ऐसे ही कई नियमों में हुआ बदलाव लागू होगा। इनमें क्रेडिट कार्ड, एटीएम निकासी जैसे शुल्क से लेकर रेलवे के किराये में बढ़ोतरी तक कई नियम शामिल हैं, जिनमें बदलाव हुए हैं।आइये जानते हैं ऐसे नियमों के बारे में जो आपकी जेब पर असर डालेंगे…

हर महीना नए बदलावों को लेकर आता है। इसी क्रम में आज यानी एक जुलाई से भी कुछ ऐसे नियमों में बदलाव हो रहा है जिनका आप पर सीधे असर पड़ सकता है। इन बदलावों में एटीएम से सीमा से ज्यादा निकासी पर लगने वाला चार्ज, क्रेडिट कार्ड पर लगने वाला शुल्क, रेलवे से तत्काल टिकट बुकिंग और रेलवे किराए में फेरबदल आदि शामिल हैं। आज से जहां लंबी दूरी के रेलवे टिकट महंगे होंगे, वहीं आयकर रिटर्न भरने की तारीख भी बढ़ा दी गई है। ऐसे में आपको समय रहते ही इन नियमों के बारे में जान लेना चाहिए। 

रेलवे से लंबी दूरी का सफर करना होगा महंगा
ट्रेनों में नॉन एसी और एसी क्लास दोनों के ही टिकट के दाम बढ़ जाएंगे। नॉन एसी के टिकट के दाम प्रति किलोमीटर एक पैसे व एसी क्लास के दो पैसे बढ़ाए गए हैं। वृद्धि 1,000 किमी से ज्यादा दूरी पर लागू होगी। द्वितीय श्रेणी में 500 किमी तक यात्रा के लिए कीमतों में बदलाव नहीं होगा। यात्रा 500 किमी से अधिक है तो प्रति किमी 0.5 पैसा अतिरिक्त देना होगा।

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बिना आधार अब नहीं मिलेगा तत्काल टिकट
अब तत्काल टिकट सिर्फ उन्हीं यात्रियों को मिलेगा, जिनका आईआरसीटीसी अकाउंट आधार से लिंक है। जुलाई से ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण जरूरी होगा, जो आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आएगा। रेलवे एजेंट तत्काल बुकिंग शुरू होने के पहले 30 मिनट तक टिकट नहीं बुक कर पाएंगे।

पैन कार्ड आवेदन के लिए आधार जरूरी
पैन कार्ड के लिए आवेदन करने पर अब आधार कार्ड अनिवार्य होगा। आधार नहीं है, तो पैन कार्ड नहीं बनवा सकेंगे। जिनके पास पहले से पैन कार्ड है, उन्हें भी 31 दिसंबर, 2025 तक पैन को आधार से लिंक कराना होगा। ऐसा नहीं करने पर पैन एक जनवरी, 2026 से निष्क्रिय हो जाएगा।

जीएसटी रिटर्न की प्रक्रिया में संशोधन
जीएसटी रिटर्न दाखिल करने में देरी या गलतियों पर सख्त कार्रवाई होगी। जीएसटीआर-3बी फॉर्म बिना संशोधन वाला होगा। यानी इसमें टैक्स विवरण जीएसटीआर-1, 1ए से स्वतः भर जाएगा और करदाता खुद संशोधित नहीं कर सकेंगे। बदलाव कर व्यवस्था में पारदर्शिता के उद्देश्य से लागू किया जा रहा है।

क्रेडिट कार्ड, एटीएम निकासी जैसे शुल्क बदलेंगे
कोटक, आईसीआईसीआई, एक्सिस और एचडीएफसी सहित कई बैंकों ने बचत खाते की ब्याज दरों, एटीएम से तय समय से ज्यादा मासिक निकासी पर ज्यादा शुल्क और क्रेडिट कार्ड की फीस में बदलाव किए हैं। इससे ग्राहकों की जेब पर असर होगा।

लघु बचत योजनाओं पर ब्याज में बदलाव
 लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों की घोषणा 30 जून को होगी। इसमें कोई बदलाव होता है तो एक जुलाई से 30 सितंबर तक लागू रहेगा। इस बार ब्याज दर में कमी की संभावना है, क्योंकि आरबीआई ने रेपो दर में कुल एक फीसदी की कटौती की है।

आईटीआर की समय सीमा 15 सितंबर तक
 आकलन वर्ष 2025-26 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा 31 जुलाई से बढ़ाकर 15 सितंबर की गई है। वेतनभोगी व्यक्तियों को रिटर्न भरने के लिए और 46 दिन मिलेंगे। हालांकि, 15 सितंबर तक इंतजार करने के बजाय तुरंत प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।

क्रेडिट कार्ड बिल भुगतान का नया सिस्टम
भारत बिल पेमेंट सिस्टम (बीबीपीएस) प्रणाली अनिवार्य: भारतीय रिजर्व बैंक ने आदेश दिया है कि सभी क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान अब भारत बिल पेमेंट सिस्टम के जरिए किया जाएगा। इससे बिल डेस्क, फोनपे, क्रीड जैसे एप्स पर असर पड़ सकता है। अभी केवल आठ बैंकों ने बीबीपीएस पर यह सुविधा शुरू की है।

बैंकिंग नियमों में बदलाव
एचडीएफसी बैंक- ऑनलाइन गेमिंग पर शुल्क:
 गेमिंग ऐप पर हर महीने ₹10,000 से ज्यादा खर्च करने पर 1 फीसदी अतिरिक्त शुल्क देना होगा।

वॉलेट ट्रांसफर शुल्क:
पेटीएम जैसे थर्ड पार्टी वॉलेट में ₹10,000 से अधिक ट्रांसफर पर 1 फीसदी शुल्क लगेगा।

पुराने वाहनों पर फ्यूल प्रतिबंध
आज से राष्ट्रीय राजधानी में 15 साल पुराने पेट्रोल और 10 साल पुराने डीजल वाहनों को ईंधन नहीं मिलेगा। सार्वजनिक स्थानों पर पाए जाने पर ऐसे वाहनों को जब्त कर सीधे स्क्रैप यार्ड भेजा जाएगा और चार पहिया वाहनों पर 10,000 और दोपहिया पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
 

आज से रेल का सफर होगा महंगा: MST की कीमतों में बदलाव नहीं; किस श्रेणी में कितना बढ़ा किराया

रेलवे ने एक जुलाई से मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों में गैर-वातानुकूलित श्रेणी का किराया 1 पैसा और सभी वातानुकूलित श्रेणियों का किराया 2 पैसे प्रति किलोमीटर बढ़ा दिया है। रेल मंत्रालय के अधिकारियों ने 24 जून को प्रस्तावित किराया संशोधन के संकेत दिए थे। हालांकि, ट्रेनों और श्रेणी श्रेणियों के अनुसार किराया तालिका वाला आधिकारिक परिपत्र सोमवार को जारी किया गया।

निक यात्रियों के हित में उपनगरीय ट्रेनों और मासिक सीजन टिकटों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। साधारण द्वितीय श्रेणी का किराया 500 किलोमीटर तक नहीं बढ़ाया गया है और इससे अधिक दूरी के लिए टिकट की कीमतों में आधा पैसा प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी की गई है। साधारण स्लीपर क्लास और प्रथम श्रेणी के यात्रियों को भी एक जुलाई से प्रति किलोमीटर आधा पैसा अधिक देना होगा।

इन ट्रेनों पर भी लागू होगा किराया
रेल मंत्रालय के मुताबिक, नया किराया संशोधन राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, वंदे भारत, तेजस, हमसफर, अमृत भारत, महामना, गतिमान, अंत्योदय, जन शताब्दी, युवा एक्सप्रेस, एसी विस्टाडोम कोच, अनुभूति कोच और साधारण गैर-उपनगरीय सेवाओं जैसी प्रीमियर व विशेष ट्रेन सेवाओं पर भी लागू होगा।  

सहायक शुल्कों में बदलाव नहीं  
मंत्रालय के मुताबिक, संशोधित किराया एक जुलाई को या उसके बाद बुक किए गए टिकटों पर लागू होगा। इस तिथि से पहले जारी किए गए टिकट बिना किसी किराया समायोजन के मौजूदा किराये पर वैध रहेंगे। पीआरएस, यूटीएस और मैनुअल टिकटिंग सिस्टम को तदनुसार अपडेट किया जा रहा है।

मंत्रालय के अनुसार, सहायक शुल्कों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। उदाहरण के लिए, आरक्षण शुल्क, सुपरफास्ट अधिभार व अन्य शुल्क अपरिवर्तित रहे हैं। इसी तरह, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू नियमों के अनुसार ही वसूला जाता रहेगा और किराया-राउंडिंग सिद्धांत मौजूदा मानदंडों के अनुसार ही रहेंगे।

किराए में ऐसे होगी वृद्धि

आधार के बिना नहीं मिलेगा तत्काल टिकट
रेलवे में तत्काल टिकट बुकिंग का नियम भी एक जुलाई से बदल गया है। तत्काल टिकट सिर्फ उन्हीं यात्रियों को मिलेगा, जिनका आईआरसीटीसी खाता आधार से लिंक है। मध्य जुलाई से ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण जरूरी होगा, जो आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आएगा। रेलवे एजेंट तत्काल बुकिंग शुरू होने के पहले 30 मिनट तक टिकट नहीं बुक कर पाएंगे।

व्हाइट हाउस ने हिंद-प्रशांत में भारत को बताया महत्वपूर्ण सहयोगी, कहा- PM मोदी के साथ हमारे घनिष्ठ संबंध

अमेरिका ने भारत के साथ अपने संबंधों को लेकर कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत उसका महत्वपूर्ण रणनीतिक सहयोगी है। व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने नियमित प्रेस ब्रीफिंग में भारतीय समाचार एजेंसी एएनआई के सवाल के जवाब में यह बात कही। उनसे पूछा गया था कि हिंद-प्रशांत में चीन की बढ़ती भूमिका को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किस तरह देखते हैं।व्हाइट हाउस ने कहा है कि भारत हिंद-प्रशांत में हमारा बेहद महत्वपूर्ण रणनीति सहयोगी है और राष्ट्रपति ट्रंप के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बेहद घनिष्ठ संबंध हैं और यह संबंध आगे भी बने रहेंगे।

इस पर लेविट ने कहा, भारत हिंद-प्रशांत में हमारा बेहद महत्वपूर्ण रणनीति सहयोगी है और राष्ट्रपति ट्रंप के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बेहद घनिष्ठ संबंध हैं और यह संबंध आगे भी बने रहेंगे।

व्हाइट हाउस का यह बयान इस मायने में महत्वपूर्ण है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद से अमेरिका के साथ भारत के संबंधों में कुछ खटास आई है। खासकर राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से बार-बार युद्ध विराम का श्रेय लिए जाने से भारत सरकार में नाराजगी है क्योंकि खुद पीएम मोदी कह चुके हैं कि इस संघर्ष में किसी स्तर पर किसी तीसरे देश ने कोई मध्यस्थता नहीं की। वहीं, ट्रंप ने पिछले दिनों व्हाइट हाउस में पाकिस्तानी सेना के जनरल आसिम मुनीर को दोपहर के भोज पर आमंत्रित किया। इससे भी भारत में ट्रंप प्रशासन की मंशा को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।

भारत के साथ व्यापार समझौते पर भी दी जानकारी
इस दौरान व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट से जब यह पूछा गया कि क्या भारत के साथ व्यापार समझौता करीब है और यह जल्द ही हो सकता है। इस पर उन्होंने कहा कि हां यह सच है। हम भारत के साथ व्यापार समझौते को लेकर बहुत करीब हैं। बीचे सप्ताह राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इसकी घोषणा की थी। लेविट ने कहा कि मैंने अभी-अभी हमारे वाणिज्य सचिव से इस बारे में बात की है। वे राष्ट्रपति के साथ ओवल ऑफिस में थे। वे इन समझौतों को अंतिम रूप दे रहे हैं, और जब भारत की बात आएगी तो आप बहुत जल्द राष्ट्रपति और उनकी व्यापार टीम से सुनेंगे। 

ट्रंप ने की थी घोषणा
गौरतलब है कि बीते सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वे भारत के साथ एक बड़ा समझौता करना चाहते हैं। ट्रंप ने कहा था कि हम भारत के साथ डील की दिशा में हम आगे बढ़ रहे हैं। अभी वहां व्यापार करना काफी सीमित है। आप वहां आसानी से व्यापार नहीं कर सकते। हम ऐसी डील चाहते हैं जिसमें सभी व्यापारिक बाधाएं हट जाएं। बता दें कि दोनों देश नौ जुलाई से पहले समझौते को अंतिम रूप देने की कोशिश में हैं। अमेरिका ने दो अप्रैल को घोषित टैरिफ दरों को नौ जुलाई तक के लिए निलंबित कर रखा है।

भारत और अमेरिका के बीच समझौते पर अंतिम बातचीत
गौरतलब है कि फिलहाल भारत और अमेरिका के बीच इस समझौते को लेकर अंतिम बातचीत चल रही है। यह बातचीत ऐसे समय हो रही है जब 90 दिन की टैरिफ छूट की अवधि 9 जुलाई को खत्म होने वाली है। सूत्रों के अनुसार, अमेरिका चाहता है कि भारत अमेरिकी कृषि और डेयरी उत्पादों पर टैक्स कम करे और जेनेटिकली मॉडिफाइड (जीएमओ) फसलों के लिए बाजार खोले। 

भारत के लिए कृषि क्षेत्र में अमेरिका को शुल्क रियायतें देना कठिन
लेकिन व्यापार वार्ता से जुड़े सूत्रों के अनुसार, भारत के लिए कृषि और दुग्ध क्षेत्र में अमेरिका को शुल्क रियायतें देना कठिन है। भारत ने अब तक हस्ताक्षरित किसी भी मुक्त व्यापार समझौते में दुग्ध क्षेत्र को नहीं खोला है। अमेरिका कुछ औद्योगिक वस्तुओं, मोटर वाहन विशेषकर इलेक्ट्रिक वाहनों, वाइन, पेट्रोरसायन उत्पादों, दुग्ध तथा कृषि उत्पादों तथा आनुवंशिक रूप से संशोधित फसलों पर शुल्क रियायत चाहता है।

वहीं, भारत कपड़ा, रत्न एवं आभूषण, चमड़े के सामान, परिधान, प्लास्टिक, रसायन, झींगा, तिलहन, अंगूर और केले जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों में अमेरिका से शुल्क रियायत मांग रहा है। इसको लेकर भारत सरकार ने साफ किया है कि भारत के राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और कोई भी समझौता तभी होगा जब वह देश और किसानों के हित में होगा।

पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि पर फिर अलापा मध्यस्थता कोर्ट का राग, भारत से की ये अपील

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि मध्यस्थता कोर्ट के फैसले से साबित होता है कि सिंधु जल संधि अब भी अस्तित्व में है और भारत को इसका सही भावना से पालन करना चाहिए।पाकिस्तान ने एक बार फिर हेग स्थित मध्यस्थता कोर्ट के फैसले का राग अलापते हुए भारत से सिंधु जल संधि का पालन करने की अपील की। हालांकि भारत ने स्पष्ट कर दिया कि उसने इस संधि के विवादों को सुलझाने के मामले में मध्यस्थता कोर्ट के अधिकार को कभी मान्यता नहीं दी है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अलापा सिंधु जल संधि का राग
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को एक बयान में कहा, मध्यस्थता कोर्ट के फैसले से साबित होता है कि सिंधु जल संधि अब भी अस्तित्व में है और भारत को इसका सही भावना से पालन करना चाहिए। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा, मध्यस्थता कोर्ट ने 27 जून के फैसले में सिंधु जल संधि पर पाकिस्तान के पक्ष को सही ठहराया है। हम भारत से आग्रह करते हैं कि इस संधि का सामान्य परिचालन तत्काल आरंभ करे और इस संधि के तहत अपनी जिम्मेदारियों को पूर्णता और सच्चाई से पूरा करे।

वहीं, पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने सोशल मीडिया पर लिखा, पाकिस्तान मध्यस्थता कोर्ट के पूरक फैसले का स्वागत करता है। यह फैसला इस बात की पुष्टि करता है कि सिंधु जल संधि पूरी तरह वैध है। भारत एकतरफा रूप से इसे स्थगित नहीं कर सकता। राष्ट्रों का आकलन अंतरराष्ट्रीय समझौतों के उनके पालन से किया जाता है। इस संधि को इसकी संपूर्ण भावना के साथ लागू किया जाना चाहिए।

भारत मध्यस्थता अदालत को ठहरा चुका है अवैध
भारत ने बीते शुक्रवार इस पूरक फैसले की आलोचना करते हुए कहा था कि वह इस कोर्ट के अधिकार को मान्यता नहीं देता। भारत ने दो-टूक कहा था कि केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में किशनगंगा और रातले जलविद्युत परियोजनाओं के संबंध में सुनवाई से जुड़ा मध्यस्थता न्यायालय का पूरक अवाॅर्ड पूरी तरह निरर्थक है, क्योंकि सिंधु जल संधि-1960 के तहत गठित मध्यस्थता न्यायालय ही अवैध है। भारत ने कभी इसे मान्यता नहीं दी। इसके किसी भी पूरक अवाॅर्ड या फैसले को स्वीकार करने का सवाल ही नहीं उठता।

विदेश मंत्रालय ने कहा, भारत का रुख हमेशा से यही रहा है कि कथित मध्यस्थ निकाय का गठन अपने आप में सिंधु जल संधि का गंभीर उल्लंघन है। नतीजतन, इसकी कोई भी कार्यवाही, अवाॅर्ड या निर्णय भी अवैध और अपने आप में निरर्थक है। भारत का कहना है कि पाकिस्तान के साथ जल संधि स्थगित रहने तक वह इसके तहत किसी भी दायित्व को पूरा करने के लिए बाध्य नहीं है। बयान के मुताबिक, संप्रभु अधिकारों के साथ भारत किसी भी मध्यस्थता न्यायालय और अवैध रूप से गठित निकाय को किसी कार्रवाई की वैधता की जांच का अधिकार नहीं देता है। 

30 साल में पहली बार घाना जा रहे भारतीय प्रधानमंत्री, जानें क्यों खास है मोदी की यह यात्रा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही घाना की यात्रा पर जाएंगे। यह दौरा 2-3 जुलाई को होगा। पिछले तीस सालों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली घाना यात्रा है। इस दौरान त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया की भी यात्रा संभावित है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2-3 जुलाई को घाना दौरे पर जा रहे हैं। पिछले 30 साल में किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा है। पीएम मोदी घाना के अलावा त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया की भी यात्रा करेंगे। यह जानकारी सोमवार को सचिव (आर्थिक संबंध) दम्मू रवि ने दी। दम्मू रवि ने कहा कि प्रधानमंत्री 2-3 जुलाई को घाना का दौरा करेंगे। यह यात्रा 30 वर्षों के बाद हो रही है।

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2-3 जुलाई को घाना दौरे पर जा रहे हैं। पिछले 30 साल में किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा है। पीएम मोदी घाना के अलावा त्रिनिदाद और टोबैगो, अर्जेंटीना, ब्राजील और नामीबिया की भी यात्रा करेंगे। यह जानकारी सोमवार को सचिव (आर्थिक संबंध) दम्मू रवि ने दी। दम्मू रवि ने कहा कि प्रधानमंत्री 2-3 जुलाई को घाना का दौरा करेंगे। यह यात्रा 30 वर्षों के बाद हो रही है।

घाना में नए राष्ट्रपति ने संभाला है पदभार

घाना में राष्ट्रपति जॉन ड्रामानी महामा ने शानदार जीत के बाद अभी-अभी कार्यभार संभाला है। घाना के साथ भारत के संबंध ऐतिहासिक हैं। हमारे कई दशकों के संबंधों में बहुआयामीता रही है। दोनों देश अपने आर्थिक सहयोग को बढ़ाने की दिशा में काम करेंगे। साथ ही पीएम मोदी अपनी बातचीत में आर्थिक एजेंडा को लेकर प्रमुखता से बातचीत करेंगे।

तीन दशकों में पहली प्रधानमंत्री-स्तरीय यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंधों में अधिक मजबूती आने की उम्मीद है। भारत और घाना के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 3 बिलियन डॉलर है, जो मुख्य रूप से बड़े पैमाने पर सोने के आयात के कारण है। इसके अलावा यात्रा के दौरान, कृषि, पश्चिम अफ्रीका में वैक्सीन विकास केंद्र, रक्षा सहयोग, महत्वपूर्ण खनिज और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। साथ ही कुछ समझौता ज्ञापनों पर भी हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह यात्रा दोनों देशों के बीच आर्थिक और सामरिक सहयोग को और गहरा करेगी।

1957 में हुए थे संबंध स्थापित

भारत और घाना के बीच संबंध ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक आधार पर मजबूत हैं। दोनों देशों ने 1957 में घाना की स्वतंत्रता के बाद से राजनयिक संबंध स्थापित किए। ये संबंध गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) और राष्ट्रमंडल जैसे मंचों पर सहयोग से और प्रगाढ़ हुए। भारत ने घाना की आजादी के संघर्ष का समर्थन किया। साथ ही जवाहरलाल नेहरू की पंचशील नीति ने दोनों देशों के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा दिया।

युद्धविराम की कोशिशों के बीच गाजा में IDF का हमला; 74 की मौत, खाना मांग रहे लोगों पर भी बरसाईं गोलियां

एक ओर अमेरिका गाजा में युद्धविराम पर बात करने जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इस्राइली सेना वहां अपने हमले जारी रखे हुए है। सोमवार को आईडीएफ के ताजा हमलों में गाजा में 74 लोग मारे गए। गाजा में अधिकारियों ने बताया कि इस्राइली सुरक्षा बलों ने सोमवार को गाजा में बड़े पैमाने पर जहां हवाई हमले किए वहीं, खाना पाने की कोशिश कर रहे लोगों पर गोलियां भी बरसाईं। उन्होंने बताया कि आईडीएफ ने हवाई हमलों में समुद्र तट पर स्थित एक कैफे को निशाना बनाया। जहां 30 लोग मारे गए। 

मरने वालों में बच्चे और महिलाएं भी शामिल
जानकारी के मुताबिक, इस्राइली सुरक्षा बलों ने गाजा सिटी के अल-बका कैफे पर तब हमला किया जब महिलाओं और बच्चों की भीड़ थी। अली अबू अतीला, जोकि हमले के समय कैफे में ही थे, उन्होंने बताया कि बिना किसी चेतावनी के आईडीएफ के एक युद्धक विमान ने अचानक हमला कर दिया। हमले के दौरान ऐसा लगा जैसे कि वहां भूकंप आ गया हो। उत्तरी गाजा में स्वास्थ्य मंत्रालय की आपातकालीन और एम्बुलेंस सेवा के प्रमुख फारेस अवाद ने बताया कि इस हमले में कम से कम 30 लोग मारे गए और दर्जनों घायल हुए हैं। अवाद ने बताया कि घायलों में से कई की हालत गंभीर है। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। 

जंग के दौरान भी चालू था कैफे
गौरतलब है कि आईडीएफ द्वारा निशाना बनाया गया यह कैफे बीते 20 महीनों से जारी जंग के दौरान भी चालू था। लोग यहां इंटरनेट एक्सेस और अपने फ़ोन चार्ज करने के लिए आते थे। इस्राइल के ताजा हमलों के कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं। जिनमें जमीन पर खून से लथपथ और क्षत-विक्षत शव देखे जा सकते हैं, वहीं घायलों को कंबल में ले जाया जा रहा था।

 खाना पाने की कोशिश करने वालों पर भी हमला
कैफे के अलावा, गाजा पट्टी में राहत सामग्री पाने की कोशिश कर रहे फलस्तीनी लोगों पर भी इस्राइली सुरक्षा बलों ने गोलीबारी की। इस हमले में 23 लोग मारे गए। इसके अलावा, शिफा अस्पताल ने बताया कि गाजा शहर की सड़क पर हुए दो अन्य हमलों में 15 लोग मारे गए।

ट्रंप ने सीरिया से हटाए प्रतिबंध, कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए; पूर्व राष्ट्रपति असद पर रहेगी पाबंदी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार (स्थानीय समयानुसार) को एक ऐसे कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिससे सीरिया पर लगे कई अमेरिकी प्रतिबंध खत्म हो गए। यह फैसला ट्रंप ने अपने पहले किए गए वादे को पूरा करने के लिए लिया। हालांकि, सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर असद, उनके शीर्ष सहयोगियों और परिवार पर प्रतिबंध अभी भी लागू रहेंगे। 

आदेश का मकसद अमेरिका से निवेश को बढ़ावा देना है
ट्रेजरी विभाग के आतंकवाद और वित्तीय खुफिया मामलों के कार्यवाहक अवर सचिव ब्रैड स्मिथ ने बताया कि कार्यकारी आदेश का मकसद सीरिया को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली से अलग-थलग करना, वैश्विक वाणिज्य के लिए मंच तैयार करना और क्षेत्र में अपने पड़ोसियों के साथ अमेरिका से निवेश को बढ़ावा देना है। 

व्हाइट हाउस ने एक्स पर पोस्ट की आदेश की कॉपी
व्हाइट हाउस ने ट्रंप के हस्ताक्षर के बाद कार्यकारी आदेश की कॉपी एक्स पर पोस्ट की। हालांकि, प्रेस के लिए यह खुला नहीं था। इससे पहले, मई में अमेरिका ने सीरिया पर लगे कुछ प्रतिबंधों में छूट दी थी। यह 13 साल से गृहयुद्ध झेल रहे देश पर आधी सदी के दंड को हटाने और ट्रंप के वादे को पूरा करने की दिशा में पहला कदम था। 

मादक पदार्थ बनाने और बेचने वालों पर जारी रहेंगे प्रतिबंध
ट्रेजरी अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने के साथ ही पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश द्वारा लगाए गए कुछ और प्रतिबंधात्मक आदेश बी खत्म कर दिए, जो लेबनान पर सीरिया के कब्जे, खतरनाक हथियारों और मिसाइल कार्यक्रमों के चलते लगाए गए थे। अधिकारियों ने बताया कि सीरिया से संबंधित पांच अन्य पिछले कार्यकारी आदेशों को भी हटा दिया गया। हालांकि, आतंकवादी समूहों और मादक पदार्थ जैसे-एम्फैटेमिन और कैप्टागन के निर्माताओं और विक्रेताओं पर प्रतिबंध अभी भी जारी रहेंगे। 

ट्रंप ने अल-शरा से मुलाकात के दौरान प्रतिबंध हटाने का किया था वादा
डोनाल्ड ट्रंप ने मई में सऊदी अरब में सीरिया के अंतरिम नेता अहमद अल-शरा से मुलाकात की थी। इस दौरान ट्रंप ने उनसे वादा किया था कि वह अमेरिकी प्रतिबंधों को हटा देंगे और दोनों देशों के बीच रिश्तों को सामान्य करने की कोशिश करेंगे। 

यूरोपीय संघ ने भी हटाए शेष प्रतिबंध 
यूरोपीय संघ (EU) ने भी सीरिया पर लगे सभी शेष प्रतिबंधों को हटा दिया है। लेकिन अभी भी कुछ प्रतिबंध लागू हैं। अमेरिका अब भी सीरिया को आतंकवाद का समर्थन करने वाला देश मानता है और अल-शरा के नेतृत्व वाले समूह को विदेशी आतंकवादी संगठन के रूप में देखता है। विदेश विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि विभाग इन फैसलों की समीक्षा कर रहा है। 

अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय पर साइबर अटैक, नियंत्रण में हालात; 2023 में भी बनाया गया था निशाना

अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय पर पिछले सप्ताह साइबर हमला किया गया है। हालांकि, अदालत ने बताया कि घटना पर पूरी तरह से नियंत्रण पा लिया गया है और वह हमले से हुए नुकसान को कम करने के लिए जरूरी कदम उठा रही है। इससे पहले भी 2023 में अदालत पर साइबर हमला हुआ था। उस हमले से अदालत अभी पूरी तरह से उबर नहीं पाई है। अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) पर बहुत चालाकी से साइबर हमला किया गया है। सोमवार (स्थानीय समयानुसार) को अदालत ने कहा कि वह इस हमले से हुए नुकसान को कम करने के लिए जरूरी कदम उठा रही है।

इससे पहले 2023 में भी आईसीसी पर साइबर हमला हुआ था। आईसीसी अभी भी 2023 के साइबर हमले के असर से पूरी तरह उबर नहीं पाई है। उनके मुख्यालय में वाई-फाई अब तक पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है।

इस बार के हमले पर पाया काबू: अदालत
अदालत ने बताया कि इस बार की घटना पर काबू पा लिया गया है, लेकिन यह नहीं बताया कि इसका क्या असर हुआ या हमले के पीछे मकसद क्या था। अदालत ने एक बयान में कहा, ‘अदालत-व्यापी प्रभाव विश्लेषण किया जा रहा है और घटना के किसी भी प्रभाव को कम करने के लिए पहले से ही कदम उठाए जा रहे हैं।’ यह हमला पिछले सप्ताह हुआ था।

अदालत का कामकाज जारी रखने के लिए किए गए उपाय: अब्दुल्ला
अदालत के प्रवक्ता फदी अल अब्दुल्ला ने बताया कि अदालत का कामकाज जारी रखने के लिए सभी जरूरी उपाय किए गए हैं। यह साइबर हमला उस सप्ताह हुआ, जब हेग शहर में एक सम्मेलन केंद्र में 32 नाटो देशों के नेताओं की बैठक हो रही थी, जिसमें साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई थी। उस सम्मेलन में भी बहुत कड़ी सुरक्षा रखी गई थी। 

पहले भी जासूसी का निशाना बन चुकी है अदालत
अदालत ने यह बताने से इनकार कर दिया कि क्या किसी गोपनीय जानकारी से समझौता हुआ है या नहीं। आईसीसी कई देशों में बड़ी और संवेदनशील जांच कर रही है। अदालत पहले भी जासूसी का निशाना बन चुकी है। 2022 में रूसी जासूस की साजिश को किया था नाकाम 
2022 में, एक डच खुफिया एजेंसी ने कहा कि उसने एक रूसी जासूस की साजिश को नाकाम कर दिया था, जो एक झूठी ब्राजीलियाई पहचान के साथ अदालत में एक प्रशिक्षु के रूप में काम कर रहा था। यह व्यक्ति यूक्रेन में रूस के युद्ध अपराधों की जांच को प्रभावित करना चाहता था। अदालत ने इस सिलसिले में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ युद्ध अपराध गिरफ्तारी वारंट जारी किया है, जिसमें उन पर यूक्रेन से बच्चों के अपहरण के लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी का आरोप लगाया गया है। 

नेतन्याहू और गैलेंट के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने से हुआ विवाद
हाल ही में, इस्राइल और गाजा में हमास के बीच युद्ध को लेकर अदालत ने इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलेंट के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया, जिससे काफी विवाद हुआ। अमेरिका ने भी नाराजगी जताई और फरवरी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अदालत के मुख्य अभियोजक करीम खान पर प्रतिबंध लगाए थे। जून की शुरुआत में भी अमेरिका ने अदालत के चार जजों पर भी प्रतिबंध लगाए थे। 

भारत-चीन सीमा विवाद जटिल, सुलझाने में समय लगेगा… राजनाथ सिंह के दौरे के बाद क्या बोला बीजिंग

चीन ने कहा है कि भारत के साथ सीमा विवाद जटिल है और इसे सुलझाने में समय लगेगा। हालांकि, चीन सरहदों के निर्धारण पर चर्चा करने और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के लिए भारत के साथ संवाद बनाए रखने को तैयार है। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सैन्य संचार तंत्र मौजूद हैं।

 चीन ने सोमवार को कहा कि भारत के साथ सीमा विवाद जटिल है और इसे सुलझाने में समय लगेगा लेकिन इसके साथ ही उसने सरहदों के निर्धारण पर चर्चा करने तथा हालात शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपनी इच्छा भी व्यक्त की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 26 जून को चिंगदाओ में अपने चीनी समकक्ष दोंग जून के साथ बैठक में प्रस्ताव दिया था कि भारत और चीन को सीमाओं पर तनाव कम करने तथा सरहदों के निर्धारण की मौजूदा व्यवस्था को पुनर्जीवित करने से संबंधित कदम उठाकर एक सुव्यवस्थित रूपरेखा के तहत “जटिल मुद्दों” को सुलझाना चाहिए।

एससीओ में भारत और चीन में क्या हुई बात

राजनाथ सिंह और दोंग ने चिंगदाओ में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सम्मेलन के इतर द्विपक्षीय वार्ता की, जिसमें वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर शांति व स्थिरता बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित किया गया। राजनाथ सिंह की टिप्पणी को लेकर चीन की प्रतिक्रिया पूछे जाने पर विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने कहा, ”मैं आपको बता सकती हूं कि चीन और भारत ने सीमा से जुड़े विषय पर विशेष प्रतिनिधि तंत्र की स्थापना की है तथा चीन-भारत सीमा संबंधी मुद्दों के समाधान के लिए राजनीतिक मापदंडों एवं मार्गदर्शक सिद्धांतों पर सहमति बनाई है।’

उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच विभिन्न स्तरों पर कूटनीतिक और सैन्य संचार तंत्र हैं। निंग ने कहा, ‘चीन भारत के साथ सरहदों के निर्धारण और सीमा प्रबंधन सहित अन्य मुद्दों पर संवाद बनाए रखने, सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने तथा सीमा पार आदान-प्रदान एवं सहयोग को बढ़ावा देने के लिए तैयार है।’ विशेष प्रतिनिधि स्तर की 23 दौर की वार्ता के बावजूद सीमा मुद्दे को सुलझाने में हो रही देरी के बारे में पूछे जाने पर निंग ने कहा, ‘सीमा का सवाल जटिल है और इसे सुलझाने में समय लगता है।

सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखने की अपील

उन्होंने कहा, ‘सकारात्मक पक्ष यह है कि दोनों देशों ने पहले ही गहन संवाद के लिए विभिन्न स्तर पर तंत्र स्थापित कर लिए हैं। हमें उम्मीद है कि भारत चीन के साथ इसी दिशा में काम करेगा, प्रासंगिक मुद्दों पर संवाद जारी रखेगा और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखेगा।’ विशेष प्रतिनिधियों के रूप में 23वीं बैठक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी के बीच पिछले साल दिसंबर में हुई थी। 2020 में भारत-चीन सीमा क्षेत्रों के पश्चिमी क्षेत्र में टकराव के बाद विशेष प्रतिनिधियों की यह पहली बैठक थी

विश्वास की कमी दूर करने पर भारत का जोर

भारत की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, दोंग के साथ बैठक में राजनाथ सिंह ने सर्वोत्तम पारस्परिक लाभ के लिए ‘अच्छे पड़ोस की परिस्थितियां’ कायम करने की आवश्यकता पर जोर दिया और 2020 में पूर्वी लद्दाख में हुए गतिरोध के परिणामस्वरूप उत्पन्न “विश्वास की कमी” को दूर करने के लिए ‘जमीनी स्तर पर कार्रवाई’ का आह्वान किया। भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में एलएसी पर सैन्य गतिरोध समाप्त करने के लिए पिछले साल अक्टूबर में सहमति बनी थी, जिसके बाद नयी दिल्ली और बीजिंग के संबंधों को फिर से स्थापित करने के प्रयासों के बीच सिंह और दोंग की बैठक हुई।

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