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महाराष्ट्र में आज रात 8 बजे से 15 दिन का कर्फ्यू, 10वीं-12वीं की परीक्षाएं टली; एक महीने गरीबों को मुफ्त खाना देगी सरकार

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मुंबई

महाराष्ट्र में कोरोना से बिगड़ते हालात के चलते आज रात 8 बजे से 1 मई की सुबह 7 बजे तक लॉकडाउन लगा दिया गया है। अगले 15 दिन के लागू इस लॉकडाउन को ब्रेक द चैन नाम दिया गया है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंगलवार शाम इसकी घोषणा की। लॉकडाउन के चलते राज्य में 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं भी टाल दी गई हैं। बगैर जरूरी काम के लोगों के घर से निकलने पर पाबंदी लगा दी गई है। लॉकडाउन के दौरान सरकार रियल एस्टेट सेक्टर के मजदूरों और परमिट वाले रिक्शा चालकों को 1500 रुपए की मदद देगी। अगले एक महीने तक शिव भोजन योजना के तहत गरीबों को खाने की थाली भी मुफ्त दी जाएगी।

पूरे महाराष्ट्र में 14 अप्रैल की रात 8 बजे से पूरे राज्य में धारा 144 लागू कर दी गई है। इस दौरान बाजार बंद रहेंगे। हालांकि लोकल ट्रेन और बस बंद नहीं रहेगी। इन्हें इमरजेंसी सर्विसेस के लिए चालू रखा जाएगा। मेडिकल सामान, दवाइयां, मास्क, सेनिटाइजर बनाने वाली कंपनियां पहले की तरह काम करती रहेंगी।

बैंक-पेट्रोल पंप समेत IT कंपनियों को छूट
राज्य में लॉकडाउन के बावजूद सेबी, बैंक, बीमा कंपनियां, ई-कॉमर्स, पेट्रोल पंप, डेटा सेंटर, आईटी कंपनियां खुली रहेंगी। होटल, रेस्टोरेंट टेक अवे और होम डिलीवरी जारी रख सकेंगे। रास्ते के ढाबे और रेस्टोरेंट खुले रहेंगे, लेकिन टेक अवे फॉर्मेट में सुबह 7 से रात 8 बजे तक ही काम कर सकेंगे। कंस्ट्रक्शन कंपनियों को भी काम करने की इजाजत होगी, लेकिन उन्हें कर्मचारियों के लिए साइट पर घर रहने का इंतजाम करना होगा।

धार्मिक स्थल, थियेटर और स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे
लॉकडाउन के दौरान सिनेमा हॉल, थिएटर, ऑडिटोरियम, मनोरंजन पार्क, जिम और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बंद रहेंगे। फिल्मों, धारावाहिकों, विज्ञापनों की शूटिंग भी बंद रहेगी। सरकार ने सभी पूजा स्थल, स्कूल-कॉलेज, निजी कोचिंग क्लास, स्पा, सैलून और ब्यूटी पार्लर को भी 1 मई की सुबह 7 बजे तक बंद रखने का आदेश दिया है।

लॉकडाउन में गरीबों को 5400 करोड़ की आर्थिक मदद
राज्य सरकार एक महीने के लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंद लोगों को आर्थिक देगी। इससे करीब 5400 करोड़ रुपयों का बोझ पड़ेगा। इसके तहत इन लोगों को मदद मिल सकेगी..

पंढरपुर में चुनाव के चलते पाबंदियों से ढील
राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने मंगलवार रात को कहा कि हालात काबू में करने के लिए सख्ती करनी होगी। राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर ज्यादा भार पड़ेगा, तो परेशानी बढ़ जाएगी। उन्होने कहा कि पंढरपुर में 2-3 दिन में वोटिंग होने वाली है, इसलिए वहां ये नियम मतदान के बाद से लागू होंगे।

CM ठाकरे की PM मोदी से 5 मांगें
राज्य में कोरोना से निपटने के इंतजाम करने के लिए उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद मांगी है। इसमें ऑक्सीजन सप्लाई से लेकर GST फाइलिंग की तारीख में बदलाव तक शामिल है। उद्धव की प्रमुख मांगें इस तरह हैं..

रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं। फोटो मुंबई के CSMT स्टेशन की है।

रमजान को लेकर भी नियम सख्त

भीड़ पर कंट्रोल के लिए रेलवे की कड़ाई का असर भी अब नजर आने लगा है। स्टेशनों पर भीड़ नजर नहीं आ रही और सोशल डिस्टेंसिंग भी दिख रही है।

नालासोपारा में ऑक्सीजन खत्म होने से 3 घंटे में 7 मरीजों की मौत
संक्रमण के लगातार बढ़ते मामलों के बीच मुंबई से सटे नालासोपारा के विनायक हॉस्पिटल में देर रात सिर्फ 3 घंटे में ICU में एडमिट 7 मरीजों की मौत हुई है। परिवार का आरोप है कि हॉस्पिटल में ऑक्सीजन का स्टॉक खत्म हो गया था और इसी वजह से मरीजों की मौत हुई। वहीं हॉस्पिटल की सफाई है कि मृत हुए सभी मरीज अन्य गंभीर बिमारी से ग्रसित थे और जब उन्हें एडमिट करवाया गया था उनमें 30-40 प्रतिशत ही ऑक्सीजन लेवल था।

महाराष्ट्र के तीन बड़े शहरों में कोरोना का हाल

मुंबई के गेट-वे ऑफ इंडिया पर सन्नाटा है। आम दिनों में यहां काफी भीड़ नजर आती है।

मार्च के बाद पहली बार 52, 312 मरीज ठीक हुए
महाराष्ट्र में सोमवार को 51,751 नए मरीज आए तो 52,312 ठीक भी हुए और 258 लोगों की मौत हुई। 9 मार्च के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि जब नए मरीजों के मुकाबले ठीक होने वालों का आंकड़ा ज्यादा रहा हो। ये थोड़ी राहत की बात तो है, लेकिन हालात कंट्रोल में नहीं हैं।

इससे एक दिन पहले राज्य में संक्रमण के 63,294 मामले सामने आए थे। मुंबई में सोमवार को 6,893 नए मामले सामने आए और 43 मरीजों की मौत हो गई। राज्य में अब संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 34 लाख 58 हजार 996 हो गए हैं और मृतकों की संख्या 58,245 पहुंच गई है।

वीकेंड लॉकडाउन के ठीक एक दिन बाद राज्य में कोरोना के मामलों में सिर्फ एक दिन में करीब 18.3% कमी देखने को मिली है। महाराष्ट्र में अब 5 लाख 64 हजार 746 एक्टिव पेशेंट हैं। संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच सरकार ने गुड़ी पड़वा और रमजान को लेकर सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं।

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