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*जहर उगलने वाले पाकिस्तानी सेना प्रमुख के खिलाफ बगावत का खतरा*

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पाकिस्तान भारत पर मिसाइल दाग(कर जंग का विगुल फूंक चुका है. मगर, भारत की सेनाने मुंहतोड़ जवाबदेते हुए उनके सारे हमले को नाकाम कर दिया है. इधर, पाकिस्तान के मुंह पर कालिख पोतते हुए भारत ने अंदर तक घुस कर हमला किया. 7 मई की रात को 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया. फिर अगले ही दिन लाहौर, रावलपिंडी, कराची और पेशावर में भी हमले किए. दो दिन में लगातार दो हार के बाद भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले पाकिस्तानी सेना के प्रमुख का पोल खुल चुका है. हवा में गिदड़भभकी देने वाले आसिम मुनीर की ही कुर्सी खतरे में पड़ गई है. खबर आ रही है कि सेना में उनके खिलाफ बगावत का खतरा मंडरा रहा है. इसके एक दो सबूत तो सामने हैं, चलिए जानते हैं.

पहलगाम हमले के बाद भारत ने सिंधु समझौता रद्द किया था. पाकिस्तान में हहाकार मच चुका था. आसिम मुनीर विदेश में रहने वाले मुसलमानों और अपनी ताकत को दिखाने के लिए बेतूका बयान देना शुरू करना शुरू कर दिए थे. उन्होंने जम्मू-कश्मीर को पाकिस्तान के गर्दन का नस बताया था. टू-नेशन थ्योरी का समर्थन करते हुए कहा कि हिंदू और मुस्लिम एक साथ नहीं रह सकते. इस बयान से वह पाकिस्तानियों का साधने की कोशिश कर रहे थे. मगर हुआ इसका उलटा. भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद से आसिम मुनीर हर जगह से गायब है. ना सेना के साथ दिख रहे, ना किसी जनाजे में और ना ही किसी सार्वजनिक जगह पर उनकी कहीं पर चर्चा नहीं हो रही है.

बगावत: सैनिक भाग रहे हैं

दूसरा कारण ये है कि पाकिस्तानी सैनिकों ने इस्तीफा देना शुरू कर दिया और उनके देश में उनके खिलाफ ही आवाजें उठनी शुरू हो गईं. पिछले महीने पाकिस्तान की सेना से बड़ी खबर आई थी. जो आसिम मुनीर के लिए बुरी खबर ही थी. दरअसल, पिछले महीने पाकिस्तानी सेना में 600 के करीब सेना के जवानों और अधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया था. इस्तीफा देने वाले अधिकारियों ने का कहना था कि सैन्य कमांडर के आदेश बार-बार बदल रहे हैं, जिसकी वजह से मानसिक थकान और पारिवारिक दबाव बढ़ गया है. टॉप लिडरशीप में नेतृत्व की साफ कमी दिख रही थी, जो आसिम मुनीर की विफलता को दिखाता है.

टू-नेशन थ्योरी देने के बाद निकली हेकड़ी

भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पूरा पाकिस्तान मलबा बटोरने में लगा है, तो आसिम मुनीर ना तो सैनिकों के साथ दिखा, ना ही मारे गए आतंकियों के जनाजे में. आखिरी बार वह पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ की बुलाई बैठक में दिखा था. उसके चेहरे से हवाईंया उड़ रही थीं, उसके चेहरे पर साफ भय दिख रहा था. बैठक से पहले और बैठक के बाद वह कहीं नहीं दिखे. भारत के खिलाफ टू-नेशन थ्योरी देने वाले मुनीर, जो कभी आतंकियों की भाषा बोलते थे, अब पूरे पाकिस्तान को बीच मझधार में छोड़ दिया है.

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