सिवनी/ किसान को अन्नदाता का दर्जा दिया गया है कड़ी धूप ठंड में रात दिन महनत कर फसल उगाता है उसका सपना होता है उसका परिवार सुखी होगा किंतु भाजपा व अपने आप को स्वघोषित किसान हितैषी किसान पुत्र कहने वाले शिवराज सिंह चौहान के शासन काल मे किसानों के साथ जो लूट मची हुई है वह किसी से छुपी नहीं है समाचार पत्रों मीडिया में यूं तो सब फील गुड ही दिखाने का प्रयास सरकार की ओर से किया जाता है लेकिन जमीनी हकीकत बिल्कुल विपरीत है।
सिवनी जिले के सैकड़ों किसानों से पिछले दिनों फुलारा के विक्की सनोडिया उर्फ विक्रम सनोडिया ने करोड़ों रुपयों की उपज खरीद करके फरार हो गया था कुछ एक किसानों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जिले की सीमा से लगे महाराष्ट्र से विक्की सनोडिया के ऊपर मामूली धाराओं में प्रकरण पंजीवद्ध कर फार्मेलटी पूरी कर जेल भेज दिया ।किसानों से खरीदी गई उपज की राशि जप्ती की तक पीड़ित किसानों को कोई सूचना नहीं दी गई।
आज बौनी के समय उक्त पीड़ित किसानों को अपने खेतों में खरीफ की फसल बौने सहकारी समितियों या बैंक किसी से कोई सहायता नहीं मिली मजबूरन किसानों को स्थानीय आस पड़ोस के अवैध रुप से महँगे ब्याज पर रुपयों के लेन देन करने वालों के पास जमीन गिरवी रखकर ब्याज पर उधार पैसे लेकर अपने खेतों की बौनी करनी पड़ रही है। पीड़ित कइयों किसान तो पुलिस के उलझन में ना पड़ने के भय से शिकायत तक दर्ज नही करवा पाए किसानों ने पैसे वसूल होने की उम्मीद तक छोड़ दी है प्रश्न उठता है 17 बर्षो से प्रदेश व 7 बर्षो से केंद्र की सत्ता में काबिज भाजपा की सरकार व भाजपा के नेता 70 साल का हिसाब माँगते रहेंगे या इन पीड़ित किसानों को न्याय भी दिलवाएंगे।
किसानों की ओर से किसान आंदोलन सँयुक्त किसान मोर्चा के मीडिया प्रभारी राजेश पटेल ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों भाजपा विधायक सांसदों से जारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में कहॉ है।ओर पीड़ित किसानों को सहायता पहुँचा ये जाने की माँग की है ।राजेश पटेल ने बताया कि पीड़ित अधिकांश किसानो के पहले से ही बैंक कर्जे है इसलिए अतिरिक्त कर्ज कैसे मिल सकता था । रिश्तेदारों से मदद नही मिली इसलिए उन्हें अपनी जमीन बिक्री नामा कर कर्जा लेना पड़ा है।जिसकी हकीकत सुन रोंगटें खड़े हो जाये। फसल यदि खराब हुई तो किसानों की गिरवी रखी अपनी जमीन ये किसान डूबने से कैसे बचा पाएंगे अतः इनके साथ न्याय होना जरूरी है।
राजेश पटेल ने आगे कहॉ है कि सरकार द्वारा लाये गए नए कानून जिसमें लाइसेंसी राज को खत्म कर पेन कार्ड पर कृषि उपजों की खरीदी पर छूट किसानों के साथ हुई लूट का उदाहरण है पेनकार्ड के जरिये खरीदी कर कइयों व्यापारी भागेंगे मंडी व्यवस्था ध्वस्त होंगी।सरकार लुटे किसानों को रायसेन में किसानों के साथ हुई घटना की तरह मंडी बोर्ड की राशि से किसानों को राहत पहुँचाये अन्यथा किसानों को आंदोलन का रास्ता अपनाने मजबूर होना पड़ेगा।

