पीएम मोदी की अध्यक्षता में आज मंत्रिपरिषद् की बैठक हुई।. यूनिफॉर्म सिविल कोड पर चर्चा को लेकर आज संसदीय स्थायी समिति की बैठक होगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज से कर्नाटक, तेलंगाना और महाराष्ट्र की 5 दिवसीय यात्रा पर जा रही हैं। जून के लिए विनिर्माण पीएमआई डेटा जारी किया जाएगा। 42 दिन की गर्मी की छुट्टी के बाद आज से सुप्रीम कोर्ट खुल रहा है। ऐसे में आज अतीक-अशरफ हत्याकांड की स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिकाओं पर शीर्ष अदालत में सुनवाई होगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राजस्थान के नेताओं की बैठक बुलाई है। मॉनसून के असर की वजह से कई राज्यों में तेज बारिश हो रही है। गुजरात में बाढ़ जैसे हालात, हिमाचल में लैंड स्लाइड की खबर है।
आज के प्रमुख इवेंट्स
- PM मोदी SCO समिट की अध्यक्षता करेंगे। समिट का आयोजन वर्चुअली किया जा रहा है, जिसमें चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के अलावा कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, तजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान के राष्ट्राध्यक्ष भी हिस्सा ले सकते हैं।
- भारत साउथ एशियन फुटबॉल फेडरेशन (SAFF) चैंपियनशिप के फाइनल में कुवैत से भिड़ेगा। टीम इंडिया रिकॉर्ड 8 बार इस चैंपियनशिप का खिताब जीत चुकी है और 13वीं बार चैम्पियनशिप के फाइनल में पहुंची है।
BJP बोली- बिहार में महाराष्ट्र जैसे हालात, टूट के डर से विधायक-सांसदों से मिल रहे नीतीश
नीतीश कुमार ने अगस्त 2022 में BJP से अलग होकर RJD के साथ नई सरकार बनाई थी।
भाजपा नेता और राज्यसभा सांसद सुशील मोदी ने दावा किया है कि नीतीश कुमार की पार्टी JDU में बगावत होने वाली है, टूट के डर से नीतीश पार्टी विधायकों और सांसदों से वन टु वन मिल रहे हैं। केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस का कहना है कि बिहार में बड़ा राजनीतिक भूचाल आएगा और महाराष्ट्र का किस्सा दोहराया जाएगा। इधर, जदयू छोड़ नई पार्टी बनाने वाले उपेंद्र कुशवाहा ने भी ऐसी ही बात कही है।
लोकसभा सीटों के लिहाज से देखें तो, 40 सीटों के साथ बिहार देश में चौथे नंबर पर है। इससे पहले UP (80), महाराष्ट्र (48) और पश्चिम बंगाल (42) हैं। सुशील मोदी का कहना है कि RJD-JDU के गठबंधन की वजह से लोकसभा चुनाव में JDU के कई सांसदों के टिकट कटने का खतरा मंडरा रहा है। यही विद्रोह की बड़ी वजह बन सकती है। वहीं BJP के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने कहा है कि JDU के जो भी विधायक हमारे दल में आना चाहते हैं, उनका स्वागत करेंगे।
महाराष्ट्र में राजनीतिक उठापटक के बाद बिहार में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। सुशील कुमार मोदी का कहना है कि शरद पवार की पार्टी NCP में विद्रोह विपक्षी एकता की पटना बैठक का परिणाम है। जल्द ही जनता दल यूनाइटेड (JDU) में भी भगदड़ मचने वाली है।
राजनीतिक उठा-पटक के दावे के पीछे सुशील मोदी ने तर्क भी दिया है। उन्होंने कहा कि बिहार में भी बगावत की स्थिति बन रही है क्योंकि नीतीश कुमार ने पिछले 17 सालों में कभी भी विधायकों और सांसदों को मिलने का समय नहीं दिया। लोगों को सालभर इंतजार करना पड़ता था।
अब वो हर विधायक और सांसद को 30 मिनट दे रहे हैं। जब से नीतीश कुमार ने राहुल गांधी को अगली लड़ाई के लिए नेता स्वीकार कर लिया और तेजस्वी यादव को अपना उत्तराधिकारी बना दिया, तभी से जनता दल यूनाइटेड में विद्रोह की स्थिति है।
लोजपा (रामविलास) सुप्रीमो चिराग पासवान ने तो यहां तक कह दिया कि कई विधायक और सांसद उनके संपर्क में हैं। इधर, केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने दावा किया कि बिहार में एक-दो दिन में बड़ा राजनीतिक भूचाल आएगा और महाराष्ट्र का किस्सा दोहराया जाएगा।
इधर, जदयू छोड़ अपनी नई पार्टी बनाने वाले उपेंद्र कुशवाहा ने भी दावा किया है कि जदयू में बड़ी फूट पड़ने वाली है।
जदयू ने ट्वीट कर लिखा है कि बीजेपी के विधायक महागठबंधन में शामिल हो रहे हैं।
महागठबंधन में आएंगे बीजेपी विधायक: जदयू
जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि महाराष्ट्र में नेता प्रतिपक्ष कई विधायकों के साथ सरकार में शामिल हो गए हैं। इस पर सुशील मोदी कह रहे हैं कि महाराष्ट्र जैसे हालात बिहार में भी बन रहे हैं। इसका तो मतलब ये हुआ कि बिहार के नेता प्रतिपक्ष अपने भाजपा विधायकों को लेकर महागठबंधन में शामिल होने वाले हैं।
आज तो पूर्णिमा का दिन है। इससे अच्छा दिन बीजेपी के लिए क्या होगा? अगर वे असली सनातनी हिंदू हैं तो आज ही जदयू को तोड़कर दिखाएं। महागठबंधन से बीजेपी के अंदर काफी घबराहट है और वे खुद का वजूद बचाने में लगे हैं।
सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश डरे हुए हैं, इसलिए विधायक और सांसदों से मिल रहे हैं।
टूट के डर से विधायक-सांसदों से मिल रहे नीतीश: BJP
नीतीश कुमार ने 6 दिन पहले विधायकों-पार्षदों से मुलाकात की थी। शनिवार और रविवार को उन्होंने सांसदों को मिलने के लिए बुलाया था। इसे लेकर सुशील मोदी का दावा है कि नीतीश को टूट का डर है। जिसकी वजह से वो अपनों को मनाने में जुटे हैं।
इन सब के बीच यह सच है कि जेडीयू अलर्ट मोड में है। विपक्षी पार्टियों की जो बैठक 14-15 जुलाई को होने वाली थी वह अब 17-18 जुलाई को बेंगलुरु में होगी। महाराष्ट्र में राजनीतिक उठापटक के बाद यह तारीख आगे भी बढ़ाई जा सकती है। संसद सत्र के बाद की तारीख रखी जा सकती है। सूत्र बताते हैं कि अब ये मीटिंग अगस्त तक भी टल सकती है।
भाजपा 5 राज्यों के अध्यक्ष बदल सकती है; नड्डा की टीम में भी नए चेहरे शामिल होंगे
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा मध्य प्रदेश, झारखंड, पंजाब, तेलंगाना और केरल में नए प्रदेश अध्यक्ष का ऐलान कर सकते हैं। पंजाब के पार्टी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा इस्तीफा दे चुके हैं। हालांकि, अभी तक इसकी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है। सुनील जाखड़ को पंजाब भाजपा की कमान सौंपी जा सकती है।
इस साल मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले 28 जून को PM मोदी ने गृह मंत्री अमित शाह और जेपी नड्डा सहित कई सीनियर नेताओं के साथ बैठक की थी। इसमें राज्य स्तर से लेकर सरकार और भाजपा संगठन में बदलाव पर चर्चा हुई थी।
अजित समर्थक विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग; NCP ने 2 सांसदों को पार्टी से निकाला
पहली फुटेज- शरद पवार सातारा के कराड पहुंचे, यहां उन्होंने रैली की। दूसरी- अजित पवार के घर सुबह उनके समर्थक मिलने पहुंचे।
शरद पवार की अगुआई वाली NCP ने अजित पवार और उनके साथ गए सभी विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग की है। उन्होंने इसके लिए विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर और चुनाव आयोग को लेटर लिखा है। शरद पवार ने दो सांसदों प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे को पार्टी से निकाल दिया है।
अजित पवार ने भी NCP की नई टीम बना दी। उन्होंने सांसद सुनील तटकरे को महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। उधर, NCP ने विधानसभा स्पीकर और चुनाव आयोग से कहा है कि पार्टी की कमान शरद पवार के पास है। शरद ने 1999 में पार्टी की स्थापना की थी। अजित की पार्टी पर दावे से जुड़ी कोई भी अपील पर कार्रवाई करने से पहले उनके पक्ष को भी सुनें।
बंगाल में पंचायत चुनाव से पहले हिंसा; TMC कार्यकर्ता की हत्या, भाजपा नेता का शव मिला
पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के लिए 8 जुलाई को वोटिंग होनी है। इससे पहले TMC कार्यकर्ता की 24 परगना जिले में हत्या कर दी गई। पुरुलिया जिले में एक BJP नेता का शव मिला। उधर मुर्शिदाबाद जिले में कांग्रेस कार्यकर्ता को गोली मार दी गई। चुनावी हिंसा में अब तक एक दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है।
राज्य में पंचायत चुनाव के लिए सेंट्रल फोर्सेज की 822 कंपनियां तैनात की गई हैं। बढ़ती हिंसा के चलते कोलकाता हाईकोर्ट ने 21 जून को आदेश दिया था कि स्टेट इलेक्शन कमीशन 24 घंटे के भीतर सेंट्रल फोर्स के 82 हजार जवान तैनात कराए। राज्य की 61,636 मतदान केंद्रों में से लगभग 4,800 को संवेदनशील घोषित किया गया है। पंचायत चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने वाली पार्टियां ही आगे लोकसभा और विधानसभा चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करती हैं।
2018 के चुनाव में भारी हिंसा और बड़े पैमाने पर धांधली के आरोपों के बीच TMC ने 34% सीटें निर्विरोध जीती थीं। पर इस बार निर्विरोध जीती गई सीटें 22% घट गईं। विश्लेषक बताते हैं कि चुनावी इतिहास बताता है कि पंचायत चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने वाली पार्टियां ही आगे लोकसभा और विधानसभा चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करती हैं। इसी कारण वाम मोर्चा सरकार के जमाने से ग्रामीण इलाकों में मजबूत पकड़ को सत्ता की चाबी माना जाता है।
हिंसा के लिहाज से तीन हिस्सों में बंटा है बंगाल
वैसे हिंसा के लिहाज से बंगाल तीन हिस्सों में बंटा हुआ है। पहला-उत्तर बंगाल, फिर दक्षिण बंगाल और आखिर में मध्य बंगाल। यहां 8 जिले हैं। वहां बीते लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भाजपा का प्रदर्शन अच्छा रहा था। ऐसे में अब TMC वहां खोई जमीन वापस पाने का प्रयास कर रही है, तो बड़े पैमाने पर हिंसा हो रही है।
इलाके के प्रमुख नेताओं में कूचबिहार जिले में टीएमसी नेता और मंत्री उदयन गुहा और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री निशीथ प्रामाणिक शामिल हैं। उनके इलाकों में TMC और भाजपा के बीच लगातार हिंसक झड़प होती रही हैं।
उत्तर बंगाल के ही उत्तर दिनाजपुर और दक्षिण दिनाजपुर जिले में कई हिंसक वारदातें हो चुकी हैं। वहां टीएमसी और भाजपा में बराबरी की टक्कर है। इसलिए अब वर्चस्व की लड़ाई लगातार तेज हो रही है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार इसी इलाके के हैं।
मध्य बंगाल के मालदा और मुर्शिदाबाद जिलों में कांग्रेस और उसके सहयोगी वाममोर्चा की स्थिति कुछ बेहतर है। अब टीएमसी अल्पसंख्यकों में अपने खिसकते जनाधार को वापस पाने की लड़ाई लड़ रही है। इसके कारण वहां हिंसा हो रही है। इलाके के प्रमुख नेताओं में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर चौधरी और मालदा में पूर्व रेल मंत्री अब्दुल गनी खान चौधरी के परिजन शामिल हैं। नदिया और बीरभूम जिले में टीएमसी और भाजपा के बीच हिंसक संघर्ष होता आया है।
इस बार तृणमूल के बाहुबली नेता अणुब्रत मंडल के तिहाड़ जेल में होने के बाद जिले की कमान खुद मुख्यमंत्री ने संभाल रखी है। कोलकाता से सटे उत्तर और दक्षिण 24-परगना में टीएमसी मजबूत है। अब वहां भाजपा और दूसरे विपक्षी दल अपनी जमीन बनाने की लड़ाई में जुटे हैं।
खासकर दक्षिण 24-परगना में इंडियन सेक्युलर फ्रंट (ISF) और टीएमसी में हिंसा के कारण हाईकोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा। यह इलाका मुख्यमंत्री के भतीजे और डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी का इलाका माना जाता है।
उत्तर बंगाल में फिरहाद हकीम समेत टीएमसी के कई मंत्री हैं। इसी तरह झारखंड से सटे बांकुड़ा, पुरुलिया पूर्व व पश्चिम मेदिनीपुर और झारग्राम जिलों में हाल में भाजपा का जनाधार तेजी से बढ़ा है। विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष इसी इलाके के हैं।
हिंसा की वजह- पंचायतों को मिलने वाला मोटा फंड और वर्चस्व की जंग
बंगाल में पंचायत चुनाव वर्चस्व की लड़ाई है। चुनाव चाहे पंचायत का हो या विधानसभा और लोकसभा का, ग्रामीण इलाकों के मतदाता ही निर्णायक भूमिका निभाते रहे हैं। ऐसे में जिस पार्टी का पंचायतों पर कब्जा हो, उसे बाकी दोनों चुनावों में काफी मदद मिल जाती है। हिंसा की दूसरी वजह है- बड़ा फंड।
पंचायत विभाग के आंकड़ों के मुताबिक मोटे तौर पर एक जिला परिषद 5 साल में करीब 500 करोड़ रुपए खर्च कर सकती है। जिले के क्षेत्रफल के हिसाब से यह रकम कम या ज्यादा हो सकती है। राज्य की प्रत्येक ग्राम पंचायत को विकास के मद में पांच साल में 5 से 18 करोड़ रुपए तक मिलते है। इस रकम को खर्च करने का अधिकार पंचायत समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के पास होता है।
1971 में कांग्रेस सरकार के वक्त शुरू हुई चुनावी हिंसा
बंगाल में चुनावी हिंसा 1971 में सिद्धार्थ शंकर रे के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद से शुरू हुई। वर्ष 1989 में तत्कालीन सीएम ज्योति बसु ने बताया था कि 1988-89 में राजनीतिक हिंसा में 86 राजनीतिक कार्यकर्ताओं की मौत हो गई। वर्ष 1998 में ममता बनर्जी की टीएमसी बनी। तब वर्चस्व की लड़ाई में हिंसा का नया दौर शुरू।
मणिपुर हिंसा में 4 की मौत, एक का गला काटा: सुप्रीम कोर्ट ने राज्य से स्टेटस रिपोर्ट मांगी
मणिपुर के CM एन बीरेन सिंह ने बिष्णुपुर-चुराचांदपुर सीमा पर हुई हिंसा में मारे गए लोगों को श्रद्वांजलि दी।
मणिपुर में बिष्णुपुर-चुराचांदपुर सीमा पर कुई और मैतेई समुदाय के बीच हिंसा हुई। इसमें तीन लोगों की गोली लगने से जान चली गई। एक अन्य का सिर काट दिया गया। CM एन बीरेन सिंह ने इस इलाके का दौरा किया। उन्होंने स्थानीय लोगों को सुरक्षा देने का वादा किया। उधर, कुकी समुदाय की ओर से आर्मी प्रोटेक्शन की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने मणिपुर सरकार से राज्य में जातीय हिंसा को रोकने के लिए उठाए गए कदमों को लेकर एक हफ्ते के अंदर स्टेटस रिपोर्ट मांगी है।
मणिपुर में 3 मई से जारी हिंसा खत्म होने का नाम नहीं ले रही। 130 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, 419 घायल हुए हैं। 65,000 से अधिक लोग अपना घर छोड़ चुके हैं। आगजनी की 5 हजार से ज्यादा घटनाएं हुई हैं। 6 हजार मामले दर्ज हुए हैं,144 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। राज्य में 36 हजार सुरक्षाकर्मी और 40 IPS तैनात किए गए हैं।
सोमवार को ही कुकी समुदाय की ओर से आर्मी प्रोटेक्शन की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई।
कोर्ट ने मणिपुर सरकार से राज्य में जातीय हिंसा को रोकने के लिए उठाए गए कदमों को लेकर एक हफ्ते के अंदर स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। मामले पर अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी।
वहीं सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि राज्य में स्थिति धीरे-धीरे सुधर रही है।
राजस्थान के झालावाड़ में 7 इंच बारिश; UP में 4 की मौत, जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर लैंडस्लाइड
राजस्थान के पूर्वी हिस्से झालावाड़ में 180MM (7 इंच) बारिश दर्ज हुई है। इससे यहां से गुजरने वाली बरसाती नदियों का जलस्तर बढ़ गया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में बिजली गिरने से 2 लोगों की मौत हो गई। वहीं, फर्रुखाबाद गड्ढे में डूबने से 2 सगे भाइयों की जान चली गई। उधर, जम्मू-कश्मीर के रामबन में जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर लैंडस्लाइड हुआ।
आज मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, महाराष्ट्र समेत 17 राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताई है। 3 जुलाई तक देश में 189 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन 173 मिमी ही हुई है। ये सामान्य से 8% कम है। जून महीने में 16 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में सामान्य से कम बारिश हुई। बिहार में 69% और केरल में 60% कम बारिश हुई।
बीते 24 घंटों में राजस्थान के झालावाड़ जिले में 7 इंच (180 मिमी) बारिश हुई है। इससे कई छोटी नदियों का जलस्तर बढ़ गया है।
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में बिजली गिरने से 2 लोगों की मौत हो गई। वहीं, फर्रुखाबाद जिले में बारिश के पानी से भरे गड्ढे में डूबने से 2 सगे भाइयों की जान चली गई।
इससे पहले, भारी बारिश के चलते गुजरात के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। पुलिस के मुताबिक, जामनगर में बीते 3 दिनों में 11 लोगों की बारिश से जुड़ी घटनाओं में मौत हो गई।
अगले 24 घंटे कैसे रहेंगे…
इन राज्यों में तेज बारिश होगी: उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, गोवा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, केरल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मिजोरम और त्रिपुरा।
इन राज्यों में हल्की बारिश होगी: तेज बारिश वाले सभी राज्यों के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश भी होगी। इनके अलावा गुजरात और दिल्ली में बिजली चमकने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
इन राज्यों में मौसम साफ रहेगा: उत्तरी कर्नाटक, विदर्भ, मराठवाड़ा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर और लद्दाख।
मौसम से जुड़े अन्य अपडेट्स…
- IMD के मुताबिक, जून महीने में 16 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में सामान्य से कम बारिश हुई। बिहार में 69% और केरल में 60% कम बारिश हुई।
- गुजरात के वलसाड, नवसारी, जूनागढ़, अमरेली, छोटा उदेपुर, अहमदाबाद और सुरेंद्रपुर जिले में 100 मिमी से 234 मिमी तक बारिश हुई। सबसे ज्यादा बारिश वलसाड जिले के धर्मपुर में हुई।
उत्तराखंड के लंबागढ़ में खाचड़ा नाले में पानी बढ़ने के चलते बद्रीनाथ हाईवे (NH 7) बंद किया गया।
कानपुर में बारिश के बाद परमट इलाके में मकान गिर गया। हादसे में दो लोग घायल हो गए।
उत्तरप्रदेश के श्रावस्ती में राप्ती नदी में अचानक पानी बढ़ने से एक बांध टूट गया। इससे 10-12 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
गुजरात के जूनागढ़ में भारी बारिश के चलते ओजत डैम ओवरफ्लो हो गया, जिसके चलते डैम के 10 गेट खोलने पड़े।
इंडियन एयरफोर्स ने रविवार को श्रीनगर के थाजीवस ग्लेशियर से दो पर्वतारोहियों को रेस्क्यू किया। दोनों पर्वतारोही गंभीर रूप से बीमार हो चुके थे।
गुजरात के जूनागढ़ का ओसा घेड़ गांव भारी बारिश के चलते टापू बन गया।
जूनागढ़ में ओजत नदी का तटबंध टूटने से ओसा घेड़ गांव में लोगों को ट्रैक्टर और JCB से बाहर निकाला जा रहा है।
निक्की हेली बोलीं- US से जंग की तैयारी कर रहा चीन, लेकिन बाइडेन की नजर सिर्फ सियासत पर
तस्वीर 27 जून 2018 की है। भारत दौरे पर आई तत्कालीन अमेरिकी दूत निक्की हेली ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी।
रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से प्रेसिडेंशियल कैंडिडेट की रेस में शामिल भारतीय मूल की निक्की हेली ने प्रेसिडेंट जो बाइडेन पर तंज कसा है। निक्की ने कहा, ‘कितनी हैरानी की बात है कि चीन इस वक्त जंग की तैयारियों में जुटा है और हमारे प्रेसिडेंट सियासत कर रहे हैं। प्रेसिडेंट बाइडेन को चीन से मुकाबले पर फोकस करना चाहिए। उसके पास इस वक्त दुनिया की सबसे बड़ी नेवी फ्लीट है।’
UN में ऐंबैस्डर रह चुकीं निक्की ने कहा- चीन के 340 शिप्स हैं तो हमारे पास सिर्फ 293 हैं। दो साल बाद चीन के पास 400 शिप होंगे और हमारे पास 350 भी नहीं। चीन हर रोज हाइपरसोनिक मिसाइल डेवलप कर रहा है। हमने तो इन पर अभी काम ही शुरू किया है। निक्की के पेरेंट्स भारत से कनाडा गए थे। वहां से 1960 में वे अमेरिका जाकर बस गए। जन्म के वक्त निक्की का नाम निम्रता रंधावा था।
रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से प्रेसिडेंशियल कैंडिडेट बनने की कोशिश में जुटीं भारतीय मूल की निक्की हेली ने प्रेसिडेंट जो बाइडेन पर तंज कसा है। निक्की ने चीन को अमेरिका के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते हुए कहा- कितनी हैरानी की बात है कि चीन इस वक्त जंग की तैयारियों में जुटा है और हमारे प्रेसिडेंट सियासत कर रहे हैं।
निक्की ने कहा- जेंडर इक्वालिटी के मुद्दे पर बातचीत या बहस पहले भी होती रही है और अब भी हो रही है, लेकिन हमारी नजर चीन पर होनी चाहिए जो अमेरिका से जंग की तैयारियों में जुटा है।
निक्की का कहना है कि प्रेसिडेंट बाइडेन को चीन से मुकाबले पर फोकस करना चाहिए। उसके पास इस वक्त दुनिया की सबसे बड़ी नेवी फ्लीट है। (फाइल)
चीन की नेवी सबसे बड़ा खतरा
- ‘फॉक्स न्यूज’ को दिए इंटरव्यू में निक्की ने अमेरिका की सियासत और वर्ल्ड मैटर्स से जुड़े कई सवालों के खुलकर जवाब दिए। एक सवाल पर निक्की ने कहा- चीन ने हमारे देश के लिए सिक्योरिटी से जुड़े बड़े खतरे पैदा कर दिए हैं। वो अमेरिका से जंग की तैयारियों में जुटा है। हमारी सरकार की क्या तैयारियां हैं? हमारे यहां तो जेंडर इक्वालिटी पर बहस और सियासत चल रही है। बाइडेन इन्हीं बातों में बिजी हैं।
- UN में एम्बेसेडर रह चुकीं निक्की ने आगे कहा- इस वक्त नेवी की सबसे बड़ी फ्लीट चीन के पास है। उसके 340 शिप्स हैं तो हमारे पास सिर्फ 293 हैं। दो साल बाद चीन के पास 400 शिप होंगे और हमारे पास 350 भी नहीं होंगे। आज चीन हर रोज हाइपरसोनिक मिसाइल डेवलप कर रहा है। हमने तो इन पर अभी काम ही शुरू किया है।
- चीन पर एक और सवाल के जवाब में निक्की ने कहा- चीन की कोशिश है कि वो हर लिहाज और हर मोर्चे पर अमेरिकी मिलिट्री से ज्यादा ताकतवर बन जाए और इस पर वो बहुत तेजी से काम कर रहा है। हमारी मिलिट्री में अभी जेंडर इक्वालिटी पर बहस चल रही है। यही बाइडेन एडमिनिस्ट्रेन के काम हैं।
निक्की ने प्रेसिडेंशियल कैंडिडेट की रेस में शामिल होने का ऐलान करते वक्त कहा था कि वो डोनाल्ड ट्रम्प से इसकी मंजूरी ले चुकी हैं। (फाइल)
बाइडेन की मेंटल हेल्थ पर सवाल
- फरवरी में निक्की ने प्रेसिडेंट बाइडेन की मेंटल और फिजिकल हेल्थ पर गंभीर सवालिया निशान लगाते हुए एक सुझाव भी दिया था और इस पर बाइडेन की पत्नी जिल भड़क गईं थीं।
- निक्की ने कहा था- सरकार में किसी भी बड़े पर काबिज 75 साल से ज्यादा उम्र के नेता का मेंटल एबिलिटी टेस्ट (तकनीकि भाषा में मेंटल कॉम्पिटेंसी टेस्ट) मेंडेटरी होना चाहिए। प्रेसिडेंट जो बाइडेन की पत्नी जिल बाइडेन निक्की के इस सुझाव पर बिफर गईं। उन्होंने कहा- निक्की बकवास कर रही हैं।
- दरअसल, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, रिपब्लिकन पार्टी और अमेरिकी मीडिया का एक हिस्सा बाइडेन की फिजिटल और मेंटल फिटनेस पर अकसर सवाल खड़े करते रहे हैं। इसके कई सबूत भी मौजूद हैं।
- 2 बार कैलिफोर्निया की गवर्नर रह चुकीं निक्की ने कहा था- अमेरिका में चाहे कोई भी लीडर हो, अगर उसकी उम्र 75 साल से ज्यादा है तो उसका मेंटल कॉम्पिटेंसी टेस्ट जरूर होना चाहिए। इसमें कुछ बुराई नहीं है। देश की कमान ऐसे नेता के हाथों में होना चाहिए जो मेंटली और फिजिकली पूरी तरह फिट हो, क्योंकि हम सुपरपॉवर हैं।
ये निक्की हेली के परिवार की तस्वीर है। इसमें उनके माता, पिता, दोनों भाई और बहन नजर आ रही हैं। निक्की (लाल घेरे में) अपने पिता की गोद में बैठी हैं।
मैं इंडियन इमिग्रेंट्स की प्राउड डॉटर हूं
कुछ साल पहले निक्की ने एक इंटरव्यू में कहा था- देशों का गोल हमेशा महिलाओं को सशक्त बनाना होना चाहिए और तब आप देखेंगे कि वे कितनी शानदार लीडर बन सकती हैं। लीगल इमिग्रेशन अमेरिका का ढांचा है और मैं इंडियन इमिग्रेंट्स की प्राउड डॉटर हूं। निक्की ने इस पर भी जोर दिया कि लोगों पर उनके धर्म के चलते अमेरिका आने पर बैन नहीं लगाया जाना चाहिए।
निक्की हेली के पेरेंट्स अजीत सिंह और राज कौर रंधावा भारत से कनाडा गए थे। वहां से 1960 में वे अमेरिका जाकर बस गए। जन्म के वक्त निक्की का नाम निम्रता रंधावा था।
क्या निक्की और कमला हैरिस में होगा मुकाबला
- अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में कुछ महीने पहले कहा गया था कि 2024 के प्रेसिडेंशियल इलेक्शन में निक्की और वाइस प्रेसिडेंट कमला हैरिस का मुकाबला हो सकता है। इसके लिए दोनों को अपनी-अपनी पार्टी में समर्थन जुटाना होगा। बहरहाल, अगर ऐसा होता है तो मुमकिन है कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के 191 साल के इतिहास में दोनों दावेदार भारतवंशी हों। निक्की और कमला का मुकाबला होने पर अमेरिका को पहली महिला राष्ट्रपति भी मिल सकती है।
- निक्की को पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन का करीबी माना जाता है। हिलेरी ही उन्हें सियासत में लाई थीं। राजनीति में आने से पहले निक्की कॉर्पोरेट वर्ल्ड में नाम कमा चुकी थीं। परिवार की कंपनियां चलाने के बाद 1998 में ओरेंजबर्ग काउंटी चेंबर ऑफ कॉमर्स के निदेशक मंडल में शामिल हुईं। 2004 में नेशनल एसोसिएशन ऑफ वुमन बिजनेस ऑनर की प्रेसिडेंट बनीं। सामाजिक कार्यों में शामिल होने लगीं। इसी से राजनीति में आने का रास्ता बना।
कमला हैरिस VS निक्की हेली
- 2004 में निक्की साउथ कैरोलिना की स्टेट रिप्रेजेंटेटिव के तौर पर चुनी गईं। 2006 के चुनाव में उन्हें निर्विरोध जीत हासिल हुई। 2008 में तीसरी बार निक्की ने ये पद संभाला।
- निक्की 2010 और 2014 में साउथ कैरोलिना की गवर्नर बनीं। अमेरिका में सबसे युवा (37 साल) गवर्नर बनने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है।
- 2017 में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने उन्हें UN में बतौर अमेरिकी ऐंबैस्डर के तौर पर नियुक्त किया। दिसंबर 2018 में निक्की ने पद से इस्तीफा दे दिया।
- डेमोक्रेटिक पार्टी से आने वाली कमला अमेरिकी इतिहास में उपराष्ट्रपति बनने वाली पहली महिला और इस पद पर पहुंचने वाली भारतीय मूल की भी पहली महिला हैं।
- कमला हैरिस हॉर्वर्ड यूनिवर्सिटी, कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी और हेस्टिंग्स कॉलेज ऑफ लॉ से ग्रैजुएट हैं। 2010 से 2014 के बीच वह 2 बार कैलिफोर्निया की अटॉर्नी जनरल रहीं। 2017 से 2021 तक वह अमेरिकी सीनेटर रहीं। 20 जनवरी 2021 को वह अमेरिका की 49वीं उपराष्ट्रपति बनी थीं। पिछले साल बाइडेन की कोलोनोस्कोपी के दौरान वो 85 मिनट के लिए अमेरिका की राष्ट्रपति भी रहीं थीं।
निक्की ने यह तस्वीर कुछ साल पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट की थी।
बाइडेन को 67%, ट्रम्प को 57% लोग फिर राष्ट्रपति नहीं चाहते
फरवरी में एक सर्वे हुआ था। यूएस टुडे के इस सर्वे में निक्की हेली और कमला हैरिस के चुनाव मैदान में उतरने की संभावना बताई गई थी। इसके मुताबिक- क्योंकि आधे से ज्यादा अमेरिकी नागरिकों को ट्रम्प और बाइडेन दोनों पसंद नहीं हैं। पिछले साल अगस्त-सितंबर में हार्वर्ड सीएपीए-हैरिस सर्वे में 67% लोगों ने कहा है कि बाइडेन को चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। 33% ने उन्हें खराब राष्ट्रपति बताया।
दूसरी ओर सर्वे में शामिल हुए 57% लोगों का कहना है कि ट्रम्प को अगला चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। हालांकि, बाइडेन और ट्रम्प सार्वजनिक रूप से बार-बार दोबारा राष्ट्रपति बनने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं।
संसद की पुरानी बिल्डिंग में होगा मॉनसून सत्र.. केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने साफ कर दिया
इस बार का मॉनसून सत्र संसद की पुरानी बिल्डिंग में ही होगा। इसकी पुष्टि केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने की है। मीनाक्षी लेखी ने मीडिया से कहा कि हमारा फोकस बुनियादी ढांचे के विकास पर है…बैठक में यही कहा गया कि जिन मंत्रालयों को जो भी बिल लाना है वह जल्द ही लाएं। इस बार का मॉनसून सत्र पुराने संसद में ही होगा। आज की बैठक में देश को आगे ले जाने की क्या योजना है उसपर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज दिल्ली के प्रगति मैदान के कन्वेंशन सेंटर में मंत्रिपरिषद की बैठक हुई। बैठक के बाद पीएम मोदी ने अपने ट्विटर हैंडल से त्स्वीरें भी शेयर कीं। पीएम मोदी ने लिखा कि मंत्रिपरिषद के साथ एक सार्थक बैठक, जहां हमने विभिन्न नीति संबंधी मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
आम आदमी पार्टी दिल्ली अध्यादेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। आदेश के चुनौती दी गई है। अब इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 4 जुलाई यानी कल सुनवाई करेगा।
आर्टिकल 370 को निरस्त करने कि खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका, 11 जुलाई को होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट से अनुच्छेद-370 के तहत जम्मू कश्मीर के स्पेशल स्टेटस को खत्म किए जाने के सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर 11 जुलाई को सुनवाई होगी। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पांच जजों की बेंच मामले की सुनवाई करेगी। बेंच में चीफ जस्टिस के अलावा जस्टिस एस के कौल, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत शामिल हैं। यह मामला 2019 से पेंडिंग है। सबसे पहले मामले में एमएल शर्मा की ओर से अर्जी दाखिल कर 370 निरस्त करने के फैसले को चुनौती दी गई थी। इसके बाद जम्मू कश्मीर के वकील शाकीर शब्बीर की ओर से अर्जी दाखिल की गई। फिर नैशनल कॉन्फ्रेंस के नेता की ओर से अर्जी दाखिल की गई। 2 मार्च 2020 को अपने अहम फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि मामले की सुनवाई पांच जज की संवैधानिक बेंच करेगा और मामले को लार्जर बेंच नहीं भेजा जाएगा।
प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे को पार्टी से निकाला, भतीजे अजित पर कोई एक्शन नहीं
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के प्रमुख शरद पवार ने बगावत कर अजित पवार के साथ गए प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे को पार्टी से निकला दिया। पवार की तरफ से हालांकि भतीजे अजित पवार पर अभी तक कोई ऐक्शन नहीं लिया गया है। पवार ने सोमवार को इन अटकलों को खारिज कर दिया कि उनके भतीजे अजित पवार के विद्रोह को उनका आशीर्वाद हासिल है। शरद पवार ने सतारा में एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उन्होंने कुछ नेताओं की हरकतों की परवाह किए बिना एनसीपी को मजबूत करने और पार्टी कार्यकर्ताओं के विश्वास को बढ़ाने के लिए राज्यव्यापी यात्रा शुरू की है।

