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दलदल में बदला दमोह का ये अस्पताल, ऐसे कराना पड़ रहा शवों का पोस्टमॉर्टम

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दमोह. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh News) के दमोह जिले में सिविल अस्पताल बदहाली से जूझ रहा है. यहां का हटा सिविल अस्पताल दलदल बन गया है. हालात ये हैं कि पोस्टमॉर्टम के लिए शव ले जाने में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लोगों को परिजन का शव लेकर भारी कीचड़ से होकर गुजरना पड़ रहा है. यह परेशानी कई महीनों से जस-तस है. प्रशासन का कोई भी विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा.

इस मामले में जब कलेक्टर एस. कृष्ण. चैतन्य से बात की गई तो वे कुछ भी बोलने से बचते दिखाई दिए. वे महज कीचड़ भरे रास्ते से निरीक्षण करके वापस लौट गए. वहीं, इस संबंध में मुख्य स्वास्थ चिकित्सा अधिकारी संगीता त्रिवेदी ने कहा कि मामला संज्ञान में आने के बाद शीघ्र समस्या का समाधान किया जाएगा. गौरतलब है कि यहां बारिश ज्यादा नहीं है, लेकिन, नाले की निकासी न होने और छुटपुट फुहारों की वजह से कीचड़ हो गई है. पिछले महीने हुई बारिश का असर यहां अभी भी साफ दिखाई देता है.

100 गांवों के लिए अकेला पोस्टमॉर्टम रूम

बता दें, 100 गांवों में दुर्घटना में मौत होने पर इसी पोस्टमॉर्टम रूम में शवों को लाया जाता है. उसके बावजूद यहां मेंटनेंस नहीं किया जा रहा. पीड़ित लोगों ने बताया कि पोस्टमॉर्टम घर तक शव को लाना और वहां से वापिस वाहन तक लाने में जबरदस्त जद्दोजहद का सामना करना पड़ता है. लोगों ने बताया कि कीचड़ के बीच से निकलने में हर वक्त ये डर लगा रहता है कि कहीं शव गिर न जाए. लोगों ने बताया कि उन्होंने कई बार अस्पताल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी, लेकिन किसी ने सुनी है.

दमोह की इस खबर पर भी डालें नजर

मध्य प्रदेश (MP News) के दमोह जिले (Damoh News) से अजीबो-गरीब खबर है. यहां एक पत्नी ने पिता के साथ मिलकर पति की बीच बजार जमकर पिटाई कर दी. दोनों के बीच तलाक (Divorce) का केस चल रहा है. दोनों जब बस स्टैंड पर आमने-सामने हुए तो बहस छिड़ गई और थोड़ी देर बाद बहस मारपीट में बदल गई. देखते ही देखते भीड़ लग गई और लोगों ने घटना का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया. घटना जिला मुख्यालय के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत बस स्टैंड चौराहे की है. गौरतलब है कि बांसा तारखेड़ा निवासी बिर्जू राजपूत और भावना परिहार की 4 साल पहले शादी हुई थी. कुछ समय बाद दोनों के बीच विवाद हो गया और नौबत तलाक तक पहुंच गई.

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