एस पी मित्तल, अजमेर
अजमेर के निकट राजगढ़ गांव स्थित मसाणिया भैरव धाम में चैत्र नवरात्र में 7 अप्रैल को छठ का उत्सव धूमधाम से मनाया गया। मसाणिया भैरव धाम पर आयोजित ऐसे विशेष धार्मिक आयोजनों में प्रभावशाली राजनेता धाम के उपासक चंपालाल महाराज से आशीर्वाद प्राप्त करने आते हैं। आशीर्वाद प्राप्त करने वाले नेता सांसद विधायक पार्षद आदि बन जाते हैं। 7 अप्रैल को राजस्थान पर्यटन निगम के अध्यक्ष धर्मेन्द्र राठौड़ ने भी मसाणिया भैरव धाम का आशीर्वाद प्राप्त किया। राठौड इन दिनों अजमेर के पुष्कर विधानसभा क्षेत्र पर नजर गढ़ाए हुए हैं। राठौड़ के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भी अच्छे संबंध है। ऐसे में माना जा रहा है कि राठौड़ को अगले वर्ष होने वाले चुनावों में कांग्रेस का टिकट तो आसानी से मिल जाएगा। 7 अप्रैल को धाम के उपासक चंपालाल महाराज ने भी राठौड़ को उज्ज्वल भविष्य होने का आशीर्वाद दिया। इतना ही नहीं महाराज ने धार्मिक चिन्ह वाली पगड़ी भी राठौड़ को पहनाई। मसाणिया भैरव धाम से मिले आशीर्वाद से राठौड़ भी गदगद नजर आए। राठौड़ स्वयं को पुष्कर के नांद गांव का निवासी बताते हैं और पुष्कर विधानसभा क्षेत्र में राजपूत मतदाताओं की संख्या भी अच्छी है। राठौड़ ने पिछले कुछ महीनों से पुष्कर में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। लेकिन राठौड़ के सामने कांग्रेस की उम्मीदवारी में सबसे बड़ी चुनौती पुष्कर की पूर्व विधायक श्रीमती नसीम अख्तर की है। मौजूदा समय में भी अख्तर प्रदेश कांग्रेस की उपाध्यक्ष हैं तथा पुष्कर में लगातार सक्रिय हैं। श्रीमती अख्तर ने सीएम अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के बीच भी तालमेल बैठा रखा है। अख्तर ने 2009 में चुनाव जीता था, लेकिन फिर 2013 और 2018 में अख्तर को सफलता नहीं मिली। श्रीमती अख्तर लगातार दो बार चुनाव हारने को टिकट कटने का आधार नहीं मानती हैं। कांग्रेस में ऐसे बहुत से नेता हैं जो दो बार से भी ज्यादा बार चुनाव हारे हैं, लेकिन फिर भी उन्हें उम्मीदवार बनाया गया है। अजमेर जिले में ही ऐसे कई कांग्रेसी नेता मिल जाएंगे। पुष्कर के कांग्रेस भी मानते हैं कि हार के बाद श्रीमती अख्तर संपूर्ण विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की समस्या हो या फिर पवित्र सरोवर में गंदा पानी गिरने का मामला हो, सभी मुद्दों पर अख्तर पुष्कर के लोगों के साथ खड़ी रही हैं। यह माना कि राजनीतिक दृष्टि से धर्मेन्द्र राठौड़ मजबूत स्थिति में हैं, लेकिन श्रीमती अख्तर के शिक्षित मुस्लिम नेत्री होने के नाते टिकट काटना मुश्किल होगा। अख्तर की उम्मीदवारी से महिला और मुस्लिम दोनों का कोटा पूरा होता है। पुष्कर में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या भी अच्छी खासी है। ऊंटडा, गगवाना आदि गांव तो मुस्लिम बाहुल्य ही हैं। लेकिन राठौड़ के समर्थक श्रीमती अख्तर की दो बार की हार को मुद्दा बनाकर कांग्रेस का टिकट राठौड़ को दिलवाने के लिए भाग दौड़ कर रहे हैं। वैसे इन दिनों राठौड़ की सिफारिश पर ही पुष्कर में अधिकारियों की नियुक्तियां हो रही हैं। अख्तर के समर्थकों को भी राठौड़ की सक्रियता की जानकारी है।
पर्यटन निगम के अध्यक्ष धर्मेन्द्र राठौड़ ने भी चंपालाल महाराज से आशीर्वाद लिया

