ईरानऔर इजरायल के बीच छिड़े ताजा संघर्ष में मिसाइलें और ड्रो ही नहीं, दुनिया की सबसे एडवांस्ड डिफेंस टेक्नोलॉजीभी आमने-सामने है। जब ईरान ने लगभग 200 बैलिस्टिक मिसाइलें और 200 ड्रोन दागे, तो इजरायल ने अपनी तीन-स्तरीय वायु रक्षा प्रणाली को पूरी ताकत से सक्रिय कर दिया और अभी तक के संकेत यही हैं कि इसने बड़ी संख्या में ईरान के हमलों को नाकाम किया है।
अक्सर मीडिया में इज़रायल की सुरक्षा प्रणाली को आयरन के नाम से जाना जाता है, लेकिन वास्तव में इज़रायल के पास तीन लेयर वाला मल्टी-टीयर डिफेंस नेटवर्क है, जो अलग-अलग दूरी से आने वाले खतरों को अलग-अलग स्तरों पर रोकता है। इनके बारे में जानते हैं-
आयरन डोम
यह इजरायल की बाहरी दुश्मनों से सुरक्षा की सबसे निचली परत है, जो कम दूरी से आने वाले रॉकेट्स, मोर्टार और ड्रोन जैसे हमलों को रोकने के लिए डिजाइन की गई है। इस सिस्टम ने दक्षिणी और मध्य इज़रायल में कई मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया।
डेविड स्लिंग
यह सिस्टम मीडियम रेंज की मिसाइलों को इंटरसेप्ट करता है। हालांकि इस ऑपरेशन में इसकी सीधी कार्रवाई के स्पष्ट सबूत उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन यह सिस्टम एक्टिव है और जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल में लाया जा सकता है।
एरो-2 और एरो-3
यह इजरायल की सबसे ऊपरी लेयर की हवाई सुरक्षा है, जो लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को वायुमंडल के बाहर ही नष्ट करने में सक्षम है। रिपोर्ट्स और विज़ुअल फुटेज के मुताबिक, एरो-3 ने ईरानी मिसाइलों को अंतरिक्ष में ही इंटरसेप्ट कर निष्क्रिय किया। यह किसी भी देश के लिए मिसाइल रक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।
इजरायल और ईरान युद्ध
ईरान और इजरायल के बीच टकराव की शुरुआत पिछले सप्ताह हुई, जब इजरायल ने “ऑपरेशन राइजिंग लायन” के तहत ईरान के न्यूक्लियर ठिकानों और सैन्य अधिकारियों को निशाना बनाया। इज़रायल का दावा था कि ईरान परमाणु हथियार बनाने के करीब है, जिसे वह किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा। जवाब में ईरान ने करीब 200 बैलिस्टिक मिसाइलें और 200 से ज़्यादा ड्रोन यरुशलम, तेल अवीव और अन्य इलाकों पर दागे।
हालांकि इज़रायली रक्षा प्रणाली ने अधिकांश मिसाइलों को इंटरसेप्ट कर लिया, लेकिन कुछ मिसाइलें लक्ष्यों तक पहुंचीं, जिससे तेल अवीव और यरुशलम में आंशिक तबाही, कुछ बिल्डिंग्स को नुकसान और कई नागरिकों के घायल होने की पुष्टि हुई है। दोनों पक्षों के कम से कम सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और संघर्ष लगातार तेज हो रहा है।

