3 लोगों की मौत, 100 से ज्यादा रेस्क्यू, मलबे में दबी गाड़ियां
जम्मू कश्मीर के रामबन जिले में भारी बारिश के चलते बड़ी तबाही मची है। यहां रविवार तड़के अलग-अलग जगहों पर आई बाढ़ में तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं सेरी बागना इलाके में बादल फटने की दुखद घटना सामने आई। इसमें जनहानि की भी खबरें आ रही हैं। इस आपदा के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय पुलिस और राहत दलों ने तेजी से मोर्चा संभाला और करीब 100 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस त्रासदी पर गहरा दुख जताया है। उधर, अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाइवे पर नाशरी और बनिहाल के बीच करीब एक दर्जन स्थानों पर भूस्खलन और मिट्टी धंसने की घटनाएं हुईं। इसके कारण ट्रैफिक को रोक दिया गया। साथ ही सोमवार को जिले के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी दे दी गई है।
रामबन में सोमवार को बंद रहेंगे सभी स्कूल-कॉलेज
डिप्टी कमिश्नर (डीईओ), रामबन ने ट्वीट किया, खराब मौसम और भारी बारिश के कारण बाढ़ आने की संभावना को देखते हुए जिला रामबन के सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज और तकनीकी शिक्षा संस्थान 21.04.2025 को बंद रहेंगे। घर के अंदर रहें, सुरक्षित रहें!
2 दिन की बारिश में 5 लोगों की मौत
अधिकारियों ने बताया कि रामबन के सेरी बागना गांव में बादल फटने से तीन लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में से दो की पहचान अकीब अहमद और मोहम्मद साकिब के रूप में की गई है। वे दोनों भाई थे। उन्होंने बताया कि गांव में बचाव अभियान जारी है। इन तीन लोगों की मौत होने के साथ ही जम्मू क्षेत्र में पिछले दो दिन में बारिश से जुड़ी घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। इससे पहले रियासी जिले के अरनास इलाके में शनिवार देर रात बिजली गिरने से एक महिला समेत दो लोगों की मौत हो गई थी और एक अन्य महिला घायल हो गई थी।

अधिकारियों ने बताया कि धर्म कुंड गांव में अचानक आई बाढ़ के कारण करीब 40 मकान क्षतिग्रस्त हो गए। उन्होंने बताया कि 10 मकान पूर्णतः क्षतिग्रस्त हो गए और शेष को आंशिक क्षति पहुंची। अधिकारियों ने बताया कि बादल फटने और लगातार बारिश के बावजूद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और उन्होंने फंसे हुए 100 से अधिक ग्रामीणों को बचाया। उन्होंने बताया कि एक जलाशय के उफान पर होने के कारण कई वाहन बह गए।
बेंगलुरु में रिटायर्ड डीजीपी ओम प्रकाश की हत्या
बेंगलुरु: कर्नाटक के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओम प्रकाश की रविवार को हत्या हो गई है। यह घटना बेंगलुरु के एचएसआर लेआउट में रविवार शाम को हुई। कहा जा रहा है कि उनकी पत्नी पल्लवी ने ही उनकी हत्या की है। पारिवारिक कलह के चलते पत्नी ने इस घटना को अंजाम दिया। घटना के बाद पत्नी ने खुद ही पुलिस को इसकी सूचना दी। एक अधिकारी ने कहा कि राज्य के पुलिस विभाग के मुखिया रहे अधिकारी की हत्या से सभी हैरान हैं।
कन्नड़ वेबसाइड विजयकर्नाटक के मुताबिक, 68 साल के ओम प्रकाश अपनी रिटायरमेंट के बाद बेंगलुरु में अपने घर में रह रहे थे। उनकी पत्नी के साथ अनबन चल रही थी। कहा जा रहा है कि मानसिक संतुलन खो चुकी पत्नी ने रविवार शाम को ओम प्रकाश की हत्या कर दी और फिर पुलिस को इसकी जानकारी दी। एचएसआर लेआउट पुलिस स्टेशन में इस घटना का मामला दर्ज किया गया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए होसुर रोड स्थित सेंट जॉन्स अस्पताल ले जाया गया है।
कौन थे DGP ओमप्रकाश?
साल 1981 बैच के 68 वर्षीय आईपीएस अधिकारी बिहार के चंपारण के मूल निवासी थे और उन्होंने भूविज्ञान में एमएससी की डिग्री हासिल की थी। उन्होंने अग्निशमन दल और होम गार्ड के डीजीपी के रूप में सेवाएं दी थीं। उन्हें एक मार्च, 2015 को पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया गया था।
उद्धव ने पत्नी से क्या परमिशन ली थी- राणे
मुंबई: महाराष्ट्र के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता नितेश राणे ने रविवार को राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के साथ आने की खबरों को तीखी प्रतिक्रिया दी है। नितेश राणे ने सवाल किया कि क्या शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे के उस बयान पर प्रतिक्रिया देने से पहले पत्नी रश्मि ठाकरे से सलाह ली थी। इससे दोनों चचेरे भाइयों के बीच सुलह की अटकलें तेज हो गई हैं। दरअसल पिछले कुछ दिन पहले राज और उद्धव ने संभावित सुलह की अटकलों को हवा दी है और ऐसे बयान दिए हैं जिनसे संकेत मिलता है कि वे “मामूली मुद्दों” को नजरअंदाज करके महाराष्ट्र और मराठी ‘मानुष’ के हित में हाथ मिला सकते हैं।
रश्मि ठाकरे पर लगाया गंभीर आरोप
नितेश राणे ने एक हिंदी समाचार चैनल से बातचीत में कहा कि आपको उद्धव ठाकरे से पूछना चाहिए कि क्या उन्होंने मनसे के साथ हाथ मिलाने से पहले रश्मि ठाकरे की अनुमति ली है। ऐसे फैसलों में उनकी राय अधिक मायने रखती है। मंत्री ने आरोप लगाया कि यह रश्मि ठाकरे ने ही राज ठाकरे को शिवसेना से बाहर निकालने में मुख्य भूमिका निभाई थी, जबकि उस समय दोनों चचेरे भाइयों के बीच कोई बड़ा मतभेद नहीं था।
‘हम किसी गठबंधन से चिंतित नहीं’
शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के एक साथ आने की संभावना पर राणे ने कहा कि महाराष्ट्र में बीजेपी के नेतृत्व वाली महायुति ने जोरदार जीत हासिल की है। उन्होंने कहा कि इसलिए हम उनके बीच किसी गठबंधन को लेकर चिंतित नहीं हैं।
उद्धव-राज में कैसी सुलह?दरअसल मनसे नेता राज ठाकरे और उनके चचेरे भाई और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के बीच संभावित राजनीतिक सुलह की चर्चा है। इन चर्चाओं को उस समय बल मिला, जब दोनों के बयानों से संकेत मिला कि वे मामूली मुद्दों को नजरअंदाज कर सकते हैं और लगभग दो दशक के अलगाव के बाद हाथ मिला सकते हैं। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने कहा कि उनके पिछले मतभेद मामूली हैं और मराठी मानुष के व्यापक हित के लिए एकजुट होना कोई मुश्किल काम नहीं है। शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि वह छोटी-मोटी बातों और मतभेदों को नजरअंदाज करने के लिए तैयार हैं, बशर्ते कि महाराष्ट्र के हितों के खिलाफ काम करने वालों को कोई महत्व नहीं दिया जाए। उद्धव का इशारा राज ठाकरे की ओर से अपने घर पर शिवसेना प्रमुख और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मेजबानी करने की ओर था।
आप चुनाव आयुक्त नहीं मुस्लिम आयुक्त थे… निशिकांत दुबे का पूर्व CEC कुरैशी पर निशाना
नई दिल्ली: बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने एस. वाई. कुरैशी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कुरैशी चुनाव आयुक्त नहीं, बल्कि ‘मुस्लिम आयुक्त’ थे। दुबे ने यह टिप्पणी कुरैशी द्वारा वक्फ संशोधन अधिनियम की आलोचना के बाद की। कुरैशी ने इस अधिनियम को मुसलमानों की जमीन हड़पने की सरकार की योजना बताया था। कुरैशी भारत के पूर्व मुख्य निर्वाचन आयुक्त हैं।
इससे पहले निशिकांत दुबे ने पहले भारत के चीफ जस्टिस संजीव खन्ना पर भी हमला बोला था। उन्होंने उन्हें भारत में ‘धार्मिक युद्ध’ के लिए जिम्मेदार ठहराया था। हालांकि, भाजपा ने दुबे की इस टिप्पणी से खुद को अलग कर लिया था।
“वक्फ अधिनियम निस्संदेह मुस्लिमों की भूमि हड़पने के लिए सरकार की एक भयावह योजना है- कुरैशी
एस. वाई. कुरैशी ने 17 अप्रैल को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट किया था। इसमें उन्होंने वक्फ अधिनियम पर सवाल उठाए थे। उन्होंने लिखा था, “वक्फ अधिनियम निस्संदेह मुस्लिमों की भूमि हड़पने के लिए सरकार की एक भयावह योजना है। मुझे यकीन है कि सुप्रीम कोर्ट इस पर सवाल उठाएगा। दुष्प्रचार मशीनरी ने गलत सूचना फैलाने का अपना काम बखूबी किया है।”
बीजेपी सांसद ने किया पलटवार
दुबे ने कुरैशी के इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “आप चुनाव आयुक्त नहीं थे, आप एक मुस्लिम आयुक्त थे। आपके कार्यकाल में झारखंड के संथाल परगना में सबसे अधिक बांग्लादेशी घुसपैठियों को मतदाता बनाया गया।”
दुबे ने आगे कहा कि इस्लाम भारत में 712 ई. में आया था। उससे पहले यह भूमि हिंदुओं, आदिवासियों, जैनियों या बौद्धों की थी। उन्होंने कहा कि उनके गांव विक्रमशिला को बख्तियार खिलजी ने जला दिया था। विक्रमशिला विश्वविद्यालय ने दुनिया को आतिश दीपांकर के रूप में ‘पहला कुलपति’ दिया था। दुबे ने लोगों से देश को एकजुट करने और इतिहास को पढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को बांटकर बनाया गया था और अब कोई बंटवारा नहीं होगा।
मुंबई ने चेन्नई को हराया, घटिया बॉलिंग और सुस्त बैटिंग, इन 5 खिलाड़ियों ने कटाई सीएसके की नाक
मुंबई: मुंबई इंडियंस ने रोहित शर्मा (नाबाद 76 रन) और सूर्यकुमार यादव (नाबाद 68 रन) के नाबाद अर्धशतकों और दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 54 गेंद में 114 रन की अटूट साझेदारी से रविवार को एकतरफा मैच में चेन्नई सुपर किंग्स को हराकर लगातार तीसरी जीत दर्ज की। चेन्नई ने मुंबई को 177 रन का टारगेट दिया था, जिसको एमआई ने 15.4 ओवर में 9 विकेट रहते ही चेज कर लिया। आइये, आपको बताते हैं उन पांच चेन्नई के खिलाड़ियों के बारे में जो इस मैच में टीम की हार के अहम वजह रहे।
मथीषा पथिराना
चेन्नई सुपर किंग्स के युवा गेंदबाज मथीशा पथिराना काफी ज्यादा महंगे साबित हुए। उन्होंने 1.4 ओवर में 34 रन लुटाए।
जेमी ओवर्टन
सीएसके के जेमी ओवर्टन भी गेंदबाजी के दौरान काफी महंगे साबित हुए। उन्होंने मैच में मुंबई के खिलाफ सिर्फ दो ओवर डाले और 29 रन खर्च किए।
एमएस धोनी
एमएस धोनी इस मैच में बल्ले से फेल रहे। उन्होंने छह गेंदों में सिर्फ चार रन बनाए। इसके अलावा उन्होंने अपने एक्स फेक्टर गेंदबाज मथीशा पथिराना को भी काफी देर में गेंदबाजी करने के लिए बुलाया
शिवम दुबे
मिडल ऑर्डर में शिवम दुबे ने काफी सुस्त बैटिंग की। उन्होंने 30 गेंदों पर अपनी फिफ्टी पूरी की फिर आउट हो गए। मुंबई की बैटिंग देखकर साफ पता चल रहा था कि पिच बल्लेबाजी के लिए कितनी अनुकूल थी। लेकिन, इस पिच पर दुबे काफी धीमा खेले। 13 ओवर के बाद उन्होंने 18 गेंद में सिर्फ 15 रन बनाए थे।
रविंद्र जडेजा
रविंद्र जडेजा ने भले ही अपने आईपीएल करियर की चौथी फिफ्टी लगाई। लेकिन, वह भी काफी धीमा खेले। उन्होंने 34 बॉल खेलकर अपना अर्धशतक पूरा किया। जडेजा 14 ओवर के बाद 18 गेंद में 18 रन बनाकर 100 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी कर रहे थे। उन्होंने मैच में 35 गेंद में 53 रन बनाए थे।
2027 यूपी चुनाव तक बना रहेगा सपा-कांग्रेस का साथ- अखिलेश यादव
लखनऊ/प्रयागराज: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने 2 साल बाद होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर बड़ा ऐलान किया है। रविवार को यादव ने कहा कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में विपक्षी ‘INDIA’ गठबंधन जारी रहेगा। इसका मतलब कि यूपी में सपा और कांग्रेस का साथ बना रहेगा। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि वह वक्फ (संशोधन) कानून के जरिए माफिया की तरह जमीन हड़पने की कोशिश कर रही है।
यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि 2027 के विधानसभा चुनावों में “पीडीए (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) राज्य से भाजपा को उखाड़ फेंकेगा।” जब उनसे ‘इंडिया’ गठबंधन के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने दोहराया कि ‘इंडिया’ गठबंधन (मौजूदा) है और रहेगा।”
उन्होंने कहा, “भाजपा वक्फ संशोधन कानून लेकर आई है ताकि वह जमीन छीन सके। जहां भी उन्हें जमीन दिखती है, वे उस पर कब्जा कर लेते हैं।” उन्होंने भाजपा को “भू-माफिया पार्टी” करार दिया। यादव ने सत्तारूढ़ पार्टी पर नोटबंदी और जीएसटी (माल एवं सेवा कर) के जरिए लोगों का पैसा छीनने और आरक्षण के अधिकार को कम करने का आरोप लगाया।
यादव ने प्रयागराज में महाकुंभ के आयोजन के संबंध में भाजपा की कार्यप्रणाली की भी आलोचना की तथा वादा किया कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आई तो “कुप्रबंधन” की जांच कराई जाएगी। सपा प्रमुख ने दावा किया कि सरकार ने घटना के दौरान हताहतों की संख्या और वित्तीय लाभ के बारे में गलत आंकड़े दिए, और आरोप लगाया कि जनवरी में भगदड़ के दौरान ड्रोन और सीसीटीवी निगरानी विफल रही।