इंदौर
इंदौर में बारिश पहले दौर में ही है और ट्रेफिक मैनेजमेंट पूरी तरह ध्वस्त हो गया है। रिंग रोड पर सबसे बुरे हाल रेडिसन चौराहा से रोबोट चौराहा, वहां से खजराना चौराहा और बंगाली से कनाड़िया तक बुरे हाल हैं। यहां कब कब कहां खुदाई की जा रही है, इसका पता पुलिस तक को नहीं चलता। कहीं पोल रखकर तो कहीं गाड़ी खड़ी करके एकाएक ट्रेफिक बंद कर दिया जाता है। मेट्रो के अलावा आईडीए के फ्लायओवर और पानी लाइन के लिए काम हो रहे हैं। न मेट्रो, न आईडीए और नगर निगम का तालमेल पुलिस से है, न प्रशासन का।

गुरुवार देर शाम हुई बारिश में हाल ये रहा कि एक इंच बारिश में ही ट्रेफिक का लंबा जाम लग गया। कई चौराहों पर तो ट्रेफिक ठीक करने के लिए रेड सिग्नल में ही गाड़ियां को पास कराना पड़ा। यह बात खुद पुलिसवालों ने स्वीकार की है। उनका कहना है कि हमारे पास इसका कोई विकल्प नहीं था। कई इलाकों में लोग आधा घंटा तक फंसे रहे।
खजराना-रोबोट चौराहे पर रेड लाइट में छोड़ना पड़ा ट्रैफिक
गुरुवार शाम 4 बजे के बाद हुई बारिश से शहर में पुलिसकर्मियों को ट्रैफिक संभालना मुश्किल पड़ गया। खजराना चौराहा पर ड्यूटी पर तैनात नन्नू सिंह भाभर, रोबोट चौराहे पर वालिया थंदार और रेडिशन चौराहे पर ट्रैफिक संभाल रहे जीतेंद्र यादव ने बताया कि दोपहर 11 से 12 बजे और शाम को 4 से 5 बजे के बीच काफी ट्रैफिक रहता है। कई बार हैवी ट्रैफिक को कंट्रोल करने के लिए रेड लाइट में भी लोगों को निकलना पड़ता है।
रोबोट चौराहे से रेडिसन चौराहे तक लंबे जाम में फंसी यात्री बस और अन्य वाहन
जाम से निकलना मुश्किल
– पलासिया से रेडिसन होते हुए बायपास जा रहे महीम गौतम का कहना है कि रोबोट चौराहा के आगे लगभग 25 से 30 मिनट हो गए इस जाम में फंसे हैं। ये सिर्फ आज की ही बात नहीं यहां पर अक्सर इस तरह के हालात बने रहते हैं। कई बार जरूरी काम से जाना होता है लेकिन इस तरह लगने वाले जाम से निकल पाना काफी मुश्किल होता है।
– शशांक गुप्ता भी लगभग 25 से 30 मिनट तक इसी जाम में फंसे थे। उनका कहना है कि कंस्ट्रक्शन का काम और लोडिंग गाड़ियों के कारण प्रतिदिन शाम 6 से 8 बजे तक इसी तरह का जाम रहता है। एक बार में एक चौराहे को पार कर पाना संभव नहीं है। कई बार रुक-रुक कर पार करना पड़ता है। इंदौर से लखनऊ जा रही बस के ड्राइवर का कहना है कि जाम तो हमेंशा रहता है लेकिन आज रोबोट चौराहे से रेडीशन तक पहुंचने में लगभग 45 मिनट लग गए।
कंस्ट्रक्शन के चलते बढ़ी जाम की समस्या
फ्लाईओवर और मैट्रो प्रोजेक्ट का काम प्रगति पर है। इससे रिंग रोड और सर्विस लेन में रोजाना लोग भयंकर जाम से जूझ रहे हैं। खजराना से रेडिशन और बांबे हॉस्पिटल तक पूरा दिन जाम लगता रहता है। इस रास्ते से इंदौर से अन्य राज्यों और प्रदेश के कई जिलों के लिए यात्री बसें जाती हैं। शहर के अलग-अलग मोहल्लों में रहने वाले लोग भी इसी रास्ते से शहर के मध्य विजय नगर, पलासिया और LIG जाते हैं। बरसात के दिनों इन लोगों को हैवी ट्रैफिक की गंभीर समस्या को झेलकर गुजरना पड़ता है। जब तक फ्लाईओवर और मैट्रो प्रोजेक्ट का काम पूरा नहीं होता तब तक लोगों को रिंग रोड पर जाम से निजात मिलना मुश्किल है।
काम पूरा होने के बाद गाड़ी की रफ्तार नहीं होगी कम : आईडीए चेयरमैन चावड़ा
खजराना में निर्माणाधीन ब्रिज को लेकर IDA चेयरमैन जयपाल सिंह छावड़ा का कहना है कि सघन क्षेत्र में जो भी विकास कार्य होते हैं उनको एक निश्चित समय में पूरा कर पाना असंभव है। जनता से जुड़ी कई ऐसी सुविधाएं होती हैं जिनका काम शुरू करने से पहले बदलाव करना होता है ताकि किसी तरह की समस्या न हो। वर्तमान में नगर निगम से लेकर पुलिस प्रशासन और यातायात विभाग सुचारू रुप से काम कर रहा है। काम शुरू होने से पहले नर्मदा पाइप लाइन और गैस पाइप लाइन का काम 2 महीने तक चला था। वर्तमान में नगर निगम से लेकर पुलिस प्रशासन और यातायात विभाग सुचारू रुप से काम कर रहा है।
चेयरमैन का कहना है कि कोशिश थी कि बारिश के पहले जमीन के भीतर का काम हो जाए लेकिन थोड़ी देरी हुई है इसलिए डे-नाइट काम चल रहा है। यहां बारिश होने से पानी भरा जाता है जिसे पहले बाहर निकाला जाता है इसके बाद फिर काम शुरू होता है। शहर के लोगों को थोड़े दिन और समस्या हो सकती है लेकिन ये काम पूरा होने से गाड़ी की रफ्तार कम नहीं होगी।खजराना चौराहा से बंगाली चौराहा की तरफ जाने वाली सर्विस लेन में भरा पानी
शहर में भंवरकुआं चौराहा,खजराना चौराहा, फूटी कोठी और लवकुश चौराहे पर ब्रिज का निर्माण कार्य जारी है। खजराना चौराहे का ब्रिज 675 मीटर का है। इसमें कुल 21 पिलर्स रहेंगे। खजराना से बंगाली की तरफ का जमीन के नीचे का काम लगभग पूरा हो जाने से आवागवन के लिए सर्विस लेन भी चालू कर दी गई है। रोबोट चौराहा की ओर जमीन के नीचे का काम अभी चल रहा है। 6 लेन के इस ब्रिज के बीच से ही मैट्रो निकलेगी। यहीं पर मैट्रो का बड़ा स्टेशन भी बनेगा। माना जा रहा है कि सितम्बर तक यह ब्रिज कंप्लीट हो जाएगा।