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आग की घटनाओं के बाद जागा परिवहन विभाग, प्रदेश में स्लीपर बसों का सेफ्टी ऑडिट

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भोपाल। परिवहन विभाग द्वारा प्रदेश में स्लीपर बसों का सेफ्टी ऑडिट किया जा रहा है। यह कार्रवाई पिछले तीन दिन से जारी है। सभी जिलों में यह अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत राजधानी भोपाल में शुक्रवार व शनिवार को कई स्लीपर बसों की चैकिंग की गई। जिन बसों में कमियां पाई गई, उन पर कार्रवाई की जा रही है। इसमें दो बसें जप्त की गई हैं और दो बसों का फिटनेस निरस्त किया गया है। क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी जितेन्द्र शर्मा ने बताया कि परिवहन विभाग के आयुक्त के निर्देश पर यह कार्रवाई की जा रही है।
आग की घटनाओं के बाद जागा विभाग
प्रदेश में बीते दिनों में स्लीपर बसों में आग की कई घटनाएं हो चुकी हैं। घटनाओं से सबक लेने के बाद परिवहन विभाग ने यह अभियान चलाया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि तीन दिन के भीतर ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड (एआईएस) जांच नहीं कराने वाली स्लीपर बसों को सीधे ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। इसके तहत प्रदेश के सभी आरटीओ कार्यालयों से बस ऑपरेटर्स को नोटिस जारी कर बस समेत तलब किया गया है। नोटिस में साफ किया गया है कि तय समय सीमा के भीतर एआईएस मानकों के अनुरूप जांच कराना अनिवार्य होगा। भोपाल के आरटीओ जितेन्द्र शर्मा ने बताया कि स्लीपर यात्री बसों का विशेष फायर सेफ्टी ऑडिट किया जा रहा है। इस दौरान बसों में मौजूद इमरजेंसी एग्जिट, फायर एक्सटिंग्युशर की स्थिति की जांच की जा रही है। साथ ही यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीटों पर लगे स्लाइडर को भी कटवाया जा रहा है, ताकि आपात स्थिति में किसी भी तरह की बाधा न हो।
स्लीपर बसों के लिए गाइडलाइन
परिवहन विभाग द्वारा स्लीपर बसों के लिए गाइडलाइन दी गई है। इसमें एआईएस अनिवार्य किया गया है। यह एक प्रकार की तकनीकी सुरक्षा मानक है। इसमें बस की संरचना, इलेक्ट्रिकल सिस्टम और अग्नि सुरक्षा शामिल है। एआईएस-119 के तहत फायर अलार्म और फायर डिटेक्शन सिस्टम को जरूरी किया गया है। बता दें कि हाल में हुई बस में आग लगने की घटनाओं के बाद सख्ती की जाए रही है।
परमिट और फिटनेस पर भी रोक लगेगी
फायर सेफ्टी ऑडिट न कराने वाली बसों को वाहन पोर्टल पर नॉट टू बी ट्रांजेक्टेड श्रेणी में डाल दिया जाएगा। ब्लैकलिस्ट के बाद बस ऑपरेटर्स को परमिट, फिटनेस जैसी सेवाओं का लाभ नहीं मिलेगा। विभाग ने बस ऑपरेटर्स को एक माह की अस्थायी राहत दी है। इस दौरान बिना एआईएस-119 जांच के बसें चल सकेंगी, लेकिन हर बस में वैध 10 किग्रा का अग्निशमन यंत्र रखना अनिवार्य होगा।
भोपाल में 3.10 लाख का जुर्माना वसूला
क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय की टीम ने 16 और 17 जनवरी की दरमियानी रात फायर सेफ्टी ऑडिट के तहत यात्री बसों की सघन जांच की। यह कार्रवाई शाम 8 बजे से रात 1.30 बजे तक की गई। जांच के दौरान सुरक्षा मानकों में गंभीर लापरवाही सामने आने पर दो यात्री बसों को जब्त किया गया, जबकि दो बसों को फिटनेस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई। इसके अलावा सात यात्री वाहनों पर परमिट शर्तों के उल्लंघन के चलते कुल 3.10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। आरटीओ टीम की जांच में पाया गया कि कुछ बसों में इमरजेंसी एग्जिट बंद थे, जो यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से बड़ा खतरा हैं। इसी आधार पर एमपी 69 पी 0982 और पीवाय 059667 नंबर की बसों की फिटनेस निरस्त की गई। वहीं, एमपी 69 पी 0185 और एमपी 41 पी 1840 नंबर की यात्री बसों को जब्त किया गया।

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