नर्मदा बचाओ आंदोलन कार्यालय में आज जाने-माने सामाजिक और पर्यावरण कार्यकर्ता विमल भाई को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। माटू जन संगठन से जुड़े विमल भाई का अल्प बीमारी के बाद 15 अगस्त 2022 को देहांत हो गया।

श्रद्धांजलि सभा में विमल भाई के कार्यों का उल्लेख करते हुए उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि गंगा हो या नर्मदा वे हर नदी को उसके प्राकृतिक रुप में मुक्त बहने देने के पक्षधर थे। वे समाज के कमजोर तबकों पर किए जाने वाले अन्याय के खिलाफ थे। चाहे विकास के नाम पर गरीबों की बेदखली हो, सांप्रदायिक हिंसा के खिलाफ अभियान हो या नदियों को खत्म करने वाला रेत खनन वे इन लड़ाईयों में पूरी शिद्दत से जुड़ जाते थे। जन योद्धा के साथ ही वे व्यक्तिगत स्तर पर बहुत ही आत्मीय और दोस्ताना व्यवहार रखने वाले थे। उन्होंने हजारों लोगों के जीवन को व्यक्तिगत और राजनीतिक रूप से प्रभावित किया। नर्मदा घाटी के संघर्ष से 3 दशकों से लगातार जुड़े रहे विमल भाई को वक्ताओं ने नर्मदा घाटी का सच्चा मित्र बताते हुए इसे आंदोलन की अपूरणीय क्षति बताया।
श्रद्धांजलि सभा में गौरीशंकर कुमावत, बच्चूराम भीलाला, किशोर भीलाला, पवन यादव, राजासिंह मण्डलोई, केशर जीजी, कैलाश यादव, कमलू जीजी, राधेश्याम कुमावत, धनराज अवास्या आदि ने कहा कि विमल भाई हमेशा यादों में जिंदा रहेंगें।