1. निशिकांत दुबे के बयान से बीजेपी का किनारा
सुप्रीम कोर्ट पर बीजेपी नेता और सांसद निशिकांत दुबे के बयान को लेकर हंगामा शुरू हो गया है। निशिकांत दुबे के बयान को लेकर कांग्रेस से लेकर समाजवादी पार्टी और कम्युनिस्ट पार्टी तक सभी विरोधी दलों ने मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस के सीनियर नेता जयराम रमेश ने दुबे के बयान की कड़ी आलोचना की है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी ने दुबे के बयान से किनारा कर लिया है।

जयराम रमेश ने सरकार पर जानबूझकर सुप्रीम कोर्ट को निशाना बनाने और उसे कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पदों पर बैठे लोग, मंत्री और बीजेपी के सांसद सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ बोल रहे हैं। क्योंकि सुप्रीम कोर्ट कह रहा है कि कानून बनाते समय संविधान के मूल ढांचे के खिलाफ नहीं जाना चाहिए। अगर कोई कानून संविधान के खिलाफ है, तो उसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। जयराम रमेश ने इलेक्टोरल बॉन्ड जैसे कई मुद्दों पर सुप्रीम कोर्ट के सरकार के फैसलों को असंवैधानिक बताने का भी जिक्र किया।
बीजेपी नेता निशिकांत दुबे के बयान पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी नाराजगी जाहिर की। पवन खेड़ा ने कहा कि ना इनकी संविधान में आस्था है और ना ही इनका न्यायपालिका में विश्वास है। भाजपा के सांसद की ये अराजक भाषा लोकतंत्र के लिए बहुत खतरनाक है। ये सब मोदीजी की मूक सहमति से हो रहा है।
बीजेपी नेता के बयान पर समाजवादी पार्टी ने भी हमला बोला है। उनके बयान पर निशाना साधते हुए सपा नेता एसटी हसन ने कहा कि हिंदू-मुस्लिम के नाम पर वोट हासिल करने की कोशिश करने वाले लोग अराजकता फैलाने के लिए जिम्मेदार हैं। जिन लोगों को अजान, हिजाब पसंद नहीं है और जो मदरसों पर बुलडोजर चलाते हैं, वही लोग गृहयुद्ध कर रहे हैं, न कि सुप्रीम कोर्ट। सुप्रीम कोर्ट संविधान और लोकतंत्र की रक्षा कर रहा है।
स बीच भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के नेता बिनॉय विश्वम ने भी बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे की सुप्रीम कोर्ट पर हालिया टिप्पणी न्यायपालिका पर एक जबरदस्त हमला है। यह संविधान के मानदंडों का उल्लंघन है। भाजपा और आरएसएस देश में सभी प्रकार के सांप्रदायिक तनावों के लिए एकमात्र कारण हैं।
निशिकांत दुबे के बयान से बीजेपी ने किनारा कर लिया है। जेपी नड्डा ने बयान जारी कर कहा कि भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और दिनेश शर्मा का न्यायपालिका एवं देश के चीफ जस्टिस पर दिए गए बयान से भारतीय जनता पार्टी का कोई लेना–देना नहीं है। यह इनका व्यक्तिगत बयान है, लेकिन भाजपा ऐसे बयानों से न तो कोई इत्तेफाक रखती है और न ही कभी भी ऐसे बयानों का समर्थन करती है। भाजपा इन बयान को सिरे से खारिज करती है। रतीय जनता पार्टी ने सदैव ही न्यायपालिका का सम्मान किया है, उनके आदेशों और सुझावों को सहर्ष स्वीकार किया है,क्योंकि एक पार्टी के नाते हमारा मानना है कि सर्वोच्च न्यायालय सहित देश की सभी अदालतें हमारे लोकतंत्र का अभिन्न अंग हैं तथा संविधान के संरक्षण का मजबूत आधारस्तंभ हैं। नड्डा ने इन दोनों को और सभी को ऐसे बयान ना देने के लिए निर्देशित किया है।
2. मैं झगड़े अलग रखने को तैयार हूं- उद्धव ठाकरे
शिव सेना UBT प्रमुख उद्धव ठाकरे भारतीय कामगार सेना की वार्षिक बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कामगार सेना की प्रशंसा करते हुए कहा कि कोई काम शुरू करना आसान हो सकता है। लेकिन 57 साल की उम्र में भी उसे जारी रखना कठिन है। इस बैठक में बोलते हुए उद्धव ठाकरे ने राज ठाकरे के साथ आने के लिए कुछ शर्तें रखीं।
उद्धव ठाकरे ने क्या कहा?
राज ठाकरे ने कहा, ‘मैं मराठी और महाराष्ट्र के हित के लिए छोटे-मोटे विवादों को भी दरकिनार करने के लिए तैयार हूं। लेकिन मेरी एक शर्त है। लोकसभा में हम कह रहे थे कि महाराष्ट्र से सभी उद्योग गुजरात ले जाए जा रहे हैं। अगर हमने उस समय इसका विरोध किया होता तो वहां सरकार नहीं बनती। राज्य में ऐसी सरकार होनी चाहिए जो महाराष्ट्र के हितों के बारे में सोचे। पहले समर्थन करना, अब विरोध करना और फिर समझौता करना, यह काम नहीं करेगा। यह तय करें कि महाराष्ट्र के हितों के रास्ते में आने वाले किसी भी व्यक्ति का मैं स्वागत नहीं करूंगा, मैं उनके साथ नहीं बैठूंगा। फिर महाराष्ट्र के हित में काम करें।’
उद्धव ने क्या रखी शर्त?
उद्धव ने आगे कहा कि हमने अपने मतभेद सुलझा लिए हैं, लेकिन पहले यह तय कर लें कि किसके साथ जाना है। मराठी हित में आप किसके साथ जाएंगे, यह तय कर लीजिए। फिर बिना शर्त समर्थन दीजिए या विरोध कीजिए, मुझे कोई आपत्ति नहीं है। मेरी एकमात्र शर्त महाराष्ट्र का हित है। लेकिन बाकी लोगों को, इन चोरों को, उनसे न मिलने की शपथ लेनी चाहिए, जाने-अनजाने में उनका समर्थन या प्रचार नहीं करना चाहिए। उद्धव ठाकरे ने राज ठाकरे को इस तरह जवाब दिया है। दरअसल एक साक्षात्कार में राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे के साथ आने का संकेत देते हुए कहा था कि महाराष्ट्र के हित में हमारे विवाद महत्वहीन हैं। उद्धव ठाकरे ने इसी बयान पर प्रतिक्रिया दी है।
3. दिल्ली के मुस्तफाबाद में 4 मंजिला बिल्डिंग ढही, 11 लोगों की मौत
दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके के शक्ति विहार में एक 4 मंजिला इमारत ढह गई। सुबह-सुबह हुए इस हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे के बाद कुछ घायलों को अस्पताल में इलाज चल रहा है। ये हादसा मुस्तफाबाद इलाके के शक्ति विहार में हुआ। सुबह-सुबह चार मंजिला इमारत ध्वस्त हो गई। बिल्डिंग ढहने की खबर सुनते ही आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और अन्य बचाव दल मौके पर पहुंचे।
अब तक मिली जानकारी के मुताबिक अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसे की एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि यहां दो पुरुष और दो बहुएं रहती हैं। सबसे बड़ी बहू के तीन बच्चे हैं, दूसरी बहू के भी तीन बच्चे हैं। वे कहीं दिखाई नहीं दे रहे हैं।
दिल्ली के डिविजनल फायर ऑफिसर राजेंद्र अटवाल ने कहा कि उन्हें सुबह करीब 2:50 बजे एक मकान ढहने की सूचना मिली। जब वह मौके पर पहुंचे तो पाया कि पूरी इमारत ढह गई है और लोग मलबे में फंसे हुए हैं। एनडीआरएफ, दिल्ली अग्निशमन सेवा लोगों को बचाने के लिए काम कर रही है।
4. अनुराग कश्यप पर मुंबई के बाद इंदौर में FIR
फिल्म निर्माता अनुराग कश्यप की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। ब्राह्मणों पर विवादित टिप्पणी के चलते पहले मुंबई और अब इंदौर में भी उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। आरोप है कि उनकी टिप्पणी से ब्राह्मण समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है, जिसके चलते कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही है।
फिल्ममेकर अनुराग कश्यप के खिलाफ मुंबई के बाद अब इंदौर में भी एक नई शिकायत दर्ज हो गई है। उन्होंने ब्राह्मणों को लेकर एक विवादित टिप्पणी की थी, जिसके बाद हर कोई उनकी आलोचना करने लगा था। उन्होंने अनंत महादेवन की फिल्म ‘फुले’ की रिलीज में हो रही देरी को लेकर अपनी भड़ास निकाली थी और ब्राह्मण समुदाय पर निशाना साधा था उन्होंने एक ऐसा पोस्ट किया था, जिसके बाद लोग भड़क उठे थे। और अब वह कानूनी पचड़े में फंसते जा रहे हैं।
अनुराग कश्यप की कही गई बात कई लोगों ने नापसंद की। और उसी के कारण उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। शनिवार 19 अप्रैल को मध्य प्रदेश के इंदौर जिले में नई शिकायत दर्ज की गई है। एमजी रोड पीएस प्रभारी विजय सिंह सिसोदिया ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया, ‘अनूप शुक्ला ने अनुराग कश्यप के खिलाफ शिकायत दर्ज की है। क्योंकि उन्होंने ब्राह्मण समुदाय की सामाजिक और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई है और आपत्तिजनक टिप्पणी की है। जांच चल रही है।’
वकील आशीष राय ने भी मुंबई पुलिस आयुक्त से अनुराग कश्यप के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, इसके पहले मुंबई के ही एक वकील एडवोकेट आशुतोष दुबे ने अनुराग कश्यप के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी। उनेहोंने बताया था कि FIR दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा था, ‘सभ्य समाज में इस तरह की नफरत फैलाने वाली बातें बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं। कानून को अपना काम करना चाहिए।’
‘फुले’ से हटाए गए ये शब्द
पत्रलेखा और प्रतीक गांधी स्टारर फिल्म ‘फुले’ 25 अप्रैल को रिलीज हो रही है लेकिन उसके पहले फिल्ममेकर्स से सेंसर बोर्ड ने फिल्म में जाति से जुड़े शब्दों और संदर्भों को हटाने के लिए कहा है। CBFC के कहने के बाद मेकर्स ने ‘महार’, ‘मांग’, ‘पेशवाई’ और ‘मनु की जाति व्यवस्था’ जैसे शब्द फिल्म से हटा दिए हैं।
5. आवेश खान ने यूं दिलाई लखनऊ को जीत
तेज गेंदबाज आवेश खान की डेथ ओवरों में शानदार गेंदबाजी से लखनऊ सुपर जायंट्स ने इंडियन प्रीमियर लीग में शनिवार को राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ जोरदार वापसी करते हुए दो रन से जीत दर्ज की। सुपर जायंट्स के 181 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल की 52 गेंद में चार छक्कों और पांच चौकों से 74 रन की पारी की बदौलत रॉयल्स की टीम एक समय दो विकेट पर 156 रन बनाकर बेहद मजबूत स्थिति में थी।
लेकिन आवेश (37 रन पर तीन विकेट) की धारदार गेंदबाजी के सामने पांच विकेट पर 178 रन ही बना सकी। जायसवाल ने वैभव सूर्यवंशी (34) के साथ पहले विकेट के लिए 85 और कप्तान रियान पराग (39 रन, 26 गेंद, तीन चौके, दो छक्के) के साथ तीसरे विकेट के लिए 62 रन जोड़े लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। आखिरी ओवर में आरआर को जीत के लिए सिर्फ 9 रन की जरूरत थी। हालांकि, आवेश खान के खिलाफ राजस्थान पूरी तरह से फ्लॉप हो गई और 6 रन ही बना पाई। आखिर लास्ट ओवर में क्या-क्या हुआ, आइये आपको विस्तार से बताते हैं।
आखिरी ओवर का बॉल दर बॉल रोमांच
19.1 ओवर की पहली गेंद पर ध्रुव जुरेल स्ट्राइक पर थे। आवेश खान ने उन्हें यॉर्कर गेंद डाली, जिसपर जुरेल ने फ्लिक करके डीप मिडविकेट पर गेंद को मारा और एक रन लिया।
इस गेंद के बाद बॉल को बदल दिया गया था।
19.2- ओवर की दूसरी गेंद पर शिमरन हेटमायर स्ट्राइक पर थे। वह इस बॉल पर बड़ा शॉट खेलना चाहते थे। लेकिन गेंद उनके बल्ले का एज लेकर थर्ड मैन की तरफ गई। ऐसे में हेटमायर ने दो रन भाग लिए। हालांकि, शार्दुल ठाकुर को बॉल पकड़के थ्रो करने में थोड़ी देरी हुई थी, जिसका फायदा आरआर के बल्लेबाजों ने उठाया।
19.3- ओवर की तीसरी गेंद पर आवेश खान ने शिमरन हेटमायर को आउट कर दिया। हेटमायर ने आवेश की गेंद पर फ्लिक शॉट खेला था। लेकिन वह बेकवर्ड स्क्वायर लेग पर शार्दुल ठाकुर के हाथ में गेंद को मार बैठे और आउट हो गए।
19.4- नए बल्लेबाज शुभम दुबे स्ट्राइक पर आए। 141.7 KPH की रफ्तार से आवेश खान ने शुभम दुबे को यॉर्कर गेंद डाली, जिसको उन्होंने रोक लिया। लेकिन, इस गेंद पर कोई रन नहीं आया।
19.5- आवेश खान ने शुभम दुबे को यह गेंद फुल टॉस डाल दी। इस गेंद पर दुबे ने बल्ला घुमाया। लेकिन वह टाइम नहीं कर पाए और गेंद हवा में खड़ी हो गई। डेविड मिलर लॉन्ग ऑन से भागकर कैच पकड़ने के लिए आए। लेकिन, उनके हाथ से कैच ड्रॉप हो गया।
19.6 ओवर की आखिरी बॉल पर शुभम दुबे ने गेंदबाज आवेश खान की तरफ ही शॉट मारा। हालांकि, आवेश ने गेंद में हाथ डाल दिया था। ऐसे में आखिरी बॉल पर सिर्फ एक रन आया और राजस्थान दो रन से मैच हार गई। आखिरी बॉल पर शॉट में हाथ डालने की वजह से आवेश खान चोटिल भी हो गए थे।
कांग्रेस का बड़ा ऐलान, सभी राज्यों में ‘संविधान बचाओ रैली’
कांग्रेस ने देश भर में ‘संविधान बचाओ रैली’ निकालने का बड़ा ऐलान किया है, जो 25 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चलेगी। इन रैलियों का उद्देश्य सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक न्याय का संदेश देना है। पार्टी के कई नेता पहले से ही संविधान के खतरे में होने की बात कह रहे हैं, जिसके चलते यह कदम उठाया गया है।
कांग्रेस ने एक बड़ा ऐलान किया है। पार्टी अब पूरे देश में संविधान बचाओ रैली निकालने जा रह है। इन रैलियों की शुरुआत 25 अप्रैल से देशभर में होगी, जो की 30 अप्रैल तक चलेगी। कांग्रेस ने रैली निकालने के पीछे का अद्देश्य सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक न्याय का संदेश देने को बताया है।
कांग्रेस ने देशभर में यह रैलिया निकालने का ऐलान ऐसे समय किया है, जब पहले ही पार्टी के ज्यादातर बड़े नेता संविधान खतरे में होने की बात लगातार कहते आ रहे हैं। पिछले साल दिसंबर के महीने में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संसद में खड़े होकर कहा था कि संविधान खतरे में हैं। उन्होंने कहा था कि देश में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के साथ-साथ महिलाओं पर भी अत्याचार किया जा रहा है। उन्होंने आगे कहा था कि संविधान खतरे में है और इसलिए सबको चौकन्ना रहना होगा।