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आदिवासी महिला सरपंच CM हाउस के बाहर कर लेंगे आत्मदाह’,सचिव हड़प गया सरकारी राशि

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मध्य प्रदेश के रीवा जिले के सिरमौर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत पिपरा से पंचायत सचिव के द्वारा आदीवासी महिला सरपंच को प्रताड़ित किए जाने का एक मामला सामने आया है। पीड़िता मंगलवार को अपने पति के साथ एसपी कर्यालय पहुंची।

पीड़िता का आरोप है कि उसे सरपंच बने तकरीबन 20 महीने हो गए हैं। सचिव ने बिना कार्य कराए ही सरकारी राशि हजम कर ली तौर तकरीबन 50 लाख से ज्यादा का घोटाला कर दिया। पंचायत सचिव सरपंच को कार्य नहीं करने देता और पंचायत में जाने से रोकता है। कई बार शिकायत के बाद भी जब आदिवासी महिला सरपंच को न्याय नहीं मिला तो वह आज पुलिस अधीक्षक कर्यालय पहुंची। पीड़िता का कहना है कि अगर जल्द ही पंचायत सचिव को नहीं हटाया गया तो सात मार्च को वह परिवार के साथ भोपाल जाएगी और सीएम हाउस के सामने आत्मदाह करेगी।

पंचायत सीईओ और कलेक्टर से की 20 बार शिकायत
दरअसल, मंगलवार को एसपी कर्यालय पहुंची आदिवासी महिला सरपंच अरुण कुमारी ने बताया कि वह इस मामले की शिकायत जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर से तकरीबन 20 बार कर चुकी हैं। लेकिन उनकी सुनवाई आज तक नहीं हुई। पीड़िता सरपंच का कहना है कि पंचायत सचिव संदीप द्विवेदी आए दिन उन्हें प्रताड़ित करते हैं, आए दिन उनके द्वारा गाली-गलौच कर जान से मारने की धमकी दी जाते है। पंचायत जाने पर वह उन्हें अंदर नहीं घुसने देते। सचिव कहते हैं कि वह सचिव ही नहीं एक गुंडा भी है, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।

‘…तो CM हाउस के बाहर परिवार समेत कर लेंगे आत्मदाह’
महिला आदीवासी सरपंच का अरुण कुमारी ने बताया कि 2022 में वे सरपंच निर्वाचित हुईं। तब से लेकर आज तक सचिव के द्वारा उन्हें पंचायत में घुसने नहीं दिया गया। वह सचिव आए दिन गाली-गलौच करते हैं और धमकी भी देते हैं, जिसकी शिकायत कई बार अधिकारियों से की गई। लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने आगे कहा कि शिकायत के बाद भी सचिव को नहीं बदला गया। इस वजह से उनके (सचिव के) हौसले काफी बुलंद हैं। वह लगातार उनके साथ अत्याचार कर रहे हैं। इसलिए अब वह भोपाल पहुंचकर सीएम हाउस के सामने पूरे परिवार के साथ आत्मदाह करेंगी।

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